Saturday, 18 October 2014

डाक्टरों का मुशायरा::::

डाक्टरों का मुशायरा::::



एनाटमी...
तेरी आँख का जो यूं ही इशारा न होता
लैफ्ट लेटरल टू स्टर्नम दिल हमारा न होता

कार्डियोलाजिस्ट....
देखकर तुझको कुछ एसा असर आता है
दिल में डब्ल्यू पी डब्ल्यू सिन्ड्रोम उतर आता है

जनरल सर्जन...
वो जो भूखे हैं और मांगते रहते हैं इसकी दवा
लौप्रोस्कोपी में कुछ न मिला ओब्स्ट्रक्शन के सिवा

पैथोलाजिस्ट...
फिजाओं में ये कैसी तल्खी औ मिलावट है
wbc रेस्ड है और platelets में गिरावट है

आई सर्जन....
आंखों के रास्ते दिल में उतरना चाहता हूं
तू ठहर जरा फन्डोस्कोप लेके आता हूं

Anatomy...
छुरी लिये वो उधर, मैं सामने खड़ा था
ग़नीमत ये थी, बीच में कैडेवर पड़ा था

Forensic medicine....
जो फ़ना हुआ इश्क में, उसका क्या होगा
कारण पता सही, विसरा भी प्रिजर्व होगा

Ultrasonlogist...
तू समझता रहा जिसको दिल की लगी प्यारे
हिपैटोमिगैली है वो, अरे ओ मुहब्बत मारे

Obs.& Gyn.....
यकीन कर मां तो तू बन ही जायेगी
नार्मल न सही, सिजेरियन तो करायेगी

Ortho........
हाय कैसी टूटी ये नाज़ुक नरम कलाई है
कौलीज़ है इसीलिये प्लेट भी लगाई है

Neurophy....:
बदन में थरथरी, हाथ कंपकंपा रहे थे
उसको वो अर्ली सीज़र्स नज़र आ रहे थे

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