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Sunday, 15 September 2013

हिंदी दिवस के अवसर पर.........................हिन्दी वर्णमाला में ङ, ञ, ण, न एवँ म पाँच नकार कहलाते हैं...............98113

हिन्दी की वर्णमाला को पढ़ाने की प्रचिलित व्यवस्था में हम लोगो को सभी स्वर (अ, आ, इ, ई इत्यादि) एवँ सभी व्यञजन (क, ख, ग, घ, ङ इत्यादि) से बनने वाले शब्दो के बारे में पढ़ाया गया। इन सभी व्यञजन में तीन ऐसे व्यञजन हैं जिनका मतलब "कुछ नही" बताया गया : ङ, ञ एवँ ण।
मेरे मन में इन तीन व्यञजन (ङ, ञ एवँ ण) के सन्दर्भ में सदैव जिज्ञासा बनी रही। बीते काफी सालो पहले ऐसे ही एक हिन्दी दिवस पर एक हिन्दी के जानकार से मुलाक़ात का इत्तेफ़ाक बना तो मैंने उनसे इस सन्दर्भ में अपनी जिज्ञासा ज़ाहिर की।

मेरे इस प्रश्न पर वो सम्मानित जानकार व्यक्ति (दुर्भाग्यवश मुझे उनका नाम याद नही है) बहुत ही प्रफुल्लित हुए और निहायत आत्मीयता से निम्नलिखित जानकारी दी :

हिन्दी वर्णमाला में ङ, ञ, ण, न एवँ म पाँच नकार कहलाते हैं। इनमे न एवँ म ऐसे नकार हैं जिनका उपयोग व्यञजन के रूप में भी होता है क्योंकि इनसे कई शब्दो की शुरुआत भी होती है जैसे नल, माता इत्यादि।
हिन्दी भाषा में चन्द्रबिन्दु के अलावा कोइ बिन्दु नही है।

साधारणतया हम सभी को अगर :
कंघी, कंचन, घंटा, चंदन, चंपक लिखने को कहा जाए तो इन सभी शब्दो में हम उचित नकार के बदले बिन्दु का उपयोग कर लेते हैं जो कि गलत है।

कंघी मे घ के पहले, नकार के रूप में बिंदु के बदले ङ का उपयोग होना चाहिए जैसे कङघी। अन्य ऐसे ही शब्द हैं सङगत, अङगौछा, छाङगुर, अङगूर, अङकिता, असङख्य इत्यादि। किसी भी शब्द मे क, ख, ग एवँ घ के पहले अगर नकार है तो वहाँ ङ का उपयोग होना चाहिए।

कंचन मे च के पहले, नकार के रूप में बिंदु के बदले आधा ञ का उपयोग होना चाहिए जैसे कञचन । अन्य ऐसे ही शब्द हैं पञचम, कञचा, अञजुमन, काञछा इत्यादि। किसी भी शब्द मे च, छ, ज एवँ झ के पहले अगर नकार है तो वहाँ ञ का उपयोग होना चाहिए। (गूगल में आधा ञ को अलग से टङकित नहीं किया जा सकता है अतएव उदाहरण स्वरुप दिए गए शब्दो में पूरे ञ का उपयोग हुआ है।)

घंटा मे ट के पहले, नकार के रूप में बिंदु के बदले आधा ण का उपयोग होना चाहिए जैसे घ॔णटा। अन्य ऐसे ही शब्द हैं ठण्डक, डणडा, चाण्डाल इत्यादि। किसी भी शब्द मे ट, ठ, ड एवँ ढ के पहले अगर नकार है तो वहाँ आधा ण का उपयोग होना चाहिए। (गूगल में आधा ण को अलग से टङकित नहीं किया जा सकता है अतएव उदाहरण स्वरुप दिए गए कुछ शब्दो में पूरे ण का उपयोग हुआ है।)

चंदन मे द के पहले, नकार के रूप में बिंदु के बदले आधा न का उपयोग होना चाहिए जैसे चन्दन। अन्य ऐसे ही शब्द हैं कान्ता, मन्थन, मन्द, अन्धा इत्यादि। किसी भी शब्द मे त, थ, द एवँ ध के पहले अगर नकार है तो वहाँ आधा न का उपयोग होना चाहिए।

चंपक मे प के पहले, नकार के रूप में बिंदु के बदले आधा म का उपयोग होना चाहिए जैसे चम्पक। अन्य ऐसे ही शब्द हैं मुम्बई, सम्भावना इत्यादि। किसी भी शब्द मे प, फ, ब एवँ भ के पहले अगर नकार है तो वहाँ आधा म का उपयोग होना चाहिए।

हिंदी दिवस के अवसर पर उपरोक्त जानकारी उस अनजान सम्मानित जानकार व्यक्ति के सम्मान में आप सब को प्रेषित है।

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