Tuesday, 2 September 2014

An Old Hindi Joke once again ..............कौनसे पिताजी ??

नए-नए रईस हुए एक पाकिस्तानी साहब को, लोगों के ऊपर
अपनी अमीरी का रौब झाड़ने का शौक चढ़ा !

एक रोज उनके घर मेहमान आने वाले थे, तो उन्होंने अपने नौकर
को बुलाकर समझाया :--“ मेहमान के सामने मैं किसी भी चीज़ के
लिए तुम्हे आवाज़ दूँ, तो तुम उसकी 2-3 किस्मों के नाम लेना,
ताकि उस पर रौब पड़े, समझ गए ना !"

नौकर :-- “ समझ गया हुजूर !”
अगले रोज मेहमान आ गए !

साहब ने नौकर से कहा :-- “ मेहमानों के लिए शरबत लाओ !"

नौकर :--“ हुज़ूर, कौनसा शरबत लेंगे, काजू का, केवड़े
का या बादाम का !”

नौकर की समझदारी पर
साहब मन ही मन बहुत खुश होते हुए बोले :-- “ केवड़े का ले
आओ !”

फिर थोड़ी देर बाद .......

साहब :-- “ मेहमानों के लिए खाना लगवाओ !”

नौकर :-- “ हज़ूर, कौनसा खाना खायेंगे ? इंडियन,
पाकिस्तानी या चाइनीज ?”

साहब :-- चाइनीज ले आओ !

खाने के बाद .........

साहब – “ पान ले आओ !"

नौकर :-- " कौनसा पान हुज़ूर ? मगही, लाहौरी या बनारसी !”

साहब :-- " बनारसी ले आओ !"

फिर थोड़ी देर बाद साहब का शहर घूमने का प्रोग्राम बन गया !

साहब :-- “ हमारी गाड़ी निकलवाओ !”

नौकर भादर :-- “ कौनसी गाड़ी हुज़ूर ? सफारी,
स्कोर्पियो या होंडा सिटी ?”

साहब :-- “ सफारी निकलवाओ और सुनो हमारे पिताजी से कह
देना कि, हम ज़रा देर से आयेंगे !”

नौकर :-- “ कौनसे पिताजी से कहूँ हुज़ूर ? चंडीगढ़ वाले से,
पंजाब वाले से या हरियाणा वाले से ?

No comments:

Post a Comment