Tuesday, 18 October 2016

*करवाचौथ का महासंयोग*

*करवाचौथ का महासंयोग*

– करवा चौथ का त्यौहार इस बार बुधवार को मनाया जा रहा है.

– बुधवार को शुभ कार्तिक मास का रोहिणी नक्षत्र है.

– इस दिन चन्द्रमा अपने रोहिणी नक्षत्र में रहेंगे.

– इस दिन बुध अपनी कन्या राशि में रहेंगे.

– इसी दिन गणेश चतुर्थी और कृष्ण जी की रोहिणी नक्षत्र भी है.

– बुधवार गणेश जी और कृष्ण जी दोनों का दिन है.

– ये अद्भुत संयोग करवाचौथ के व्रत को और भी शुभ फलदायी बना रहा है.

– इस दिन पति की लंबी उम्र के साथ संतान सुख भी मिल सकता है.

– करवाचौथ के दिन श्री गणेश, मां गौरी और चंद्रमा की पूजा की जाती है.

– चंद्रमा पूजन से महिलाओं को पति की लंबी उम्र और दांपत्य सुख का 
वरदान मिलता है.

– विधि-विधान से ये पर्व मनाने से महिलाओं का सौंदर्य भी बढ़ता है.

– करवाचौथ की रात सौभाग्य प्राप्ति के प्रयोग का फल निश्चित ही मिलता है.

– करवा चौथ के दिन ६ माह से ७ साल तक की कन्या का पूजन करने से घर में सुख समृद्धि बनी रहेगी और घर में लक्ष्मी जी का भी निवास रहेगा

*करवा चौथ के व्रत के नियम*

ज्योतिष के जानकारों की मानें तो इस बार करवाचौथ का ये व्रत हर सुहागिन की जिंदगी संवार सकता है, लेकिन इसके लिए इस दिव्य व्रत से जुड़े नियम और सावधानियों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. आइए हम बताते  हैं कि इस अद्भुत संयोग वाले करवाचौथ के व्रत में क्या करें और क्या ना करें…

– केवल सुहागिनें या जिनका रिश्ता तय हो गया हो वही स्त्रियां ये व्रत रख सकती हैं.

– व्रत रखने वाली स्त्री को काले और सफेद कपड़े कतई नहीं पहनने चाहिए.

– करवाचौथ के दिन लाल और पीले कपड़े पहनना विशेष फलदायी होता है.

– करवाचौथ का व्रत सूर्योदय से चंद्रोदय तक रखा जाता है.

– ये व्रत निर्जल या केवल जल ग्रहण करके ही रखना चाहिए.

– इस दिन पूर्ण श्रृंगार और अच्छा भोजन करना चाहिए.

– पत्नी के अस्वस्थ होने की स्थिति में पति भी ये व्रत रख सकते हैं.

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– सूर्योदय से पहले स्नान कर के व्रत रखने का संकल्पत लें.
फिर व्रत शुरू करें.

– फिर संपूर्ण शिव परिवार और श्रीकृष्ण की स्थापना करें.

– गणेश जी को पीले फूलों की माला, लड्डू और केले चढ़ाएं.

– भगवान शिव और पार्वती को बेलपत्र और श्रृंगार की वस्तुएं अर्पित करें.

– श्री कृष्ण को माखन-मिश्री और पेड़े का भोग लगाएं.

– उनके सामने मोगरा या चन्दन की अगरबत्ती और घी का दीपक जलाएं.

– मिटटी के कर्वे पर रोली से स्वस्तिक बनाएं.

– ऐक कर्वे में दूध, ऐक में जल और चाँदी पात्र में गुलाबजल मिलाकर रखें यदि चाँदी का पात्र ना हो तो मिट्टी का ले लें और रात को छलनी के प्रयोग से चंद्र दर्शन करें और चन्द्रमा को अर्घ्य दें.

– इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार जरूर करें, इससे सौंदर्य बढ़ता है.

– इस दिन करवा चौथ की कथा कहनी या फिर सुननी चाहिए.

– कथा सुनने के बाद अपने घर के सभी बड़ों का चरण स्पर्श करना चाहिए.

– फिर पति के पैरों को छू के उनका आर्शिवाद लें.

– पति को प्रसाद देकर भोजन कराएं और बाद में खुद भी भोजन करें.

              उद्भव ज्योतिष केन्द्र      
           ज्योतिषाचार्य आशुतोष गौड़

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