Wednesday, 6 August 2014

थकावट कैसे दूर की जाए..........

थकावट 
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थकान शब्द से सभी परिचित हैं प्रायः थकावट से सभी का आमना - सामना होता है | सभी सोचते हैं थकावट कैसे दूर की जाए , आइये आज इस पर थोड़ा विचार किया जाए |

१- अधिक थकान होने पर, सोते समय गर्म दूध का सेवन करें , दूध हमेशा घूँट -घूँट करके पियें , चाहें तो दूध में एक चम्मच पिसी हुई हल्दी मिला सकते हैं | दूध को भली - भांति फेंट कर [ झाग बनाकर ] ही पियें यह अधिक लाभप्रद होता है | 

२- अधिक दौड़ने - भागने , चढ़ाई चढ़ने - उतरने या अधिक पैदल चलने के कारण हुई थकान दूर करने के लिए आधा बाल्टी गर्म - पानी लें , उसमें दो चम्मच नमक डालें और बाल्टी में पैर डालकर बैठ जाएँ | थोड़ी देर में जब पानी कुछ ठंडा हो जाए तो और गर्म पानी डाल लें | आधे घंटे में फर्क महसूस करें | 

३- थकावट दूर करने के लिए घर में किसी शांत स्थान पर , ढीले वस्त्र पहन कर शवासन में विश्राम करें , अर्थात कसे हुए वस्त्र बदलकर आरामदायक वस्त्र पहने और लेटकर शरीर के सभी अंगों को ढीला छोड़ दें और विश्राम करें |
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अमेरिका में हुए एक शोध के मुताबिक खाने-पीने की कुछ ऐसी चीजें हैं, जिनसे आपको थकावट और ऊबाऊपन या आलस से छुटकारा मिल सकता है। यहां कुछ ऐसी ही चीजों के बारे में बताया जा रहा है।

चाय: अगर पांच मिनट के अंदर तरोताजा होना है तो चाय आजमाया जा सकता है। बायोलॉजिकल साइकॉलोजी में छपे एक अध्ययन के मुताबिक चूंकि चाय में कैफीन और एमीनो एसिड प्राकृतिक रूप से पाई जाती है, इसलिए इसका असर ज्यादा होता है। अध्ययन के मुताबिक चाय पीने वालों में ज्यादा सतर्कता, मजबूत स्मृति और प्रतिक्रिया देखी गई है। चाय मानसिक थकान से राहत दिलाती है।

कद्दू के बीज: कद्दू के बीज में मैग्नीशियम होता है, जो आलस व थकावट से लड़ने में मदद करता है। आधे घंटे की एक्सरसाइज में अगर आप थका हुआ महसूस करती हैं तो इसका मतलब है कि आपमें मैग्नीशियम की कमी है। व्यायाम के दौरान शरीर में ऑक्सीजन के निर्माण के लिए मैग्नीशियम जरूरी है। इसकी कमी की वजह से थकावट जल्दी होती है।

अखरोट: अखरोट में ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता है, जो आलस व थकान दूर करता है। डॉक्टरों के मुताबिक सीएफएस से पीड़ित मरीजों में इस एसिड की कमी होती है। अमेरिकी जर्नल ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रिशन में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक ओमेगा 3 फैटी एसिड न केवल थकान और आलस से राहत देता है, बल्कि यह अवसाद से भी बचाता है। इसलिए अखरोट खाने से आपकी झपकियों की समस्या दूर होगी और डिप्रेशन है तो वो भी दूर हो जाएगा।

अनाज: अनाज में फाइबर की मात्रा अधिक होती है। इसलिए आलस और थकान मिटाने में यह मददगार साबित होता है। वेल्स में यूनिवर्सिटी ऑफ कारडिफ के एक शोध के मुताबिक जो लोग हाई-फाइवर अनाज खाते हैं, उनमें भावनात्मक अशांति, चिंताएं और थकावट के प्रति अनोखी प्रतिरोधक क्षमता होती है। रिपोर्ट के मुताबिक दो सप्ताह तक अनाज खाने में शरीर में ऊर्जा के स्तर में 10 प्रतिशत की वृद्धि आती है और थकान व आलस के स्तर में भी दस प्रतिशत की गिरावट दर्ज की जा सकती है। डॉ. मोनिका पुरी के मुताबिक अनाज में कॉम्प्लेक्स काबरेहाइड्रेट होते हैं। ये थकान से लड़ने में मददगार होते हैं।

लाल मिर्च: लाल मिर्च में विटामिन सी पाया जाता है, जो थकान से लड़ता है। जरनल ऑफ आर्थोमोलेकुलर मेडिसिन में छपी एक स्टडी के मुताबिक ऐसे लोग जो हर रोज विटामिन सी लेते हैं, उन्हें थकान कम होती है। लाल मिर्च से दिमाग एक्टिव रहता है और हम हमेशा तरोताजा महसूस करते हैं।


दही: दही में प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो पाचन तंत्र में सूक्ष्म जीवों को संतुलित करते हैं। दरअसल सूक्ष्म जीवों के असंतुलित होने से क्रोनिकल फैटिग सिंड्रोम (सीएफएस) हो सकता है। ऐसे में दही में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया पाचन तंत्र को मजबूत रखते हैं। 4 सप्ताह तक दिन में दो बार यदि दही खाया जाए तो शारीरिक और मानसिक सेहत के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है और थकान कम होती है।

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