Thursday, 24 December 2015

Hindi Jokes ................. आदमी ससुराल में खाना खाते वक़्त:

 एक auto wale की शादी हो रही
थी।
जब उसकी दुल्हन फेरों के वक्त उसके


पास बैठी तो वह बोला,


थोड़ा पास होकर बैठो, अभी एक

और बैठ सकती है।.

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 शुक्र है कि डॉक्टर ये नही बोलते....
"भैया... छूट्टा (खुल्ला) नही है..
कुछ दवाईयां और लिख दुं...
या एक ऑपरेशन और कर दुं...".

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आदमी ससुराल में खाना खाते वक़्त:
आज खाना सासू माँ ने बनाया है क्या.?
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बीवी - अरे वाह! कैसे पहचाना ?
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आदमी - अरे जब तुम बनाती थी तो
खाने में से काले बाल निकलते थे!!
आज सफ़ेद बाल निकला है....
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एक जंगल में दोपहर के वक्त एक खोह के बाहर एक खरगोश जल्दी-जल्दी अपने टाइपराइटर से कुछ टाइप कर रहा था
तभी वहां एक लोमड़ी आई उसने खरगोश से पूछा
लोमड़ी - तुम क्या कर रहे हो ?
खरगोश - मैं थीसिस लिख रहा हूँ
लोमड़ी - अच्छा ! किस बारे में लिख रहे हो ?
खरगोश - विषय है -- खरगोश किस तरह लोमड़ी को मार के खा जाता है ?
लोमड़ी - क्या बकवास है !! कोई मूर्ख भी बता देगा कि खरगोश कभी लोमड़ी को मार कर खा नहीं सकता ..
खरगोश - आओ मैं तुम्हें प्रत्यक्ष दिखाता हूँ
ये कह कर खरगोश लोमड़ी के साथ खोह में घुस जाता है और कुछ मिनट बाद लोमड़ी की हड्डियाँ लेकर वापस आता है और दोबारा से टाइपिंग में व्यस्त हो जाता है

थोड़ी देर बाद वहां एक भेड़िया घूमता-घामता आता है वो खरगोश से पूछता है
भेड़िया- क्या कर रहे हो इतने ध्यान से
खरगोश - थीसिस लिख रहा हूँ
भेड़िया - हाहाह किस बारे में जरा बताओ तो
खरगोश - विषय है - एक खरगोश किस तरह एक भेड़िये को खा गया
भेड़िया - गुस्से में .. मूर्ख ये कभी हो नहीं सकता
खरगोश - अच्छा !! आओ सबूत देता हूँ .. और कह कर भेड़िये को उस खोह में ले गया ... थोड़ी देर बाद खरगोश भेड़िये की हड्डी लेकर बाहर आ गया और फिर टाइपिंग में लग गया

उसी वक्त एक भालू वहां से गुजरा उसने पूछा ये हड्डियाँ कैसी पड़ी हैं ... खरगोश ने कहा एक खरगोश ने इन्हें मार दिया .... भालू हंसा ... और बोला मजाक अच्छा करते हो .. अब बताओ ये क्या लिख रहे हो ....
खरगोश - थीसिस लिख रहा हूँ .. एक खरगोश ने एक भालू को मार के कैसे खा लिया .....
भालू -- क्या कह रहे हो ?? ये कभी नहीं हो सकता ?
खरगोश - चलो दिखाता हूँ
और खरगोश भालू को खोह में ले गया ..... जहां एक शेर बैठा था ...... :)

इसी लिए ये मायने नहीं रखता कि आपकी थीसिस कितनी बकवास है या बेबुनियाद है ......... मायने रखता है ... ***** #आपका_गाइड_कितना_ताकतवर_है :D :D
यही आजकल हो रहा है ...... सुब्रमणियास्वामी स्वामी को खरगोश समझने की भूल करने वाले ये नहीं जानते की गुफा में एक शेर बैठा है जिसका नाम मोदी है :.
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 ठेकेदार से 'बात' हो जाने पर,
बाबू ने साहब को बता कर फाइल रखी,
साहब ने लिखा "Approved".
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दो दिन बाद, ठेकेदार वादे से मुकर गया।
बाबू ने साहब को बताया,
साहब बोले-अब क्या करें?
बाबू दिमाग का कमाल देखिये---
बाबू ने कहा-साहब Approved के पहले Not शब्द लिख दीजिए।
अब ठेकेदार परेशान।
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फिर बाबू से मिलकर 'बात' बनाई।
बाबू फिर साहब के सामने फाइल लेकर पहुंचा।
साहब झल्लाये.....अब क्या करें?
फिर बाबू दिमाग का कमाल देखिये
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बताइए बाबू ने क्या कहा?
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बाबू ने कहा, साहब Not में केवल e लगा दें।
अर्थात.....'Note Approved'

आप ही बताइए कौन देश चला रहा है?










Hindi Jokes ...............

 My NEET UG kerala rank is 145. Which college do you suggest that I should join for MBBS?

Y: Calicut Medical College is a good bet. Anyway what do you want to do after MBBS

X: I will join MD Medicine

Y: After that?

X: I want to DM in Cardiology

Y: After that? You know that we have subspecialities now in Cardiology like Electrophysiology, Interventional Cardiology, Nuclear Cardiology or you can be a Clinical Cardiologist like Dr. Ankala Subbarao

X: I would like to become an Interventional Cardiologist.

Y: After that? You know that now there are CTO (Chronic Total occlusion) specialists, Complex angioplasters, specailists in Rotablator therapy. By the time you become a Cardiologist, I don't know how many more sub specialities are going to be there.

X: Bro, what is the best alternative to MBBS?
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पतंजलि फार्मेसी की new research
पुत्रजीवक वटी को....


शहद के साथ खाने से योगेंन्द यादव,

रायता के साथ खाने पर केजरीवाल,
काली मिर्च के साथ चाटने से आशुतोष,
भूसे के साथ खाने पर राहुल गांधी,
स्वर्ण भस्म के साथ खाने पर मोदी,
Dog food के साथ खाने पर दीग्विजय,
शिलाजीत के साथ खाने पर आशाराम

चुपचाप खाने पर मनमोहन जैसे पुत्र होने की सम्भावना होती है.
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बीबी (मायके से)
अपना ध्यान रखना, सुना है बहुत डेंगू फैल रहा है राजस्थान में।।।

पति (सिर पकड़ के)-- मेरा सारा खून तो तू पी गई थी, मच्छर क्या "रक्त दान" करने आएगा??
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सच्चा दोस्त वही है जिसे देखकर
बीवी बोल पड़े

आ गया कमीना
मेरे पति को बिगाड़ रखा है इसने।?
















Recent Jokes ............

 Excellent innovation.
Samsung has just incorporated a new feature in their latest hand set ...
Concept: Make in India !

Say 'Modi' ....'Modi' ... twice in your handset and it goes into flight mode.

Say Singh Singh twice & it will take you to silent mode.
Say Arnaab Arnaab twice & it will swith on the loud speaker.
Say Kejri kejri twice & it will start shivering and go into vibrating mode.
Say Rahul Rahul twice & it will switch off the phone.

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एक दिन मैं सुरेन्द्र शर्मा,
अपनी बहू को लेके सोनोग्राफी करवाने गयो,
वहाँ देख्यो-सफेद कोट पहने
एक डॉक्टर नुमा आदमी
बाबूनुमा कुछ कागज पत्री भरे से !
मैं पूछ्यो - भाया, डॉक्टर से मिलवाई दो
अपनी बहू की सोनोग्राफी करावे की सोचूँ !

उस आदमी ने अपने मोटे चश्मे से
आँखे घुमाते हुए मुझे बैठने का इशारा किया ।
थोड़ी देर बाद कागज पर
दस्तखत करने के बाद बोल्यो - हाँ,
अब बोल भाया,, मैं ही डॉक्टर छे,, का चाही ?

मैं बोल्यो -
फिर वो जो सोनोग्राफी करे से,, वो कौन ?
डॉ बोल्यो -
वो तकनीशियन है भाया !
अब वो ही सोनोग्राफी करे से,,
मैं फार्म भरूँ भाया !!
तू जाने न,, नये pcndt एक्ट में
सोनोग्राफी गलत होने पे कोई सजा नाए !
पर फार्म में जरा सी चूक होवे पे
जेल की रोटी तोड्वे परी !! !!
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आसाराम ने अपने वकील को बुलाकर कहा वो अगली सुनवाई में उन्हें निर्दोष साबित करने की बजाए नाबालिग साबित करने की कोशिश करे।
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शुक्र करो.. अभी तक किसी ने केजरीवाल को ये नहीं बोला कि ज्यादा ट्रैफिक, शादी के दिनों में होता है।
वरना फिर बोलेगा कि - एक दिन लड़कों की शादी होगी और एक दिन लड़कियों की।
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 एक तर्क शायद पसंद आये...
यदि निर्भया के आरोपी को
नाबालिग समझकर छोड़ा जा सकता है तो....
आसाराम को सीनियर सिटीजन मानकर क्यों नहीं छोड़ रहे
अपराध और अपराधी भिन्न नही
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साला इतनी ठण्ड में एक हफ्ता दारू नही पियो तो,
लिवर से आवाज आती है...
मालिक, जिन्दा हो या चल बसे।
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 1.इंसान के अंदर जो समा जायें वो
" स्वाभिमान "
और
जो इंसान के बहार छलक जायें वो
" अभिमान "


2.इस कदर बट गए है ज़माने में सभी..

अगर खुदा भी आकर कहे.. "मै भगवान हूँ"...
तो लोग पूछ लेंगे...
"किसके"?


3.सलाह देने वाले लोगों के होते हुए भी...
अपनी आत्मा की आवाज सुनना सबसे बेहतर है।


4.जीवन में हजारों प्रलोभन होते हुए भी...
सिद्धांतों पर जीना सबसे बेहतरहै।


5.जिंदगी का सबसे बड़ा सच
यही है.. जो अकसर क़ब्रिस्तान के बाहर बोर्ड पर लिखा होता है...

"मंजिल तो यही थी, बस जिंदगी गुज़र गयी मेरी यहाँ आते आते"
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6.ज़िंदगी का लम्हा बहुत छोटा सा है...

कल की कोई बुनियाद नहीं है
और आने वाला कल सिर्फ सपने में ही है..

अब बच गए इस पल में..
7.तमन्नाओं से भर इस जिंदगी में
हम सिर्फ भाग रहे हैं.

कुछ रफ़्तार धीमी करो, मेरे दोस्त,
और इस ज़िंदगी को जियो..
खूब जियो मेरे दोस्त..... ।।

सुबह से लेकर शाम तक भागना
रे मूर्ख इंसान कब करेगा साधना ...


8.जब सब तेरी मरजी से होता हे...
तो ऎ खुदा,
ये बन्दा गुनाहगार केसे हो गया...


9.""ज़िन्दगी में खुद को कभी
किसी इंसान का आदी मत बनाना...
…क्यूंकि इंसान बहुत खुदगर्ज है...
जब आपको पसंद करता है
आपकी बुराई भूल जाता है.
और जब आपसे नफरत करता है
तो आपकी अच्छाई भूल जाता है..."!


10.पांच लाख की गाडी में कभी मिट्टी का तेल नहीं डालते , क्यों ?
गाडी का इंजन खराब
हो जायेगा, पांच लाख की गाडी की तुमको इतनी चिंता है ?
इस अनमोल शरीर के इंजन मे क्या डालते है
विचार करो
नफरत घृणा दैष
खराब मन शरीर रूपी गाड़ी को कितना नुकसान देगा ?
करोडो के अनमोल शरीर के इंजन की भी उतनी ही चिंता करो जितनी अपनी गाडी की करते हो ..



























एक बार भगवान नारायण लक्ष्मी जी से बोले ,,,,,,,,,,,,,,,,,,, A must Read ...........

एक बार भगवान नारायण लक्ष्मी जी से बोले, "लोगो में कितनी भक्ति बढ़ गयी है …. सब "नारायण नारायण" करते हैं !"
..
तो लक्ष्मी जी बोली, "आप को पाने के लिए नहीं!, मुझे पाने के लिए भक्ति बढ़ गयी है!"
..
तो भगवान बोले, "लोग "लक्ष्मी लक्ष्मी" ऐसा जाप थोड़े ही ना करते हैं !"
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तो माता लक्ष्मी बोली
कि , "विश्वास ना हो तो परीक्षा हो जाए!"
..भगवान नारायण एक गाँव में ब्राह्मण का रूप लेकर गए…एक घर का दरवाजा खटखटाया…घर के यजमान ने दरवाजा खोल कर पूछा , "कहाँ के है ?"
तो …भगवान बोले, "हम तुम्हारे नगर में भगवान का कथा-कीर्तन करना चाहते है…"
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यजमान बोला, "ठीक है महाराज, जब तक कथा होगी आप मेरे घर में रहना…"

गाँव के कुछ लोग इकट्ठा हो गये और सब तैयारी कर दी….पहले दिन कुछ लोग आये…अब भगवान स्वयं कथा कर रहे थे तो संगत बढ़ी ! दूसरे और तीसरे दिन और भी भीड़ हो गयी….भगवान खुश हो गए..की कितनी भक्ति है लोगो में….!
लक्ष्मी माता ने सोचा अब देखा जाये कि क्या चल रहा है।
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लक्ष्मी माता ने बुढ्ढी माता का रूप लिया….और उस नगर में पहुंची…. एक महिला ताला बंद कर के कथा में जा रही थी कि माता उसके द्वार पर पहुंची ! बोली, "बेटी ज़रा पानी पिला दे!"
तो वो महिला बोली,"माताजी ,
साढ़े 3 बजे है…मेरे को प्रवचन में जाना है!"
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लक्ष्मी माता बोली.."पिला दे बेटी थोडा पानी…बहुत प्यास लगी है.."
तो वो महिला लौटा भर के पानी लायी….माता ने पानी पिया और लौटा वापिस लौटाया तो सोने का हो गया था!!
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यह देख कर महिला अचंभित हो गयी कि लौटा दिया था तो स्टील का और वापस लिया तो
सोने का ! कैसी चमत्कारिक माता जी हैं !..अब तो वो महिला हाथ-जोड़ कर कहने लगी कि, "माताजी आप को भूख भी लगी होगी ..खाना खा लीजिये..!" ये सोचा कि खाना खाएगी तो थाली, कटोरी, चम्मच, गिलास आदि भी सोने के हो जायेंगे।
माता लक्ष्मी बोली, "तुम जाओ बेटी, तुम्हारा प्रवचन का टाइम हो गया!"
..
वह महिला प्रवचन में आई तो सही …
लेकिन आस-पास की महिलाओं को सारी बात बतायी….
..
अब महिलायें यह बात सुनकर चालू सत्संग में से उठ कर चली गयी !!
अगले दिन से कथा में लोगों की संख्या कम हो गयी….तो भगवान ने पूछा कि, "लोगो की संख्या कैसे कम हो गयी ?"
….
किसी ने कहा, 'एक चमत्कारिक माताजी आई हैं नगर में… जिस के घर दूध पीती हैं तो गिलास सोने का हो जाता है,…. थाली में रोटी सब्जी खाती हैं तो थाली सोने की हो जाती है !… उस के कारण लोग प्रवचन में नहीं आते.."
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भगवान नारायण समझ गए कि लक्ष्मी जी का आगमन हो चुका है!
इतनी बात सुनते ही देखा कि जो यजमान सेठ जी थे, वो भी उठ खड़े हो गए….. खिसक गए!
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पहुंचे माता लक्ष्मी जी के पास ! बोले, " माता, मैं तो भगवान की कथा का आयोजन कर रहा था और आप ने मेरे घर को ही छोड़ दिया !"
माता लक्ष्मी बोली, "तुम्हारे घर तो मैं सब से पहले आनेवाली थी ! लेकिन तुमने अपने घर में जिस कथा कार को ठहराया है ना , वो चला जाए तभी तो मैं आऊं !"
सेठ जी बोले, "बस इतनी सी बात !…
अभी उनको धर्मशाला में कमरा दिलवा देता हूँ !"
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जैसे ही महाराज (भगवान्) कथा कर के घर आये तो सेठ जी बोले, "
"
महाराज आप अपना बिस्तर बांधो ! आपकी व्यवस्था अबसे धर्मशाला में कर दी है !!"
महाराज बोले, " अभी तो 2/3 दिन बचे है कथा के…..यहीं रहने दो"
सेठ बोले, "नहीं नहीं, जल्दी जाओ ! मैं कुछ नहीं सुनने वाला ! किसी और मेहमान को ठहराना है। "
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इतने में लक्ष्मी जी आई , कहा कि, "सेठ जी , आप थोड़ा बाहर जाओ… मैं इन से निबट लूँ!"
माता लक्ष्मी जी भगवान् से बोली, "
"
प्रभु , अब तो मान गए?"
भगवान नारायण बोले, "हां लक्ष्मी तुम्हारा प्रभाव तो है, लेकिन एक बात तुम को भी मेरी माननी पड़ेगी कि तुम तब आई, जब संत के रूप में मैं यहाँ आया!!
संत जहां कथा करेंगे वहाँ लक्ष्मी तुम्हारा निवास जरुर होगा…!!"
यह कह कर नारायण भगवान् ने वहां से बैकुंठ के लिए विदाई ली। अब प्रभु के जाने के बाद अगले दिन सेठ के घर सभी गाँव वालों की भीड़ हो गयी। सभी चाहते थे कि यह माता सभी के घरों में बारी 2 आये। पर यह क्या ? लक्ष्मी माता ने सेठ और बाकी सभी गाँव वालों को कहा कि, अब मैं भी जा रही हूँ। सभी कहने लगे कि, माता, ऐसा क्यों, क्या हमसे कोई भूल हुई है ? माता ने कहा, मैं वही रहती हूँ जहाँ नारायण का वास होता है। आपने नारायण को तो निकाल दिया, फिर मैं कैसे रह सकती हूँ ?' और वे चली गयी।
शिक्षा : जो लोग केवल माता लक्ष्मी को पूजते हैं, वे भगवान् नारायण से दूर हो जाते हैं। अगर हम नारायण की पूजा करें तो लक्ष्मी तो वैसे ही पीछे 2 आ जाएँगी, क्योंकि वो उनके बिना रह ही नही सकती । 


जहाँ परमात्मा की याद है।
वहाँ लक्ष्मी का वास होता है।
केवल लक्ष्मी के पीछे भागने वालों को न माया मिलती ना ही राम।

सम्पूर्ण पढ़ने के लिए धन्यबाद .

इसे सबके साथ बाँटकर आत्मसात् करें।
ज्ञान बांटने से बढ़ता है