Sunday, 13 September 2015

अवचेतन मन

जगाइए अपने कप्तान को, यही आपको बुलंदियों तक पहुंचाएगा .........
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आप को अगले दिन सुबह सुबह 4 बजे ट्रेन से कहीं जाना है और आपने घड़ी में अलार्म लगा दिया, क्या आपने कभी गौर किया कि आपकी नींद 4 बजे से पहले ही खुल गयी, अलार्म बजने से पहले। ऐसा क्यों हुआ, कभी आपने जानने की कोशिश की .......

ऐसा इसलिए हुआ क्योँकि रात को सोने से पहले आपने अपने अवचेतन मन को आदेश दिया था कि कल सुबह सुबह मुझे ट्रेन पकड़नी है.
अब प्रश्न यह उठता है कि ये अवचेतन मन (Subconscious Mind) है क्या ??????

अवचेतन मन :- अवचेतन मन समझने के लिए हमें अपने शरीर को जहाज और अवचेतन मन को उसका कप्तान समझना पड़ेगा ।

अब हुआ ये कि रात को आपने अपने अवचेतन मन रूपी कप्तान को आदेश दिया कि आपको अगले दिन सुबह सुबह 4 बजे ट्रेन पकड़नी है इसलिए आपको 4 बजे उठा देना। अब मित्रों आप ये मानिये कि अब काम जहाज का न होकर कप्तान का हो गया कि आपको सुबह सुबह उठाना है, आप तो बिंदास हो कर सो जाइए और यकीन मानिये जब सुबह हुई होगी तो आपके कप्तान ने आपको अलार्म से भी पहले उठा दिया होगा ।
अब यहाँ पर कुछ लोग मुझसे सहमत नहीं होंगे।

मित्रों यहाँ पर आपको ध्यान रखना है कि आपको अपने कप्तान को कंफ्यूज नहीं करना है, होता क्या है कि हम अपने कप्तान को ........साफ साफ आदेश नहीं देते.......... और इसलिए कई बार हमारा कप्तान सही से काम नहीं करता, जैसे की अब ये सोचिये कि आपने अपने कप्तान से कहा कि ट्रेन मिलेगी तो ट्रेन से चला जाऊंगा, बस मिलेगी तो बस से चला जाऊंगा, टैक्सी मिलेगी तो टैक्सी से चला जाऊंगा।
अब आप ही बताइये कि आपने क्या किया ?
आपने अपने कप्तान को बुरी तरह से कंफ्यूज कर दिया।
अब आपके कप्तान ने कहा "मैं भी चला सोने", और जिंदगी भर सोते ही रहना, मैं भी सोते रहूँगा। मैं तो सिर्फ और सिर्फ तभी काम करूँगा जब मेरा जहाज यानी आप मुझे बिलकुल साफ़ साफ़ आदेश दोगे.
कप्तान ने कहा हे इंसान "मन भटकता तेरा है और अपनी विफलता के लिए कोसते अपनी किस्मत और दूसरे लोगों को हो", वाह रे वाह ..........

नोट : 

अवचेतन मन की स्थितियाँ :-


(1) (i) रात को कमरे की लाइट बंद होने और नींद आने के बीच का समय या 
(ii) सुबह नींद खुलने से लेकर और बिस्तर से उठने के बीच का समय या 
(iii)) कभी भी झबकी आने के बीच का समय 

2) इन सभी समय पर आपको अपने कप्तान को साफ़ साफ़ आदेश देना है - जो भी काम आप जिंदगी में करना चाहते है, आप जिन भी ऊचाइयों पर पहुँचाना चाहते हैं.

3) एक बात का ख्याल रखें - इस बीच अगर आपने अपने कप्तान को नकारात्मक विचार दे दिए तो वो आपको नकारात्मकता की तरफ ही ले कर चला जायेगा, इसलिए कभी भी इन स्थितियाँ में अपने कप्तान को नकारात्मक विचार न दे, न ही अपने मन में आने दें.

4) इस बीच आप अपने कप्तान को सिर्फ और सिर्फ सकारात्मक विचार दे और फिर देखिएगा कि आपका कप्तान आपको किन बुलंदियों पर पहुंचाता हैं ………

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