Monday, 14 December 2015

सर्दी बुलेटिन ................मौसम का एहतेराम करते हुए एक जरूरी सूचना:-

सभी मित्रों को
सप्रेम नमस्कार,
बीते दो दिनों से मौसम कुछ गड़बड़ है। सुना है हिमाचल,उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर में बर्फ पड रही है।और पुरे भारत में ढंड और सर्दी बढ़ने का अंदेशा है।
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ऐसे में मौसम का एहतेराम करते हुए एक जरूरी सूचना:-

अत्यधिक ठंड की स्थिती में "सुप्रभात" संदेश प्रातः 11 से दोपहर 3.00बजे तक स्वीकार्य हैं
साथ ही "शुभरात्री" के संदेश 6.00बजे से रात्री 9 बजे तक मान्य किये जायेंगे
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बड़ी बेवफ़ा हो जाती है ग़ालिब, ये घड़ी भी सर्दियों में,
5 मिनट और सोने की सोचो तो, 30 मिनट आगे बढ़ जाती है
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सर्दी ने अब पकड बनाई, अगल बगल से जकड रजाई,
धुंध में सूरज नहीं है दिखने वाला, घडी की घंटी से उठ जा भाई
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मत ढूंढो मुझे इस दुनिया की तन्हाई में,
ठण्ड बहुत है, मैं यही हूँ, अपनी रजाई में 

तमाम राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय समस्याओं के बीच मेरी छोटी सी लोकल समस्या
सारी रात गुज़र जाती है इसी कश्मकश में ये रजाई में हवा कहां से घुस रही है

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सुबह सुबह आकर सोये हुए को जगाने के लिये उसकी रजाई खींच लेने को महापाप की श्रेणी में रखा जायेगा
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अगर इस समय कोई सुबह सुबह किसी पर ठंडा पानी डाल दे,
तो वो घटना भी आतंकवादी हमले के अंतर्गत माना जायेगा
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किसी की रजाई खींचना विद्रोह के बराबर माना जायेगा और रजाई में घुसकर ठंडे पैर लगाना छेड़छाड़ का अपराध माना जायेगा
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अर्ज किया है
हुआ अपहरण धूप का,
पूरी जनता मौन,
कोहरा थानेदार है,
रपट लिखाए कौन

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इस बरसाती ठण्ड के मौसम में रजाई के अंदर रहना ही श्रेष्ठ कर्म है

और टमाटर की चटनी के साथ पकोड़े, चाय मिलना मोक्ष की प्राप्ति
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ऐ सर्दी इतना न इतरा
अगर हिम्मत है तो जून में आ
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आखिर अब वो समय आ ही गया है जब हम सुबह उठ कर
ज़िन्दगी का सबसे मुश्किल फैंसला करते हैं कि

आज नहाना है या नही ??
 

सर्दी बुलेटिन समाप्त हुआ
Happy Winter  
















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