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Saturday, 15 August 2015

बहू ने सास को दिया मोबाइल, आखिर क्यों हुई मेहरबान..

  NEGATIVE- vs POSITIVE+
      Way Of Thinking!  
            नजरिया
एक महान लेखक अपने लेखन कक्ष में बैठा हुआ लिख रहा था।
1) पिछले साल मेरा आपरेशन हुआ और मेरा गालब्लाडर निकाल दिया गया। इस आपरेशन के कारण बहुत लंबे समय तक बिस्तर पर रहना पड़ा।
2) इसी साल मैं 60 वर्ष का हुआ और मेरी पसंदीदा नौकरी चली गयी। जब मैंने उस प्रकाशन संस्था को छोड़ा तब 30 साल हो गए थे मुझे उस कम्पनी में काम करते हुए।
3) इसी साल मुझे अपने पिता की मृत्यु का दुःख भी झेलना पड़ा।
4) और इसी साल मेरा बेटा कार एक्सिडेंट हो जाने के कारण मेडिकल की परीक्षा में फेल हो गया क्योंकि उसे बहुत दिनों तक अस्पताल में रहना पड़ा। कार की टूट फूट का नुकसान अलग हुआ।
अंत में लेखक ने लिखा,
 वह बहुत ही बुरा साल था। 
जब लेखक की पत्नी लेखन कक्ष में आई तो उसने देखा कि, उसका पति बहुत दुखी लग रहा है और अपने ही विचारों में खोया हुआ है। अपने पति की कुर्सी के पीछे खड़े होकर उसने देखा और पढ़ा कि वो क्या लिख रहा था।
वह चुपचाप कक्ष से बाहर गई और थोड़ी देर बाद एक दूसरे कागज़ के साथ वापस लौटी और वह कागज़ उसने अपने पति के लिखे हुए कागज़ के बगल में रख दिया।
लेखक ने पत्नी के रखे कागज़ पर देखा तो उसे कुछ लिखा हुआ नजर आया, उसने पढ़ा।
1-a) पिछले साल आखिर मुझे उस गालब्लाडर से छुटकारा मिल गया जिसके कारण मैं कई सालों से दर्द से परेशान था।
2-a) इसी साल मैं 60 वर्ष का होकर स्वस्थ दुरस्त अपनी प्रकाशन कम्पनी की नौकरी से सेवानिवृत्त हुआ। अब मैं पूरा ध्यान लगाकर शान्ति के साथ अपने समय का उपयोग और बढ़िया लिखने के लिए कर पाउँगा।
3-a) इसी साल मेरे 95 वर्ष के पिता बगैर किसी पर आश्रित हुए और बिना गंभीर बीमार हुए परमात्मा के पास चले गए।
4-a) इसी साल भगवान् ने एक्सिडेंट में मेरे बेटे की रक्षा की। कार टूट फूट गई लेकिन मेरे बच्चे की जिंदगी बच गई। उसे नई जिंदगी तो मिली ही और हाँथ पाँव भी सही सलामत हैं।
अंत में उसकी पत्नी ने लिखा था,
**इस साल भगवान की हम पर बहुत कृपा रही, साल अच्छा बीता।😊😆☺
मित्रो मानव-जीवन में प्रत्येक मनुष्य के समक्ष अनेकों परिस्थितियां आती हैं, उन परिस्थितियों का प्रभाव क्या और कितना पड़ेगा, यह पूरी तरह हमारे सोचने के तरीके पर निर्भर करता है। चीजें वही रहती हैं पर नजरिया बदलने से पूरा परिणाम बदल जाता है।
आपको यह पसंद आये तो शेयर करना न भूले। शायद हमारा यह प्रयास किसी का जीवन बदल दे ।
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पुत्र : पापा मे जीवन मे आगे बढने के लिये क्या करू ?
पापा : पत्थर ले और सबसे पहले वो मोबाईल फोड।.
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Example of a smart doctor
Nurse: "Sir, Your Wife's Phone"
Doctor: "What's The Matter?"
Nurse: "She Wants To Kiss You"
Doctor: "I'm Busy, You Take Her Kiss & Give Me Later"
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संता सिंह  KBC में  
अमिताभ : आपका अंतिम सवाल 5 करोड़ के लिए ये रहा आपके सामने..
प्रतियोगी सरदार थोरा व्याकुल हुआ 
अमिताभ : अभिषेक बच्चन के पिता का नाम क्या है ?
कंप्यूटर स्क्रीन :
A.Amitabh bachhan
B. Dharmendra
C. Amjad Khan
D. Sanjeev Kumar
Amitabh : आपका क्या जबाब है
(वो पूरी तरह श्योर थे की सरदार A चुनेगा)
लेकिन सरदार थोरा कन्फ्यूज्ड था..
संता सिंह : मेरे ख्याल से A होना चाहिए
"क्या आप श्योर हैं?" अमिताभ ने अपने स्टाइल में कहा
संता सिंह और कन्फ्यूज्ड और नर्वस हो गया
संता सिंह: मैं अपनी लाइफ लाइन 50:50 इस्तेमाल करना चाहूँगा
अमिताभ : Ok कंप्यूटर जी  दो गलत जबाब को मिटा दीजिये प्लीज..
कंप्यूटर के द्वारा दो गलत जबाब मिटा देने के बाद जो आप्शन बच गए वो थे :-
B. Dharmendra
C. Amjad Khan
अब अमिताभ जी  कन्फ्यूज्ड और बैचैन की कंप्यूटर ने ये गलती कैसे कर दी .. पर बॉलीवुड में एक कहावत है.the show must go on.
अब तो संता सिंह और भी बैचैन हो गया.
संता सिंह : मैं अपना आखिरी लाइफ लाइन  phone a friend का इस्तेमाल करूँगा ।
अमिताभ : आप किसको फ़ोन करना चाहेंगे ?
संता सिंह: मैं जया बच्चन जी को फोन करना करना चाहूँगा ।
अमिताभ बच्चन हैरान परेशान !!! खैर जया बच्चन को फ़ोन लगाया गया
संता सिंह : "जया जी  अभिषेक बच्चन के पिता का क्या नाम है ?
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जया बच्चन ने पूछा आप्शन क्या क्या हैं ?"
अमिताभ बच्चन बेहोश
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टीचर-- एक टोकरी में 10 आम थे
3 सड़ गए तो कितने आम रहे।
छात्र-- 10
टीचर--  वह कैसे?
छात्र-- जो सड़ गए वो भी तो आम ही रहेंगे। सड़ने से केले थोड़ी बन जायेंगे।
वह छात्र आज एडमिन है.
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(1) 
Put your wife in a room & lock it.
Put your dog in another room & lock it !!!
Open both rooms after 2 - 3 hours & see who is Happy to see you, and who will BITE you ! 
(Group members are advised not to try this at home as these stunts were performed by professionals; who are now divorced; and living happily with their dog!!) 

Don't laugh loud ---- 
The extended version says...

2)
Put your husband in a room & lock it.
Put your dog in another room & lock it !!!
Open both rooms after 2 - 3 hours & you will be happy to see your dog waiting for you.. but you'll be angry looking at your husband sleeping like he never slept before!!!
3)
Always keep your spouse's picture as mobile screen saver.
Whenever you face a problem, see the picture & say: "if I can handle this, I can handle anything!"… Superb Attitude for Life!!
(4)
If wife wants husband's attention, she just has to look sad & uncomfortable.
If husband wants wife's attention, he just has to look comfortable & happy.

(5)
A Philosopher HUSBAND said:- "Every WIFE is a 'Mistress' of her Husband…
"Miss" for first year & "Stress" for rest of the life…"!!!! 
(6)
Million Dollar Truth:
If Saturday and Sunday doesn't excite you, then change your Friends.
If Monday doesn't motivate you, then change your profession.
If Monday is too exciting, and you are dying to get to work, then you should change your spouse!!

(7)
Do you remember the tingling feeling when you took the decision to get married?
That was common sense leaving your body.

(8)
Generally a man does not go to the place again where he has been cheated once…
But many people still go to their in-laws place..?

(9)
Pappu: Dad, l got selected for a role in a play for annual day!
Dad: What role are you playing?
Pappu: A husband!
Dad: Stupid, ask for a role with dialogues!

(10)
Man outside phone booth: "Excuse me you are holding phone since 29 minutes and you haven't spoken a word".
Man inside: "I am talking to my wife"

(11)
A very intelligent girl was asked the meaning of marriage..
She said- "sacrificing the admiration of hundred guys, to face the criticism of one idiot"

(12)
Position of a husband is just like a Split AC, No matter how loud he is outdoor, He is designed to remain silent indoor!

(13)
Best one line ad by a married man on OLX:
"For Sale – Wedding Suit, used only once by Mistake"
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 बहू ने सास को दिया मोबाइल, 

आखिर क्यों हुई मेहरबान..

नए जमाने की बहू ने
सास को उनके जन्मदिन पर गिफ्ट में मोबाइल लाकर दिया 
और वो भी सैमसंग स्मार्ट फ़ोन

बहु ने अपने सारे काम काज छोडक़र
सास की सहेलियों और सारे परिचितों के नंबर सेव कर दिये ।
सोने पे सुहागा
फिर उसमें व्हाट्सएप्प भी डाउनलोड कर दिया ।

भजन और गाने भी लोड कर दिये

अब सुनिये इस मेहनत का
फायदा जो हुआ:

अब सासु मां का ध्यान घर
में कम
मोबाइल पर ज्यादा रहता है 
अब वो बेटा बहू की बातें सुनने
की जगह,
मोबाइल की घंटी पर कन्सनट्रेट करती हैं..
अपने बोलने की सारी एनर्जी
मोबाइल पर गंवा देती हैं ।
व्हाट्सएप्प नें तो उसकी सारी ताक़त अपने पास खींच ली है ।
और बहू क्या कर रही है
ये तक भुला देती हैं..
इधर-उधर बातें करने में घंटो
बिता देती है, 
फिर दिन भर सासू माँ और उनका व्हाट्सएप्प
उसी में लीन हो जाती है ।
पढ़ती है मुस्कुराती है ।
रात को भजन और गानें

इधर बहू किचन में 
मनचाहा बनाकर कब खा लेती
है
सासु मां अब इस बात पर
ध्यान कम देती है..
इससे पहले वो दिन रात
बहू-बहू चिल्लाती थी,
बहू की जमकर
परेड हो जाती थी।
कभी चाय,
कभी हलवा
कभी दूध
कभी पानी
अब खत्म हुई
बहू की सारी परेशानी।
सास के हाथ में बहू ने
जबसे ये फुलतरु थमाया है, 
बहू ने गजब का चैन पाया है।
आजकल सास मोबाइल के
साथ स्टाइल मारती है 
और 
बहू को करमजली कहने
वाली
अब बेटा-बेटा कहकर
पुकारती है..!!
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बहुत ही सुंदर पंक्तियां भेजी है, फारवर्ड करने से खुद को रोक नहीं पाया ....
शब्दों के दांत नहीं होते है
      लेकिन शब्द जब काटते है  
        तो दर्द बहुत होता है
और   
कभी कभी घाव इतने गहरे हो जाते है की
              जीवन समाप्त  हो जाता है
                परन्तु घाव नहीं भरते.............
इसलिए जीवन में जब भी बोलो मीठा बोलो मधुर बोलों
'शब्द' 'शब्द' सब कोई कहे,
'शब्द' के हाथ न पांव;
एक 'शब्द' 'औषधि" करे,
और एक 'शब्द' करे 'सौ' 'घाव"...!
"जो 'भाग्य' में है वह भाग कर आएगा..,
जो नहीं है वह आकर भी भाग 'जाएगा"..!
प्रभू' को भी पसंद नहीं
'सख्ती' 'बयान' में,
इसी लिए 'हड्डी' नहीं दी, 'जबान' में...!
जब भी अपनी शख्शियत पर अहंकार हो,
एक फेरा शमशान का जरुर लगा लेना।
और....
जब भी अपने परमात्मा से प्यार हो,
किसी भूखे को अपने हाथों से खिला देना।
जब भी अपनी ताक़त पर गुरुर हो,
एक फेरा वृद्धा आश्रम का लगा लेना।
और….
जब भी आपका सिर श्रद्धा से झुका हो,
अपने माँ बाप के पैर जरूर दबा देना।
जीभ जन्म से होती है और मृत्यु तक रहती है क्योकि वो कोमल होती है.
दाँत जन्म के बाद में आते है और मृत्यु से पहले चले जाते हैं...  
  क्योकि वो कठोर होते है।
छोटा बनके रहोगे तो मिलेगी हर
बड़ी रहमत...
बड़ा होने पर तो माँ भी गोद से उतार
देती है..
किस्मत और पत्नी
भले ही परेशान करती है लेकिन
जब साथ देती हैं तो
ज़िन्दगी बदल देती हैं.।।
"प्रेम चाहिये तो समर्पण खर्च करना होगा।
विश्वास चाहिये तो निष्ठा खर्च करनी होगी।
साथ चाहिये तो समय खर्च करना होगा।
किसने कहा रिश्ते मुफ्त मिलते हैं ।
मुफ्त तो हवा भी नहीं मिलती ।
एक साँस भी तब आती है,
जब एक साँस छोड़ी जाती है!!".
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 पति बैठे बैठे सोच रहा था :
आज पत्नी की तरफ़ ग़ौर से देखा तो समझ आया......
अपने जीवन की यही इन्वेस्टमेंट है
जो देखते-देखते डबल हुई हैI
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 एक  बैंक  लूट  के  दौरान  लुटेरों  के  मुखिया  ने  बैंक  में  मौजूद  लोगों  को  चेतावनी  देते  हुए  कहा:-  यह  पैसा  देश  का  है  और  जान  आपकी  अपनी।
सब  लोग  तुरंत  लेट  जाओ l
डर  कर  सब  लोग  लेट  गए……
इसे  कहते  हैं………
Mind  Changing  Concept
लुटेरों  का  एक  साथी  जो  कि  B.Com  होल्डर  था,  वह  बोला:-  पैसे  गिन  लें ?
मुखिया  ने  कहा:-  बेवकूफ,  वो  टीवी  पर  न्यूज  में  देख  लेना।
इसे कहते हैं………
Experience
लुटेरे  20  लाख  रुपए  लेकर  भाग  गए।
बैंक  अधिकारी  ने  कहा:-  एफ.आई.आर.  कराएं ?
मैनेजर  बोला:- 10  लाख  और  निकाल  लो  और  जो  हमने  50  लाख  का  गबन  किया  है,  वह  भी  इस  लूट  में  जोड़  दो l
इसे कहते हैं………
Opportunity
टीवी  पर  न्यूज  आई:-  बैंक  में  80  लाख  की  लूट।
लुटेरों  ने  कई  बार रुपये  गिने,  पर  20  लाख  ही  निकले।
उनको  समझ  में  आ  गया  कि  इतने  जोखिम  के  बाद  उनको  20  लाख  ही  मिले,  जबकि  मैनेजर  ने  बैठे-बैठे  60  लाख  यूं  ही  बना  लिए  l
इसे कहते हैं………
Management.
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 पति रेडियो पर बिजी
था।                       
पत्नी : क्या सुन रहे हो?
पति :
मोदी जी के 'मन की बात।'                    
पत्नी : मेरी
तो कभी नहीं सुनते।             
पति : तुम जो करती
हो वह 'मन की बात' नहीं होती, 'मन की
भड़ास' होती है।
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बांके बिहारी बांके क्यों और बिहारी क्यों ?????
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बनठन कर रहनेवाले व्यक्ति को हिन्दी में बांका कहा जाता है.अर्थात बांका जो भी होगा वह सजीला भी होगा. कोई भी व्यक्ति या तो पैदाइशी सुंदर होता है या बनाव-श्रृंगार से सजीला बनता है. जब सजीले सलोनेपन की बात आती है तो कृष्ण की छवि ही मन में उभरती है. कृष्ण जी का एक नाम बांकेबिहारी है .
श्रीकृष्ण हर मुद्रा में बांकेबिहारी नहीं कहे जाते बल्कि "होठों पर बांसुरी लगाए", "कदम्ब के वृक्ष से कमर टिकाए" हुए,"एक पैर में दूसरे को फंसाए हुए" तीन कोण पर झुकी हुई मुद्रा में ही उन्हें बांकेबिहारी कहा जाता है.भगवान तीन जगह से टेढ़े है.होठ,कमर और पैर. इसलिए उन्हें त्रिभंगी भी कहा जाता है.भगवान श्री कृष्ण तीन जगह से क्यों टेढ़े है इसका सम्बन्ध उनकी जन्म कथा से है.
जब गोकुल में भगवान के जन्म का पता चला तो सारे ग्वाल -बाल नन्द बाबा के घर बधाईयाँ ले-लेकर आये. नन्द बाबा की दो बहनें थी, नन्दा और सुनंदा, जो लाला के जन्म से पहले ही आई हुई थी. जब बाल कृष्ण के जन्म को दो तीन घंटे हो गए तो सुनन्दा जी ने यशोदा जी से कहा - भाभी ! लाला को जन्म लिए इतनी देर हो गई, अब तक लाला को आपने दूध नहीं पिलाया.
तब यशोदा जी ने कहा - हाँ बहिन! आप ठीक कह रही हो.
सुनन्दा जी बोली - भाभी! मै प्रसूतिका गृह के बाहर खड़ी हो जाती हूँ, किसी को भी अन्दर नहीं आने दूँगी, आप लाला को दूध पिला दीजिये. इतना कहकर सुनंदा जी प्रसूतिका गृह के बाहर खड़ी हो गई.
अब यशोदा जी जैसे ही बाल कृष्ण को अपनी गोद में उठाने लगी, तो बाल कृष्ण इतने कोमल थे कि यशोदा जी की उगलियाँ उन्हें चुभी, यशोदा जी ने बहुत प्रयास किया, पर उन्हें यही लगा कि लल्ला इतना कोमल है कि मै इसे गोद में उठाऊँगी तो इसे मेरी उगलियाँ चुभ जायेगी. अब माता यशोदा जी ने लाला को तो पलग पर ही लिटा दिया और स्वयं टेढ़ी होकर लाला को दूध पिलाने लगी.
भगवान ने एक घूँट दूध पिया, दो घूँट दूध पिया, जैसे ही तीसरा घूँट पीने लगे, तो बाहर खड़ी सुनंदा जी ने सोचा बड़ी देर हो गई अब तो लाला ने दूध पी लिया होगा और जैसे ही उन्होंने खिडकी से अन्दर झाँका तो तुरंत बोल पड़ी. भाभी! लाला को प्रथम बार टेढ़े होकर दूध मत पिलाओ,जितने घूँट दूध ये पिएगा उतनी जगह से टेढ़ा हो जायेगा.
इतना सुनते ही यशोदा जी झट हट गई, तब तक् बाल कृष्ण ने तीसरे घूँट दूध भी गटक लिया. तीन घूँट दूध पीने के कारण कृष्ण तीन जगह से टेढे हो गए अर्थात "बाँके" और भगवान के जन्म कुंडली का नाम "बिहारी" था इस तरह बाँके बिहारी श्री कृष्ण का एक नाम बाँके बिहारी हुआ
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अच्छा इसके अलावा एक बात और दास ‪का छोटा सा प्रयास,
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संस्कृत में भङ्ग का मतलब भी टेढ़, तिरछा, मोड़ा हुआ, सर्पिल, घुमावदार आदि ही होता है. गौर करें भंगिमा शब्द पर. हाव-भाव के लिए नाटक या नृत्य में अक्सर भंगिमाएं बनाई जाती हैं. चेहरे पर विभिन्न हाव-भाव दर्शाने के लिए आंखों, होठों की वक्रगति से ही विभिन्न मुद्राएं बनाई जाती हैं जो भंगिमा कहलाती हैं. इसी में बांकी चितवन या तिरछी चितवन को याद किया जा सकता है जिसका अर्थ ही चाहत भरी तिरछी नज़र होता है. श्रीकृष्ण की बांकेबिहारी वाली मुद्रा को इसीलिए त्रिभंगी मुद्रा भी कहते हैं.
लेकिन हमारे बाँके बिहारी जी के कहने ही क्या है , इनकी तो हर एक अदा टेढ़ी है "तेरा टेढा रे मुकुट, तेरी टेढ़ी रे अदा" हमें तेरा दीवाना बना दिया. इस बाँके का तो सब कुछ बांका है-
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"बाँके है नंद बाबा, और यशोमती, बांकी घड़ी जन्मे है बिहारी,
बाँके कन्हैया के बाँके ही भ्रात लड़ाके बड़े हलमुषलधारी
बांकी मिली दुल्हिन जग वन्दिनी और बाँके गोपाल के बाँके पुजारी
भक्तन दर्शन देन के कारण झाँकी झरोखा में बाँके बिहारी"
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नंदबाबा और यशोदा जी भी टेढ़ी है, बाल कृष्ण का जन्म ही हो गया उन्हें पता ही नहीं , जन्म भी श्री कृष्ण का हुआ, तो रात को १२ बजे , उनके भाई बलदाऊ जी, जरा-सी बात पर ही हल मूशर उठा लेते है , और दुल्हन यानि राधा रानी वे भी बांकी है दुनिया कृष्ण के चरण दबाती है , पर हमारी राधा रानी जी, कृष्ण से ही चरण दबवाती है , और उनके पुजारी भी बाँके है. वृंदावन में भक्त तो दर्शन करने जाते है, और पुजारी जी बार-बार पर्दा लगा देते है. तो हुआ न उस बाँके का सब कुछ बांका ।.
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पति ने फेसबुक स्टेटस अपडेट किया -
15 Aug के शुभ अवसर पर,पतंग पर
अपनी पत्नी का फ़ोटो चिपकाएं और
अपने से दूर जाते देख,आनन्द लेवें।"
पत्नी ने तुरन्त कमेंट ठोका-
"और आनन्द दोगुना हो जाएगा जब
पतंग किसी पराये पतंग से पेंच लडाएंगी।"
पति  Shocked
पत्नी  Rocked
आज की नारी सब पर भारी
पंगा नही लेने का क्या .
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 एक बार एक बेसिक शिक्षा अधिकारी एक प्राइमरी स्कूल में जांच के लिए पहुंचे।
अधिकारी अध्यापक से - कौन सी क्लास चल रही है और क्या पढ़ा रहे है?
अध्यापक - सर इतिहास और रामायण पढ़ा रहे है।
अधिकारी -ओके बच्चों से पूछता हूँ !
एक लड़के से - खड़े हो नाम क्या है तुम्हारा लड़का- राजू
अधि- बताओ शिव जी का धनुष किसने तोड़ा था?
राजू- साहब भगवान कसम खा रहे पुरे गावँ में पूछ आओ हम बहुत सीधे है।हमने नहीं तोड़ा।
अधि-  चुप बैठ जा।
दूसरे से ....
तुम बताओ
बच्चा - सर हम नहीं तोड़े नहीं तोड़े। ये रामू तोड़े होगा साहब।
रामू खड़ा हुआ तुरंत- ये साला कुछ भी टूटे नाम मेरा ही आ जाता है।
अधिकारी, अध्यापक से- क्या पढ़ाते है आप किसी को नहीं पता धनुष किसने तोड़ा ?
अध्यापक - सर आप प्रिंसिपल से मिले। मै छुट्टी पे था तभी किसी ने तोड़ा होगा। वही बता सकते है।
अधिकारी सीधे प्रिंसिपल के पास गए।  ये क्या नाटक है कैसा स्कूल है? यहाँ किसी को ये नही पता की शिव जी का धनुष किसने तोड़ा था ???
प्रिंसिपल - अरे सर आए बैठे आप भी एक धनुष के लिए परेशान है। बच्चे है किसी ने तोड़ दिया होगा। पीछे नई क्लास बननी है। उसी बजट में ठेकेदार से कह के धनुष भी बनवा दूंगा। बस आप बिल पास कर देना बस।
अधिकारी बेहोश...... आज तक कोमा में है।
 

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