Thursday, 1 May 2014

“पिताजी इस दुनिया में मनुष्य की क्या कीमत होती है ?”




लोहे की दुकान में अपने पिता के साथ काम कर रहे
एक बालक ने अचानक ही अपने पिता से पुछा –
पिताजी इस दुनिया में मनुष्य की क्या कीमत
होती है ?”
पिताजी एक छोटे से बच्चे से ऐसा गंभीर सवाल सुन
कर हैरान रह गये.
फिर वे बोले “बेटे एक मनुष्य की कीमत आंकना बहुत
मुश्किल है, वो तो अनमोल है.”
बालक – क्या सभी उतना ही कीमती और
महत्त्वपूर्ण हैं ?
पिताजी – हाँ बेटे.
बालक कुछ समझा नही उसने फिर सवाल किया –
तो फिर इस दुनिया मे कोई गरीब तो कोई अमीर
क्यो है? किसी की कम रिस्पेक्ट
तो कीसी की ज्यादा क्यो होती है?
सवाल सुनकर पिताजी कुछ देर तक शांत रहे और फिर
बालक से स्टोर रूम में पड़ा एक लोहे का रॉड लाने
को कहा.
रॉड लाते ही पिताजी ने पुछा – इसकी क्या कीमत
होगी?
बालक – 200 रूपये.
पिताजी – अगर मै इसके बहुत से छोटे-छटे कील
बना दू तो इसकी क्या कीमत हो जायेगी ?
बालक कुछ देर सोच कर बोला – तब तो ये और
महंगा बिकेगा लगभग 1000 रूपये का .
पिताजी – अगर मै इस लोहे से घड़ी के बहुत सारे
स्प्रिंग बना दूँ तो?
बालक कुछ देर गणना करता रहा और फिर एकदम से
उत्साहित होकर बोला ” तब तो इसकी कीमत बहुत
ज्यादा हो जायेगी.”
फिर पिताजी उसे समझाते हुए बोले – “ठीक इसी तरह
मनुष्य की कीमत इसमे नही है की अभी वो क्या है,
बल्की इसमे है कि वो अपने आप
को क्या बना सकता है.”
बालक अपने पिता की बात समझ चुका था .
Friends अक्सर हम अपनी सही कीमत आंकने मे
गलती कर देते है. हम अपनी present status को देख
कर अपने आप को valueless समझने लगते है. लेकिन
हममें हमेशा अथाह शक्ति होती है. हमारा जीवन
हमेशा सम्भावनाओ से भरा होता है. हमारी जीवन
मे कई बार स्थितियाँ अच्छी नही होती है पर इससे
हमारी Value कम नही होती है. मनुष्य के रूप में
हमारा जन्म इस दुनिया मे हुआ है इसका मतलब है हम
बहुत special और important हैं . हमें हमेशा अपने
आप को improve करते रहना चाहिये और
अपनी सही कीमत प्राप्त करने की दिशा में बढ़ते

रहना चाहिये।

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