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Wednesday, 29 July 2015

Jokes ...........a girl's college dormitory

 उठो लाल अब आँखे खोलो
मोबाईल ऑन कर नेट टटोलो
चलो देख लो वाट्सएप पहले
कितने आए नहले दहले
देखो किसने क्या डाला है
कहाँ कितना पीला काला है
किसने फोटू कैसी पेली
बाँच रहा है कौन हथेली
कौन आज दुनिया में आया
किसने किससे केक कटाया
उठो तुम भी लिख लिख बोलो
उठो लाल अब आँखे खोलो
मोबाईल ऑन कर नेट टटोलो.
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पति के मरने के बाद अगले दिन बीवी ने पेपर में एड दिया।
"अंतिम संस्कार में शामिल हुए लोगों का धन्यवाद"
From:-  शीतल,
              उम्र--30,
              हाइट--5'-4''
              रंग--गोरा
             बच्चे नहीं हैं।
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The genesis of bureaucracy


Once upon a time there was a king who wanted to go fishing.

He called the royal weather forecaster and enquired as to the weather forecast for the next few hours.

The weatherman assured him that there was no chance of rain in the coming days.

So the king went fishing with his wife, the queen. On the way he met a farmer on his donkey. Upon seeing the king the farmer said, "Your Majesty, you should return to the palace at once because in just a short time I expect a huge amount of rain to fall in this area".

The king was polite and considerate, he replied: "I hold the palace meteorologist in high regard. He is an extensively educated and experienced professional. Besides, I pay him very high wages. He gave me a very different forecast. I trust him and I will continue on my way." So he continued on his way.

However, a short time later a torrential rain fell from the sky. The King and Queen were totally soaked and their entourage chuckled upon seeing them in such a shameful condition.

Furious, the king returned to the palace and gave the order to fire the weatherman at once!

Then he summoned the farmer and offered him the prestigious and high paying role of royal forecaster.

The farmer said, "Your Majesty, I do not know anything about forecasting. I obtain my information from my donkey. If I see my donkey's ears drooping, it means with certainty that it will rain."

So the king hired the donkey.

And so began the practice of hiring asses to work in the government and occupy its highest and most influential positions.
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सनी लियोन ने टैक्सी ड्राइवर से कहा - एयरपोर्ट चलोगे...??
ड्राइवर - हां चलूंगा...।
सनी - क्या लोगे??
ड्राइवर - गरीब आदमी हूं बहन जी, पैसे ही लूंगा...।
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मगध के सम्राट् श्रेणिक ने एक बार अपनी राज्य-सभा में पूछा कि- "देश की खाद्य समस्या को सुलझाने के लिए सबसे सस्ती वस्तु क्या है? "
मंत्रि-परिषद्  तथा अन्य सदस्य सोचमें पड़ गये। चावल, गेहूं, आदि पदार्थ तो बहुत श्रम बाद मिलते हैं और वह भी तब, जबकि प्रकृति का प्रकोप न हो।  ऐसी हालत में अन्न तो सस्ता हो नहीं सकता।  शिकार का शौक पालने वाले एक अधिकारी ने सोचा कि मांस ही ऐसी चीज है, जिसे बिना कुछ खर्च किये प्राप्त किया जा सकता है।
उसने मुस्कराते हुए कहा-
"राजन्! सबसे सस्ता खाद्य पदार्थ तो मांस है।  इसे पाने में पैसा नहीं लगता और पौष्टिक वस्तु खाने को मिल जाती है।"
सबने इसका समर्थन किया, लेकिन मगध का प्रधान मंत्री अभय कुमार चुप रहा।
श्रेणिक ने उससे कहा, "तुम चुप क्यों हो? बोलो, तुम्हारा इस बारेमें क्या मत है?"
प्रधान मंत्री ने कहा, "यह कथन कि मांस सबसे सस्ता है, एकदम गलत है।  मैं अपने विचार आपके समक्ष कल रखूंगा।"
रात होने पर प्रधानमंत्री सीधे उस सामन्त के महल पर पहुंचे, जिसने सबसे पहले अपना प्रस्ताव रखा था।
अभय ने द्वार खटखटाया।
सामन्त ने द्वार खोला।  इतनी रात गये प्रधान मंत्री को देखकर वह घबरा गया।  उनका स्वागत करते हुए उसने आने का कारण पूछा।
प्रधान मंत्री ने कहा -
"संध्या को महाराज श्रेणिक बीमार हो गए हैं।  उनकी हालत खराब है।  राजवैद्य ने उपाय बताया है कि किसी बड़े आदमी के हृदय का दो तोला मांस मिल जाय तो राजा के प्राण बच सकते हैं।  आप महाराज के विश्ववास-पात्र सामन्त हैं। इसलिए मैं आपके पास आपके हृदय का दो तोला मांस लेने आया हूं।  इसके लिए आप जो भी मूल्य लेना चाहें, ले सकते हैं।  कहें तो लाख स्वर्ण मुद्राएं दे सकता हूं।"
यह सुनते ही सामान्त के चेहरे का रंग फीका पड़ गया।  वह सोचने लगा कि जब जीवन ही नहीं रहेगा, तब लाख स्वर्ण मुद्राएं भी किस काम आएगी!
उसने प्रधान मंत्री के पैर पकड़ कर माफी चाही और अपनी तिजौरी से एक लाख स्वर्ण मुद्राएं देकर कहा कि इस धन से वह किसी और सामन्त के हृदय का मांस खरीद लें।
मुद्राएं लेकर प्रधानमंत्री बारी-बारी से सभी सामन्तों के द्वार पर पहुंचे और सबसे राजा के लिए हृदय का दो तोला मांस मांगा, लेकिन कोई भी राजी न हुआ।  सबने अपने बचाव के लिए प्रधानमंत्री को एक लाख, दो लाख और किसी ने पांच लाख स्वर्ण मुद्राएं दे दी।  इस प्रकार एक करोड़ से ऊपर स्वर्ण मुद्राओं का संग्रह कर प्रधान मंत्री सवेरा होने से पहले अपने महल पहुंच गए और समय पर राजसभा में प्रधान मंत्री ने राजा के समक्ष एक करोड़ स्वर्ण मुद्राएं रख दीं।
श्रेणिक ने पूछा, "ये मुद्राएं किसलिए हैं?"
प्रधानमंत्री ने सारा हाल कह सुनाया और बोले -
" दो तोला मांस खरीदने के लिए इतनी धनराशी इक्कट्ठी हो गई किन्तु फिर भी दो तोला मांस नहीं मिला। अपनी जान बचाने के लिए सामन्तों ने ये मुद्राएं दी हैं। अब आप सोच सकते हैं कि मांस कितना सस्ता है?"
जीवन का मूल्य अनन्त है।  .
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At a girl's college dormitory, dates were permitted only on Saturday night.
One young man showed up on a Tuesday evening, explaining to an older
woman in the lobby of the dorm that it was imperative he see a certain
young lady immediately.
"I want to surprise her. You see, I'm her brother."
"Oh, she'll be surprised all right," said the woman. "But think of how
surprised I am! I'm her mother!"

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