Thursday, 16 October 2014

HINDI JOKES ............... बस-स्टॉप पर खड़े मनचले युवक ने एक सुन्दर युवती से कहा

पूलिस विभाग मे भर्ती की प्रक्रिया चल रही थी,
भर्ती प्रक्रिया मे मंत्री जी का साला भी भाग ले
रहा था,
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स्वभाविक था कि
सब अपनी ओर से जो कर सकते थे, करने
का प्रयास कर रहे थे
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500 मीटर की रेस पूरी हुईं,
मंत्री जी के साले साहब ने 4:30 मिनट मे, रेस
पूरी की !
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उपनिरीक्षक ने लिस्ट बनाते समय 4:00 मिनट
कर दिया
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लिस्ट जब आफिस पहुँची, तो अधिकारी ने
सोचा 4:00 मिनट मे रेस पूरी की है,
उसने उसे 3:30 मिनट कर दिया !
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इसी प्रकार लिस्ट डी.एस.पी , एस.पी, डी.आई.जी से होती हुई
आई जी के पास पहुँची तब समय
1.35 मिनट
तक हो गया था
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आई जी ने जैसे ही लिस्ट को देखा चौक पड़े
उन्होंने अपने पी ए से पूछा -
"ये कौन है जिसने 1.35 मिनट मे रेस
पूरी की ?"
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पी ए ने बताया - "सर मंत्री जी का साला है"
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आई जी बोले - "अबे भूतनी के वो सब तो ठीक है,
लेकिन विश्व रिकार्ड का तो ध्यान रखते..
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बस-स्टॉप पर खड़े मनचले युवक ने एक
सुन्दर युवती से कहा – माफ
कीजिये पर जाने क्यों मुझे
ऐसा लगता है कि मैंने पहले
भी आपको कहीं देखा है और आपसे
बातें भी की हैं ?
युवती मीठे स्वर में शरमाते हुए
बोली – जी हाँ, आप एक
पूरी रात के लिए मेरे मेहमान रह
चुके हैं ! आपको शायद इसलिए ठीक
से याद नहीं आ रहा क्योंकि उस
रात आपने बहुत
ज्यादा पी रखी थी …!
युवक नज़दीक आकर , उत्साहित
होकर बोला – “अच्छा ! .. कब ?
कहां ?”
युवती – “यही कोई तीन महीने
पहले की बात है ! ….
पतली गली थाने की हवालात
में रात भर
आपकी खातिरदारी मैंने
ही तो की थी , ! …. मैं
वहाँ की सब-इंस्पेक्टर हूँ ना !”
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बाबा रामदेव शराबखाने के 
बाहर शराब की बुराइयां 
बता रहे थे 
एक शराबी बोला कि बाबा 
आपने चक्खी है कभी ?
नहीं कभी नहीं - बाबा ने 
कहा 
आप एक बार पी कर देखो 
फिर आप कहोगे तो मैं पीना 
छोड़ दूंगा - शराबी बोला
रामदेव ने कहा कि ठीक है 
लेकिन मुझे चाय के कप 
में देना ,कही लोगों पर गलत
सन्देश न जाए
शराबी अन्दर जाकर बार 
टेंडर से बोला - दो पैग रम
के, चाय वाले कप में दो ।
बार टेंडर तुरंत बोला कि 
अरे बाबा रामदेव फिर आ 
गए क्या ???
न ...न ..हँसना मत ...-)
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'पादना' बुरी बात नहीं है भाई!!

आज में ऐसे विषय पर बात कर रहा हूँ जो इंसान के इस पृथ्वी पर आगमन के समय से ही सदा बेहद उपयोगी परन्तु बेहद उपेक्षित विषय रहा है, और जिसका नाम लेना भी उसी तरह असभ्यता समझी जाती है।
इसको बच्चा बच्चा जानता है..?
क्योंकि पाद ऐसा होता है जो शुरु से ही बच्चों का मनोरंजन करता है ।
और इसीलिये बच्चे कहीं भी पाद देते हैं..?? तब उन्हें बङे सिखाते हैं कि बेटा यूँ अचानक कहीं भी पाद देना उचित नहीं हैं..??
अब इन बङों को कौन सिखाये कि पादा भी क्या अपनी इच्छा से जाता है..?? अरे वो तो खुद ही आता है।
अगर प्रधानमंत्री को भरी सभा में पाद आये तो पादेंगे नहीं क्या..? इसलिये पाद पर किसी तरह का नियंत्रण संभव ही नहीं है ।
आपका यदि डाक्टरी चेकअप हो । तो ध्यान दें। डाक्टर ने आपसे यह सवाल भी अवश्य किया होगा कि पाद ठीक से आता है... ?
क्योंकि डाक्टर जानता है कि पाद चेक करने की अभी तक कोई अल्ट्रासाउंड या एम.आर. आई. जैसी मशीन नहीं बनी...?
ये तमाम चूरन - चटनी हाजमोला जैसी गोलियों का करोङों रुपये का कारोबार केवल इसी बिन्दु पर तो निर्भर है कि जनता ठीक से पादती रहे ?
यदि आपको दिन में 4 बार और रात को लगभग 10 बार अलग अलग तरह के पाद नहीं आते । तो आपके ये पाउडर लिपिस्टिक सब बेकार है ।
क्योंकि अन्दर से आपका सिस्टम बिगङ रहा है।
यदि लिवर ही ठीक से काम नहीं कर रहा तो अन्य अंगो को पोषण कहाँ से मिलेगा ।
इसलिये पादने में संकोच न करें और खूब पादें।
क्योंकि पादना बुरी बात नहीं है भाई..?

पादों के प्रकार

पादों के पांच प्रकार होते हैं:-

1- पादों का राजा है "भोंपू" हमारे पूर्वज इसे उत्तम पादम् कहते थे।यह घोषणात्मक और मर्दानगी भरा होता है।इसमें आवाज मे धमक ज्यादा और बदबू कम होती है।अतएव
जितनी जोर आवाज उतना कम बदबू

2- 'शहनाई' - हमारे पूर्वजो ने इसे
मध्यमा ही कहा है।
इसमें से आवाज निकलती है ठें ठें या कहें पूंऊऊऊऊऊ

3- 'खुरचनी'- जिसकी आवाज पुराने कागज के सरसराहट जैसी होती है। यह एक बार में नई निकलती है। यह एक के बाद एक कई 'पिर्र..पिर्र..पिर्र..पिर्र' की आवाज के साथ आता है।
यह ज्यादा गरिष्ठ खाने से होता है।

4- 'तबला' - तबला अपनी उद्घोषणा केवल एक फट के आवाज के साथ करता है।।तबला एक खुदमुख्तार पाद है क्योंकि यह अपने मालिक के
इजाजत के बगैर ही निकल जाता है। अगर बेचारा लोगों के बीच बैठा हो तो शर्म से पानी-पानी हो जाता है।

5- 'फुस्कीं' - यह एक निःशब्द 'बदबू बम ' है ।
चूँकि इसमें आवाज नई होती है इसलिए ये पास
बैठे व्यक्ति को बदबू का गुप्त दान देने के लिए बढ़िया है और दान देने वाला अपने नाक को बंद कर के मैने नई पादा है का दिखावा बङे
आसानी से कर सकता है । लेकिन गुप्त दान देने के बाद जापानी कहावत "जो बोला , सो पादा"

याद रखते हुए लोगों को खुद ही दाता को ताङने दीजिए । आप मत बोलिए।
अब अपने पाद की श्रेणी निर्धारित करते हुए पाद का आनन्द उठाइये।:-)
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i said my family that i want samsung Note 4
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then they said PAGALE utne paise me
BAJAJ DISCOVER BIKE + 6 mahine ka Petrol + diwali ke
liye Kapde
ajayege
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fir mene Socha ha yaar kabhi kabhi Family wale bhi
samajdari ki batein kar lete hai
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एक बे एक चौधरी ने बैंक ते कर्जे का जुगाड़ करके ट्रेक्टर-ट्राली खरीद ली अर सीधी ले जा के पेंटर की दुकान पे खडी कर दी,,
अर उस ने आपणी ट्राली के पाछे जो कुछ
लिखवाया वो न्यू है...
~» जान रही तो बार बार मिलांगे अर नि ते फेर हरिद्वार मिलांगे,,
~» जगहा मिल पे भी साइड देन की गारंटी ना है,,
~» गाड्डी थारे फुफे की नजर लगावेगा,जूत खावेगा अर दांत तुडावेगा,,
~» चाल मेरी गाड्डी तेरा हनुमान राखा,,
~» चौधरी ने फिकर ना साक्के की ना फाक्के की,,
~» एक साइड हो ले थारा फूफा आ रा सै॥


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