Thursday, 12 December 2013

दुनिया की सबसे महंगी दूसरी शादी.......लक्ष्‍मीनिवास मित्तल की भतीजी की शादी में खर्च हुए 503 करोड़................122013

शादियां तो आपने बहुत देखी होंगी, लेकिन ऐसी शादी नहीं देखी होगी. जी हां, इस शादी में इतने रुपये खर्च हुए जिनके बारे में जानकर आप बेहोश हो जाएंगे. तभी तो ये शादी बन गई दुनिया की सबसे महंगी दूसरी शादी.
 


लक्ष्‍मीनिवास मित्तल की भतीजी की शादी में खर्च हुए 503 करोड़

स्‍पेन का शहर बार्सिलोना रविवार को थम सा गया. लेकिन इसका कारण कोई फुटबॉल मैच नहीं, बल्कि उस दिन यहां दुनिया के सबसे अमीर व्‍यक्तियों में शुमार उद्योगपति लक्ष्‍मीनिवास मित्तल की भतीजी सृष्टि मित्तल की शादी हो रही थी. मीडिया में आ रही खबरों की मानें तो इस हाईफाई शादी में 503 करोड़ रुपये खर्च किए गए. आपको बता दें सृष्टि मित्तल, लक्ष्मी निवास के छोटे भाई प्रमोद मित्तल की बेटी हैं.
स्पेन के एक न्यूज पोर्टल vanitatis.com के मुताबिक यह दुनिया की पांच सबसे खर्चीली शादियों में से एक है. पोर्टल ने अपने लेख में लिखा है फोर्ब्‍स ने 1981 में अबुधाबी के राजकुमार मोहम्मद बिन जाएद अल नाहयान और राजकुमारी सलमा की शादी (604 करोड़ रुपये) के बाद मित्तल परिवार की शादी को सबसे ज्यादा महंगी शादी करार दिया है.

हालांकि मित्तल परिवार ने इस शादी का जमकर लुत्फ उठाया, लेकिन बार्सिलोना के लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी. कई जगह कर्फ्यू जैसा माहौल था. सजे-धजे बाराती लोक धुनों पर नाच रहे थे.

सृष्टि के पिता प्रमोद ने अपनी बेटी की शादी को यादगार बनाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी. एक हेलिकॉप्टर को शादी के खास पलों को कैद करने के लिए तैनात किया था. 60 किलो का केक, गुब्‍बारे, फूलों से बने दरवाजे, शानदार लाइट्स शादी के मुख्य आकर्षण थे.

शादी के कई कार्यक्रम स्पेन के ऐतिहासिक स्‍थलों पर हुए थे. स्पेन के टूरिज्म बोर्ड ने भी मित्तल परिवार को घर जैसा एहसास कराने की पूरी कोशिश की.

गौरतलब है कि साल 2002 में लक्ष्मीनिवास मित्तल ने अपने बेटे की शादी में कोलकाता का विक्टोरिया मेमोरियल 9 लाख रुपये में किराए पर लिया था. वहीं, 2004 में उनकी बेटी वनीषा की शादी भारतीय अरबपति अमित भाटिया से हुई. इस शादी में लगभग 240 करोड़ रुपये का खर्च आया था

1 comment:

  1. और दूसरी ओर विवाह में लोगों को एक लाख व्यय करना भी भारी पड़ता है . तभी कार्ल मार्क्स के दास केपिटल में व्यक्त विचारों को मूर्त रूप देना अच्छा लगता है . असमानता प्रारंभ से रही है व रहेगी . पोस्ट करने के लिए धन्यवाद !!

    ReplyDelete