Wednesday, 9 October 2013

प्रभु राम की एक बहन थी: क्या नाम था उसका ????????......................... 104513

प्रभु राम की एक बहन थी: क्या नाम था उसका ???????? 
 
उसका नाम शान्ता था मैं आशा करता हूँ कि आपने उनके बारे में कम से कम सुना तो होगा। यदि ऐसा नहीं है तो आईए मैं आपको रामायण के एक ऐसे चरित्र से परिचय करवाता हूँ जो कि महत्वपूर्ण था पर उसके बारे में अधिक लिखा नहीं गया। 
 
हम सभी प्रभु राम के 3 भाईओं के बारे में तो जानते हैं जिनके नाम क्रमशः लक्षमण, भरत तथा शत्रुघ्न थे। परन्तु शान्ता का नाम अल्प ही लिया जाता है जो कि वास्तव में इन सभी भ्राताओं में वरिष्ठ थीं 
 
शान्ता रामायण का एक अभिन्न अङ्ग है। वो दशरथ तथा कौशल्या की पुत्री थीं तथा उनको रोम्पद तथा वर्षिणी ने गोद लिया था। वो ऋषिश्रङ्ग की पत्नी थीं। ये माना जाता है कि उनके वंशज सेंगर राजपूत हैं जिन्हे ऋषिवंशी राजपूत भी कहा जाता है। शान्ता राजा दशरथ तथा कौशल्या की पुत्री थीं परन्तु उन्हे अङ्ग देश के राजा रोम्पद तथा उनकी काकी (कौशल्या की बड़ी बहन) वर्षिणी ने गोद लिया था। वर्षिणी के पास कोई बच्चा नहीं था तथा एक बार अयोध्या में उन्होने हंसी में बच्चे की मांग की। दशरथ मान गए। रघुकुल का दिया गया वचन निभाने के लिए शान्ता अङ्गदेश की राजकुमारी बन गईं। 
 
ये माना जाता है कि शान्ता वेद, कला तथा शिल्प में पारङ्गत थीं। वो अधिक सुन्दर भी थीं। एक दिन वो अपने पिता के साथ वार्तालाप कर रहीं थीं कि एक ब्राह्मण उनके पास आया। वो मानसून के मौसम में बीजने के लिए सहायता मांगने आया था। परन्तु रोम्पद ने उसे अनदेखा कर दिया। इससे क्रोधित हो कर ब्राह्मण राज्य छोड़ कर चला गया जिससे इन्द्र देव क्रोधित हो गए। वर्षा ऋतु में कम जल बरसने के कारण सूखा पड़ गया। इस स्थिति से पार पाने के लिए राजा ने ऋषिश्रङ्ग को बुलाया। यज्ञ से वर्षा हुई। ऋषिश्रङ्ग को धन्यवाद स्वरूप शान्ता का विवाह उन ऋषि के साथ कर दिया गया। 
 
दशरथ के कोई पुत्र नहीं था। वो चाहते थे कि वंश चलाने वाला कोई तो हो। उन्होने ऋषिश्रङ्ग को पुत्रकामेष्ठि यज्ञ पूर्ण करने के लिए बुलाया। इसी यज्ञ से चारों भाई राम, लक्षमण, भरत तथा शत्रुघ्न पैदा हुए।

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