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Sunday, 8 November 2015

कल्लू की भैंस ने नही दिया दूध, मोदी जी इस्तीफा दें...


कल्लू की भैंस ने नही दिया दूध,मोदी जी इस्तीफा दें...

बकलोलशहर से 30 किलोमीटर दूर गांव फकीरपूर में कल सुबह एक अजीब मंजर देखने को मिला...

गांव में सुबह से ही देश के बड़े नेताओं और मीडिया घरानो का ताँता लगा हुआ था...

जिस फकीरपुर ने आजतक कोई ढंग का फ़कीर नही देखा...

आज लालबत्ती लगी इतने बड़ी-बड़ी चमचमाती गाड़ियाँ देख उसकी आँखे चोंधिया रही है...

गांव के लोगों को कुछ समझ नही आ रहा है... कि आखिर माजरा क्या है...
हमारे संवाददाता ने मामले की जड़ तक जाने की कोशिश की तो पता चला कि गांव के सबसे पुराने दूधवाले कल्लू की भैंस चम्पा ने आज सुबह दूध नही दिया..

देश में बढ़ती असहिष्णुता को देखते हुए मामले ने राजनैतिक तूल पकड़ लिया...

इस बहाने विपक्ष को एक और मुद्दा मिल गया केंद्र सरकार को घेरने का...
किसी ने कहा कि देश में बढ़ती अशांति और असहिष्णुता के विरोध में चंपा ने दूध देना बंद कर दिया...

तो किसी ने कहा कि केंद्र सरकार सुरक्षा के मुद्दे पर पूरी तरह फ़ैल हो चुकी है....

इंसान तो इंसान अब तो जानवर भी मोदीराज में खुद को सुरक्षित महसूस नही कर रहे...

सरकार को जवाब देना चाहिए

कुछ विपक्षी नेताओं ने ये भी कहा कि मोदीराज में दलितवर्ग को इस कदर उपेक्षा का शिकार बनाया जा रहा कि अब तो उनकी भैंसें भी दूध नही दे रही...

कुछ नेता वहां अपने-अपने तांत्रिकों के साथ भी पहुंचे और कल्लू को जल्द ही पुराने दिन आ जायेंगे का भरोसा दिलाया...

कुछ नेता वही पर केंद्र सरकार के विरोध में धरने पर बैठ गए...
कुछ ने तो यहाँ तक कह दिया कि देश में एक बेचारे दूधवाले की भैंस दूध नही दे रही और मोदी प्लेन से विदेश जाकर डिब्बे वाला दूध पी रहे हैं...

हमारी सरकार होती तो हम

'फलाना दूध दो योजना'

के तहत चम्पा से जबरदस्ती दूध दिलवाते...

एक मैडम जो खुद को कोई हावर्ड रिटर्न डॉ. बता रही थी...

उन्होंने कहा कि मोदी के गुंडो जैसे भाषण सुनकर भैंस डर गयी और उसने दूध देना बंद कर दिया...

देश की सबसे पुरानी पार्टी के प्रवक्ता ने बताया की आज कल्लू की भैंस के लिए उनकी पार्टीध्यक्ष पूरी रात रोयेंगी...

एक पार्टीध्यक्ष ने कहा कि भैंस जवान है और जवानी में भैसो से अक्सर ऐसी गलतियां हो जाती है...

और सभी विपक्षी दलों ने एक सुर में मोदी के इस्तीफे की मांग की...
बयानों का दौर चल ही रहा था कि किसी नेता ने कल्लू के लिए 5 लाख मुआवजे की घोषणा कर दी...

देखते देखते कल्लू पर मुआवजे की बारिश होने लगी...
ताजा खबर मिलने तक कुल मुआवजा 87 लाख 65 हजार,
चम्पा के लिए एक अलग शेड और कल्लू के परिवार के एक सदस्य के लिए सरकारी नोकरी हो गया है...

कुछ मीडिया वाले कल्लू के घरवाले और आस पड़ोस के लोगों का इंटरव्यू लेते देखे गए...

कुछ ने कल्लू की भैंस चम्पा से भी सवाल जवाब किये...
एक न्यूज़ रिपोर्टर ने तो चम्पा से धीरे से कान में पूछ लिया- कउन जात हो??...

कुछ कैमरावालो ने चम्पा के किये हुए गोबर को ज़ूम ज़ूम करके दिखाया..
गांव के चबूतरों पर भी माहौल गर्म है...

सब जगह एक ही चर्चा है कि इस अत्यंत ज्वलनशील मुद्दे पर आखिर मोदी जी कब ट्वीट करेंगे...!!

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