Sunday, 6 November 2016

थॉमस एल्वा एडिसन.................सकारात्मकता और सकारात्मक पालक

एक दिन थॉमस एल्वा एडिसन जो कि प्राइमरी स्कूल का विद्यार्थी था,
अपने घर आया और एक कागज अपनी माताजी को दिया और बताया:-
" मेरे शिक्षक ने इसे दिया है और कहा है कि इसे अपनी माताजी को ही देना..!"
उक्त कागज को देखकर माँ की आँखों में आँसू आ गये और वो जोर-जोर से रो पड़ीं,
जब एडीसन ने पूछा कि
"इसमें क्या लिखा है..?"
तो सुबकते हुए आँसू पोंछ कर बोलीं:-
इसमें लिखा है..
"आपका बच्चा जीनियस है हमारा स्कूल छोटे स्तर का है और शिक्षक बहुत प्रशिक्षित नहीं है,
इसे आप स्वयं शिक्षा दें ।
कई वर्षों के बाद उसकी माँ का स्वर्गवास हो गया।
थॉमस एल्वा एडिसन जग प्रसिद्ध वैज्ञानिक बन गये।
उसने कई महान अविष्कार किये,
एक दिन वह अपने पारिवारिक वस्तुओं को देख रहे थे। आलमारी के एक कोने में उसने कागज का एक टुकड़ा पाया उत्सुकतावश उसे खोलकर देखा और पढ़ने लगा।
वो वही काग़ज़ था..
उस काग़ज़ में लिखा था-
"आपका बच्चा बौद्धिक तौर पर कमजोर है और उसे अब और इस स्कूल में नहीं आना है।
एडिसन आवाक रह गये और घण्टों रोते रहे,
फिर अपनी डायरी में लिखा
***
एक महान माँ ने
बौद्धिक तौर पर कमजोर बच्चे को सदी का महान वैज्ञानिक बना दिया
***
यही सकारात्मकता और सकारात्मक पालक (माता-पिता) की शक्ति  है ।

अश्लील हिंदी जोक्स चुटकुले

अश्लील हिंदी जोक्स चुटकुले 

एक वेश्यालय के बाहर लगा हुआ बोर्ड – 
शादीशुदा व्यक्ति को सेवायें नहीं दी जातीं, हम यहाँ जरूरतमंदों के लिये बैठे हैं, भिखारियों के लिये नहीं… 
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कल का समाचार – जॉगिंग करते वक्त एक “आंटी” से बलात्कार 
आज की खबर – जॉगिंग के लिये “आंटियों” की भीड़ लगी…
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सरकारी बसें परिवार नियोजन का संदेश फ़ैलाती हैं, कैसे – उन पर लिखा होता है, “कृपया पीछे से चढ़िये…” 
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हिन्दी की कक्षा में मास्टरजी की पैंट की चेन खुली थी, जिसे देखकर लड़कियाँ हंसने लगीं…
मास्टरजी को यह बात पता नहीं थी, लेकिन उन्होंने डांटते हुए कहा – “ज्यादा ही-ही मत करो, वरना बाहर निकालकर खड़ा कर दूँगा…” लड़कियाँ और ज्यादा हँसने लगीं…
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संता सिंह भीड़ भरी बस में एक औरत के पीछे से “लगा” हुआ था।
औरत बोली – देखिये आप यह अच्छा नहीं कर रहे हैं…
संता बोला – अब इतनी भीड़ में इससे अच्छा कैसे करूँ ?
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मीटर उखाड़ लोगे क्या?
एक बार एक गाँव में नसबन्दी शिविर चल रहा था, लोगों को जबरन पकड़-पकड़ कर नसबन्दी की जा रही थी, ऐसे में एक झोपड़े में जब कर्मचारी पहुँचे तो उन्हें वहाँ एक अधेड़ व्यक्ति मिला। उन्होंने उसे भी पकड़ लिया और जबरन नसबन्दी कराने ले चले। उसने कहा कि “भाई मेरी नसबन्दी हो चुकी है…” लेकिन कर्मचारी फ़िर भी नहीं माने तब वह भड़क कर बोला… “साले… लाइन तो पहले ही काट चुके हो, अब क्या मीटर भी उखाड़कर ले जाओगे?”

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अंधा व्यक्ति, बस स्टॉप और लकड़ी
एक बार एक अंधा व्यक्ति बस स्टॉप पर खड़ा था, तभी एक और परिवार वहाँ बस में सवार होने को आया। उस परिवार में पति, पत्नी और बारह बच्चे थे। एक-दो बस गुजर गईं, लेकिन किसी भी बस में पन्द्रह लोगों के लायक जगह नहीं थी। काफ़ी देर के बाद एक बस आई जिसमें मात्र तेरह लोगों को बैठने की जगह थी, दोनों पुरुषों ने तय किया कि बच्चों और औरत को बस में भेज देते हैं और दोनो पैदल चले जायें। बस रवाना हो गई, दोनों व्यक्ति फ़ुटपाथ पर पैदल चल पड़े। 

अंधे व्यक्ति के हाथ में लाठी थी जिससे वह ठक-ठक-ठक करते हुए चल रहा था, दूसरे व्यक्ति का दिमाग पहले से ही खराब हो रहा था, क्योंकि उसे बस छोड़कर पैदल चलना पड़ रहा था, ऊपर से लाठी की फ़ुटपाथ पर होने वाली ठक-ट्क से वह बहुत परेशान हो गया, उसने चिल्लाकर उस अंधे व्यक्ति से कहा - क्या बेवकूफ़ हो तुम, क्या तुम अपनी लकड़ी पर रबर का कवर नहीं चढ़ा सकते? पैदल चलते वक्त कितनी आवाज कर रहे हो… भेजा खराब करके रख दिया…

अंधा व्यक्ति बोला - अरे भाई साहब, मैं तो अपनी लकड़ी पर रबर चढ़ा लूँगा, लेकिन यदि तुमने "सही समय पर और सही जगह पर" रबर चढ़ा लिया होता तो आज हम दोनो आराम से किसी भी बस में जा सकते थे…
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एक बाबा प्रवचन दे रहे थे।
लोग अपने कपड़ों के स्‍टाइल पर इतने पैसे खर्च करते है। जबकि जीवन के सबसे हसीन लम्‍हें तो बिना कपड़ों के ही गुजरते हैं।

एक भक्‍त चिल्‍लाया - क्‍या अश्‍लील प्रवचन दे रहे हो... 
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गर्लफ्रेंड :
ये सनी लिओन कौन है ?
संता :
ये सनी देओल का स्त्री रूप है,
इसके भी ढाई-ढाई किलो के हैं.
जिनको देखने के बाद
आदमी उठता नहीं,

आदमी का उठ जाता है