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Sunday, 17 January 2016

Sex Jokes in Hindi Adult jokes

Sex Jokes in Hindi Adult jokes 




भूत भूखा चूत का
चूत भूखी भुत की
भुत चूत का भूखा
चूत भुत की भूखी
भुत खाये चूत
चूत खाये भुत
तो बोलो भुत की मांकी चूत ।
इस श्लोक को 100 बार बिना पढ़े दोहराने से चूत मिलेगी
गलत पढ़ने पर भूत द्वारा गांड मारी जायेगी ।.
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राजू की सुहागरात थी 
उसने दुल्हन को नंगा किया
और चुत के नीचे  माचीस जलायी
दुल्हन - ओये मादरचोद पागल हुआ है क्या
राजू -दोस्तो ने कहा था चोदने से पेहले उसे गरम करो
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 क्विज कांटेस्ट में फाइनल सवाल पूछा गया ...
सवाल -- तुम किसी सुंदर लड़की के अंदर  सबसे ज्यादा क्या चीज़ देखना  पसंद करते हो ?? 
अवार्ड विनिंग उत्तर -- 
"अपना लंड"....
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उसकी चूत है, या है किसी हकीम की दवा,,



जब भी लेता हूँ,, बहुत सुकून मिलता है...
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एक महिला जिसने ब्रा नहीं पहना हुआ था अंगूर बेच रही थी।
संता ने कहा, "क्षमा करना, आम दिख रहे हैं"।
महिला ने कहा, "भाई साहब, तभी तो अंगूर बिक रहे हैं"।.
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सास: बहु, नए चावल कैसे है?
बहु: बिलकुल आपके बेटे जैसे!
सास: वोह कैसे?
बहु: चढते ही पक जाते है और पानी छोड़ देते है तुरंत नीचे उतारना पड़ता है!

African Proverbs ........... These are really proverbs not someone's filthy mind.

African Proverbs

These are really proverbs not someone's filthy mind.

1.The anger of a penis doesn't destroy the vagina. (Zimbabwe)

2. There's no virgin in a maternity ward. (Cameroon)

3. A child can play with it's mother's breasts but not with the father's testicles. (Ghana)

4. The man who marries a beautiful woman and the farmer who grows corns by the road side have the same problem. (Ghana)

5. When you see a woman sitting with her legs open, never tell her to close them, b'cos u do not know her source of fresh air. (Ethiopia)

6. He who says that nothing lasts forever has never tried Hausa perfume.(Nigeria)

7. The only woman who knows where her man is every night is a widow. [Togo]

8. An erected penis has no conscience. (Uganda)

9. If u go to sleep with an itching anus, u are sure to wake up with smelly fingers. (Kenya)

10. The day a mosquito lands on your testicles is the day you will know there is a better way of resolving issues without using violence......

अगर इवेन-ऑड प्रसंग पर तमाम कवि कविता लिखते तो क्या निकल कर आता? ................... Jokes

दिल्ली का इवेन-ऑड प्लान पिछले कई दिनों से चर्चा का विषय बना हुआ है। टीवी पर तर्क-वितर्क चल रहा है लेकिन अगर इवेन-ऑड प्रसंग पर तमाम कवि कविता लिखते तो क्या निकल कर आता? 

शायद कुछ ऐसा;

कुमार विश्वास

कोई सक्सेस समझता है, कोई फेल्योर कहता है,
मगर टीवी की बहसों में हमारा शोर चलता है,
कहा भक्तों ने क्या इसबात में क्या आनी-जानी है,
इधर अरविन्द दीवाना, उधर दिल्ली दिवानी है।

रहीम

रहिमन इवेन-ऑड की महिमा करो बखान,
जबरन ओहि सक्सेस कहो, चलती रहे दुकान।

कबीर

कबिरा इवेन-ऑड की ऐसी चली बयार,
सब आपस में लडि मरें भली करें करतार।

बच्चन

कार्यालय जाने की खातिर,
घर से चलता मतवाला,
असमंजस है कौन सवारी
चढ़ जाए भोला-भाला,
कोई कहता मेट्रो धर लो,
कोई कहता बस धर लो,
मैं कहता हूँ ऑफिस त्यागो,
पहुँचो सीधे मधुशाला।

गुलज़ार

धुएं की चादर की सिलवटों में
लिपटी दिल्ली,
सुरमई धूप सेंक रही है आज,
आज दिखी नहीं,
मोटरों की परछाइयां,
जिनसे गुफ्तगू करती थी
ये सडकें,
जो देखा करती थीं
इन सड़कों की स्याह पलकों को,
किसी ने कह दिया उनको
कि इवेन-ऑड जारी है।

मैथिलीशरण गुप्त

इवेन-ऑड कहानी
विषमय वायु हुई नगरी की,
खग-मृग पर छाई मुरधानी,
इवेन-ऑड कहानी
जन हैं हठी चढ़े सब वाहन,
दिल्ली नगरी रही न पावन,
अश्रु बहाते लोचन मेरे
जन करते नादानी
इवेन-ऑड कहानी,
हुआ विवाद सदय-निर्दय का,
अधियारा छाया है भय का,
उषा-किरण से निकलें विषधर,
व्यथित हुआ यह पानी
इवेन-ऑड कहानी।

काका हाथरसी

गैरज में कारें खड़ी, जाना है अस्पताल,
धुंआ घुसता नाक में आँख हो रही लाल,
आँख हो रही लाल, पास ना इवेन गाडी,
सरकारी माया से कक्का हुए कबाड़ी,
कह काका कविराय कोई तो मुझे बचाए,
अपनी इवेन कार चला हमको पहुंचाए।

दिनकर

हो मुद्रा गर तो आधा दो,
उसमें भी हो गर बाधा तो,
फिर दे दो हमको ऑड कार,
मेरे गैरेज में इवेन चार,
था वचन कि बसें चलाओगे
अपना कर्तव्य निभाओगे,
पर भीड़ देख होता प्रतीत,
इससे अच्छा था वह अतीत,
जब मनुज पाँव पर चलता था,
आचरण उसे न खलता था,
अब भूमि नहीं जो रखे पाँव,
आहत करता शासकी दांव,
जाने कैसे दिन आयेंगे,
इस मनुज हेतु क्या लायेंगे,
यह इवेन-ऑड कब टूटेगा,
यह महावज्र कब फूटेगा,
हो सावधान रायतामैन,
कर कुछ सबको आये जो चैन,
अन्यथा नागरिक लिए रोष,
मढ़ देगा तेरे शीश दोष।