Thursday, 30 July 2015

कंप्यूटर गजल.

कंप्यूटर गजल.

कल जब मिले थे ..........
तो दिल मे हुआ एक साऊंड
और आज मिले है तो कहते है
यौर फाइल नोट फाउन्ड.
जो मुद्दत से होता आया है
वह रीपीट कर दूँगा.
तू न मिले तो अपनी
जिंदगी clt+alt+delect कर दूँगा.
शायद मेरे प्यार को
टेस्ट करना भूल गए.
दिल से ऐसा कट किया
कि पेस्ट करना भूल गए.
लाखो होंगे निगाहों मे.
कभी मुझे भी पिक करो.
मेरे प्यार के आईकान पे
कभी तो डबल क्लिक करो.
रोज सुबहे करते है हम
प्यार से उनको गुड मार्निंग 
और ऐसे घूर के देखते है.
जैसे हो एरर और 05 वार्निंग ..
ऐसा भी नही है की
आए डोंट लाइक यौर फेस
पर दिल के स्टोरेज मे
नो मोर डिस्क स्पेस
घर से जब तुम निकले
पहन के रेशमी गाउन
जाने कितने दिलो का हो गया
सर्वर शट डाउन.

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