Wednesday, 20 May 2015

हिंदी चुटकुले

हिंदी चुटकुले 

रेलगाडी की बर्थ पर संदूक रख कर एक व्यक्ति बैठने लगा तो पास बैठी मोटी महिला बोली, " इसे यहां से हटा लो, कहीं मेरे उपर गिर गया तो?" यात्री लापरवाही से बोला, " कोई बात नही इस मे टूटने वाली कोई चीज नही है।" 

दिल्ली जाने वाली एक बस खचाखच भर चुकी थी। एक बुढिया बस रुकवा कर चढ गई। कंडक्टर के मना करने पर उस ने कहा मुझे ज़रुरी जाना है। किसी ने बुढिया को सीट नही दी। अगले बस स्टैंड से एक युवा सुंदर लडकी बस मे चढी तो एक दिल फैंक युवक ने अपनी सीट उसे आँफर कर दी और खुद खडा हो गया। युवती ने बुढिया को सीट पर बैठा दिया और खुद खडी रही । युवक अहिस्ता से बोला, " मैने तो सीट आप को दी थी।" इस पर युवती बोली, "धन्यवाद, लेकिन किसी भी चीज पर बहन से ज्यादा मां का हक होता है।" 

एक समारोह मे नेता जी भाषण दे रहे थे, " हमें खुराक की समस्या के हल के लिए ज्यादा से ज्यादा अनाज ऊगाना चाहिए।" तभी एक शरारती उठ कर खडा हो गया और बोला." श्रीमान जी, घास उगाने के बारे मे आप का क्या विचार है?" 
नेता जी उसे बेठाने का इशारा करते हुए बोले, " पहले मैं इनसानों की खुराक के बारे में बता लूं, तुम्हारी खुराक के बारे मे बाद मे बताऊंगा।" 



पत्‍नी अपने लिए बाज़ार से एक नई ड्रैस लेकर आई तो उस ड्रैस को देखकर पति गुस्से में बोला," यह तुम क्या पारदर्शी ड्रैस उठा लाई हो, इस मे तो आर- पार सब दिखाई देता है।" पत्‍नी मुस्कुराकर बोली, " आप भी बडे भोले हो, भला जब मैं इस ड्रैस को पहन लूंगी तो आर- पार क्या दिखाई देगा?" 

कम्पनी बाग मे कोने की एक बैंच पर बैठे प्रेमी प्रेमिका प्रेम वार्तालाप मे मग्न थे। एकाएक प्रेमिका ने स्वाल कर दिया," रमन सच-सच बताओ कि क्या तुम शादी के बाद भी मुझे इसी तरह प्यार करते रहोगे?" प्रेमी चहक कर बोला, "बल्कि इस से भी ज्यादा क्योकि शादी शुदा स्त्रियां मुझे पहले से ही बहुत पसंद रही है।" 

गाँव के एक सरपंच ने वाटर सप्लाई के अफसर से शिकायत की कि, हमारे गाँव मे कई दिनो से पानी नही आ रहा है, जिसकी वजह से गाँव के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पडता है।" 

अफसर -"देखो सरपंच साहब, मै आप की बात बिल्कुल नही मान सकता कि आपके गांव मे पानी नही आ रहा है।" 

सरपंच- "क्यो नही मान सकते?" 

अफसर - क्योकि आप के गांव का दूध वाला मुझे हर रोज़ पानी मिला दूध दे कर जाता है। 


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चोर (बन्दूक तनते हुए)- "ज़िन्दगी चाहते हो तो अपना पर्स मेरे हवाले कर दो।" 

व्यक्ति - "यह लो।" 

चोर- " कितने मुर्ख हो तुम, मेरी बंदुक मे तो गोली ही नही थी। हा..हा...हा।" 

व्यक्ति - " और मेरे पर्स मे भी कहां रुपये थे। हो..हो..हो..।" 


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एक लडका साइकिल पर बडी तेज़ी से जा रहा था कि एक बूढे से टक्‍कर हो गयी तथा दोनो गिर पडे। बूढा फोरन उठा और लडके को एक रुपये देते हुए कहा, "लो बेटा! अंधो को भीख देना बडे पुण्य का काम है।" 


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क्या बात है पापा! आप हर नए साल बडे-बडे नेताओं को और अधिकारियो को ग्रिटिंग कार्ड भेजते है, जबकि वे लोग आप को जानते तक नही ?" दस साल के बेटे ने पूछा। 

अरे तू नही समझेगा बिटवा ! मुझे जब इन कार्डो के जवाब मे उन लोगो के धन्यवाद पत्र आते आते है तो मै भी उस समय अपने आप को वी० आई० पी० समझने लगता हूं।" पिता ने मुस्कुराते हुए रहस्यमयी आवाज़ मे बेटे को पते की बात बताई। 


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बेटा- "क्या बताऊ पापा, सामने वाले मकान मे एक लडकी हर रोज़ खिडकी मे से रुमाल हिलाती है पर खिडकी का शिशा कभी नही खोलती।" 

पिता- बहको मत बेटे, वह तुझे देख कर रुमाल नही हिलाती । दर असल वह इस मकान की नौकरानी है जो रोज़ खिडकी के शिशे साफ करती है। 
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मैनेजर साहब ! अब तो मेरी पगार बढा दिजिए, क्योकि मेरी शादी हो गई है।" कर्मचारी ने निवेदन किया। 


"नही, मिल के बाहर होने वाली किसी भी दुर्घटना के लिए हम ज़िमेदार नही है, मैनेजर ने मुसकुराकर जवाब दिया। 

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