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Wednesday, 19 February 2014

इस जगह को ‘भगत सिंह के शहर’ के नाम से जाना जाए।’

पाक की नींद खुली, भगत सिंह की याद आई!

• आठ करोड़ रुपए खर्च करने की योजना
शहीद-ए-आजम भगत सिंह के पाकिस्तान के पंजाब प्रांत स्थित पुश्तैनी घर और स्कूल की मरम्मत और उनके गांव की हालत सुधारने के लिए आठ करोड़ रुपए खर्च किए जाने की योजना है।
फैसलाबाद जिला संयोजन अधिकारी नूरूल अमीन मंगल ने बताया, ‘हमने जंग-ए आजादी के महान नायक भगत सिंह के घर और स्कूल के मरम्मत के लिए आठ करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। यह राशि भगत सिंह के गांव के विकास पर भी खर्च की जाएगी। उनके गांव में पीने के लिए साफ पानी नहीं है और ड्रेनेज सिस्टम की हालत खस्ता है।’
मंगल ने कहा, ‘फैसलाबाद के लोग इस बात को लेकर फख्र महसूस करते हैं कि भगत सिंह जैसा आजादी के लिए संघर्ष करने वाला महान योद्धा उनकी ही धरती का बेटा है। लोग चाहते हैं कि इस जगह को ‘भगत सिंह के शहर’ के नाम से जाना जाए।’

बांगे में हुआ था भगत सिंह का जन्म

भारत की आजादी के लिए खुद को कुर्बान करने वाले महान सपूत भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर, 1907 को पंजाब प्रांत के फैसलाबाद (तत्कालीन लायलपुर) जिले की जरनवाला तहसील के बांगे गांव में हुआ था। भगत सिंह का गांव लाहौर से करीब डेढ़ सौ किलोमीटर है।
मंगल ने कहा, ‘जब एक बार भगत सिंह के गांव की मरम्मत हो जाएगी तो यह पर्यटकों खासतौर पर भारतीयों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बन जाएगा। भगत सिंह का गांव सिखों के प्रसिद्ध गुरुद्वारे ननकाना साहिब से केवल 35 किलोमीटर दूर है। ऐसे में सिख तीर्थयात्रियों के लिए यह और ज्यादा आकर्षण का केंद्र होगा।'
उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान सरकार ने फैसलाबाद संग्रहालय से भगत सिंह की चीजों और उनकी लाइब्रेरी को उनके घर लाने की योजना बनाई है। बांगे गांव की आबादी करीब पांच हजार की है। भगत सिंह के दो-कैनाल घर के मालिक फिलहाल एडवोकेट इकबाल विर्क हैं। हम विर्क से भगत सिंह का यह घर जरूर खरीद लेंगे।’

शादमन चौक पर दी गई थी फांसी

23 मार्च, 1931 को ‘लाहौर साजिश मामले’ में शामिल होने पर भगत सिंह पर मुकदमा चलाया जाने के बाद ब्रिटिश हुकूमत ने शादमन चौक पर जंगे आजादी के इस महान सिपाही को केवल 23 बरस की उम्र में फांसी दे दी थी।
पंजाब सरकार ने अक्टूबर, 2012 में फव्वारा चौक का नाम बदल कर भगत सिंह चौक रखने का फैसला किया था। कुछ लोगों द्वारा इस पर ऐतराज उठाए जाने के बाद तब यह योजना टाल दी गई थी।

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