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Saturday, 19 December 2015

Hindi Chutkule ...................

 पति- "सब्जी में नमक नहीं है !"
पत्नी - "वो क्या है न सब्जी थोड़ी जल गईं थी...."
पति - "तो सब्जी में नमक क्यो नहीं डाली?"
पत्नी - "हम लोग संस्कारी परिवार से हैं 'जले में नमक' नहीं छिडकते।"
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लड़का,"माँ मुझे 100 रुपए चाहिए थोडा काम है।
माँ,"क्यों?अभी परसो ही तो दिए थे।पहले उसका हिसाब दो।
लड़का,"माँ अगर हिसाब ही होना है तो उसका भी हो जब बचपन में रिश्तेदार दे जाते थे और आप रख लेते थे।

माँ-दे चप्पल दे चप्पल,,,.
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लड़की वाले:- लड़का
शराब पीता है...?

लड़के वाले- जी..बिलकुल
पीता है...और रोज़ पीता है...


लड़की वाले:- इसका
मतलब अच्छा कमाता है....
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हमारी तरफ से ये रिश्ता
पक्का...


रिश्ता वही....सोच नयी...
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पांडे जी के यहां से सुन्दरकाण्ड का बुलावा आया .......
मैंने अपने आप को बहुत रोका, बहुत समझाया .........
पर जाने से खुद को रोक ना पाया , क्योंकि. .............
मुझे पता था, वो भी वहां जरूर आएगी ...................
और अपने अनदेखे जलवे भी दिखाएगी ..................
पर वहां पहुँचते ही मेरा मन उदास हो गया ................
मुझे उसकी अनुपस्तिथि का एहसास हो गया .............
कोने में बैठा पंडत मन ही मन कुछ जाप रहा था ..........
जाप क्या रहा था मुझे ही भांप रहा था ......................
कुछ देर बाद वो उठा और सीधा मेरे पास आया ...........
पास आकर मेरे कान में धीरे से फुसफुसाया .................
जजमान आपके चेहरे पे उदासी क्यों छाई है .................
मैंने कनखियों से इधर उधर देखा और उसी अंदाज में पूछा. ..क्या वो नहीं आई है ..............
पंडित मुझे अच्छी तरह जानता था .........
मेरी नस नस को वो पहचानता था ..........
फिर भी माहौल को और भी मजेदार बनाने के लिए उस पंडत ने जो जो कटाक्छ किये और मैंने अपने सरल हिर्दय से उसका जो उत्तर दिया वो प्रस्तुत है आनंद लीजिये .........
जजमान आपके चेहरे पे उदासी क्यों छाई है ......
क्या वो नहीं आई है ...............
उसके नहीं आने से सुन्दरकाण्ड में भला क्या खलल पड़ जायेगा. .........
रे पंडत किसी सुन्दर स्त्री के साथ होने वाला कांड ही तोे सुन्दरकाण्ड कहलायेगा ............
जजमान लगता है आपके मोहल्ले में सुन्दर स्त्रियों का अभाव है .........
स्त्रियां तो बहुत है  ,  पर कांड करवाना उस स्त्री का स्व्भाव है.......
ऐसा लगता है पुरे मोहल्ले में वही एक सुन्दर पीस है .......
रे पंडत सुंदरता भी बहुत है , पर उसके पास कांड करवाने का एक्सपीरियंस है .........
मेरे तर्क सुनकर पंडित का माथा भी घूमने लगा ..........
और वो भी पूरी तरह मस्ती में झूमने लगा ................
जाते जाते पंडित आखरी ये दो पंक्ति कह गया ........
अपने पैंतीस सालो में मुझे पहली बार सुन्दरकाण्ड का सार समझ में आया है ............
और अगले कांड के लिए मैंने अपने मोहल्ले की सबसे सुन्दर स्त्री को बुलाया है ...........
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पत्नि मायके से वापिस आयी,,,
पति दरवाजा खोलते हुये जोर जोर से हसने लगा,,,,
पत्नि,,, ऐसे क्यो हसं रहे हो ,,!!!!
पति,,,, गुरूजी ने कहा था कि जब भी मुसीबत सामने आये उसका सामना हंसते हुये करो .

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A boy saw a beautiful girl and immediately went to her to propose her.
"I fell in love with you the minute I saw you. Will you marry me?
Girl: Kaa Kahat Ho? Hamka Angrezi Nahi Aawat Hai!
Boy: Kuchcho Naahi Didi, Paani Maangat Rahey!
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Chotu: Mom : सोफा लेटने के लिये नहीं बैठने के लिये होता है बेटा

Son : हा तो चप्पल भी मारने के लिये नही पहनने के लिये होती है.....



एक और पड़ी...






































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