Popads

Thursday, 25 September 2014

Faadu love Hindi Shayri....... Enjoy and use it my lover friends ...............

तेरी बेरुखी ने छीन ली है शरारतें मेरी
और लोग समझते हैं कि मैं सुधर गया हूँ ..!!



न जाने इतनी मोहब्बत कहाँ से आ गयी
उस अजनबी के लिए ,
की मेरा दिल भी उसकी खातिर अक्सर
मुझसे रूठ जाया करता हे ..!!



महफील भी रोयेगी, हर दिल
भी रोयेगा ,
ङुबी जो मेरी कस्ती तो साहील भी रोयेगा ;
हम इतना प्यार बीखेर देगे इस दुनीया मे के,
मेरी मौत पे मेरा कातील
भी रोयेगा..



फ़रिश्ते ही होंगे जिनका इश्क मुकम्मल होता है ,
हमने तो यहाँ इंसानों को बस बर्बाद होते देखा है !



सिर्फ तूने ही कभी मुझको अपना न समझा ,
जमाना तो आज भी मुझे तेरा दीवाना कहता है



हो सकती है
जिंदगी में मोहब्बत दोबारा भी……
बस हौंसला चाहिए
फिर से बर्बाद होने का…!!


दुश्मन के सितम का खौफ नहीं हमको,
हम तो दोस्तों के रूठ जाने से डरते हैं……!!



नवाबी तो हमारे खुन मे है पर पता नही
ये  दिल कैसे तेरी गुलामी करना सीख गया..!!



“दुवा” कभी खाली नही जाती….
बस लोग ईन्तजार नही करते….!!!



तू हकीकत-ए-इश्क है या कोई फरेब..
ज़िन्दगी में आती नहीं, ख़्वाबों से जाती नहीं…!!



आज़ाद कर दिया हे हमने भी उस पंछी को …,

जो हमारी दिल की कैद में रहने को तोहीन समजता था ..।



ख्वाहिश नहीं मुझे मशहुर होने की..
आप मुझे पहचानते हो बस इतना ही काफी हैं।



पढ़ रहा हुं मैं इश्क की किताब
अगर बन गया वकील तो ,
बेवफओं की खैर नही…।



जो दिल के आईने में हो वही हे प्यार के काबिल ,
वरना दिवार के काबिल तो हर तस्वीर होती हे ।



अमीर तो हम भी बहुत थे,
पर दॊलत सिर्फ दिल की थी……

खर्च भी बहुत किया ए दोस्त,
पर दुनिया मे गिनती सिर्फ नोटों की हुई..!!



अब मायूस क्यु हे उसकी बेवफाई से दोस्त ,
तुम ही तो कहते थे वो जुदा हे सबसे !!


तुम तो डर गए एक ही कसम से….,
हमे तो तुम्हारी कसम देकर हजारो ने लुटा हे …!!


किसी से जुदा होना अगर इतना आसान होता ,
तो….
जिस्म से रूह को लेंने कभी फरिस्ते ना आते  !!


अपने हसीन होठो को किसी परदे में
छुपा लिया करो,
हम गुस्ताख़ लोग हे, नजरो से चुम 
लिया करते हे…!!



इसी बात से लगा लेना मेरी शोहरत का अन्दाजा…
वो मुझे सलाम करते है, जिन्हे तु सलाम करता हैं !!



मेरे जज़्बात से वाकिफ हे मेरी ये कलम ,
मैं प्यार लिखू तो तेरा नाम लिखा जाता हे ।


मैनें भी बदल दिये हैं ऊसूल ए जिन्दगी;
अब जो याद करेगा, सिर्फ़ वो ही याद रहेगा;….!!



बस ऐक चहेरे ने तन्हा कर दिया हमे,
वरना हम खुद ऐक महेफिल हुआ करते थे…..!!!



हमसे मोहब्बत का दिखावा न किया कर,
हमे मालुम है तेरे वफा की डिगरी फर्जी है ..!!



उससे कह दो कि मेरी सज़ा कुछ कम कर दे,
हम पेशे से मुज़रिम नहीं हैं बस गलती से इश्क हुआ था…

No comments:

Post a Comment