Sunday, 7 February 2016

कभी माँ को भी मायका सा लगने दो

कभी माँ को भी मायका सा लगने दो


ठीक है, ये उसका घर है। उसी का घर है।

लेकिन
फिर भी कभी माँ को ये घर, मायका सा लगने दो।।



जागने दो कभी उसे भी देर से
नल आने का समय हो या बाई छुट्टी पर हो।
छोटी छोटी समस्याओं से उसे भी कभी मुक्ति दो।
कभी माँ को भी ये घर, मायका सा लगने दो।।


आज बना लेने दो उसको सब्जी पसंद की अपनी।
अधिक नहीं, बस थोड़ी सी, मदत करो तुम उसकी।।

उसकी पसंद और नापसंद पर ध्यान ज़रा तुम दो।
कभी माँ को भी ये घर, मायका सा लगने दो।


कभी सुबह उसके लिए तुम चाय बना लो।
पास बैठ कर अपने मन की बात कभी कह लो।
कभी उसकी बातें भी ध्यान से सुन लो। 
अपना बड़प्पन उसे भी कभी महसूस होने दो।
कभी माँ को भी ये घर, मायका सा लगने दो।।



माँ को भी कभी आराम करने दो।
जिन हाँथों ने प्यार से तुम्हें पाला,
कभी उन्हीं हाँथों पर, अपना हाँथ रख दो।

कभी माँ को भी ये घर, मायका सा लगने दो।।




एक भेलपूरी वाले का मेनू . . . .

एक भेलपूरी वाले का मेनू . . . .

1) भेलपूरी १०रू

2) स्पेशल भेलपूरी १२ रू

3) वेरी स्पेशल भेलपूरी १५ रु

4) एक्स्ट्रा स्पेशल भेलपूरी १६ रु

5) डबल एक्स्ट्रा स्पेशल भेलपूरी २० रु

6) संडे स्पेशल भेलपूरी २५ रु
(सिर्फ रविवार)

भेलपूरी के अलग-अलग टेस्ट चखने के लिए मैं रोज एक अलग भेलपूरी
खाने लगा. . . . .

पर जल्द ही मुझे पता चला कि हर एक भलपूरी का एक ही टेस्ट है
आखिरकार एक दिन मैंने उससे इस का कारण पूछा: हर एक भेल
की एक सा टेस्ट है?

भेलवाला: भेलपूरी मतलब भेलपूरी. . . . सिर्फ १० रु.

स्पेशल भेलपूरी मतलब चम्मच धोया हुआ...

वेरी स्पेशल भेलपूरी मतलब चम्मच और प्लेट, दोनों ही धोये हुंए...

एक्सट्रा स्पेशल भेलपूरी मतलब भेल देने से पहले हाथ धोये हुए...

डबल एक्सट्रा स्पेशल भेलपूरी मतलब पीने का साफ पानी अलग
से दिया जाता है ...

इतना बोलकर वह चुप हो गया।

मैं: फिर संडे स्पेशल मतलब क्या?
भेलवाला: संडे को मैं नहाता हूँ...