Wednesday, 12 October 2016

दशहरा चुटकुले तथा जोक्स

दशहरा चुटकुले तथा जोक्स 

 *Dasha Hara is a Sanskrit word which means removal of ten bad qualities within you*:
*Ahankara* (Ego)
*Amanavta* (Cruelty)
*Anyaaya* (Injustice)
*Kama vasana* (Lust)
*Krodha* (Anger)
*Lobha* (Greed)
*Mada* (Over Pride)
*Matsara* (Jealousy)
*Moha* (Attachment)
*Swartha* (Selfishness)
Hence, also known as *'Vijaydashami'* signifying *"Vijaya"* over these ten bad qualities.
*" Happy Dussehara !!!!!!!!!!"*
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अयोध्या से वापस आने पर मां कौशल्या ने श्रीराम से पूछा...
"रावण" को मार दिया ?
भगवन श्रीराम ने सुन्दर जवाब दिया...
    महाज्ञानी, महाप्रतापी,
महाबलशाली, प्रखंड पंडित, महा
शिवभक्त, चारो वेदो के ज्ञाता, शिव ताण्डवस्त्रोत के रचयिता लंकेश को मैंने नहीं मारा,
      उसे *"मैं"* ने मारा है। 
आओ हम सब अंहकार छोड़ दे|
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एक औरत अपनी जीभ पर कुमकुम चावल लगा रही थी।
पति-ये क्या कर रही हो?
पत्नी-आज Dashara  है, शस्त्र पूजन कर रही हूं .
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उल्टा/पुल्टा
रावण दिल्ली दशहरे मैदान के लिए निकल ही रहा था
कि मंदोदरी ने टोका-
"अपना पैन कार्ड,आधार कार्ड और पासपोर्ट रख लो"।
रावण ने चिढ़कर कहा-
"जलने जा रहा हूँ,इन सबकी क्या जरुरत है?"
मंदोदरी ने समझाया-
"वहाँ केजरी आ रहा है।वो तुमसे तुम्हारे रावण होने
का सबूत माँगेगा"
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 इस दशहरे के अवसर पर सिर्फ पुरुष ही अपने अंदर के रावण को न मारें,
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बल्कि स्त्रियां भी अपने अंदर की ताड़का,सूर्पनखा,मंथरा,कैकयी को मारें.....जो कि इस संसार के कल्याण के लिए बहुत ज़रूरी है।
जनहित में जारी.....
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मरने से पहले रावण ने लक्ष्मण को बताई थी ये 3 बातें
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जिस समय रावण मरणासन्न अवस्था में था,
उस समय भगवान श्रीराम ने लक्ष्मण से कहा कि
इस संसार से नीति,
राजनीति और
शक्ति का महान् पंडित विदा ले रहा है,
तुम उसके पास जाओ और उससे जीवन की कुछ ऐसी शिक्षा ले लो
जो और कोई नहीं दे सकता।
श्रीराम की बात मानकर लक्ष्मण मरणासन्न अवस्था में पड़े रावण के सिर के नजदीक जाकर खड़े हो गए।
रावण ने कुछ नहीं कहा।
लक्ष्मणजी वापस रामजी के पास लौटकर आए...
तब भगवान ने कहा कि यदि किसी से ज्ञान प्राप्त करना हो
तो उसके चरणों के पास खड़े होना चाहिए न कि सिर की ओर।
यह बात सुनकर लक्ष्मण जाकर इस बार रावण के पैरों की ओर खड़े हो गए।
उस समय महापंडित रावण ने लक्ष्मण को तीन बातें बताई
जो जीवन में सफलता की कुंजी है.





1. Whatsapp से दूर रहना
2. Facebook का उपयोग मत करना और
3. गाड़ी चलाते समय लड़कियों को मत देखना
नहीं तो मुझसे भी बुरा हाल होगा .
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रावण बनना भी कहां आसान...
रावण में अहंकार था
तो पश्चाताप भी था
रावण में वासना थी
तो संयम भी था
रावण में सीता के अपहरण की ताकत थी
तो बिना सहमति परस्त्री को स्पर्श भी न
करने का संकल्प भी था
सीता जीवित मिली ये राम की ही ताकत
थी
पर पवित्र मिली ये रावण की भी मर्यादा
थी
राम,
तुम्हारे युग का रावण अच्छा था..
दस के दस चेहरे, सब "बाहर" रखता था...!!
महसूस किया है कभी
उस जलते हुए रावण का दुःख
जो सामने खड़ी भीड़ से
बारबार पूछ रहा था.....
"तुम में से कोई राम है क्या?"
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Ram aur Raavan
Bada serious yudh
kar rahe the.
Tabhi Raavan ne
Ram ke peeche kisi
ko khada dekha.
Raavan: Chal yar
bye.
Ram: kya hua?
Raavan : Nahi yaar
bas bye, Le sita ko
Leja .
Ram: Arre hua kya,
Ruk to sahi .
Ravan: Nahi yaar
achha I am sorry
o.k.
Ram: Dost nahi
hai...Bata to sahi
hua kya???
Ravan: Kuch nahi
bhai baat hi
khatam,
no tension+no
fikar, maje-maje.
Ram: Nahi pehle
bata pleeeeeeez,
tujhe meri kasam,
kya hua?
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Ravaan: Bas rehne
de yaar, itni si baat
pe tune
Rajnikanth ko bula
liya...
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अगर रावण आपसे सवाल कर सकता तो कुछ ऐसे करता-
प्रश्न 01: मुझसे ज्यादा कलयुग में आम आदमी औरतो पर अत्याचार कर रहा है। मैंने अपनी बहन का बदला लेने के लिए मर्यादा में रह कर सिर्फ सीता अपहरण किया था आज के मनुष्य तो अकारण ही औरतो पर अत्याचार करते है। मुझे इतनी बदनामी क्यों?
प्रश्न 02: मैंने बलपूर्वक सीता के साथ कुछ नहीं किया जबकि आज के रावण औरतो की जान तक ले लेते है। मुझे हर साल जलाकर याद ताजा करते हो लेकिन इनको क्यों भूल जाते हो?
प्रश्न 03: मैंने अपनी लड़ाई में धर्म, जाति और रंग भेद को हथियार नहीं बनाया, जबकि आज के राजा के यही हथियार है। तो मुझे इतनी बुरी ब्राण्डिंग और इनको अच्छे दिनों का तोहफा क्यों?
प्रश्न 04: मेरे विवाह प्रस्ताव को सीता द्वारा अस्वीकार के उपरान्त मैंने उस पर acid नहीं फेंका, फिर मुझे सदियो तक क्यों विलेन बना रखा है?
प्रश्न 05: मेरे साथ सीता वायुयान में अकेली होते हुए भी सुरक्षित रही, जबकि आज पब्लिक बस में भी सुरक्षित नहीं। तो मैं बुरा कि आज का मानव?
प्रश्न 06: मुझसे ज्यादा कलयुग में कितने नेता पढ़े लिखे है?
प्रश्न 07: मैंने तो मरते वक्त राम से माफी भी मांग ली थी, आज के कसाबो के चेहरे पर फांसी के बाद भी शिकन नहीं। फिर मैं इतना बुरा कैसे और क्यों?
प्रश्न 08: अगर राम के प्रतिविम्ब आवश्यक है तो मेरे जैसे रावण कलयुग के किसी राम से कम नहीं। फिर मुझे बुराई का प्रतीक क्यों बनाते हो?
प्रश्न 09: आज बुराई तकनीकी रूप से बहुत ज्यादा विकसित हो चुकी है और अच्छाई पिछड़ गयी है इसमे मेरा क्या दोष?
प्रश्न 10: मेरे जैसे व्यवहार वाले मनुष्य से कम व्यवहार वाले कलयुग में भगवान् मिलेंगे। तो मुझे विलेन क्यों बनाया गया? इसलिए कि मैं लंका का हूँ? आज भी श्रीलंका से ज्यादा खतरा तो दूसरे पड़ोसियों से है। फिर भी मेरे साथ ऐसा बर्ताव क्यों?
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राम ने धनुष तोडा
सीता प्यार से आयी...
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कृष्णा ने बांसूरी बजाई,
राधा दौडी दौडी आयी...
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और हमने क्या गुनाह किया सिर्फ सीटी मारी वो पगली पुलिस को बुला लायी...! 

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