Wednesday, 16 December 2015

Salman Khan jokes after the court decision

 एक कोर्ट ने सलमान को सजा देदी । दुसरे ने बाईज्जत बरी कर दिया । क्या ये दोनो जज कानून की अलग अलग किताबें पढे हैं।यदि वह वास्तव में निर्दोस है है तो गलत फैसले के जुर्म में पहले जज पर केस चलाना चाहिए । दोस्तों मैं यह बात ईसलिए कह रहा हूं कि यही काम यदि उनके ईलाज मे यदि दो डाक्टरों के द्वारा एकही मर्ज की विपरीत चिकित्सा की गई होती तो यही कानून एक डाक्टर को सलाखों के पीछे डाल कर केस चलाता ।
यह फैसला बहुत आहत करने वाला है।
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Drink, drive, kill & grievously injure a few humans = innocent!!
Small irrelevant clerical mistake in tedious complicated PNDT form = 5 years jail!!

Once again mera Bharat mahan!!.

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Few comments on Salman's aquital by High Court.
1. Finally we know, the car was drunk
2. Salman Khan is a very accomplished driver. He took our whole judicial system for a ride.
3. It's disgraceful that despite being rich & influential, it took Bhai 13 years to get acquitted.
4. Faith in power of Money and Stardom restored..

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सलमान खान के हिट एंड रन केस पर हाईकोर्ट और सेशन कोर्ट के निर्णय एकदम विपरीत रहे। न्यायपालिका के अमीरी और गरीबी के दोहरे कानून को आईना दिखाती हुई कवि की नई रचना----

फिर चुलबुल पाण्डे के आगे ऑर्डर आर्डर हार गया
एक सिपाही के जीवन का त्याग आज बेकार गया

अरे न्याय की देवी अपनी आँखों से पट्टी खोलो
सल्लू और नुरल्ला दोनों एक तराजू पर तोलो

जज साहब की कलम चली जब निर्णय की इस पाती पर
मानों फिर से कार चढ़ा दी मासूमों की छाती पर

हमको दुःख है हमे न्याय के मन्दिर से अन्याय मिला
निर्धन को केवल इंसाफी सपनों का अध्याय मिला

आज अमीरी ने न्यायालय बना दिया मदिरालय है
इस न्यायालय से अच्छा तो वैश्या का वैश्यालय है

क्योंकि वहाँ गरीबो का बलिदान नहीं बिक सकता है
जिस्म भले बिक जाये पर ईमान नहीं बिक सकता है

हिट एंड रन का केस हिरन अब हिरनो पर तैयारी है
जज साहब को मोटी गड्डी भिजवाने की बारी है

जिसने सोचा बन्द बन्द सच का दरवाजा अच्छा है
उस जज से अंधेर नगर का चौपट राजा अच्छा है

हमको लगता न्यायालय में होता सच का धंधा है
और किसी ने सही कहा कानून सदा से अँधा है

जस्टिस साहब तुमको भी अपना निर्णय अखरा होता
जब सल्लू की कार के नीचे तेरा कोई मरा होता

न्यायमूर्ति होकर अन्यायी स्वर तो नहीं बुलन्द करो
या तो केवल न्याय करो या न्यायालय को बन्द करो ।

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These two quotes should settle all the dust over the recent Salman judgement.
The legendary US judge Oliver Wendell Holmes Jr.was quizzed by a greenhorn as to why a certain judgement was disproportionately lenient. Holmes's wise words were for all times to come: "It's not a court of justice, son; it's a court of law."
Another legal luminiary, Thomas W Simon wrote -" the opposite of justice is not injustice. The opposite of justice is poverty ". No wonder we still have so much poverty
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Salman Khan: Scotch aa gayi?
Driver: Yes
Salman: Chicken, Water, Soda?
Driver: Yes..
Salman: Then what's left?
Driver: Just-ice 

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सलमान के सभी फैन को बहुत बहुत बधाईयां...
फाइनली कार ने मान ही लिया कि शराब उसी ने पी हुई थी...
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Ek sher , Salman ki rihayee per yaad aa gaya

सोने की कैंची हो तो , 
मुंसिफ के लब हिलें ।
कातिल ने सिल दिए हैं जो 
चांदी के तार से ।
लब= lips मुन्सिफ= judge
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जब सलमान को छोड़ दिया तो उस बेचारे आसाराम को भी छोड़ दो.
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उसके चढने से तो किसी की मौत भी नही हुयी थी



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