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Saturday, 24 October 2015

एक कनपुरिया छात्र से गुरु जी ने पूछा रामायण का सारांश बताओ:-

एक कनपुरिया छात्र  से गुरु जी  ने पूछा रामायण का सारांश बताओ:-



विद्यार्थी ने बहुत सीधा, सरल और संक्षिप्त विवरण दिया...

एक रहें राम बहुतै काबिल,

बाप की मान लीं और मेहरिया लेय के चल दिए जंगल। 

उनके भाई लक्ष्मण अउर भी बड़े वाले होनहार वहू साथ हुई गे। 

हुआं जंगल मा सूपनखा आई सेट्टिंग के लिए तो गुरु उसकी नाक काट लिहिन। 
सूपनखा का भाई रावण एकदम टोपा राक्षस रहा। 

ऊ राम का हलके मा लई लिहिस और सीता मैया का लपेट दिहिस।
.

लेकिन रामो बड़े वाले रहें,भेज दीन्ह हनुमान  का कि जाओ अउर रावण की बैंड बजा आओ। 

हनुमान जी तो अउरो बड़े परम थे। 

लंका की लफद्दर कर दिहिन और गुरु ऐसा टैलर दिहिन की रावण का सारा भौकाल घुस गवा। 

फिर का रहे, रावण बाद में विद फैमिली हौंके गए। 

और विभीषण फ्री में राजा बाबू हुई गए। 

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