Wednesday, 25 November 2015

Collection of Posts, jokes, and cartoons on AAmir khan from Whatsapp, facebook and from web





शाहरुख़ का मुँह बन्द हुआ था फिर से आमिर बोल गया

भारत से शीतल चन्दन पर वो अपना विष घोल गया।

सत्यमेव के नायक का जब कर्म घिनौना होता है
,
इन पर लिखने से कवीता का स्तर बौना होता है।

पर तटस्थ रहना कब सीखा दिनकर की संतानों ने,


भारत का ठेका ले रखा बॉलीवुड के खानों ने।

श्री राम की पावन भूमि पर जिनको डर लगता है,

पाक सीरिया यमन इन्हें मनमानस का घर लगता है।

इनसे कह दो भारत में खुशहाल मवेशी रहते हैं
,
कश्मीरी पण्डित से ज्यादा बंग्लादेशी भी रहते हैं।

बचपन में खेले जिस पर उस माटी से मतभेद किया,

जिस थाली में खाया आमिर तुमने उसमे ही छेद किया।

भारत ही बस मौन रहा है शिव जी के अपमान में
,
पी. के. जैसी फ़िल्म बनाते यदि जो पाकिस्तान में।

जीवन रक्षा की खातिर हाफिज को मना रहे होते
,
अभिनेता न बन पाते बस टायर पंचर बना रहे होते।

जितना भारत से पाया अब देते हुए लगान चलो
,

बोरिया बिस्तर बाँधो आमिर जल्दी पाकिस्तान चलो।



Only Kareena Kapoor's huband is Saif in India

 मेरे "असहिष्णु" हिन्दू भाइयों व बहनों , अब जब हम सब "असहिष्णु" घोषित कर ही दिए गए हैं तो क्यों न हम 96 करोड़ हिंदुओं "असहिष्णुता" का एक उदाहरण प्रस्तुत करें ? आगामी 15 दिसम्बर को भारत के महानतम "सहिष्णु" कलाकार "शाहरुख" की नई फिल्म आने वाली है . क्यों न इस फिल्म का "बहिष्कार" कर दिया जाय ? एक फिल्म थियेटर में ना देखि तो वैसे भी कुछ खो नहीं देंगे हम बल्कि किसी देशद्रोही को सबक सिखा देंगे।
क्या विचार है , मित्रों ?
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 We heard that Aamir khan's Wife wanted to leave india for safety of her children and We have also heard our Martyr Soldier's (Colonel Mahadik) Wife saying that her Children will join Indian Army for sake of the Nation.........
See the difference here and stop worshipping fake Stars....instead respect real Stars.
 "K..k...k..k...Kiran"
"Kaun, Shahrukh?"
"No baby, It's me Aamir. I'm just too scared"
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आज सुबह अखबार पढ़ा मुख्य पेज पे आमिर खान कह रहा था कि देश में बढ़ती असहिष्णुता के कारण मेरी पत्नी किरण ने मुझसे देश छोड़ने को कहा । पढ़ के मुझे अपने आप पे इतना गुस्सा आया कि मैंने आज तक इस जैसे कलाकार या इसकी बिरादरी के और कलाकार की फिल्म देखते समय एक बार भी धर्म आधारित भेदभाव नहीं किया और आज ये दो कौड़ी का नौटंकी करनेवाला हीरो मेरी सनातन संस्कृति का और मेरे राष्ट्र का इतना अपमान करने का साहस कर रहा है ।आज सुबह सुबह ही मैंने ये प्रण कर लिया कि एक बार ये आमिर - शाहरुख़ जैसो को दिखाना जरुरी है कि असहिष्णुता होती क्या है ? इसलिए आज से इनकी कोई भी फ़िल्म चाहे उसकी कितनी भी झूठी सच्ची प्रशंसा क्यों ना हो सिनेमा घर में जाकर देखना तो दूर की बात है घर पे टीवी पे भी नहीं देखूंगा । और रोजाना 10 लोगो को इस बात के लिए प्रेरित भी करूँगा । मैं मेरी संस्कृति का अपमान करने वालो को क्षमा नहीं करूँगा । अगर आप भी मेरे साथ सहमत है तो प्रतिज्ञा करे और 10 लोगो को ये msg भेजे
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An open letter to Janab Aamir Khan,
Janab Aamir Khan,
I am an ordinary Indian citizen and an avid movie-goer. You are a superstar in a country where the majority of movie-goers are Hindu. For years, we have spent our money to buy tickets for your movies. It is our money that has made you what you are today.
We clapped when as ACP Ajay Rathore, you destroyed a sweet-talking Gulfam Khan in Sarfarosh. We cheered when as Bhuvan, you played the winning shot in Lagaan. We cried when as a sensitive art teacher, you made us root for Ishaan Awasthi in Taarey Zamin Par.
A couple of generations before you, an Yusouf Khan had to become a Dilip Kumar to be accepted and a Mahajabeen Bano had to reinvent herself as Meena Kumari. Not you though. Neither you, nor your contemporaries had to hide your identity to be successful.
You became a star in a new India. An India, where only your first name mattered. We loved you because you were Aamir, a brilliant actor. Neither your last name mattered to us, nor your faith.
But yesterday, you proved to us that for you and your wife at least , it is your last name that matters more than anything else.
Your name is Khan and you Sir, are a hypocrite.
You did not scream intolerance when your city burned at the hands of some of your co-religionists. Your wife did not feel insecure when a mammoth crowd of some of your co-religionists attended the funeral of a hanged terrorist. You were silent even when a mob from Reza Academy kicked and destroyed a national memorial and manhandled female cops.
But now, suddenly, your wife feels insecure in India and wants you to move out.
If I WERE indeed intolerant, I would suggest you move to the Kingdom of Saudi Arabia, the safest place on earth, where Begum Kiran Rao can feel absolutely secure inside her abaya and your little son can grow up watching public executions in a Riyadh square.
But I am not going to do that. As a tolerant Indian, the only thing I can and WILL do is to make sure that not even one rupee of my hard-earned money goes towards buying tickets for your movies.
Thanks for the disappointments.
Regards,
An Indian
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जिस देश में सनी लिओन सुरक्षित हैं,
उस देश में किरण राव कैसे असुरक्षित हो सक्ती हैं?
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Kiran Rao wife of Aamir Khan says she wants to leave India for safety of their children........
Martyr Colonel Santosh Mahadik's wife said that both her children will join Indian Army to safeguard our country.
Time to re-think about definition of our Heroes.
AamirKhan can go to:
#Saudi #Arabia where his wife can breathe freely in Burqa there
#US (Muslims are stripped)
#Europe (Islamophobia is rising)
#China (Ramadan is banned)
#Iraq : to be sex slave -
#Pakistan: (Lol :p ... for Pakistan no words required. Naam hi kaafi hai)
So you are a Muslim superstar in a country where majority of the cinema going audience is Hindu. They spend their hard-earned money to make YOU a celebrity. You have married twice, both times, to HINDU women. Your Muslim identity has never come in the way of your professional or personal successes.

You never felt insecure when your co-religionists attacked Mumbai multiple times. You never felt insecure when the five star hotel you frequent was held hostage by a few terrorists.
And now you say your wife wants you to leave India because she is feeling 'insecure'?
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Mr Aamir Khan ...itz for U ...
A satire on Mohammed leads to killings (somewhere)..
A satire on gods in INDIA ...makes a blockbuster worth more than ₹325 crores.. & still INDIA is intolerant....u must b politically motivated...
But we would go GANDHIAN way....

We won't boycott ur films instead , watch them on TORRENT & encourage others & spread to all...
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GO BACK AAMIR KHAN!!

याद रखिये कि आपको मुल्क की ज़रूरत है, मुल्क को आपकी नहीं।
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Excellent news for Aamir Khan
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Aamir khan forget that he was intolerant for his 1st wife. ...who is living alone in dehradun
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There is fine line between ( Being Intelligent ) and ( Being Over Confident ) .... Aamir got it wrong this time ....


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Actually….Aamir has completely misunderstood the whole issue.

What his wife  said was


“I WANT TO FEEL SAIF”.
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#Bajrangi Bhaijaan..

Aap ke dost ka KHANdaan is feeling insecure..


Toh aap ka farz banta hai …. unko border ke us paar chhod ke aao .. !!
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Modi-- Bol kaunse country jana hai tere bivi ko ? Main on the way drop kar doonga !!



एक राजा अपने लश्कर के साथ नाव में लौट रहा था.. 
राजा ने कुछ गुलाम भी खरीदे थे जो उसी नाव में लौट रहे थे. 
जैसे ही नाव चली तो एक गुलाम डर के मारे चिल्लाने लगा क्यों की वो कभी नाव में बैठा नहीं था. 
परेशान राजा ने वजीर से कहा की इसे चुप कराओ.. 
राजा की बात सुनके वजिर ने उसे चुप कराने का प्रयत्न किया और ना चुप रहने पर आखिर कार उसे पानी में फेंक दिया. 
फिर वजीर ने कहा इसे पानी से निकालो, पानी से निकाल ने के बाद गुलाम चुप बैठ गया. 
राजा ने कहा वजीर ये क्या माजरा है, गुलाम एकदम से चुप कैसे बैठ गया.. वजीर ने कहा जहापनाह ये गुलाम नाव में सुरक्षित बैठने का आराम और पानी में डूबने की तकलीफ नहीं जानता था, 
जब इसे पानी में फेंका गया तब इसे समझ में आया की नाव में सुरक्षित बैठना क्या होता है..
इस कहानी का आमिरखान से कोई संबंध नही है ।
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अभिनेता आमीर खान के बढ़ती 'असहिष्णुता' के बयान पर जयपुर
के कवि अब्दुल गफ्फार की ताजा रचना
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"तूने कहा,सुना हमने अब मन टटोलकर सुन ले तू,
सुन ओ आमीर खान,अब कान खोलकर सुन ले तू,"

तुमको शायद इस हरकत पे शरम नहीं आने की,
तुमने हिम्मत कैसे की जोखिम में हमें बताने की

शस्य श्यामला इस धरती के जैसा जग में और नहीं
भारत माता की गोदी से प्यारा कोई ठौर नहीं

घर से बाहर जरा निकल के अकल खुजाकर पूछो
हम कितने हैं यहां सुरक्षित, हम से आकर पूछो

पूछो हमसे गैर मुल्क में मुस्लिम कैसे जीते हैं
पाक, सीरिया, फिलस्तीन में खूं के आंसू पीते हैं

लेबनान, टर्की,इराक में भीषण हाहाकार हुए
अल बगदादी के हाथों मस्जिद में नर संहार हुए

इजरायल की गली गली में मुस्लिम मारा जाता है
अफगानी सडकों पर जिंदा शीश उतारा जाता है

यही सिर्फ वह देश जहां सिर गौरव से तन जाता है
यही मुल्क है जहां मुसलमान राष्ट्रपति बन जाता है

इसकी आजादी की खातिर हम भी सबकुछ भूले थे
हम ही अशफाकुल्ला बन फांसी के फंदे झूले थे

हमने ही अंग्रेजों की लाशों से धरा पटा दी थी
खान अजीमुल्ला बन लंदन को धूल चटा दी थी

ब्रिगेडियर उस्मान अली इक शोला थे,अंगारे थे
उस सिर्फ अकेले ने सौ पाकिस्तानी मारे थे

हवलदार अब्दुल हमीद बेखौफ रहे आघातों से
जान गई पर नहीं छूटने दिया तिरंगा हाथों से

करगिल में भी हमने बनकर हनीफ हुंकारा था
वहाँ मुसर्रफ के चूहों को खेंच खेंच के मारा था

मिटे मगर मरते दम तक हम में जिंदा ईमान रहा
होठों पे कलमा रसूल का दिल में हिंदुस्तान रहा

इसीलिए कहता हूँ तुझसे,यूँ भड़काना बंद करो
जाकर अपनी फिल्में कर लो हमें लडाना बंद करो

बंद करो नफरत की स्याही से लिक्खी
पर्चेबाजी
बंद करो इस हंगामें को, बंद करो ये लफ्फाजी

यहां सभी को राष्ट्र वाद के धारे में बहना होगा
भारत में भारत माता का बनकर ही रहना होगा

भारत माता की बोली भाषा से जिनको प्यार नहीं
उनको भारत में रहने का कोई भी अधिकार नहीं"
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---"कवि अब्दुल गफ्फार(जयपुर) की ताजा रचना"
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पति के होते हुए भी अगर पत्नी को डर लगे,

तो सबसे पहले ऐसे पति को छोड़ना चाहिए....बाद में देश !!!
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प्रिय किरण राव,
सबसे अधिक असुरक्षित तो तुम आमिर खान के घर पर हो - पता नहीं कब वह तीसरी ले आए!

तुम्हारा एक हमदर्द
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Mein bhi country chhod raha hun.....
Ab sirf scotch.
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The real problem is Karishma Kapoor .....15,years before by singing pardesi pardesi jaana nahin 

....she stopped Aamir Khan .....or else he would have left the country long back !
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सोनिया गांधी 50 सालों से इटली छोड़ कर भारत में मजे से रह रही है , वापस जाने का नाम नहीं लेती और आमिर को भारत असुरक्षित लगता है
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 आमिर खान कितना भाग्यशाली है कि उसकी बीवी किसी से डरती है .

मेरी वाली तो किसी के बाप से भी नहीं डरती.
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Friday, 20 November 2015

खतरनाक गंदे XXX नॉनवेज एडल्ट जोक्स

खतरनाक गंदे XXX नॉनवेज एडल्ट जोक्स 


आदमी कितना भी माउंटेन ड्यू पी ले
पर जब डर से गाँड फटती है
तो क्वार्टर ही याद आता है 
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मैं क्यूँ दुआ करूँ कि 
किसी को मेरी उमर लग जाए,
हो सकता है 
आज मेरा आखरी दिन हो और उसकी 
माँ चुद जाए....
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किसी ने क्या खूब कहा है
हजारो तरह के थोबड़े
लेकिन एक ही तरह के भोसड़े 
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जिंदगी है क्या, एक अरमान भोसड़ी का......
औरत के पीछे पागल, इंसान भोसड़ी का ! ! 
रब्बर का लंड, प्लास्टिक की चूतें ......
क्या क्या बना रहा है जापान भोसड़ी का ! !.
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सनी लियॉन जैसा सच्चा प्यार तो कोई कर ही नही सकता ,,
50 कैमरों की नज़र होती हे उस पर ,,
लेकिन उसका पूरा धयान अपने पार्टनर पर होता है...
टूट कर प्यार करती हे...
और यहाँ की लडकिया अकेले में भी ठीक से दबाने नही देती।
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टीचर : लिखो दुनिया गोल है
स्टूडंट : आप बोल रहे है इसलीये लिख रहा हु, वर्ना मेरा बाप तो कहता है की दुनिया "मादरचोद" है..
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टीचर बोर्ड पर लिख रही थी..
पप्पू: मैडम, आपका व्हिस्पर निचे गिर गया।
टीचर ने घबरा कर निचे देखा और कहा,
हरामजादे इसे डस्टर कहते है !!  
 खतरनाक बच्चा  
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टीचर : तुम 2 दिन स्कूल क्यों नहीं आये?
बँटी : मैम, मेरी 1 ही चढ्ढी है और वो मम्मी ने धो दी थी..इसलिए परसों नहीं आया था...
टीचर : और कल क्यों नहीं आए थे ??
बँटी : कल मैं स्कूल आने के लिए निकला था...रास्ते मे आपके घर के बाहर देखा...आपकी चढ्ढी सूख रही थी, तो मुझे लगा आप भी स्कूल नहीं आई होंगी..तो मैं वापस लौट गया ...
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हिंदी की मैडम ने कहा, 
बच्चो - "बादल बरसे आँगन में" पर कविता लिखो।
एक बच्चे ने लिखा -
एक हमारी प्यारी मैडम
मस्ती भरे इस यौवन में
शाम हुई जब पिया घर आये
खाट बिछाया आँगन में
लब चुसे, स्तन दबाये
और लिंग घुसाया जांघन में
वो झूम झूम कर चुद गयी
"जब बादल बरसे आँगन में"
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एक नंगी लड़की बार मे जाती है और वेटर को ऑर्डर करती है!
लड़की:- “एक पेग लाओ”!
वेटर पेग देकर उसकी और देखते रहता है!
लड़की:- “क्या कभी नंगी लड़की नही देखी?”
वेटर:- “अरे,bhan ki lodi मैं ये सोच रहा हू कि तू पैसे कहाँ से निकाल कर देगी“!
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खतरऩाक जोक ...!!
एक दिन एक घायल फौजी की पहचान
नहीं हो रही थी..
डॉक्टर ने लंड पे नाम देखा तो लिखा हुआ
था "लाठी"..
अब लाठी नाम का कोई फौजी रिकॉर्ड में
नहीं था. डॉक्टर ने दुबारा लंड
को घुमाया फिराया पर
नतीजा वोही "लाठी"..
आखिर नर्स बोली की हटिये में देखती हूँ.. जैसे
ही नर्स का नाज़ुक हाथ लंड पे पड़ा, लंड
खडा हो गया और नाम उभर कर आया.....
"लालचंद त्रिपाठी".

हरिवंशराय बच्चन -- तू भी इन्सान होता, मैं भी इन्सान होता

हरिवंशराय बच्चन -- तू भी इन्सान होता, मैं भी इन्सान होता


, ना मस्जिद आजान देती, ना मंदिर के घंटे बजते
ना अल्ला का शोर होता, ना राम नाम भजते

ना हराम होती, रातों की नींद अपनी
मुर्गा हमें जगाता, सुबह के पांच बजते


ना दीवाली होती, और ना पठाखे बजते

ना ईद की अलामत, ना बकरे शहीद होते


तू भी इन्सान होता, मैं भी इन्सान होता,

…….काश कोई धर्म ना होता....
…….काश कोई मजहब ना होता....



ना अर्ध देते , ना स्नान होता
ना मुर्दे बहाए जाते, ना विसर्जन होता


जब भी प्यास लगती , नदिओं का पानी पीते
पेड़ों की छाव होती , नदिओं का गर्जन होता


ना भगवानों की लीला होती, ना अवतारों
का
नाटक होता
ना देशों की सीमा होती , ना दिलों का
फाटक
होता


तू भी इन्सान होता, मैं भी इन्सान होता,

…….काश कोई धर्म ना होता.....
…….काश कोई मजहब ना होता....


कोई मस्जिद ना होती, कोई मंदिर ना होता
कोई दलित ना होता, कोई काफ़िर ना
होता


कोई बेबस ना होता, कोई बेघर ना होता
किसी के दर्द से कोई, बेखबर ना होता


ना ही गीता होती , और ना कुरान होता
ना ही अल्ला होता, ना भगवान होता


तुझको जो जख्म होता, मेरा दिल तड़पता.
ना मैं हिन्दू होता, ना तू मुसलमान होता

तू भी इन्सान होता, मैं भी इन्सान होता।
– हरिवंशराय बच्चन












Thursday, 19 November 2015

Aishwarya Rai Bachchan's Most Ever Bold & Controversial Bikini Scenes

हिंदी मजेदार लव जोक्स & चुटकुले

हिंदी मजेदार लव जोक्स & चुटकुले 

कई दुकानदार अखबारों को काट कर लिफाफे बना लेते हैं. 
पर कई दफा जोड़ लगाते समय दो अखबारों की खबरें इस तरह जुड़ जाती हैं कि उनके मतलब कुछ और के और ही बन जाते हैं !
कुछ नमूनें देखें:
1. अमरीका के राष्ट्रपति....कानपुर के पास चोरी की भैंसों समेत गिरफ्तार !
2. अमरीकी फौजों द्वारा इराक की जेलों में....चमेली बाई के साथ भंगड़े की क्लासें 23 जुलाई से शुरू !
3. अफगानिस्तान की जेलों में छिपे लादिन को....पंजाब सरकार की ओर से बुढ़ापा पैन्शन देने का एलान !
4. मुख्यमंत्री के घर पर....भैंस ने छ: टाँगों वाले बच्चे को जन्म दिया !
5. अपने हरमन प्यारे नेता को वोट डालकर....मर्दाना ताकत हासिल करें !
6. अटल बिहारी वाजपाई ने ज़ोर देकर कहा....एक सुन्दर और सुशील कन्या की ज़रूरत !
7. तिहाड़ जेल से छ: कैदी फरार....भारत को ओलंपिक्स में सोने के तमगे की उम्मीद !
8. क्या आपकी नज़र कमज़ोर है? आज ही आऐं....ठेका देशी शराब !
9. बेऔलाद दंपत्ति परेशान न हों....7 तारीख को आ रहे हैं लालू प्रसाद आपके शहर में !!.
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एक गांव में दो अफीमची रहते थे, नकारा होने के कारण लोग उन्हें हिकारत की नजरों से देखते थे।
आखिरकार उन्होंने कुछ करने का फैसला किया।
पहला : ये सामने वाली जमीन में गन्ना लगाते हैं।
दूसरा : तू इन गांव वालों को जानता नहीं है, सारे गन्ने ये चूस लेंगे।
पहला : तू सही कहता है, पहले इनका ही इलाज कर देते हैं।
दोनों ने गांव की झोपड़ियों में आग लगा दी।
सब चीखते-चिल्लाते हुए आग बुझाने में लगे थे।
और दोनों एक टीले
पर बैठ कर चिल्ला रहे थे, ‘और चूसो गन्ना...।’
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लड़की: एक बात सुनो तुम मेरे लिए क्या कर
सकते हो?
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लड़का: जो तुम कहो डार्लिंग। .
लड़की: क्या चाँद ला सकते हो? .
लड़का गया और कुछ चीज़ छिपा कर लाया और
लड़की से कहा आँखे बंद करो। और वो चीज़
लड़की के हाथो में दी। फिर लड़की से आँखे
खोलने को कहा।
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लड़की की आँखों में आंसू थे। क्योकि उसकी
हाथो में एक आइना था जिसमे उस लड़की का
चेहरा नज़र आ रहा था।
लड़की: तुम मुझे चाँद सा समझते हो? लड़का
बोला, "नहीं मैं तो तुझे सिर्फ ये समझा रहा था
जिस मुँह से चाँद मांग रही हैं वो थोबड़ा कभी
आईने में भी देखा था या नहीं?" हंसों दोस्तों
अब।
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 Ek ziddi murge ko uske maalik
ne pinjre main bandh kar diya.
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Murga itna ziddi tha ki peeche
ke raaste se bahar aa gaya.
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Maalik ne usko fir se pinjre
main bandh kar diya.
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Lekin murga toh ziddi tha ,
Woh phir se peeche ke raaste se
bahar aa gaya.
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Uske malik ko gussa aaya.
Woh murge ko kaat ke,
paka ke, kha gaya.
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Lekin Murga to ziddi tha!
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शादी के बाद पति-पत्नी में अंतर!

शादी के बाद पत्नी कैसे बदलती हैं:

पहले साल: मैंने कहा जी खाना खा लीजिए, आपने
काफी देर से कुछ खाया नहीं।

दूसरे साल: जी खाना तैयार है, लगा दूं?

तीसरे साल: खाना बन चुका है, जब खाना हो तब
बता देना।

चौथे साल: खाना बनाकर रख दिया है, मैं बाजार जा
रही हूँ, खुद ही निकाल कर खा लेना।

पाँचवे साल: मैं कहती हूँ आज मुझ से खाना नहीं
बनेगा, बाहर से ले आओ।

छठे साल: जब देखो खाना, खाना और खाना, अभी
सुबह ही तो खाया था।
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शादी के बाद पति कैसे बदलते हैं:

पहले साल: संभलकर उधर गड्ढा है।

दूसरे साल: अरे यार देख के उधर गड्ढा है।

तीसरे साल: दिखता नहीं उधर गड्ढा है।

चौथे साल: अंधी है क्या गड्ढा नहीं दिखता?

पाँचवे साल: अरे उधर -किधर मरने जा रही है
गड्ढा तो इधर है।
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लड़का- मैं कल तुम्हारे घर गया,
लगता है हमारी शादी होना
बहुत मुश्किल है..
लड़की- क्यूँ, डार्लिंग, क्या
हुआ?? पापा से मिले??
लड़का- नहीं तुम्हारी बहन से
मिला..
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solid लगती है यार
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गर्लफ्रेंड और ब्वायफ्रेंड फोन पे लड़ रहे थे .
लड़की -: मैं जानती हूँ तुम मुझसे प्यार नहीं
करते ...
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तुम आज कल किसी और लड़की के चक्कर में
हो ...
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लड़का -: और मैं भी जनता हूँ के तुम भी मुझसे
प्यार नहीं करती हो ..!! .
लड़की -: मैं तुम्हे अभी इसी वक्त छोड़ रही हूँ ..
अब जाओ उसी के पास ...
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(लड़की फोन काट देती है ... अब लड़का उसे
फोन करता है
ठीक उसी समय लड़की
भी उसे फोन लगाती है )
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( आप जिससे बात करना चाहते हैं वो अभी
व्यस्त
है )
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आखिर लड़की का फोन लग जाता है ..लड़का
उठाता है
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लड़की -: कौन थी वो कुतिया जिसे तुम अभी
फोन कर रहे थे .. ? :
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लड़का -: मैं तो तुम्हे फोन कर रहा था
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एक सुन्दर युवती
एक दवाईयों की
दुकान के सामने
काफी देर तक खडी थी।
भीड़ छटने का
इंतज़ार कर रही थी।
दुकान का मालिक
उसे शक की नजर से
घूर रहा था।
बहुत देर बाद
जब दुकान मे
कोई ग्राहक नही बचा,
तो
वह लड़की दुकान मे आयी।
एक सेल्समन को
धीरे से
एक किनारे बुलाया।
दुकान मालिक
अब और भी ज्यादा
चौकन्ना हो गया।
लड़की ने
धीरे से
एक कागज़
सेल्समन की ओर बढाया।
धीरे से फुसफुसायी,
“भैया,
मेरी
एक डॉक्टर के साथ
शादी तय हो गयी है।
गलत मत सोचो
आज “उनकी”
पहली चिठ्ठी आयी है।
थोडा पढ़कर
सुनायेंगे क्या ?
राइटिंग
समझ मे नहीं आ रही है.

Debut book of Abhaidev - Maybe this or Maybe that






"More than telling the capability of an individual, the B-School  which one is branded with, rather tells us how much the individual is willing to compromise"

“Yes we can even sell rotten eggs, if not to people as food since it is unethical, then to the shampoo companies”

"If you are a person who utterly despises Saas Bahu Indian TV soaps, if you hate the way the female characters in these TV soaps are hatching conspiracies against each other, and their serious and crooked faces being zoomed in with a flashing effect, well think again, probably we all are doing the same at our workplaces too."

With Insightful as well as witty words like these the author Abhaidev in his debut book- Maybe This or Maybe That, has tried to present MBA through the spectacles of humor and satire. The book is a quick read and shatters common misconceptions people have about an MBA degree.

This book Maybe This or Maybe That is not only for those of us who either have or aspire to have a business degree but also for those who are curious about it, in some way or the other. The language is almost un-MBA type, thus making the book worth read for even those who are slightly related to the world of MBA or otherwise. The book contains short stories, anecdotes, case studies and funny incidents which holds the book together and give it a smooth flow. The author is successful in trying a new style of writing.

Abhaidev in his debut book-“Maybe this or maybe that – 37 things we didn’t learn in B-Schools” has tried articulating what many MBA graduates have thought of but couldn’t. Worth read for those who have “been there, done that” and also for those who aspire to join the MBA brethren in the near future.

The author Abhaidev is the pen name of Mayank Chandna, an MDI Gurgaon alumnus. He quit his boring investment banking career to venture into the ‘exciting’ world of writing, something he had always dreamt of as a child. 

You can buy book from here


Wednesday, 18 November 2015

मायके गई हुई पत्नी का पति को पत्र !!

बीवी से डर कर रहने मे ही समझदारी है समझी  .....now don't ask again
!
!
!
मायके गई हुई पत्नी का पति को पत्र !!  





"कृपया instructions ध्यान से पढ़े.....
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कामवाली को salary दे दी है ज्यादा दानवीर मत बनना..
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आपको कितनी बार बताया है की पडोसन का paperwala, doodhwala, और laundrywala हमसे अलग है, हर रोज़ सुबह पूछने मत पहुंच जाना के पेपर आया के नही !!
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अलमारी मै left side पर आपकी बनियान-चड्डी रखी है, right side पर pappu की है, last time सारा दिन office में ऊपर नीचे खींच रहे थे..
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चश्मा सही जगह पर रखना, last time मैं 5 दिन बाद आई थी तब fridge में से मिले थे..
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अपना Mobile सम्भाल kar रखना last time bathroom के soap - case में से मिला था, मुझे तो आज तक यह पता नही चल सका की साला बाथरूम में मोबाइल का क्या काम होता है !!
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और हां, अपने सगे-सम्बंधी और यार -दोस्तों को ज्यादा जमा मत करना, पिछ्ली बार सोफे के कवर से कितने सारे मूंगफली के छिलके निकले थे....
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और ज्यादा उछलने की ज़रुरत नही है, मैं कभी 

Sunday, 15 November 2015

बिहार के हालात पर कवि गौरव चौहान जी की लिखी हुई ये रचना

बिहार के हालात पर कवि गौरव चौहान जी की लिखी हुई ये शानदार रचना आप सब को अवश्य पसन्द आएगी।



 


विजय के शोर में डूबे बिहारी बाबुओं सुन लो,
अदालत से सजा पाये,पुराने डाकुओं सुन लो,



कबूतर खुद शिकारी को ख़ुशी से जान दे बैठे,
गनीमत है बिहारी लोग जीवनदान दे बैठे,



तुम्हारे सब कुकर्मो पर चलो पर्दा गिराया है,
कुपोषित भैंस पर चढ़कर सुशासन लौट आया है,



पराजित हो गया विक्रम,चलो बेताल भी खुश हैं,
मगन हैं खान आज़म,सोनिया के लाल भी खुश हैं,,



पुरस्कारी बवालों के सभी किरदार भी खुश हैं,
कई चैनल,कई दफ्तर,कई अखबार भी खुश हैं,



हमें भी है ख़ुशी,यह लोकशाही की निशानी है,
नयी दारू भले ही है,भले बोतल पुरानी है,



मगर उस पार दुश्मन क्यों घरो में जश्न करता है?
भुजाएं खोलकर चौहान तुमसे प्रश्न करता है,



बिहारी जीत पर आतंक का सामान क्यों खुश है?
हमें कोई बताये आज पाकिस्तान क्यों खुश है?



बड़ा ही साफ़ मतलब है,बड़ी फितरत पुरानी है,
वतन की हर मुसीबत पर उसे खुशियाँ मनानी है,



हमारी हार पर दुश्मन सदा ही मुस्कराया है,
जली जब मुम्बई,लाहौर ने उत्सव मनाया है,



ख़ुशी उस पाक की सुन लीजिये,बस ये इशारा है,
फकत मोदी नही सम्पूर्ण हिन्दुस्तान हारा है,



अगर तुम सोचते हो वो तुम्हारी जीत पर खुश है?
तुम्हे फिर से मिली कुर्सी,मधुर संगीत पर खुश हैं?



सरासर बेवकूफी सोचना ये,बात को समझो,
बिहारी बाबुओं उस पाक की औकात को समझो,



कई दिन बाद उसकी रूह में इक डर समाया था,
कहाँ से आ गया दिल्ली में मोदी,हडबडाया था,



जिहादी सोच पर छाने लगे,हिंदुत्व के बादल,
जरा से वक्त में यह देख कर हाफिज हुआ पागल,



समूचे हिन्द के सम्मान से वो तिलमलाया था,
कि जब जय हिन्द ओबामा सरीखा गुनगुनाया था,



मगर लालू नितिश में आज उसको यार दिखते हैं,
उसे मोदी पराजय के बड़े आसार दिखते हैं,



बताओ किसलिए इस पाक को भाया इलेक्शन है?
कराची का बताओ क्यों हुआ पटना कनेक्सन है,



बिहारी बाबुओ उस पाक की हिम्मत बढ़ाओ जी.
कि जाए भाड़ में भारत,मगर मोदी भगाओ जी,



दिया है आपने उस पाक को तोहफा बधाई हो,
मुझे लगता है सबने नाक मिलकर के कटाई हो,
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आज कलम से कागज पर मै दंगा करने वाला हूँ,
मीडिया की सच्चाई को मै नंगा करने वाला हूँ।

मीडिया जिसको लोकतंत्र का चौंथा खंभा होना था, 
खबरों की पावनता में जिसको, गंगा होना था,


आज वही दिखता है हमको वैश्या के किरदारों मे, 
बिकने को तैयार खड़ा है गली चौक बाजारों मे।


दाल में काला होता है तुम काली दाल दिखाते हो, 
सुरा सुंदरी उपहारों की खुब मलाई खाते हो।


गले मिले सलमान से आमिर, ये खबरों का स्तर है, 
और दिखाते इंद्राणी का कितने फिट का बिस्तर है।


म्यॉमार में सेना के साहस का खंडन करते हो, 
और हमेशा दाउद का तुम महिमा मंडन करते हो।


हिन्दु कोई मर जाए तो घर का मसला कहते हो, 
मुसलमान की मौत को मानवता पे हमला कहते हो।


लोकतंत्र की संप्रभुता पर तुमने कैसा मारा चाटा है, 
सबसे ज्यादा तुमने हिन्दु और मुसलमान को बाँटा है।


साठ साल की लूट पे भारी एक सूट दिखलाते हो, 
ओवैशी को भारत का तुम रॉबिनहुड बतलाते हो।


दिल्ली मे जब पापी वहशी चीरहरण मे लगे रहे, 
तुम एश्श्वर्या की बेटी के नामकरण मे लगे रहे। '


'दिल से' ये दुनिया समझ रही है खेल ये बेहद गंदा है, 
मीडिया हाउस और नही कुछ ब्लैकमेलिंग का धंधा है।


गूंगे की आवाज बनो अंधे की लाठी हो जाओ, 
सत्य लिखो निष्पक्ष लिखो और फिर से जिंदा हो जाओ... !!

 




















Friday, 13 November 2015

Full text of the PMs speech at the British Parliament.

How dare an illiterate chaiwala speak to the British Parliament that too when its not in session... in English and then extempore. . Laloos of bihar can rot in hell trying to imitate Modiji but they can only imititate... can never reach that stature..
Need burnol guys??




What a speech. And what an audience. . 
My respect for the man has grown exponentially. .
Here's the full text of the PMs speech at the British Parliament. .

Lord Speaker,
Mr. Speaker,
Mr. Prime Minister

I am delighted to be in London. Even in this globalised world, London is still the standard for our times. The city has embraced the world's diversity and represents the finest in human achievements. And, I am truly honoured to speak in the British Parliament.

Mr. Speaker, thank you for opening the doors to us, here in this magnificent setting of the Royal Court. I know that the Parliament is not in Session. Prime Minister Cameron looks relaxed and relieved.

But, I want to remind you, Mr. Prime Minister, that you owe me royalty for an election slogan. I know that you are hosting me at the Chequers this evening. But, I also know that you will understand if I am fair to both sides of the floor. Especially since British MPs of Indian Origin are evenly balanced between the Treasury and the Opposition benches. So, I also extend my good wishes to the Labour. Indeed, since these are still early days after the election, my warm congratulations to the Members of the House. And, greetings to the eminent leaders of Britain and great friends of India present here today.

So much of the modern history of India is linked to this building. So much history looms across our relationship. There are others who have spoken forcefully on the debts and dues of history. I will only say that many freedom fighters of India found their calling in the institutions of Britain. And, many makers of modern India, including several of my distinguished predecessors, from Jawaharlal Nehru to Dr. Manmohan Singh, passed through their doors.

There are many things on which it is hard to tell anymore if they are British or Indian: The Jaguar or the Scotland Yard, for example. The Brooke Bond tea or my friend late Lord Ghulam Nun's curry. And, our strongest debates are whether the Lord's pitch swings unfairly or the wicket at Eden Gardens cracks too early. And, we love the Bhangra rap from London just as you like the English novel from India.

On the way to this event, Prime Minister Cameron and I paid homage to Mahatma Gandhi outside the Parliament. I was reminded of a question I was asked on a tour abroad. How is it that the statue of Gandhi stands outside the British Parliament? To that question, my answer is: The British are wise enough to recognise his greatness; Indians are generous enough to share him; we are both fortunate enough to have been touched by his life and mission; and, we are both smart enough to use the strengths of our connected histories to power the future of our relationship.

So, I stand here today, not as a visiting Head of Government, given the honour to speak in this temple of democracy. I am here as a representative of a fellow institution and a shared tradition.

And, tomorrow, Prime Minister and I will be at the Wembley. Even in India, every young footballer wants to bend it like Beckham. Wembley will be a celebration of one-half-million threads of life that bind us; one and half million people - proud of their heritage in India; proud of their home in Britain.

It will be an expression of joy for all that we share: values, institutions, political system, sports, culture and art. And, it will be a recognition of our vibrant partnerships and a shared future.

The United Kingdom is the third largest investor in India behind Singapore and Mauritius. India is the third largest source of Foreign Direct Investment projects in the United Kingdom. Indians invest more in Britain than in the rest of European Union combined. It is not because they want to save on interpretation costs, but because they find an environment that is welcoming and familiar.

It takes an Indian icon, Tata, to run a British icon and become your nation's largest private sector employer.

The UK remains a preferred destination for Indian students. And, I am pleased that an Indian company is taking a thousand British students to India to skill them in Information Technology.

We are working together in the most advanced areas of science and technology. We are finding solutions to the enduring human problems of food and health security, and seeking answers to emerging challenges like climate change.

Our security agencies work together so that our children return home safe and our increasingly networked lives are not prey to the threats on cyber space.

Our Armed Forces exercise with each other, so that they can stand more strongly for the values we represent. This year alone, we have had three exercises together.

And, in the international arena, your support has made it more possible for India to take her rightful place in global institutions and regimes. And, it has helped us both advance our common interests.

Mr. Speaker,

Strong as our partnership is, for a relationship such as ours, we must set higher ambitions. We are two democracies; two strong economies; and, two innovative societies.

We have the comfort of familiarity and the experience of a long partnership. Britain's resurgence is impressive. Its influence on the future of the global economy remains strong.

And, Mr. Speaker, India is new bright spot of hope and opportunity for the world. It is not just the universal judgment of international institutions. It is not just the logic of numbers: a nation of 1.25 billion people with 800 million under the age of 35 years.

This optimism comes from the energy and enterprise of our youth; eager for change and confident of achieving it. It is the result of bold and sustained measures to reform our laws, policies, institutions and processes.

We are igniting the engines of our manufacturing sector; making our farms more productive and more resilient; making our services more innovative and efficient; moving with urgency on building global skills for our youth; creating a revolution in Startup enterprises; and, building the next generation infrastructure that will have a light footprint on the Earth.

Our momentum comes not just from the growth we pursue, but from the transformation that we seek in the quality of life for every citizen.

Much of India that we dream of still lies ahead of us: housing, power, water and sanitation for all; bank accounts and insurance for every citizen; connected and prosperous villages; and, smart and sustainable cities. These are goals with a definite date, not just a mirage of hope.

And, inspired by Gandhiji, the change has begun with us - the way the government works. There is transparency and accountability in governance. There is boldness and speed in decisions.

Federalism is no longer the fault line of Centre-State relations, but the definition of a new partnership of Team India. Citizens now have the ease of trust, not the burden of proof and process. Businesses find an environment that is open and easy to work in.

In a nation connected by cell phones, Digital India is transforming the interface between Government and people.

So, Mr. Speaker, with apologies to poet T.S. Eliot, we won't let the shadow fall between the idea and reality.

If you visit India, you will experience the wind of change.

It is reflected in the surge of investments from around the world; in enhanced stability of our economy; in 190 million new bank accounts of hope and inclusion; in the increase in our growth to nearly 7.5% per year; and, in the sharp rise in our ranking on Ease of Doing Business.

And, the motto of Sab Ka Saath, Sab Ka Vikas, is our vision of a nation, in which every citizen belongs, participates and prospers.

It is not just a call for economic inclusion. It is also a celebration of our diversity; the creed for social harmony; and, a commitment to individual liberties and rights.

This is the timeless ethos of our culture; this is the basis of our constitution; and, this will be the foundation of our future.

Mr. Speaker, Members and Friends,

The progress of India is the destiny of one-sixth of humanity. And, it will also mean a world more confident of its prosperity; and, more secure about its future.

It is also natural and inevitable that our economic relations will grow by leaps and bounds. We will form unbeatable partnerships, if we combine our unique strengths and the size and scale of opportunities in India.

We will see more investment and trade. We will open new doors in the Services sector. We will collaborate more - here and in India - in defence equipment and technology. We will work together on renewable and nuclear energy.

We will explore the mysteries of science and harness the power of technology and innovation. We will realise the opportunities of the digital world. Our youth will learn more from - and with - each other.

But, a relationship as rich as this, with so much promise as ours, cannot be measured only in terms of our mutual prosperity.

Mr. Speaker,

Ours is an age of multiple transitions in the world. We are yet to fully comprehend the future unfolding before us. As in the previous ages, it will be different from the world we know.

So, in the uncharted waters of our uncertain times, we must together help steer a steady course for this world in the direction that mirrors the ideals we share.

For, in that lies not just the success of our two nations, but also the promise of the world that we desire. We have the strength of our partnership and the membership of the United Nations, the Commonwealth and the G-20.

We live in a world where instability in a distant region quickly reaches our doorsteps. We see this in the challenges of radicalization and refugees.

The fault lines are shifting from the boundaries of nations into the web of our societies and the streets of our cities. And, terrorism and extremism are a global force that are larger than their changing names, groups, territories and targets.

The world must speak in one voice and act in unison to combat this challenge of our times. We must adopt a Comprehensive Convention on International Terrorism in the UN without delay. There should be no distinction between terrorist groups or discrimination between nations. There should be a resolve to isolate those who harbour terrorists and willingness to stand with nations that will fight them honestly. And, we need a social movement against extremism in countries where it is most prevalent and, every effort to delink religion and terrorism.

Oceans remain vital for our prosperity. Now, we have to also secure our cyber and outer space. Our interests are aligned across many regions. We have a shared interest in stable, prosperous and integrated South Asia, drawn together in a shared march to prosperity.

We want an Afghanistan that is shaped by the dreams of the great Afghan people, not by irrational fears and overreaching ambitions of others.

A peaceful, stable Indian Ocean Region is vital for global commerce and prosperity. And, the future of Asia Pacific region will have profound impact on all of us. We both have huge stakes in West Asia and the Gulf.

And, in Africa, where, amidst many challenges, we see so many promising signs of courage, wisdom, leadership and enterprise. India has just held an Africa Summit, in which all 55 countries, and 42 leaders participated.

We must also cooperate to launch a low carbon age for a sustainable future for our planet. This is a global responsibility that we must assume in Paris later this month.

The world has crafted a beautiful balance of collective action - common but differentiated responsibility and respective capabilities.

Those who have the means and the know-how must help meet the universal aspiration of humanity for clean energy and a healthy environment. And, when we speak of restraint, we must not only think of curbing fossil fuels, but also moderating our lifestyles.

We must all do our part. For India, a target of 175 GW of additional capacity in renewable energy by 2022 and reduction in emission intensity of 33-35 % by 2030 are just two of the steps of a comprehensive strategy.

I have also proposed to launch during the COP 21 meeting an International Solar Alliance to make solar energy an integral part of our lives, even in the most unconnected villages.

In Britain, you are more likely to use an umbrella against rain than the sun. But, my team defined the membership of the Solar Alliance in more precise terms: you have to be located within the Tropics.

And, we are pleased that the United Kingdom qualifies! So, we look forward to an innovative Britain as a valuable partner in this endeavour. Prime Minister Cameron and I are, indeed, very pleased that cooperation on affordable and accessible clean energy is an important pillar of our relations.

Mr. Speaker,

This is a huge moment for our two great nations. So, we must seize our opportunities, remove the obstacles to cooperation, instill full confidence in our relations and remain sensitive to each other's interests.

In doing so, we will transform our strategic partnership, and we will make this relationship count as one of the leading global partnerships. Ever so often, in the call of Britain's most famous Bard that we must seize the tide in the affairs of men, the world has sought the inspiration to act. And, so must we.

But, in defining the purpose of our partnership, we must turn to a great son of India, whose house in London I shall dedicate to the cause of social justice on Saturday. Dr. B. R. Ambedkar, whose 125th birth anniversary we are celebrating now, was not just an architect of India's Constitution and our parliamentary democracy. He also stood for the upliftment of the weak, the oppressed and the excluded. And, he lifted us all to a higher cause in the service of humanity; to build a future of justice, equality, opportunity and dignity for all humans; and, peace among people.

That is the cause to which India and the United Kingdom have dedicated themselves today.

Thank you very much, thanks a lot.

Thursday, 12 November 2015

Whattsapp Admin Jokes

Whattsapp Admin Jokes - jokes on admin - whatsapp jokes group - Funny Jokes

 No..1:-  
एक बार एक लड़की पुल से कूद कर जान देनेही वाली थी
कि अपना एडमिन बाइक पर आए और उससे कहा -अगर तुम सुसाइड करने जा रही हो तो जरा ठहरो,
ऐसा करने से पहले तुम मुझे किस करने दो....।
इस पर लड़की तैयार हो गई। इसके बाद एडमिन साहब ने उसे बहुत देर तक किस किया और लड़की भी उसमें डूब गई। काफी देर बाद जब दोनों अलग हुए तब एडमिन ने उससे पूछा - अब बताओ... तुम सुसाइड क्यों करना चाहती हो?
लड़की बोली - मेरे घरवालों को मेरा यूं लड़की बनकर घूमना पसंद नहीं। मेरा नाम मुन्ना है। एडमिन ने उसको अपने हाथो से उठाकर पुल से नीचे फेक दीया कमीना कही का पहले नही बोल सकता था।

आज हमारे admin ने पुरे गणीत का इतीहास हिला डाला..!!
जब एक गणीत के जानकार ने ग्रुप मे ये पुछा





 No..2.

Admin:- कमर में बहुत दर्द है... जरा गुप्ता जी के घर से iodex ले आओ।
Wife:- वो नहीं देंगे ।
Admin:- बहुत कंजूस हे साले... रहने दो, अलमारी में से अपनी ही निकाल लो, दर्द कुछ ज्यादा है..!!




 No..3.

एक बार स्वीट्ज्रलैण्ड जाते वक्त Admin का पर्स हैलीकॉप्टर से नीचे गिर गया था ।
नतीजा देखो :- आज वह जगह स्वीस बैँक के नाम से जानी जाती है..!!




 No..4.

एक बार Admin ने एक बच्चेको अपना ब्लड डोनेट किया था ।
नतीजा देखो : आज वह आदमी खली के नाम से जाना जाता है..!!




 No..5.
एडमिन का मतलब

A--- आवारा 
D--- ढोंगी 
M--- मतलबी 
I---- इगो वाला 
N--- नकटा ... 


नहीं होता है 


A--- आदरणीय 
D--- धर्मात्मा 
M--- मस्त 
I--- इमानदार 
N--- नाइस 
होता है..!!



 No..6.

सारे व्हॉट्सअप एडमिन को समर्पित,
बिन पगारी फुल अधिकारी..!!



 No..7.

एक बार अपना admin पानी पी रहा था 
.
..
.
.
अब क्या admin पानी भी नहीं पी सकता!!

हर बात में joke...!

जान ले लो admin की..!!



 No..8.

आज सुबह एडमिन के मन मे विचार आया ,
आज कुछ तुफानी करते है ।

साईकिल निकाली और पेट्रोल भराने चले गए..!!
.
.
.
.
.
.
.
इसमें हसनेवाली क्या बात है साथ मैं बोतल लेके गये....




 No..9.
हद हो गई हर बात पे admin की खिल्ली उड़ाते हो..
Admin पर बिजली का तार गिर गया,
Admin तड़प तड़प के मरने ही वाला था कि
अचानक...
उसे याद आया बिजली तो 2 दिन से बंद है..!!
वापस उठकर, हँसते हुए बोला, "साला याद नहीं आता तो मर ही जाता"..!!



 No..10.

एडमिन (admin) के हाथ में नया फोन देखकर
दोस्त बोला:- "नया फोन कब ख़रीदा?"

एडमिन :- "नया नहीं, गर्लफ्रेंड का है।"

दोस्त :- "गर्लफ्रेंड का फोन क्यों ले आया?"
एडमिन:- "रोज कहती थी, मेरा फोन नहीं उठाते! 

आज मौका मिला, उठा लाया..!!



 No..11.

Admin जलेबी बेच रहा था, लेकिन बोल रहा था "आलू ले लो आलू"..
संता: पर यह तो जलेबी है.
Admin : चुप हो जा, वर्ना मक्खियां आ जाएंगी..!!

Very intelligent u know..


 No..12.

Special for admin
इंस्पेक्टर साहब, कब मिलेंगे हमारे ग्रुप के Admin ? आज चार दिन हो गए हैं....


इंस्पेक्टर: मिलेंगे मिलेंगे, जल्द ही मिल जायेंगे,
देखिये, कल ही हमें हाई वे के पास से उनके मोज़े मिले हैं,
वो हमने अपने खोजी कुत्ते को सुंघाए हैं....
बस कुत्ते के होश में आते ही हम खोज शुरू कर देंगे..!!

HAPPY ADMIN DAY
bus has k dusre group k admin ko chipka dena.



 No..13.

admin ke liye jackpot
एडमिन टॉयलेट में बैठा था, सामने लिखा था। 'कृपया पानी का ज्यादा से ज्यादा इस्तमाल करे' 
एडमिन बैठे बैठे चार डब्बे पानी पी गया..!!



 No..14.

आज हमारे एडमिन ने फिर कमाल  कर दिखाया ।

वह बैंक में जा कर सो गये, क्योंकि वहाँ लिखा था कि "यहाँ सोने पर लोन दिया जाता है"..!!\




 No..15.

एक बार भगवान की Admin से लङाई हो गई।....

नतीजा: आज भगवान ऊपर है..!!




 No..16.

मेरी तो हसी ही नही रुक रही हें।।।
अपना एडमिन रात मे शराब पी कर घर आया और सोते सोते भगवांन को प्यारा हो गया।
ऊपर जाके उसने दुबारा जिंदगी मांगी तो भगवान राजी हुए पर उसे मुर्गी के रूप में वापस भेजा ।
जैसे ही वो मुर्गी बन के वापस आया एडमिन ने एक अंडा दीया, और अंडे को देखते ही उसके होश उड़ गये।
उसका अंडा सोने का था खुशी मे उसने जोर लगा के एक और अंडा दीया, 
देखा तो वो भी सोने का था।
अब तो ख़ुशी के मारे अपने एडमिन ने जैसे ही तीसरे अंडे देने के लिए जोर लगाया वैसे ही उसके सर पे किसी ने झाड़ू
मारी ।
अब जब एडमिन ने आँखे खोली तो देखा की उसकी मम्मी उसे झाड़ू से मारते हुए चिल्ला रही थी....

?

उठ जा कमीने !!
बिस्तर पर
"टट्टी पे टट्टी "
किये जा रहा हे"..!!
Group admin koi bhi par group me dhamaka hamara hi hota h




 No..17.

एक किसान ने कौवो से तंग आकर अपने खेत मेँ मक्के की फसल मेँ Admin कि फोटो लगा दी।...
नतीजा: कौवे पिछले साल खाए मक्के के दाने भी वापस ले आए..!!



 No..18.

एक एडमिन का दर्द
एक तो खुद के मोबाइल पे पैसा खर्च करके इन सब को जोड़ो......
फिर इन माँ के लाडलो के नखरे उठाओ....

कि कोई लेफ्ट......कोई लेफ्ट होने की धमकी दे रहा है.....जैसे कि मेरे लड़के की बारात मे आए हो..

कोई कुछ मैसेज करे तो दूसरा बन्दा पहले उसका उल्टा मतलब निकालता है....फिर एडमिन की छाती पे मुंग दलता है कि उसे समझाओ...

कभी कोई नासपीटा.... चुड़ैल की फोटू डाल के नीचे लिख देता है I love you admin...जैसे एडमिन न हो गये सबके फूफा हो गये...
और तो और पेपर वालो की, अख़बार वालो की भी जय हो...रोज के रोज यही छापते रहते है...
एडमिन को होगी जेल!
ये भी कोई बात हुई...जैसे गरीब की लुगाई...सबकी भौजाई..!!



 No..19.


टीचर ने हमारे Admin से पूछा:- "तुमने कभी कोई नेक काम किया है" ?
Admin : हाँ सर ...
एक बुजुर्ग पैरों में तकलीफ की 
वजह से धीरे-धीरे घर जा रहे थे...
मैंने कुत्ता पीछे लगा दिया...! 
जल्दी पहुँच गए...


 No..20.

आज admin हमारे गॉव आया
थोडा मुस्करया
थोडा शरमाया
थोडा हडबडाया
फिर जोर से चिल्लाया कुलपि लेलो कुलपि..!!



 No..21.

इंसल्ट की हद ।
मम्मी : "जाओ सब्जी लेकर आओ..."
Admin : "मतलब अब एडमिन..सब्जी भी लेने जाएगा...??
मम्मी : "जा रहा है कि नहीं वरना चप्पल से....फेसबुक का भूत 
और झाड़ू से वाट्सएप की चुड़ैल निकाल दूंगी..."
Admin : "लाओ झोला....."  !!


 No..22.

  ब्रेकिंग न्युज  
गुप्त सुत्रो से पता चला है की  राखी के दिन admin औरत बन के  बसो मे फ्री घुमेगा ..!!



 No..23.

Admin ने बस स्टॉप पर खड़ी एक लड़की को आँख मारी।
लड़की : मैं ऐसी वैसी लड़की नहीं हूँ।
Admin : वो तो ठीक है मगर चेक करना हमारा फ़र्ज़ बनता है..!!


 No..24.

जरूर पढें 
शर्मनाक हरकत 
आज 15 अगस्त को मुफ़्त में मिठाई खाने के चक्कर में बच्चों की  स्कूल ड्रेस पहनकर 

Admin घूमता पाया गया..!!


 No..25.

शिक्षक ने कक्षा मे पूछा:-
सीनियर (senior) और जूनियर (Junior) मे क्या अन्तर है ?

केवल एडमिन ने हाथ खङा किया

शिक्षक ने कहा- शाबास बेटा बताओ

एडमिन- सर जो समुद्र के पास रहता हो वो सीनियर (sea- near)

और जो चिङियाघर के पास रहता हो वो (zoo-near)

शिक्षक आज तक कोमा मे है..!!

और
Admin.. 
आज. 5 ग्रुप चला रहा है..!!

 No..26.


एडमिन का धमाकेदार खुलासा


कट्टपा ने बाहुबली को एडमिन के कहने पे मारा
एडमिन ने कहा वो group मे masseg नही करता था ईस लिये मरवाया
एडमिन से सावधान-- group वालो अगली बारी आपकी भी हो सकती हे!!
group मे sms करते रहा करो..!!



 No..27.

एकबार एडमिन डबल डेकर बस में चढ़ गया!
कन्डक्टर ने उसे उपर भेज दिया।
थोड़ी ही देर में एडमिन भागता
हुआ नीचे आया..
कंडक्टर:"क्या हुआ?"
एडमिन: "साले मरवाएगा क्या?
उपर तो ड्राईवर ही नही है।"..!!


 No..28.


कुछ लोग ग्रुप में एसे छुपके बेठ थे
जैसे एडमिन उनसे कर्जा मागता हो
भाइयो मुझे कुछ नही चाइये
लेकिन आप ग्रुप में हो ये तो कम से कम साबित करदो..!!




 No..29.

टीचर-- एक टोकरी में 10 आम थे
3 सड़ गए तो कितने आम रहे।
छात्र-- 10
टीचर-- वह कैसे?
छात्र-- जो सड़ गए वो भी तो आम ही रहेंगे। सड़ने से केले थोड़ी बन जायेंगे।
वह छात्र आज एडमिन है..!!

 No..30.
चाँद और सूरज कभी मिलते नहीं,नदी के किनारे कभी एक होते नहीं।”
“करोडो लोगों की क्या बात करू मेरे दोनो पाॅव कभी साथ चलते नहीं।”
ग्रुप बनाना आसान है, पर ग्रुप में सबको साथ ले कर, सबके दिल में मैत्री भाव लाना मुश्किल है ।
मैत्री से परिपूर्ण इस ग्रुप के “एडमिन” को दिल से शुक्रिया, जो इस ग्रुप को इतना सुन्दर रूप दिया ।




 No..31.

2/10=2 ये हल करके दीखाओ।

पहला गूर्प मेम्बर:- ये गलत question हे

दुसरा:- मुझे नही पता

तिसरा:- तुम ही बताओ

चोथा:- मे तो स्कुल ही नही गया

पाचवॉ:-  ये तो हो हि नही सकता

फिर admin ने हल किया

Admin:-  2/10

Two / Ten

=wo/en(T से T cancel)

w = 23 (abc) का 23 वा शब्द

o = 15 वा शब्द

e = 5 वा शब्द

n = 14 वा शब्द

तो 23+15 / 5+14

= 38 / 19
= 2

बस फिर क्या था सवाल पुछने वाला कोमा मे..!!


 No..32.

Apna Admin पहली बार दुकान पर कामकरनें गया, एक लङकी आयी और बोली भईया अंडरवियर दिखाना,
admin- कल आना आज पहनी नहीं है !
लड़की ने admin को खूब पीटा, चप्पल से पीटा, लाठी से पीटा, और बहुत घसीट-घसीट के पीटा।
admin उठा और कपड़े झाड़ते हुए बोला,“Sorry,”कल पक्का पहन कर आऊँगा,
अबे कमीनो हंस क्या रहे हो।