Monday, 10 November 2014

Hindi Jokes..................आदमी का दिल कितना बड़ा होता है और औरत का कितना छोटा................

एक बार एक पजामा पहने हुए हिन्दुस्तानी से एक अंग्रेज ने पूछा, "आप का यह देशी पैंट (पजामा) कितने दिन चल जाता है?

हिन्दुस्तानी ने जवाब दिया, "कुछ ख़ास नहीं, मै इसे एक साल पहनता हूँ। उसके बाद श्रीमति जी इसको काट कर राजू के साइज़ का बना देती है। फिर राजू इसे एक साल पहनता है। उसके बाद श्रीमति जी इसको काट छांट कर तकियों के कवर बना लेती है। फिर एक साल बाद उन कवर का झाडू पोछे में इस्तेमाल करते हैं।"

अंग्रेज बोला, "फिर फेंक देते होंगे?"

हिन्दुस्तानी ने फिर कहा, "नहीं-नहीं इसके बाद 6 महीने तक मै इस से अपने जूते साफ़ करता हूँ और अगले 6 महीने तक बाइक का साइलेंसर चमकाता हूँ। बाद में मारदडी की हाथ से बनायीं जाने वाली गेंद में काम लेते हैं और अंत में कोयले की सिगडी (चूल्हा) सुलगाने के काम में लेते हैं और सिगड़ी (चुल्हे) की राख बर्तन मांजने के काम में लेते हैं।"

इतना सुनते ही अंग्रेज रफू चक्कर हो गया।
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बंता: यार संता तुम्हें पता है मैं और प्रीतो तलाक ले रहे है।

संता (हैरान होते हुए): क्यों क्या हो गया? तुम दोनों तो बहुत अच्छे से रहते हो।

बंता: जब से हम लोगों ने शादी की है तब से प्रीतो मुझे बदलने की कोशिश में लगी हुई है। सबसे पहले उसने मुझे शराब पीने से रोका, फिर सिगरेट फिर इधर-उधर आवारा घूमने से।

उसने मुझे सिखाया कि अच्छे कपड़े कैसे पहनते है, उसने मुझे संगीत और कला के प्रति रूचि आदि सब सिखाये और स्टॉक मार्केट में कैसे निवेश करना है ये सब भी उसी ने सिखाया।

संता ने कहा, "क्या तुम बस इसलिए नाराज हो कि उसने तुम्हें बदलने के लिए ये सब किया।"

बंता: अरे मैं नाराज नहीं हूँ, मैं अब काफी सुधर चुका हूँ तो अब वो मुझे अपने लायक नहीं लगती।
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आज - कल

कुछ लोग जब रात को अचानक फोन का बैलेंस ख़त्म हो जाता है इतना परेशान हो जाते हैं कि जैसे सुबह तक वो इंसान जिंदा ही नहीं रहेगा जिससे बात करनी थी।

कुछ लोग जब फ़ोन की बैटरी 1-2% हो तो चार्जर की तरफ ऐसे भागते है जैसे अपने फ़ोन कह रहे हों "तुझे कुछ नहीं होगा भाई, आँखे बंद मत करना मैं हूँ न सब ठीक हो जायेगा।"

कुछ लोग अपने फोन में ऐसे पैटर्न लॉक लगाते हैं जैसे आई एस आई की सारी गुप्त फाइलें उनके फ़ोन में ही पड़ी हों।

कुछ लोग जब आपसे बात कर रहे होते हैं तो बार बार अपने फ़ोन को जेब से निकालते हैं, लॉक खोलते हैं और वापस लॉक कर देते हैं। वास्तव में वे कुछ देखते नहीं हैं, बस ये जताते हैं कि वो जाना चाहते हैं।

और अगर कभी गलती से फ़ोन किसी दूसरे दोस्त के यहाँ छूट जाए तो ऐसा महसूस होता हैं जैसे अपनी भोली-भाली गर्लफ्रेंड को शक्ति कपूर के पास छोड़ आये हों।
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आदमी का दिल कितना बड़ा होता है और औरत का कितना छोटा।
आप खुद ही देख लीजिए।

औरत के दिल में सिर्फ़ उसके प्रेमी, अपने पति और अपने बच्चों के लिए ही जगह होती है।

आदमी के दिल में तो...

अपनी गर्लफ्रेंड
दोस्त की गर्लफ्रेंड
भाई की गर्लफ्रेंड
पड़ोसी की गर्लफ्रेंड
बीवी की सहेली
बहन की सहेली
पड़ोसन की सहेली
अपनी साली
भाई की साली
साले की साली
साली की सहेली
सामने वाली
पीछे वाली
बाजू वाली
उपर वाली
नीचे वाली
सब्जी वाली
दूध वाली
कपड़े वाली
काम वाली
और आख़िर में थोड़ी बहुत अपनी पत्नी के लिए भी जगह होती है।

सच में, आदमी का दिल बहुत बड़ा होता है।
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एक दिन पति-पत्नी के बीच झगड़ा हो गया।

पति: बस-बस, बहुत हो चुका। आज तुमने मेरा दिल तोड़ दिया है। अब मैं इस घर में तुम्हारे साथ नहीं रह सकता। आज की लड़ाई हमारी अंतिम लड़ाई है। मैं इसी वक़्त घर छोड़ कर जा रहा हूँ।

इतना कह कर पति दरवाज़े की तरफ बढ़ गया।

पत्नी: कहाँ जा रहे हो?

पति: वहाँ जा रहा हूँ, जहाँ तुम मुझे ढूंढ ना सकोगी। दूर कहीं जंगलो में, ऊँचे-ऊँचे पहाड़ों पर, विशाल समंदर पार कर।

पति ने दरवाज़ा खोला और फिर बंद कर दिया।

पत्नी: क्या हुआ, अब गए क्यों नहीं?

पति: बस यह बारिश थोड़ी कम हो जाने दो।
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एक बाबा किसी महफ़िल में गए तो वहाँ सब उनका मजाक़ उड़ाने लगे।

बाबा ने कहा, "देखो हम फ़क़ीर लोग हैं हमारा मजाक़ ना उडाएं।"

लोग फिर भी न हटे और ज़ोर-ज़ोर से हँसने लगे।

अचानक उन सब लोगों को दिखना बंद हो गया।

वो सब बाबा के क़दमो में गिर गए और प्रार्थना करने लगे, "बाबा जी हमें माफ़ कर दो।"

बाबा ने अपना जूता उतारा और सबको एक एक मारा और बोले, "कमीनों लाइट चली गई है। कोई जनरेटर चालू करो मुझे भी नहीं दिखाई दे रहा।"
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एक बार एक गाँव में तीर-अंदाज़ी की प्रतियोगिता चल रही रही थी। 3 नकाबपोश आदमी उसमे भाग लेने के लिए आये।

पहले नकाबपोश ने तीर चलाया और तीरा लक्ष्य के ठीक बीचों-बीच जाकर लगा। आदमी ने अपना नक़ाब उतारा और बोला, "मैं रॉबिन हुड हूँ।"

लोगों ने खूब तलिया बजायी और उसका स्वागत किया।

फिर दूसरे नकाबपोश ने तीर चलाया तो तीर लक्ष्य के बीच लगे रॉबिन हुड के तीर को चीरता हुआ चला गया। उसने अपना नक़ाब उतार और बोला, "मैं विलियम टेल हूँ।"

अब तीसरे आदमी ने तीर चलाया तो तीर लक्ष्य से बहुत दूर जाकर गिरा। आदमी ने अपना नक़ाब उतारा तो संता था। सभी लोग उसे घूर-घूर कर देख रहे थे तो संता बोला, "माफ़ करना दोस्तो मैं सीख रहा हूँ।"

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