Monday, 11 July 2016

हिंदी के नये रसदार एवं गुदगुदाते चुटकुले हँसगुल्ले

हिंदी के नये रसदार एवं गुदगुदाते चुटकुले हँसगुल्ले 

शहर के सबसे बड़े बैंक में एक बार एक बुढ़िया आई ।
उसने मैनेजर से कहा :- "मुझे इस बैंक में कुछ रुपये जमा करने हैं"
मैनेजर ने पूछा :- कितने हैं ?
वृद्धा बोली :- होंगे कोई दस लाख ।
मैनेजर बोला :- वाह क्या बात है, आपके पास तो काफ़ी पैसा है, आप करती क्या हैं ?
वृद्धा बोली :- कुछ खास नहीं, बस शर्तें लगाती हूँ ।
मैनेजर बोला :- शर्त लगा-लगा कर आपने इतना सारा पैसा कमाया है ? कमाल है...
वृद्धा बोली :- कमाल कुछ नहीं है, बेटा, मैं अभी एक लाख रुपये की शर्त लगा सकती हूँ कि तुमने अपने सिर पर विग लगा रखा है ।

मैनेजर हँसते हुए बोला :- नहीं माताजी, मैं तो अभी जवान हूँ और विग नहीं लगाता ।
तो शर्त क्यों नहीं लगाते ? वृद्धा बोली ।
मैनेजर ने सोचा यह पागल बुढ़िया खामख्वाह ही एक लाख रुपये गँवाने पर तुली है, तो क्यों न मैं इसका फ़ायदा उठाऊँ... मुझे तो मालूम ही है कि मैं विग नहीं लगाता ।
मैनेजर एक लाख की शर्त लगाने को तैयार हो गया ।
वृद्धा बोली :- चूँकि मामला एक लाख रुपये का है, इसलिये मैं कल सुबह ठीक दस बजे अपने वकील के साथ आऊँगी और उसी के सामने शर्त का फ़ैसला होगा ।
मैनेजर ने कहा :- ठीक है, बात पक्की...
मैनेजर को रात भर नींद नहीं आई.. वह एक लाख रुपये और बुढ़िया के बारे में सोचता रहा ।
अगली सुबह ठीक दस बजे वह बुढ़िया अपने वकील के साथ मैनेजर के केबिन में पहुँची और कहा :- क्या आप तैयार हैं ?
मैनेजर ने कहा :- बिलकुल, क्यों नहीं ?
वृद्धा बोली :- लेकिन चूँकि वकील साहब भी यहाँ मौजूद हैं और बात एक लाख की है, अतः मैं तसल्ली करना चाहती हूँ कि सचमुच आप विग नहीं लगाते, इसलिये मैं अपने हाथों से आपके बाल नोचकर देखूँगी ।
मैनेजर ने पल भर सोचा और हाँ कर दी, आखिर मामला एक लाख का था ।
वृद्धा मैनेजर के नजदीक आई और धीर-धीरे आराम से मैनेजर के बाल नोचने लगी । उसी वक्त अचानक पता नहीं क्या हुआ, वकील साहब अपना माथा दीवार पर ठोंकने लगे ।
मैनेजर ने कहा :- अरे.. अरे.. वकील साहब को क्या हुआ ?
वृद्धा बोली :- कुछ नहीं, इन्हें सदमा लगा है, मैंने इनसे पाँच लाख रुपये की शर्त लगाई थी कि आज सुबह दस बजे मैं शहर के सबसे बड़े बैंक के मैनेजर के बाल नोचकर दिखा दूँगी ।
.
.
.
.

जिधर देखो इश्क के बीमार बैठे हैं
हजारों मर गये लाखों तैयार बैठे हैं
-.-
-.-
-.-
साले बर्बाद होते हैं लङकियों के पीछे
और कहते हैं की मोदी सरकार कि वजह से
बेरोजगार बैठे हैं .
.
.
.

लड़का : कल से हम कही और मिलेंगे ।
.
लड़की :क्यों ?
.
लड़का : बड़े ज़ालिम है तेरी गली के बच्चे..
.
लड़की : क्यों क्या हुआ ?
.
लड़का - कुत्ते पीछे लगा कर कहते है
"जब प्यार किया तो डरना क्या.. " 
.
.
.

भयानक मजाक
एक बार एक पति और पत्नी बगीचे मे हाथ मे हाथ डाले घूम रहे थे .
उसी टाइम एक शरारती बच्चा वहा से गुजरा और बोला
अंकल, कल वाली ज्यादा मस्त थी।
पति चार दिन से ख़ाली पेट  बगीचे में उस बच्चे को ढूंढ रहा है।
.
.
.

स्वच्छ भारत अभियान
मास्टर जी : किसके किसके घर लेट्रिन बनी है
गुड्डू को छोड़ कर सभी बच्चों ने हाथ खड़े कर दिए
मास्टर जी : गुड्डू तुमने हाथ क्यों नही खड़े किए
गुड्डू: मास्टर जी हमारे घर  तो दाल बाटी बनी है
मास्टर बेहोश.
.
.
.

पत्नी : - सामने वाले घर में पति-पत्नी
में कब से झगड़ा हो रहा है, आप एक बार जाइये  ना....!
पति : - मै एक दो-बार गया था उसी
का झगड़ा है....!!?!!.
.
.
.
 पहला - तुम हमेशा पत्नी से झगड़ते हो । क्या तुम्हारा कोई विचार नहीं मिलता ?
दूसरा - मिलता है ना । हम दोनों सोचते हैं -  कहाँ फस गए यार
.
.
.
.


 क्लास में
लडका लडकी की सीट पर बैठ गया
 लडकी आइ जोर से बोली
खडा होगा 
लडका : नही होगा
 सुबह ही मुठ मार के आया हु.
.
.
.

बड़ा कलयुग आ गया है
.
.
जिस दोस्त की शादी में जी-जान से नाचे थे।।
.
.
वो नालायक एलबम देखते हुई अपनी बीवी से बोला...
शराबी हैं सालें...
.
.
.

भाषा का फर्क  देखिए ,,,,,,,
अगर पत्नी को हिंदी में कहो कि
तुम हत्यारिन लग रही हो .
तो रात का ख़ाना नहीं मिलेगा
लेकिन अगर आपने उर्दू में कहा कि
कातिल लग रही हो
तो शाम की चाय भी पकोड़ों के साथ मिलेगी
.
.
.
.

अगर रेल चलाने के दौरान
ड्रिंक करने की छूट दे दी जाए..
....
....
तो देश की सारी ट्रेने..
~
~
~
ऑटोमैटिक बुलेट ट्रेन में तब्दील
हो जायेगी..

No comments:

Post a Comment