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Tuesday, 17 December 2013

Jokes.........If a beautiful woman goes for a walk every morning. ....

Sometime substituted doesn't work .....
बस में एक आदमी : किसी के पास माचिस है क्या ?

दूसरा आदमी : यह लाइटर ले लो।

पहला आदमी : नहीं यार , लाइटर नहीं चाहिए।

दूसरा आदमी : अरे , जो काम माचिस से होता है वो काम लाइटर से भी हो सकता है।

पहला आदमी : नहीं हो सकता।

दूसरा आदमी : क्यों नहीं हो सकता ?

पहला आदमी : क्योंकि मुझे कान खुजलाना है।

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पत्नी के साथ बहस करना किसी ‘सॉफ्टवेयर लाइसेंस एग्रीमेंट’ पढ़ने की तरह है..
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अंत में आप सब कुछ इग्नोर कर क्लिक करते हैं…
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“Are you agree”.?

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 ....माया में ही उलझकर, गुरू हुआ घंटाल...
गिरा-गिरा फिर से गिरा, रुपया गिरा धड़ाम।
गिर-गिरकर होने लगा, ससुरा आसाराम।

कौन करेगा पाप का, इस धरती से अंत।
जब बेटी की लाज को, लूटे बूढ़ा संत।।

प्रवचन में कहता रहा, माया को जंजाल।
माया में ही उलझकर, गुरू हुआ घंटाल।।

अर्थशास्त्री कर रहे, रुपये से दुष्कृत्य।
साधु बुढ़ापे में करे, बिना वस्त्र के नृत्य।।

बतलाओ गोविंद तुम, गुरु की कुछ पहचान।
ज़्यादा बड़ा मकान है, या फिर बड़ी दुकान।।

कल तक था नेपथ्य में, आज मंच पर शोर।
चोर सभी कहने लगे, इसको-उसको चोर।।

करें सिपाही किस तरह, उसकी तेज़ तलाश।
सिंहासन पर शान से, बैठा जब बदमाश।।

कई कंस दिल्ली जमे, कई जमे भोपाल।
सबका मर्दन साथ में, कैसे हो गोपाल।।

जो जनता की भूख का, करते हैं आखेट।
संसद में बिल पेशकर, कहा-भरेंगे पेट।।

लंका जिसने जीत ली, दिया दशानन मार।
आज अयोध्या देखकर, गया स्वयं से हार।।

हुई अयोध्या फिर गरम, फिर से प्रकटे 'राम'।
करने लगा चुनाव फिर, वही पुराने काम।।

जख्म नए फिर से मिले, भरे न पिछले घाव।
दंगा, कर्फ्यू, गोलियां, लेकर चला चुनाव।।

दंगा- दंगा फिर शहर, पागल है तलवार।
गोली-कर्फ्यू झेलकर, सिसकी भरता प्यार।।

शब्द भले धोखा करें, वाणी बने न मित्र।
किन्तु गवाही समय की, हरदम देंगे चित्र।।

वह सीमा के पार से, करता हमें शहीद।
हम दिल्ली से चीख़कर, देते हैं ताकीद।।

-ओम द्विवेदी

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 हिंदी की महिमा :
एक अप्रवासी भारतीय “लाला” ने राजस्थानी देशी कन्या से विवाह का मन बनाया

हिंदी कम जानने के कारण उसने ट्यूशन लगवाया, फिर अपने मास्टर को नवाबीपन दिखाया...आप पैसों की चिंता बिल्कुल मत कीजिए, जितनी जल्दी हो सके बस हिंदी सीखा दीजिए

मास्टर भी निकला पक्का सरकारी

साईड बिजनेस में करता था ठेकेदारी

उसने भी एक जबरदस्त शार्टकट निकाला, एक ही दिन में पूरा कोर्स निपटा डाला

बोला शिष्यजी एक काम कीजिए
मन में अच्छी तरह गाँठ बाँध लीजिए
किसी भी शब्द से पहले यदि “कु” लगा हो तो अर्थ खराब होता है

उसी शब्द में यदि “सु” लग जाय तो अर्थ बदल कर अच्छा हो जाता है

लाला बोला एक कष्ट कीजिए उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए

गुरूजी बोला अभी लीजिए...
जैसे कुप्रबंध - सुप्रबंध
कुयोग्य - सुयोग्य
कुशासन – सुशासन
कुमति – सुमति
इत्यादि इत्यादि

लाला बोला थैंक्यू श्रीमान, हो गया हमे हिन्दी ज्ञान

लाला ने झटपट विवाह रचाया और पहली बार ससुराल आया

सासु माँ ने धूमधाम से की अगुवाई, जैसे वनवास से लौटे हों रघुराई

माहौल था पूरे घर में दिवाली सा, बोली पधारो म्हारो देश “कुंवर” सा

लाला इससे परेशान हो गया, गुस्से से कुछ लाल हो गया

कहने लगा हमें भी हिन्दी आती है, आपकी बातें हमे कष्ट पहुँचाती है

खबरदार आप हमें कभी “कुंवर” सा ना कहें, कहना ही अगर जरूरी है तो आगे से हमे “सुंअर” सा ही कहा करें

!! जय हो !!

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 Simple thought If a beautiful woman goes for a walk every morning. ....
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She can improve d health

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of at least 10 men. .....

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ऋतिक रोशन का सुजान खान से होने वाला है तलाक,
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मतलब पत्नी इतनी खतरनाक आपदा है जिसे क्रिश जैसा सुपर हीरो भी नहीं संभाल सकता।

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 दिल्ली कि कुर्सी पे बैठने, दो-दो दुल्हे आए।
दुल्हन बैठी इंतजार मेँ, मंद-मंद मुस्काए॥

बीजेपी का दुल्हा बोला,मेरे बाराती कम हैँ।
ले जाओ तुम कजरी भैया, अगर सच मेँ तुम मेँ दम है॥

काँग्रेस बोली केजरी से, हम देँगे तुझे समर्थन।
केजरी तुम्हारी शादी मेँ, धोयेँगे सारे बर्तन॥

केजरी बेचारा बोले!
न करनी मुझे शादी भैया, न बनना मुझे दुल्हा।
तुम दोनो मिलकर के मुझसे, फूँकवाओगे चुल्हा॥

आज सुबह केजरी भैया को, एक संदेशा आया।
लड़की के बाप ने उनको, घर पे अपने बुलवाया॥

मान जाओ कजरी बेटा, क्योँ अब तुम तरसाते हो।
दुसरी शादी का खर्च क्यूँ,सिर पर चढ़वाते हो॥

दुल्हन के नखरे देखे बहुत, अब दुल्हा नखरे दिखाए।
शादी करने से पहले ही, 18 वचन बताए॥

जो न मानो शर्ते मेरी, मैँ शादी नहीँ करूँगा।
शादी के मंडप के बाहर, अनशन फिर से करूँगा॥

न जाने क्यूँ सारे मिलकर, मेरे ही पिछे पड़े हो।
बलि का बकरा बनवाने को, सब तैयार खड़े हो॥








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