Friday, 27 February 2015

Happy Holi ...............नन्द के अंगना खेलें कन्हाई



नन्द के अंगना  खेलें कन्हाई ,
हाय सखी मोये कान्हा बुलाई ,
आयें सभी  हम अष्ट सखी री ,
तब  देखें  कैसे  नाच नचाई I 

पिछली होरी बाने ख़ूब छकायौ,
मल २  चटक  रंग   लगायौ ,
ग्वाल बाल संग मिल सभी ने ,
देख री !बहुतहि नाच नचायौ I 

छुप २ छत पै जांय छिपें री ,
लें कर में सब ही पिचकारी ,
दूरहिं  तैं  देखैं  जैसे   ही ,
मोहनी मूरत  कृष्ण मुरारी I 

दस दिशाओं से वर्षा करेंगी ,
अबकी बार नहीं मौका देंगी ,
जो कहुँ कोऊ छत पै आयौ ,
पकड़ हौद में,बायै डुबायेंगी I 

बात पची नहिं राधे प्यारी ,
वो तो कान्हा पे दिल हारी ,
छल तैं कोऊ जीता ना जाय ,
छलिया तो हैं कृष्ण मुरारी I 

विनोद पट्टो जी 

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