Sunday, 9 March 2014

Statements of students about the Kanpur Medical hostel incident......जुल्म का वह खौफनाक मंजर................

जुल्म का वह खौफनाक मंजर

कानपुर, जागरण संवाददाता : जेल से बाहर आये गणेश शंकर विद्यार्थी स्मारक मेडिकल कालेज के जूनियर डॉक्टर घटना वाली रात का मंजर याद कर सिहर उठते हैं। उनके शरीर के जख्म छह दिन बाद भी पुलिसिया जुल्म की कहानी बताने के लिए काफी हैं।
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एटीएम से पैसे निकालने आए थे। पुलिस को आते देखा तो भागकर हास्टल पहुंचा। पुलिस पीछे से घुस आई। दरवाजे तोड़कर घसीट-घसीटकर मारा गया।
- अवनीश साहू
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कमरे में पढ़ रहा था, गोलिया जैसी चलने लगीं। आरती मैम को फोन किया, इस बीच पुलिस दरवाजा तोड़कर घुस आई लाठियां बरसाईं। थाने में एसएसपी ने करियर बर्बाद करने की धमकी दी।
- आलोक वर्मा
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पढ़ा रहा था, पुलिस ने दरवाजा खुलवाया। बगैर कुछ पूछे पीठ, सिर और हाथ-पैर पर लाठियां बरसाने लगे। मोबाइल-लैपटॉप तोड़ दिया। घसीटते हुए थाने तक ले गये।
- मो. एजाज अंसारी
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गोलियों की आवाज सुन दरवाजा बंद कर लिया। दरवाजा तोड़कर अंदर घुसकर लाठियों से पीटने लगे। पुलिसवाले अब मेरी बारी, अब मेरी बारी कहकर पीट रहे थे।
- पंकज कुमार मौर्या
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पानी लेने गए थे तभी हास्टल की लाइट कट गई। बड़ी संख्या में पुलिस घुस आई। कमरों के दरवाजे तोड़कर छात्रों को निकालकर पीटने लगे।
- नरेंद्र पटेल
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रात साढ़े आठ बजे पुलिस ने गालियां देते हुए दरवाजा खुलवाया और लाठियां बरसाने लगे। सीढि़यों के दोनों तरफ खड़े सिपाहियों ने भी बेरहमी से पीटा।
- राम कुमार वर्मा
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पुलिस वालों ने लोहे की राड से दरवाजा तोड़ा। एसएसपी ने पूछा तेरा गुंडा कौन है। इसके बाद पुलिस लाठियां बरसाने लगी। सीढि़यों से खींचते हुए थाने ले गए।
- संजय वर्मा
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पढ़ाई कर रहे थे। तभी गोलियां चलने लगीं। दरवाजा खोलते ही सिर पर लाठी पड़ी और बेहोश हो गये। इतना याद है कि पुलिस वाले कह रहे थे नाटक कर रहा है।
- अरविंद पटेल
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- परीक्षाएं समाप्त होने के बाद घर जाने की तैयारी कर रहे थे। दरवाजा तोड़कर पुलिस अंदर घुसी। बेरहमी से पीटने लगे। सिर फोड़ दिया।
- आनंद कुमार
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मेस से खाना खाकर निकले थे कि पुलिस हास्टल में घुस आई। मोटरसाइकिलें तोड़ डाली। जानवरों की तरह पीटते हुए कहलाया कि पुलिसवाला मेरा बाप है।
- अमरेंद्र जायसवाल
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अपने भाई सुशील से मिलने आए थे। पुलिस ने आकर आतंकियों से भी बुरा सलूक किया। बड़ी संख्या में सादे कपड़े में आए लोग भी पीट रहे थे।
- सौरभ वर्मा
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पढ़ रहे थे कि अचानक लाइट कट गई। पुलिस कमरे में घुस आई। 20-20 सिपाहियों ने मिलकर बेरहमी से पीटा।
- अभिषेक भारती
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एटीम से पैसे निकालने गए थे। पुलिस ने पकड़ लिया। बताया विकलांग हूं। फिर भी पुलिसवाले लाठियां बरसाते रहे। हाथ में टूट गया, घसीटते हुए थाने ले गए।
- धीरेंद्र राजपूत
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बीएच चार से खाना खाकर लौटे तो देखा पुलिस घुसी है। गोलियां चलाने लगी तो भागे, सिर पर लाठी पड़ने से गिर गए। जमकर लाठियां बरसाई।
- रोहित सोनकर
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गोलियां चलने पर दरवाजा खोला तो एसएसपी ने सिपाहियों से कहा पैर तोड़ दो। सिर पर लाठी पड़ने से बेहोश होकर गिर गया।
- प्रवीन कुमार सिंह
रात में चाय पीने जा रहे थे। दरवाजा खोला तो 10-15 सिपाही लाठियां बरसाने लगे। इससे हाथ टूट गया।
- अरुण यादव
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कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे सिपाहियों ने बुरी तरह पीटा। लगातार लाठियां बरसाते रहे। जिससे पीठ एवं पैर में काफी चोट आई हैं। सीढि़यों से घसीटते हुए ले गए।
- जितेंद्र सिंह
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हास्टल के दरवाजे तोड़कर पुलिस अंदर घुस कर लाठियों से पीटने लगे। सिर पर लाठी लगने से सिर फूट गया। पेट और पीठ में चोटें आई हैं। ठीक से खड़े नहीं हो पा रहे हैं।
- आरिफ हुसैन
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हम तीन दोस्त मिलकर पढ़ रहे थे। दरवाजा तोड़कर पुलिस अंदर घुसी, गालियां देते हुए लाठियों से पीटने लगे। पुलिस वालों ने लातों से भी मारा।
- नीरज कुमार
बड़े भाई पंकज से मिलने आए थे। दरवाजा तोड़कर पुलिस घुस आई। जानवरों की तरह पीटा फिर घसीटते हुए थाने ले गए।
- शुभम, इंटर का छात्र
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कई छात्रों ने पीजी का फार्म नहीं भरा था। उनसे फार्म भरवाने गया था। इस बीच पुलिस आ गई। बिना कुछ पूछे लाठियां बरसाने लगे। पीठ और पैर में कई चोटे आर्ई।
- अरुण मोहन भारती, डिमोस्ट्रेटर कम्युनिटी मेडिसीन विभाग।
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एसएसपी को किताबों की
कीमत नहीं पता
मेडिकल कालेज के 2009 के मिस्टर तरंग एवं राज्यपाल से गोल्ड मेडल पाने वाले मेडिकल छात्र स्पर्श भल्ला को जेल जाने से बड़ा दुख मेडिकल की किताबें फटने का है। उनका कहना है कि जब एसएसपी यशस्वी यादव को किताबों की कीमत नहीं मालूम तो पुलिस भला क्यों इज्जत करती।

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