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Friday, 12 September 2014

हिंदी के मज़ेदार, रोचक नए चुटकुले।। हसियें और हंसाइए

हिंदी के मज़ेदार, रोचक  नए चुटकुले।। हसियें और हंसाइए 




एक नवविवाहित डाक्टर अपनी पत्नी के साथ सैर पर निकला।
सामने से आती हुई एक सुंदर युवती ने मुस्कुराकर डॉक्टर का अभिवादन किया।
यह देखकर डॉक्टर की पत्नी जल-भुनकर गई।
उसने अपने पति से पूछ ही लिया, ‘इसे आप कैसे जानते हैं?’
‘पेशे के सिलसिले में…’ डाक्टर ने लापरवाही से जवाब दिया।
पत्नी ने पूछा, ‘आपका पेशा या उसका?’
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बॉस अपनी सेक्रेटरी से- तुम आज फिर आधे घंटे देर से आयी हो, क्या तुम्हें मालूम नहीं कि यहां पर काम कितने बजे से शुरू होता है?
सेक्रेटरी बोली- मालूम नहीं सर, जब भी मैं यहां आती हूं तो लोगों को काम करते हुए ही पाती हूं.

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रमेश ने अपने बॉस से कहा, “सर, मुझे छुट्टी चाहिए ताकि मैं अपनी बीबी के काम में हाथ बंटा सकूं.”
बॉस ने कहा, “मुझे अफसोस है मगर अभी कोई छुट्टी नहीं मिलेगी.. “
रमेश – “धन्यवाद सर, मैं जानता था कि मुसीबत में आप ही मेरी मदद करेंगे.”

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बॉस ग़ुस्से में: तुमने कभी उल्लू देखा है?
कर्मचारी (सर झुकाते हुए): नहीं सर .
बॉस: नीचे क्या देख रहे हो ? मेरी तरफ देखो.

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तुनकमिजाज बीवी का मूड अच्छा करने के लिए पति को एक आइडिया सूझा।
उसने अपने बर्थ-डे पर पत्नी के गिफ्ट की गई दो शर्ट में से एक चुनी।
उसने एक शर्ट पहना और अपनी वाइफ के सामने जाकर खड़ा हो गया।
पत्नी जोर से बोली- अच्छा तो वो रेड कलर का शर्ट तुम्हें पसंद नहीं आया, इसलिए नहीं पहना ना…!

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पत्नी ने अपने पति से कहा कि वह जुआ न खेले।
पतिः युधिष्ठिर भी तो जुआ खेलते थे, फिर तुम मुझे क्यों रोकती हो?
पत्नीः ठीक है, नहीं रोकूँगी लेकिन ये याद रखना कि द्रौपदी के भी पाँच पति थे…

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पतिः जब भी मैं पिताजी की तलवार देखता हूँ तो मेरा लड़ाई पर जाने को दिल चाहता है…
पत्नीः तो जाते क्यों नहीं?
पतिः क्या करूँ, इसके तुरंत बाद उनकी नकली टाँग की याद आ जाती है।

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टिकट चेकर संता से बोलाः अपना टिकट दिखाओ?
संताः यह रहा…
टिकट चेकरः यह? ….पर यह तो लिफाफे में लगाने वाला टिकट है?
संताः तो क्या हुआ… जब यह लिफाफा इस टिकट के सहारे पूरी दुनिया में घूम सकता है, तो क्या मैं इस टिकट से यह शहर नहीं घूम सकता?

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संताः बंता यार, तूने तो कहा था कि यहां घुटने-घुटने तक पानी है लेकिन मैं तो डूबने वाला था…
बंताः बात यह है कि मैं तो यहां नया आया हूं। मैंने सुबह बत्तखों को इस पानी से गुजरते हुए देखा था। उनके तो घुटने-घुटने तक ही पानी था….

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एक बार संता की 20 लाख की लाटरी निकली।
संता लाटरी वाले के पास गया।
नंबर मिलाने के बाद लाटरी वाले ने कहा, ‘ठीक है सर, हम आपको अभी एक लाख रूपए देंगे और बाकी के 19 लाख आप अगले 19 हफ्तों तक ले सकते हैं।
संताः नहीं, मुझे तो पूरे पैसे अभी चाहिए नहीं तो आप मेरे पांच रूपए वापस कर दीजिए।

संताः क्या तुम बिना खाना खाए जीवित रह सकते हो?
बंताः नहीं।
संताः लेकिन मैं रह सकता हूं।
बंताः कमाल है यार, मगर कैसे?
संताः नाश्ता करके और कैसे!

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संताः अरे यार तुम्हारे दांत कैसे टूट गए?
बंताः हंसने के कारण।
संताः मैं समझा नहीं?
बंताः कुछ नहीं यार कल मैं एक पहलवान को देखकर हंस रहा था।

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संताः भारतीय और अमेरिकी सभ्यता में अंतर बताओ?
बंताः जन्मदिन के अवसर पर जिन शब्दों का प्रयोग भारतीय करते हैं, उन्हीं शब्दों का प्रयोग अमेरिकी विवाह के समय करते हैं।
संताः ऐसे कौन से शब्द हैं?
बंताः हमारी दुआ है कि यह दिन बार-बार आए…

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बंताः ऐसा लगता है कि वो लड़की ऊंचा सुनती है। मैं कुछ कहता हूं वो कुछ और ही बोलती है।
संताः वो कैसे?
बंताः मैने कहा आई लव यू, तो वह बोली मैंने कल ही नए सैंडल खरीदे हैं…

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संता एक बियावान जगह में बैठा रो रहा था।
बंता ने पूछाः यार संता तुम क्यों रो रहे हो?
संताः यार एक लड़की को भूलने की कोशिश कर रहा हूं।
बंताः इसमें रोने की क्या बात है?
संताः जिस लड़की को भूलने की कोशिश कर रहा हूं, उसका नाम याद नहीं आ रहा…

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रमेशः तुम तो कहते हो कि तुम्हारा कुत्ता तुमसे ताश में बहुत कम हारता है… लेकिन अब तो वह तुमसे लगातार हार रहा है।
सुरेश: अब मैं इसे चालाकी से हराता हूं।
रमेशः वह कैसे?
सुरेशः यह अच्छे पत्ते आते ही पूंछ हिलाने लगता है….

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दो कुत्ते पहली बार फिल्म देखने गए।
सिनेमाहाल में धर्मेंद्र की फिल्म लगी थी।
फिल्म शुरु हो चुकी थी।
पहले कुत्ते ने अपने दोस्त को टिकट देकर हाल में जाने को कहा।
वह खुद भी हॉल की तरफ बढ़ा तभी दूसरा कुत्ता वापस भागता हुआ नजर आया।
‘क्या हुआ?’ पहला कुत्ता भौंका।
‘अरे यार, जल्दी से भागो… अभी मैं हाल के भीतर गया था तो वहां से आवाज आ रही थी ‘कुत्ते मैं तेरा खून पी जाऊंगा!’

******************************

‘शोले’ फिल्म की बहुत तारीफ सुनकर सड़क पर घूमने वाले दो कुत्ते भी फिल्म देखने पहुंचे।
मगर फिल्म पूरी खत्म होने से पहले ही वे नाराज होकर चले आए।
बाहर उनके एक साथी कुत्ते ने पूछा, ‘क्या हुआ? पूरी फिल्म क्यों नहीं देखी?’
‘यार, फिल्म का हीरो कह रहा था- बसंती, इन कुत्तों के सामने मत नाचना।’

संता मुंबई घूमने गया।
गेटवे ऑफ इंडिया पर खड़े होकर वह कबूतर देखने लगा।
वहां पुलिस की वर्दी में एक ठग ने उसे टोका।
‘क्या तुम्हे पता नहीं है कि यहां कबूतर देखने के भी पैसे लगते हैं। कितने कबूतर देखे?’
संता ने जवाब दिया: जी पंद्रह।
ठग संता सिंह से पंद्रह रुपए लेकर चलता बना।
वापस लौट कर संता सिंह ने अपनी पत्नी से कहा: मैंने मुंबई में एक पुलिस वाले को ठग लिया।
पत्नी ने पूछा_ कैसे?
संता सिंह ने जवाब दिया: मैंने वहां पच्चीस कबूतर देखे लेकिन रुपए पंद्रह कबूतर के ही दिए।

संताः यार पेट्रोल के दाम फिर बढ़ गए हैं।
बंताः क्या फर्क पड़ता है यार मैं तब भी सौ रुपए का पेट्रोल डलवाता था और आज भी उतने का ही डलवाता हूं…

संता (अपनी प्रेमिका से): अगर तुम्हारे पिता ने हमारी शादी नहीं होने दी तो मैं जहर खा लूंगा और फिर भूत बनकर उनको डराया करूंगा।
प्रेमिकाः कोई फायदा नहीं मेरे पिता भूत-प्रेतों पर विश्वास नहीं करते।

सर्किटः भाई, बोले तो पहले तो सिर्फ रात को ही मच्छर काटते थे, अब तो दिन में भी काटने लगे हैं।
मुन्नाभाईः अबे सर्किट, तूने ये रिसेशन के बारे में नहीं सुना क्या? पूरे वर्ल्ड में मंदी की मार ऐसी है कि इंसान तो क्या, अब मच्छरों को भी दिन-रात काम करना पड़ रहा है।

मुन्नाभाईः अबे सर्किट, तेरे हाथ पर पट्टी कैसे बंधी है?
सर्किटः कुछ मत पूछो भाई, अपुन का मोटर एक्सीडेंट हो गया था।
मु्न्नाभाईः अरे इतनी चोट आ गई?
सर्किटः नहीं बॉस, मुझे तो खरोंच भी नहीं लगी परंतु उधर से एक गुजर रहा था, उसको जरूर लग गई।
मुन्नाभाईः अबे खरोंच भी नहीं लगी तो हाथ पर पट्टियां कैसी हैं?
सर्किटः क्या बोलूं मु्न्नाभाई, कल वही आदमी अपुन को रस्ते में दोबारा मिल गया।

मुन्नाभाईः अबे सर्किट, तुझे मैंने लिफाफे पर चिपकाने वाले टिकट खरीदने के लिए पैसे दिए थे, फिर पैसे वापस कैसे ले आया?
सर्किटः बॉस, तुम भी कहोगे कि अपुन के पास क्या माइंड है, कोई देख नहीं रहा था, इसलिए अपुन बिना टिकट लगाए लिफाफा लेटर बॉक्स में छोड़ आया।

रमेशः तुम तो कहते हो कि तुम्हारा कुत्ता तुमसे ताश में बहुत कम हारता है… लेकिन अब तो वह तुमसे लगातार हार रहा है।
सुरेश: अब मैं इसे चालाकी से हराता हूं।
रमेशः वह कैसे?
सुरेशः यह अच्छे पत्ते आते ही पूंछ हिलाने लगता है….

दो कुत्ते पहली बार फिल्म देखने गए।
सिनेमाहाल में धर्मेंद्र की फिल्म लगी थी।
फिल्म शुरु हो चुकी थी।
पहले कुत्ते ने अपने दोस्त को टिकट देकर हाल में जाने को कहा।
वह खुद भी हॉल की तरफ बढ़ा तभी दूसरा कुत्ता वापस भागता हुआ नजर आया।
‘क्या हुआ?’ पहला कुत्ता भौंका।
‘अरे यार, जल्दी से भागो… अभी मैं हाल के भीतर गया था तो वहां से आवाज आ रही थी ‘कुत्ते मैं तेरा खून पी जाऊंगा!’

‘शोले’ फिल्म की बहुत तारीफ सुनकर सड़क पर घूमने वाले दो कुत्ते भी फिल्म देखने पहुंचे।
मगर फिल्म पूरी खत्म होने से पहले ही वे नाराज होकर चले आए।
बाहर उनके एक साथी कुत्ते ने पूछा, ‘क्या हुआ? पूरी फिल्म क्यों नहीं देखी?’
‘यार, फिल्म का हीरो कह रहा था- बसंती, इन कुत्तों के सामने मत नाचना।’

संता सिंह की नई नौकरी लगी।
पहले दिन संता ने बहुत देर तक काम किया।
देर रात तक उसकी टेबल से खटर-पटर की आवाज आती रही।
संता का बॉस उससे बड़ा खुश हुआ।
अगले दिन बॉस ने संता को अपने केबिन में बुलाकर पूछाः कल तुमने देर रात तक क्या किया?
संताः कुछ नहीं सर, दरअसल की-बोर्ड के एल्फाबेट्स क्रम में नहीं थे… उन्हीं को ठीक कर रहा था।

बंता (संता दुकानदार से): तुमने मुझे धोखा दिया।
संता दुकानदारः वो कैसे?
बंताः तुमने कहा था यह रेडियो अमेरिका का बना है, मगर जब मैंने इसे चलाया तब इसमें से आवाज आई, ‘…यह है ऑल इंडिया रेडियो!’

संता और बंता गाना गा रहे थे।
संता खड़े हो कर गाना गा रहा था वहीं बंता शीर्षासन में गाना गा रहा था।
तभी वहां से एक आदमी गुजरा।
वह उन दोनों को देख हैरान हो गया।
उसने संता से पूछाः भई ये सिर के बल खड़ा होकर गाना क्यों गा रहा है?
संताः अरे बुद्धु इतना भी नहीं समझे! ये मैं साइड ए गा रहा हूं और ये साइड बी।

संता अपने मित्र बंता से बहुत नाराज था।
उसने बंता से कहाः तुम दूसरों से यह क्यों कहते फिरते हो कि मैं मूर्ख हूं?
बंताः माफ करना यार, मुझे यह नहीं मालूम था कि यह बात गुप्त रखनी है।

संताः कल मेरा बेटा आ रहा है।
बंताः …लेकिन उसे तो पांच साल की सजा हुई थी।
संताः हां, लेकिन उसके अच्छे व्यवहार के कारण उसकी सजा का एक साल माफ कर दिया गया है।
बंताः बहुत अच्छा! भगवान ऐसी औलाद सबको दे…

संताः मुझे रात भर नींद नहीं आई।
बंताः क्यों नहीं आई?
संताः कल रात भर नींद में मैं यही सपना देखता रहा कि मैं जाग रहा हूं।

संताः भाई संता, तुम इतने दिन से नजर नहीं आ रहे थे, कहीं बाहर गए थे।
बंताः हां, मैं श्रमदान करने गया था।
संताः मैं समझा नहीं।
बंताः दरअसल, मुझे छह महीने का सश्रम कारावास मिला था।

संता-बंता एक कार में बम लगा रहे थे।
संताः अगर बम लगाते समय यह ब्लास्ट कर गया तो?
बंताः अरे तो क्या हुआ मेरा पास एक और बम है।

अमेरिकीः हमारे यहां नब्बे प्रतिशत शादियां ईमेल से होती है।
संताः क्या बात कर रहे हो! हमारे यहां तो सौ फीसदी शादियां फीमेल से ही होती हैं।

बंताः ऐसा लगता है कि वो लड़की ऊंचा सुनती है। मैं कुछ कहता हूं वो कुछ और ही बोलती है।
संताः वो कैसे?
बंताः मैने कहा आई लव यू, तो वह बोली मैंने कल ही नए सैंडल खरीदे हैं…

संता एक बियावान जगह में बैठा रो रहा था।
बंता ने पूछाः यार संता तुम क्यों रो रहे हो?
संताः यार एक लड़की को भूलने की कोशिश कर रहा हूं।
बंताः इसमें रोने की क्या बात है?
संताः जिस लड़की को भूलने की कोशिश कर रहा हूं, उसका नाम याद नहीं आ रहा…

संताः मुझे अपनी गर्लफ्रेंड को कोई गिफ्ट देना है, क्या दूं?
बंताः यार ऐसा कर की गोल्ड रिंग दे दे।
संताः कोई बड़ी चीज बता!
बंताः …तो फिर गोल्ड रिंग जाने दे, एमआरएफ का टायर दे दे।

संता डाकूः सुन या तो तू अपनी जान देगा, या फिर वह सारा रुपया जो पोटली में दबाकर ले जा रहा है।
बंता (संता डाकू से) नहीं जी, तुम मेरी जान ही ले लो, रुपया तो मैंने बुढ़ापे के लिए रख छोड़ा है।

संताः यार आज पहली बार अलार्म घड़ी से मेरी आंख खुली।
बंताः वह कैसे?
संताः मेरी बीवी ने उसे मेरे सिर पर फेंक मारा था..

संता आइने के सामने आंखें बंद करके खड़ा था।
संता की बीवी ने पूछाः अरे, यह क्या कर रहे हो?
संताः मैं जानना चाह रहा हूं कि मैं सोते समय कैसा दिखता हूं।

संताः यार सुना है तुमने नया नावेल छपवाया है?
बंताः हां यार, ठीक सुना है तुमने।
संताः कुछ बिका कि नही?
बंताः हां मेरी अंगूठी, साइकल और बीवी की चूड़ियां।

संताः (बंता से) तुम कौन-कौन सी भाषाएं बोल और लिख सकते हो?
बंताः मैं चार भाषाएं अच्छी तरह बोल और लिख सकता हूं।
संताः अच्छा कौन-कौन सी?
बंताः हिंदी, देवनागरी, हिंदुस्तानी और राष्ट्रभाषा।

संताः तुम जानते ही हो कि मैं कितनी मेहनत करके नीचे से ऊपर आया हूं।
बंताः क्यों नहीं, पहले तुम बूट पॉलिश किया करते थे और अब सिर पर तेल मालिश का काम करते हो।

संताः बचपन में मैं एक बार दूसरी मंजिल की छत से नीचे गिर गया था…
बंताः फिर क्या हुआ? तुम मर गए या जिंदा बचे?
संताः बहुत पुरानी बात है यार.. अब याद नहीं…

बंता और उसकी बीवी बहुत देर से झगड़ रहे थे।
संताः यार हद हो गई, लड़े जा रहे हो, लड़े जा रहे हो… आखिर कोई वजह भी तो होगी?
बंता की बीवीः अब इतनी देर से लड़ रहे हैं तो वजह थोड़ी ही याद रह जाएगी!

संता को नींद में चलने की बीमारी लग गई।
एक दिन वह छत पर सोया हुआ था और नींद में ही चलने लगा।
नतीजा यह हुआ कि वह सीधा छत से नीचे आ गया।
वहां पर लोगों की भी़ इकट्ठी हो गई।
एक आदमी ने पूछाः क्या हुआ?
संताः पता नहीं क्या हुआ.. मैं भी अभी-अभी यहां पहुंचा हूं।

संताः काम वाली शांति को बुलाऊं?
पत्नीः क्यों?
संताः डॉक्टर ने कहा है, रात में दवा खाने के बाद शांति के साथ सो जाना।

संताः एक खेत को 6 मजदूर दो दिन में जोतते हैं। तीन मजदूर कितने दिन में जोतेंगे?
बंताः तुम पागल हो क्या, जूते हुए खेत को फिर क्यों जोते?

संताः बंता मैं तुम्हारे एटीएम का पासवर्ड जान गया हूं।
यह सुनकर बंता टेंशन में आ गया….
बंताः अच्छा, जरा बताना क्या है मेरा पासवर्ड?
संताः चार स्टार है..
बंताः नहीं, मेरा पासवर्ड तो 2321 है।

मुन्नाभाईः बापू…..बोले तो अपुन को आज कल एक प्राब्लम हो गएला है…
बापू :बोलो मुन्ना, दिल खोल के बोलो…

मुन्नाभाई: अपुन को आज कल ….. बोले तो ऑरकुट पर कोई स्क्रैप नहीं करता…
…साला सब लोग गायब हो गयेले हैं!!

बापू: ऐसे नहीं बोलते मुन्ना। मेरे पास इस का हल है. रास्ता मुश्किल है लेकिन जीत पक्की है.
मुन्ना भाई :जल्दी बोलो ना बापू, अगर तुमको कान्फीडेंस है तो अपुन ज़रुर करेगा।

बापू: तो सुनो….. तुम स्क्रैप करते रहो…. तब तक करते रहो…. जब तक तुम्हे कोई स्क्रैप नहीं करता.
कभी तो उनका ह्रदय परिवर्तन होगा. वो भी तुम्हे सक्रैप करेगा….

मुन्नाभाई: ओये सर्किट यह बल्ब के उपर बाप का नाम क्यों लिख रहा है ?
सर्किट: अरे भाई, बाप का नाम रोशन कर रएला हूं।

सर्किट: मुन्नाभाई, आज अपने बचपन का दोस्त आ रेला है, रात को डिनर पे।
मेरा सारा चेन कलेक्शन अपने कमरे में छुपा लो ना प्लीज़ !
मुन्नाभाई: क्यों बे, तेरा दोस्त कोई चोर है क्या?
सर्किट: नहीं भाई, वह अपनी चेन पहचान लेगा!

पत्नी (पति से)- चलो ना आज बाहर चलते हैं, कार मैं चलाऊंगी।
 पति- मतलब जाएंगे कार में और आएंगे अखबार में..

संता सिंह पेराशूट बेच रहा था.. हवाई जहाज से कूदो, बटन दबाओ और जमीन पर सुरक्षित पहुंच जाओ..
ग्राहक- अगर पेराशूट नही खुला तो?

 संता- तो पैसे वापिस कर दूंगा..

लड़ाई में पठान ने बुलेट प्रूफ जैकेट की जगह मच्छरदानी पहन रखी थी..
पूछने पर पठान बोला- जिसमें मच्छर नही घुसता उसमें गोली कैसे घुसेगा।

पुत्र- पापा आपको याद है आपने कहा था कि अगर तुम पास हो गये तो तुम्हे 5000 रुपये दूंगा..
 पिता- हां मुझे याद है।

 पुत्र- आपके लिए एक अच्छी खबर है.आपके 5000 रुपये बच गए।



 रामू- डॉक्टर साहब प्लास्टिक सर्जरी करवाने में कितना खर्चा आयेगा।
 डॉक्टर- 5 लाख

 रामू- अगर प्लास्टिक हम दें तो..?

बंता (संता से)- अरे यार तुम हर एसएमएस को दो बार क्यों भेजता है?
 संता (बंता से)- क्योंकि अगर तुझे एक फोरवर्ड करना पड़े तो दूसरा तेरे पास रहे।



संता धीरे-धीरे कुछ लिख रहा था।
 संता (बंता से)- इतने धीरे क्या लिख रहे हो?

 बंता (संता से)- अपने सात साल के बेटे पत्र लिख रहा हूं वो अभी छोटा है वो तेज नहीं पढ़ सकता ना।



संता (बंता से)- यार कल ट्रेन में मैं सारी रात सो नहीं पाया।
 बंता (संता से)- क्यों?

 संता (बंता से)- अरे वो ऊपर की बर्थ जो मिली थी।

 बंता (संता से)- तुमने बदली क्यों नहीं?

 संता (बंता से)- अरे नीचे की बर्थ में कोई था ही नहीं बदली करने को।



संता सिंह बनियान खरीदने दुकान पहुंचा।
 संता सिंह (दुकानदार से)- ये बनियान कितने की है?

 दुकानदार (संता से)- तीन सौ की।

 संता सिंह (दुकानदार से)- अरे भाई डेलीवियर दिखओ पार्टी वियर नहीं।

पत्नी (पति से)- रात को आप शराब पीकर गटर में गिर गए थे।
 पति (पत्नी से)- क्या बताऊं, सब गलत संगत का असर है, हम 4 दोस्त….1 बोतल, और वो तीनों             कम्बख्त पीते नही।



पति (पत्नी से)- तुम हमेशा हमसे लड़ाई क्यों करती हो, जब देखो तब नोंक-झोंक करती रहती हो ऐसा क्यों?
 पत्नी (पति से)- हमारी मुलाकात ही वाद-विवाद प्रतियोगिता से हुई थी । तो उसे कायम रखना ही था।



पति पत्नी में लड़ाई हुई। पति ने आत्महत्या करने की सोच कर बाजार से जहर लाकर खा लिया। वो मरे नहीं बीमार हो गए।
 पत्नी (गुस्से में बोली) – सौ बार कहा है कि चीजें देखकर खरीदा करो पैसा भी गए और जिस काम के लिए लाए वो भी नहीं हुआ।



पति (पत्नी से)- सम्मोहन का अर्थ क्या होता है?
 पत्नी (पति से)- किसी आदमी को अपने प्रभाव से वशीभूत करके उससे मनचाहा काम करा लेने को  सम्मोहन कहते हैं।

पति (हंसते हुए)- अरे नहीं, उसे तो शादी कहते हैं।

चिंटू (मोनू से)- तुम्हें अपने पापा से पिटे हुए कितने दिन हो गये?
 मोनू- अगर पापा ने आज शाम को होमवर्क करते समय मुझे चांटा नही मारा, तो पूरा एक दिन हो जाएगा।



पिता (पुत्री से)- मिनी तुम मुझे पहले पापा कहती थी और अब मुझे डैड कहना शुरु कर दिया। क्या वजह है?
 मिनी- कम ऑन डैड, पापा कहने से लिपस्टिक खराब हो जाती है।



अध्यापक (छात्र से)- तुम्हारे पापा 5000 रुपये लोन लेते हैं। दस प्रतिशत ब्याज के हिसाब से वो 1 साल बाद लोन वापिस करते हैं। बताओ कितने पैसे वापिस करेंगे?
 छात्र – कुछ भी नही।

 अध्यापक- तुम इतना भी हिसाब नही जानते।

 छात्र- मैं तो हिसाब जानता हूं, पर आप मेरे पापा को नही जानते।



पुत्र (पिता से)- पापा मैं इतना बड़ा कब हो जाऊंगा कि मम्मी से बिना पूछे घर से बाहर जा सकूं।
पिता (ठंडी सांस लेते हुए)- बेटा, इतना बड़ा तो अभी मैं भी नही हुआ हूं।

पति ने पत्नी से कहाः मेरा फोन आये तो कहना में घर पर नहीं हूँ।
अचानक फोन की घंटी बजी…
पत्नी ने फोन उठाकर कहाः वो अभी घर पर हैं।
पत्नी के फोन रखते ही पति खीजते हुए बोलाः तुमसे मना किया था फिर भी क्यों बताया कि मैं घर पर हूँ?पत्नी बोली: आपने अपने फोन के लिए मना किया था, वह फोन तो मेरे लिए आया था।



डिलिवरी के टाइम डॉक्टर ने महिला से पूछा: क्या आप डिलिवरी के टाइम बच्चे के बाप को अपने पास देखना पसंद करेंगी?
महिलाः नहीं, उसे मेरे पति पसंद नहीं करते! 

पति (पत्नी से): जब मैं सूट पहनकर सब्जी लेने जाता हूं, तो दुकानदार मुझे सब्जी महंगी देता है…
जब मैं मैला कुर्ता-पाजामा पहनकर जाता हूं तो सब्जी सस्ती मिलती है।पत्नी: तब तो तुम हाथ में कटोरा लेकर जाया करो सब्जी मुफ्त में मिल जाया करेगी…



संताः आज रविवार है और मैं मजे करना चाहता हूं… इसीलिए मैं नई फिल्म के तीन टिकट लाया हूं…
जीतोः ये तीन टिकट क्यों?संताः तुम्हारे और तुम्हारे मम्मी-पापा के लिए…



संग्रहालय का इंचार्ज (गुस्से में) तुम्हें पता है जो मूर्ति तुमने तोड़ी है वह पांच सौ साल पुरानी थी..!!!संताः शुक्र है, मैंने तो सोचा था कि नई है…



बंताः आओ यार शतरंज खेलें…संताः तू चल मैं स्पोर्ट्स शूज पहनकर आता हूं…!!!



एक मियाँ साहेब परदेस में नौकर थे। कुछ दिन पीछे घर का एक नौकर आया और कहा कि मियाँ साहब,आपकी जोरू रांड हो गई। मियाँ साहब ने सिर पीटा, रोए गाए,बिछौने से अलग बैठे, सोग माना, लोग भी मातम-पुरसी को आए।उनमें उनके चार पाँच मित्रों ने पूछा कि मियाँ साहब आप बुद्धिमान हो के ऐसी बात मुँह से निकालते हैं, भला आपके जीते आपकी जोरू रांड होगी।
मियाँ साहब ने उत्तर दिया-“भाई बात तो सच है,खुदा ने हमें भी अकिल दी है,मैं भी समझता हूँ कि मेरे जीते मेरी जोरू कैसे राँड होगी। पर नौकर पुराना है, झूठ कभी न बोलेगा।




दो कुमारियों को एक जादूगरनी ने खूब ठगा।उनसे कहा कि हम एक रुपये में तुम दोनों को तुम्हारे पति का मुख दिखा देंगे और रुपया लेकर उन दोनों को एक आईना दिखा दिया।
बिचारियों ने पूछा, “यह क्या?”

तो बह डोकरी बोली-“बलैया ल्यौ जब ब्याह होगा तो यही मुंह दूल्हे का हो जायेगा।




“एक नामुराद आशिक से किसी ने पूछा,”कहो जी, तुम्हारी माशूक तुम्हें क्यौ नहीं मिली?”बेचारा उदास होके बोला, “यार कुछ न पूछो। मैंने इतनी खुशामद की कि उसने अपने को सचमुच की परी समझ लिया और हम आदमियों से बोलने में भी परहेज किया।”

पत्नी ( पति से ) – कल रात तुम मुझे नींद में गालियां दे रहे थे ?
पति ( पत्नी से )- तुम्हारी गलतफहमी है।
पत्नी – कैसी गलतफहमी ?
पति – यही कि मैं नींद में था।
संता – तुम मेसिज दो बार क्यों भेजतो हो ?
बंता – ताकि एक को फॉर्वर्ड कर दोगो तो दूसरा तुम्हारे पास रहेगा।
मतदाता (चुनाव लड़ रहे नेता से) यह तो बताइए आप जीत गए तो क्या करेंगे?
नेताः भाई, मुझे तो चिंता इस बात की है कि अगर हार गया तो क्या करूँगा।
नेता जी ने दिल्ली में करीब एक हफ्ते से डेरा डाल रखा था।
उनके साथ आई उनकी पत्नी ने एक दिन उकता कर पूछ लियाः आखिर बात क्या है कि आप यहां से हिलने का नाम नहीं ले रहे हैं।
अरे भागवान! मुझे चुनाव में खड़े होने का टिकट चाहिए या नहीं…
वाह जी, ट्रेन हो या सिनेमाहाल, हर कहीं तो आप बिना टिकट जाते हो, फिर चुनाव के लिए भला क्यों?
टीचरः सूखे और बाढ़ में जमीन-आसमान का अंतर कैसे है?
छात्रः सूखे में नेताजी जीप से दौरा करते हैं, और बाढ़ में हेलिकॉप्टर से….
ता का बेटा: पापा मुझे भी राजनीति में उतरना है, कुछ टिप्स दीजिए।
नेता: बेटा, राजनीति के तीन कठोर नियम होते हैं, चलो पहला नियम समझाता हूँ…
नेताजी ने बेटे को छत पर भेज दिया और ख़ुद नीचे आकर खड़े हो गए।
नेताजी: छत से नीचे कूद जाओ,
बेटा: पापा, इतनी ऊंचाई से कुदूंगा तो हाथ-पैर टूट जायेंगे।
नेताजी: बेझिजक कूद जा, में हूँ न, पकड़ लूँगा।
लड़के ने हिम्मत की और कूद गया पर नेताजी नीचे से हट गए। बेटा धडाम से औंधे मुंह गिरा।
बेटा: (कराहते हुए) आपने तो कहा था मुझे पकडेंगे फिर हट क्यों गए।
नेताजी: ये है पहला सबक- राजनीति में अपने पिता पर भी भरोसा मत करो…
नेता की पत्नीः आपकी हार का मुख्य कारण क्या रहा?
नेताः मै शिकार हो गया था..
पत्नीः किस चीज का?
नेताः सही मतगणना का…
ममी – बेटा तू तो लाखों करोड़ों का है।
बेटा – ममी , उसमें से जरा 10 रुपये देना। मुझे चॉकलेट लेनी है।
संता ( बंता से ) – नामुमकिन शब्द मेरी डिक्शनरी में नहीं है। बंता ( संता से )- तो पगले डिक्शनरी खरीदने से पहले देखना था ना , अब चिल्लाने का क्या फायदा।
संता- कल एक आदमी एक औरत को पीट रहा था।   मैंने कहा जाकर किसी मर्द से लड़ो बंता- फिर क्या हुआ? संता- फिर जब मुझे होश आया, तो मैं अस्पताल में था।
मजदूर ( मालिक से )- गधे की तरह काम कराया और मजदूरी सिर्फ बीस रुपये कुछ तो न्याय कीजिए। 
मालिक ( मुनीम से - ठीक है यह न्याय मांगता है तो इसके सामने घास डाल दो और रुपये ले लो। ..




संता कवि (बंता से)- मेरी कविताओं का स्तर कैसा है?  बंता (संता कवि से)- बीरबल की तरह।   संता कवि (बंता से)- पर बीरबल तो कविताएँ लिखना जानते नहीं थे।   बंता (संता कवि से)- तो आप कहाँ जानते हैं।




क्या कह रहे हो यार ? हर घंटे में इंजेक्शन देते हैं तुम्हें ! कोई भयंकर बीमारी है क्या ?’
‘ नहीं भाई। मुझे मालूम नहीं था कि वह खूबसूरत नर्स डॉक्टर की प्रेमिका है। मैंने उसे छेड़ दिया था , उसकी सजा मिल रही है। ‘


अजी , सुनते हो ? लगता है , हमारा बेटा भी आपकी तरह नेता बनेगा ?’
‘ यह तुम कैसे कह सकती हो ?’
‘ जैसे तुम सदन से वॉकआउट कर जाते हो , उसी तरह आज यह घर से वॉकआउट कर गया क्योंकि उसके मतलब का खाना नहीं बना था। ‘




डॉक्टर- अगर तुम लड़कियों का पीछा नहीं छोड़ोगे, तो जल्दी ही मर जाओगे।   रमन- लड़कियों का पीछा करने से कोई कैसे मर सकता है? डॉक्टर- उनमें से एक लड़की मेरी


एक सज्जन को पोस्टर पढ़ने का शौक था, एक दिन शाम अंधेरे मे सड़क के किनारे खंभे पर पोस्टर देखा, तो उसको पढ़ने के लिए खंभे पर चढ़ गये , पोस्टर पर लिखा था ताज़ा पेंट है खंभे को न छुए !


रमन ने रमेश से पूछा- ‘आखिर क्या कारण था कि आपने अपने बेटे की सगाई तोड़ दी।‘  रमेश ने जवाब दिया- ‘क्या करता, मेरी होने वाली बहू बॉक्सिंग चैंपियन जो थी।‘




एक बार एक चोर चोरी करने गया तो वहाँ उसे उस घर के बच्चे ने देख लिया | चोर उसे देख कर घबरा कर भागने लगा तो वो बच्चा बड़ी मासूमियत से बोला तुझे जो ले जाना है चुप चाप ले जा, लेकिन साथ मे मेरा स्कूल बाग भी ले जाना वरना मम्मी को जगा दूँगा |


संता- माफ कीजिए शर्मा जी, मैं अब कुछ नहीं कर सकता।  आपकी कोई अंतिम इच्छा हो तो बताइए।   बंता- मुझे किसी अच्छे डॉक्टर के पास ले जाइए।


चार व्यक्तियों को अदालत में पेश किया गया। इल्जाम था कि वे पार्क में बैठे जुआ खेल रहे थे। मजिस्ट्रेट ने बारी – बारी से उनसे पूछा। पहले ने कहा , ‘ मैं उस दिन यहां था ही नहीं। सबूत के तौर पर अपने ट्रेवल एजेंट से रेल – टिकट की रसीद दे सकता हूं। ‘  दूसरा बोला : ‘ उस दिन मैं घर पर बुखार में पड़ा था। डॉक्टर का सर्टिफिकेट पेश कर सकता हूं। ‘ तीसरे का जवाब था : ‘ मैंने आज तक कभी जुआ नहीं खेला , ताश को हाथ तक नहीं लगाया गया। ‘ चौथा चुपचाप खड़ा रहा। उससे पूछा , ‘ और तुम भी जुआ नहीं खेल रहे थे ?’ वह बोला : ‘ जी , मैं अकेला जुआ कैसे खेल सकता हूं ?’


एक पत्रकार महंगाई के बारे में लोगों की राय ले रही थी। सड़क के किनारे एक भिखारी से उसने पूछा : ‘ बाबा , आटा मंहगा हो गया है , इस बारे में तुम क्या कहते हो ?’  भिखारी बोला : ‘ महंगा हो गया है ? कब से ?’ वह खड़ा हो गया , ‘ अभी जाता हूं राशन वाले के पास और लेता हूं उसकी खबर। अब तक तो मैं उसे पुराने भाव पर ही आटा बेच रहा था। ‘




वह ऑफिस जाने के लिए कार स्टार्ट कर रहा था। मगर कार थी कि स्टार्ट ही नहीं हो रही थी। पत्नी ने आ कर कहा : ‘ दस साल हो गए हैं इस कार को। कई बार कह चुकी हूं नई कार ले लो। ‘ पति बोला : ‘ और तुम्हारे साथ शादी हुए 15 साल हो गए हैं ! ‘


विवाह के बाद प्रेमी ने प्रेमिका से कहा कि देखो अब हमारी शादी हो चुकी है। तुम्हारी कुछ बातें ऐसी हैं, जो मुझे पसंद नहीं आ रही, वो सब मैं तुम्हें बता देना चाहता हूँ। तुम चाहो तो इन्हें अपनी कमजोरियाँ समझ सकती हो। प्रेमिका (झल्ला कर बोली)-‘रहने दो ! मुझे अपनी सारी कमजोरियाँ मालूम हैं। आखिर उन्हीं के कारण तो मैं अच्छा पति नहीं पा सकी।‘

पति ( पत्नी से ) – आज सुबह न जाने किसका मुंह देखकर उठा था कि दिन का खाना भी नसीब न हुआ। पत्नी ( पति से )- मेरी मानो तो बेडरूम में लगे आइने को हटा दो वरना रोज यही शिकायत रहेगी।


संता : चूहे को अगर बिल्ली से प्यार हो जाएगा , तो वह कैसे प्रपोज करेगा?
बंता : बहुत आसान…… चूहा कहेगा-बिल्लो रानी , कहो तो अभी जान दे दूं।




रेल के डिब्बे में संता चुपचाप बैठा था। यह देखकर बंता से रहा नहीं गया।
उसने कहा-भाई संता , तुम्हारा रूमाल नीचे गिर गया है।
संता: मेरा रूमाल गिर गया है, इससे आपको क्या मतलब?… आपका कोट सिगरेट से जल रहा है, लेकिन मैंने तो कुछ नहीं कहा।




संता (बंता से)- यह जो लड़की मेरे साथ वाली सीट पर बैठी है न, यह रेडियो एनाउंसर है।
बंता (संता से)- तुम्हें कैसे पता? संता- जब मैंने इससे समय पूछा तो बोली दस बजकर पंद्रह मिनट बीस सेकेंड हुए हैं।




स्कूल में संता बहुत परेशान था।
बंता ने पूछाः क्या बात है?
संताः अरे यार, सोच-सोच कर परेशान हो गया हूं मगर एक सवाल ऐसा है कि उसका जवाब नहीं मिल रहा…
बंताः मुझे बता, मेरे पास है…
संताः अरे नहीं यार, आज तक कोई नहीं बता सका…
बंताः तू बता तो सही…
संताः तो बता पहले मुर्गी आई या अंडा..
बंताः अरे, इतना आसान सवाल? ओए यार, पहले जिसका आर्डर दिया होगा वही पहले आया…


अध्यापक ने सभी बच्चों से क्रिकेट मैच पर निबंध लिखन को कहा।
सभी छात्र अपनी-अपनी कापी लेकर निबंध लिखने में जुट गए।
मगर संता चुपचाप बैठा था।
अध्यापक ने उसकी कापी देखी तो उस पर सिर्फ एक लाइन लिखी थी-
‘बारिश की वजह से मैच स्थगित कर दिया गया है।‘


अध्यापक क्लास में जनसंख्या के बारे में बच्चों को पढ़ा रहे थे।
अध्यापकः बच्चों तुम्हें पता है देश की जनसंख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है। यहां हर दस सेकेंड पर एक औरत बच्चे को जन्म देती है।
संताः (खड़े होकर) मास्टर जी, हमें उस औरत को खोजकर उसे रोकना चाहिए।




बंताः तुम एक दम, मेरी तीसरी बीवी की तरह लगती हो।
सेक्रेटरीः कितनी बार शादी हुई हैं सर आपकी।
बंताः दो बार।
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संताः बेटा आज तुमने कौन सा अच्छा काम किया?
बेटाः मैंने अपने पांच दोस्तों के साथ मिलकर एक बुजुर्ग महिला को सड़क पार कराया।
संताः ये तो अच्छी बात हैं, लेकिन इस छोटे-से काम के लिए पांच लोग क्यों लगे?
बेटाः क्योंकि वह महिला सड़क पार नहीं करना चाहती थी।


बंता (एक राहगीर को बड़ी देर से देखने के बाद) भाई साहब, बुरा मत मानिएगा क्या आप चीनी हैं
राहगीर ने कहाः नहीं मैं भारतीय हूं…
बंता चला गया।
थोडी देर बाद बंता लौटकर फिर आया और पूछाः भाईसाहब क्या आप चीनी हैं
राहगीर गुस्से सेः मैं भारतीय हूँ
बतां चला गया।
कुछ देर बात फिर आया और पूछाः भाईसाहब आप चीनी हो?
राहगीर भड़क उठाः हां, हां, मैं चीनी हूं… अब बोलो
बंताः पर चीनी लगते तो नहीं हो यार…


एक आदमी सिनेमा हॉल में तीन सीटों पर लेटा हुआ था।
टिकट चेकर ने उसे देखकर कहा: अपनी सीट पर बैठो। एक आदमी केवल एक ही सीट पर बैठ सकता है।
आदमी कुछ मिनमिनाया जो टिकटचेकर को सुनाई नहीं दिया लेकिन वह उठा नहीं।
टिकट चेकर ने फिर कहा: अगर तुम उठकर नहीं बैठोगे तो मुझे मैनेजर को बुलाना पड़ेगा।
आदमी धीरे से फिर कुछ बुदबुदाया।
टिकटचेकर मैनेजर को बुला लाया।
मैनेजर ने भी उस आदमी से उठकर बैठने को कई बार कहा पर वह नहीं उठा।
हारकर मैनेजर ने पुलिस को फोन किया।
पुलिस वाले ने आकर स्थिति का निरीक्षण किया।
फिर उस आदमी से पूछा: क्या नाम है तुम्हारा?
रामसिंह… आदमी ने पहले की अपेक्षा कुछ जोर से कहा।
कहां से आये हो?
बालकनी से… – आदमी ने दर्द से कराहते हुये बताया।




एक मियाँ साहेब परदेस में नौकर थे। कुछ दिन पीछे घर का एक नौकर आया और कहा कि मियाँ साहब,आपकी जोरू रांड हो गई। मियाँ साहब ने सिर पीटा, रोए गाए,बिछौने से अलग बैठे, सोग माना, लोग भी मातम-पुरसी को आए। उनमें उनके चार पाँच मित्रों ने पूछा कि मियाँ साहब आप बुद्धिमान हो के ऐसी बात मुँह से निकालते हैं, भला आपके जीते आपकी जोरू रांड होगी। मियाँ साहब ने उत्तर दिया-“भाई बात तो सच है,खुदा ने हमें भी अकिल दी है,मैं भी समझता हूँ कि मेरे जीते मेरी जोरू कैसे राँड होगी। पर नौकर पुराना है, झूठ कभी न बोलेगा।




एक नामुराद आशिक से किसी ने पूछा,”कहो जी, तुम्हारी माशूक तुम्हें क्यौ नहीं मिली?”
बेचारा उदास होके बोला, “यार कुछ न पूछो। मैंने इतनी खुशामद की कि उसने अपने को सचमुच की परी समझ लिया और हम आदमियों से बोलने में भी परहेज किया।”




कैप्टनः नौ-जवान आगे बढ़ो!
सभी जवान आगे बढ़ गए संता वहीं पर खड़ा रहा।
कैप्टनः तुम क्यों नहीं आगे बढ़े?
संताः आप ही ने तो कहा था कि नौ-जवान आगे बढ़ो..
…मैं तो दसवां जवान हूं!!!




ओझाः बच्चा तेरी बीवी से चुड़ैल चिपक गई है। कोई उपाय करवा…! बंताः बाबा, अगर दो बहने गले मिल रही हैं तो इसमें क्या हर्ज है…!!


टूरिस्टः यह किसका कंकाल है?
संताः यह टीपू सुल्तान का कंकाल है!
टुरिस्टः और यह बगल में छोटा सा कंकाल किसका है?
संताः यह टीपू सुल्तान का कंकाल है.. जब वह छोटा बच्चा था!!


















* एक दिन मनीष ने भावुक होकर सुमन से कहा- देखो , मैं भवेश की तरह अमीर तो नहीं हूं और न ही मेरे पास महंगी गाड़ियां हैं… लेकिन , मैं तुम्हें बहुत चाहता हूं। सुमन : प्यार तो मैं भी तुमसे बहुत करती हूं…. …लेकिन, तुम भवेश के बारे में कुछ और बताओ न!

* एक बार दो प्रेमी पहाड चढने के लिए जाते है।
चढते-चढते बहुत रात हो जाती है, तो दोनों सो जाते हैं।
इस बीच प्रेमी उन दोनों के बीच एक तकिया रख देता है ताकि कुछ हो न जाए।
सुबह होती है और प्रेमी अपनी प्रेमिका से कहता है कि चलो अब सिर्फ दो घंटे मे पहाड़ चढना है।
प्रेमिका ने कहाः क्या खाक पहाड़ चढें…
…रात भर में एक तकिया तो पार कर नहीं सके… पहाड़ क्या खाक चढोगे!

* संताः यार, आज मैने बस के पीछे-पीछे दौड़ के तीन रूपए बचा लिए।
बंताः क्या यार, बहुत मूर्ख हो…
…टैक्सी के पीछे भागते तो कम से कम सौ रुपया बचता।

* एक बार सन्ता कार चलाते हुए कहीं जा रहा था।
उसे एक ट्रक ने ओवरटेक किया।
ट्रक के पीछे लिखा हुआ था “पढने वाला पागल है”।
यह पढ़ते ही संता आगबबूला हो गया।
संता ने तुरन्त अपनी कार को दौडा कर ट्रक को ओवरटेक कर के रोका।
और ट्रक के पीछे जाकर लिखा-
“लिखने वाला पागल है”

* संताः यह दो हजार का चेक किसे भेज रहे हो?
बंताः अपने छोटे भाई को।
संताः …लेकिन चेक पर तुमने हस्ताक्षर तो किये ही नही।
बंताः मैं अपना नाम गुप्त रखना चाहता हूं न, इसलिए…

* प्रेमी: ‘प्रिये, तुम्हारी सुंदरता, तुम्हारी सरलता और सादगी हमारे प्रेम को कितना वास्तविक बनाते हैं।
प्रेमिका: ‘हां, प्रिये तुम्हारी संपत्ति और तुम्हारा बैंक बैलेंस भी इसमें पूरा सहयोग देते हैं।

* पप्पू संता सेः आज क्लास में टीचर ने एक ऐसा सवाल पूछा जिसका जवाब सिर्फ मेरे पास था…
संताः शाबाश मेरे स्मार्ट पुत्तर… क्या सवाल था?
पप्पूः ये ब्लैकबोर्ड किसने गीला किया?

* बंता (सन्यासी से) महाराज, मेरी पत्नी मुझे बहुत तंग करती है, मैं क्या करूं, मुझे कोई उपाय बताइए?
सन्यासीः बेटा इसका कोई उपाय नहीं है। यदि मेरे पास उपाय होता तो आज मैं सन्यासी न बनता….

* 1980 के दशक में लड़की- माँ मैं जीन्स पहनूंगी…
मां- नहीं बेटी, लोग क्या कहेंगे?

2007 के दशक में लड़की- मां मैं मिनी स्कर्ट पहनूंगी…
मां- पहन ले बेटी… कुछ तो पहन ले!!!

* मां ने बेटे से पूछा- तुम्हारे ऑफिस में काम कैसा चल रहा है?
बेटा- मेरे नीचे 25 आदमी काम करते है.
मां- तो क्या तू अभी से अफसर हो गया?
बेटा- मां मेरा आफिस ऊपर की मंजिल में है. नीचे के फ्लोर में 25 आदमी काम करते हैं.

* सोनू को हाथों पर चलकर घर में घुसते देखकर उसके पिताजी ने पूछा, “बेवकूफ! यह क्या कर रहा है?”
“आपकी आज्ञा का पालन कर रहा हूं पापा. आपने कहा था ना कि अगर फेल हो गए तो घर में कदम नहीं रखना.”

* संता ने एक रात अचानक उठकर अपनी पत्नी से पूछाः यह बताओ, किस तरह की मौत अच्छी है, तड़प-तड़प कर मरना या झटपट मर जाना?
पत्नीः ये रात के वक्त कैसे-कैसे सवाल पूछते हो, झटपट मर जाना ज्यादा अच्छा है…
संताः ठीक है तो अपनी दूसरी टांग भी मेरे ऊपर रख दो…

* बंताः बॉस, मैंने शादी कर ली है, अब तो मेरी सेलेरी बढ़ा दीजिए…
बॉसः फैक्टरी परिसर से बाहर होने वाली दुर्घटनाओं के लिए हम जिम्मेदार नहीं हैं।

* संता भीड़ भरी सड़क पर आड़ी-तिरछी कार चला रहा था, तभी पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
संता ने कहाः मैं कार चलाना सीख रहा हूं…
पुलिसः बिना किसी इंस्ट्रक्टर के?
संताः कॉरेस्पांडेंस कोर्स है, सर जी!

* एक नौजवान जोड़ा किसी हिल स्टेशन में हनीमून के लिये गया। होटल में खाने के रेट वगैरह तय हो गये।

संयोग कुछ ऐसा हुआ कि वे रोज बाहर घूमने जाते तो रात का खाना बाहर ही खाकर आते । तथा इस दौरान वे होटल में मना भी नहीं कर पाते कि वे रात का खाना नहीं खायेंगे।

होटल से चलते समय जब बिल मिला तो उसमें डिनर के पैसे जुड़े थे। पति बोला-भई डिनर तो हमने कभी लिया नहीं। ये डिनर के पैसे कैसे जोड़ दिये?

मालिक बोला-आपने तो मना भी नहीं किया। हम रोज बनाते रहे कि हमारे ग्राहक भूखे न रहें। आपके लिये खाना तो तैयार था। आप न खायें तो हमारा क्या दोष ? पैसे तो डिनर के बिल में जुड़ेंगे।

आदमी ने पैसे दे दिये मगर मन नही मन उस होटल मालिक को उसकी हरकत का उसी के अंदाज में जवाब देने के बारे में सोचता रहा।

सूटकेस उठाकर बाहर की तरफ चलने लगा। अचानक उसने होटल मालिक की गरदन पकड़ ली।

बोला ,”तुमने मेरी बीबी को छेड़ा कैसे? पांच हजार रुपये दो तुरंत नहीं तो पुलिस को रिपोर्ट करता हूँ।”

होटल वाला बोला मैंने कहां छेड़ा? मैंने तो उसकी तरफ आंख उठाकर भी नहीं देखा।

पति गरदन दबाते हुये बोला-”तुमसे उसे छेड़ा नहीं तो इसमें उसकी क्या गलती? वो तो तैयार थी!”

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