Friday, 20 November 2015

खतरनाक गंदे XXX नॉनवेज एडल्ट जोक्स

खतरनाक गंदे XXX नॉनवेज एडल्ट जोक्स 


आदमी कितना भी माउंटेन ड्यू पी ले
पर जब डर से गाँड फटती है
तो क्वार्टर ही याद आता है 
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मैं क्यूँ दुआ करूँ कि 
किसी को मेरी उमर लग जाए,
हो सकता है 
आज मेरा आखरी दिन हो और उसकी 
माँ चुद जाए....
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किसी ने क्या खूब कहा है
हजारो तरह के थोबड़े
लेकिन एक ही तरह के भोसड़े 
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जिंदगी है क्या, एक अरमान भोसड़ी का......
औरत के पीछे पागल, इंसान भोसड़ी का ! ! 
रब्बर का लंड, प्लास्टिक की चूतें ......
क्या क्या बना रहा है जापान भोसड़ी का ! !.
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सनी लियॉन जैसा सच्चा प्यार तो कोई कर ही नही सकता ,,
50 कैमरों की नज़र होती हे उस पर ,,
लेकिन उसका पूरा धयान अपने पार्टनर पर होता है...
टूट कर प्यार करती हे...
और यहाँ की लडकिया अकेले में भी ठीक से दबाने नही देती।
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टीचर : लिखो दुनिया गोल है
स्टूडंट : आप बोल रहे है इसलीये लिख रहा हु, वर्ना मेरा बाप तो कहता है की दुनिया "मादरचोद" है..
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टीचर बोर्ड पर लिख रही थी..
पप्पू: मैडम, आपका व्हिस्पर निचे गिर गया।
टीचर ने घबरा कर निचे देखा और कहा,
हरामजादे इसे डस्टर कहते है !!  
 खतरनाक बच्चा  
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टीचर : तुम 2 दिन स्कूल क्यों नहीं आये?
बँटी : मैम, मेरी 1 ही चढ्ढी है और वो मम्मी ने धो दी थी..इसलिए परसों नहीं आया था...
टीचर : और कल क्यों नहीं आए थे ??
बँटी : कल मैं स्कूल आने के लिए निकला था...रास्ते मे आपके घर के बाहर देखा...आपकी चढ्ढी सूख रही थी, तो मुझे लगा आप भी स्कूल नहीं आई होंगी..तो मैं वापस लौट गया ...
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हिंदी की मैडम ने कहा, 
बच्चो - "बादल बरसे आँगन में" पर कविता लिखो।
एक बच्चे ने लिखा -
एक हमारी प्यारी मैडम
मस्ती भरे इस यौवन में
शाम हुई जब पिया घर आये
खाट बिछाया आँगन में
लब चुसे, स्तन दबाये
और लिंग घुसाया जांघन में
वो झूम झूम कर चुद गयी
"जब बादल बरसे आँगन में"
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एक नंगी लड़की बार मे जाती है और वेटर को ऑर्डर करती है!
लड़की:- “एक पेग लाओ”!
वेटर पेग देकर उसकी और देखते रहता है!
लड़की:- “क्या कभी नंगी लड़की नही देखी?”
वेटर:- “अरे,bhan ki lodi मैं ये सोच रहा हू कि तू पैसे कहाँ से निकाल कर देगी“!
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खतरऩाक जोक ...!!
एक दिन एक घायल फौजी की पहचान
नहीं हो रही थी..
डॉक्टर ने लंड पे नाम देखा तो लिखा हुआ
था "लाठी"..
अब लाठी नाम का कोई फौजी रिकॉर्ड में
नहीं था. डॉक्टर ने दुबारा लंड
को घुमाया फिराया पर
नतीजा वोही "लाठी"..
आखिर नर्स बोली की हटिये में देखती हूँ.. जैसे
ही नर्स का नाज़ुक हाथ लंड पे पड़ा, लंड
खडा हो गया और नाम उभर कर आया.....
"लालचंद त्रिपाठी".

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