Popads

Wednesday, 5 June 2013

Jokes.............Hindi Chutkules 50 new jokes...................61013

पति (पत्नी से)- प्रिय, कान में कुछ ऐसी मीठी बात कह दो, जिससे कि
मेरे पांव जमीन पर ही न पड़े।
पत्नी (कान के पास जाकर झुंझलाते हुए)- जाओ फांसी लगा लो।

 




पत्नी (पति से)- शादी पर जो तुमने सोने की अंगूठी दी थी, वह आज कही
गिर गई।
पति (पत्नी से)- आज ही मेरे कोट की जेब से सौ रुपए चोरी हुए, खैर कोई
बात नहीं।
पत्नी(पति से) - क्यों?
पति (पत्नी से)- तुम्हारी अंगूठी मिल गई।
पत्नी (खुश होकर)- सच कहां मिली?
पति (पत्नी से)- उसी जेब में से, जिसमें से सौ रुपए गायब हुए है।

 




पत्नी (पति से)- इस बस के कंडक्टर ने मेरी बेइज्जती की है।
पति (पत्नी से)- भला वह कैसे?
पत्नी (पति से)- जब मैं बस से उतरी तो कंडक्टर ने कहा तीन सवारियां
इस सीट पर आ जाए।

 




मुकेश ने अपने दोस्त सुरेश से पूछा- पत्नी को पति के जीवन की
आधारशिला क्यों माना जाता है?
‘इसलिए कि वह शिला पति से टकराती रहती है।‘ सुरेश ने मुस्कराते हुए
जवाब दिया।

 




पत्नी (पति से)- इतनी देर हो गई, आखिर क्या ढूंढ रहे हो?
पति (पत्नी से)- कुछ नहीं।
पत्नी (पति से)- कुछ तो खोया है! चार घंटे से मैंरिज सर्टिफिकेट को
उलट-पलट रहे हो।
पति (पत्नी से)- देख रहा हूं कि इसकी एक्सपायरी डेट कहां है?

 





मुकेश ने अपने दोस्त सुरेश से पूछा- पत्नी को पति के जीवन की
आधारशिला क्यों माना जाता है?
‘इसलिए कि वह शिला पति से टकराती रहती है।‘ सुरेश ने मुस्कराते हुए
जवाब दिया।
  






चिंटू (मां से)- आपने कहा था कि परियो के पंख होते है और वह उड़
सकती है?
मां (चिंटू से)- हां, वह उड़ सकती है।
चिंटू (मां से)- कल रात डैडी नौकरानी से कह रहे थे कि तुम परी हो, वह
कब उड़ेगी?
मां (गुस्से से)- बेटा वह कल सुबह होते ही उड़ जाएगी।

 




बीमा कंपनी के एक एजेट से एक साहब ने आकर पूछा- यदि मैं अपनी
पत्नी का बीमा कराऊं और कल वह मर जाये तो मुझे क्या मिलेगा?
बीमा एजेट ने बड़े इत्मीनान से उत्तर दिया- जेल या फांसी।

 





नाई ने एक ग्राहक से पूछा, ‘बाल कितने छोटे कर दूं, साहब?‘
‘इतने छोटे कर दो कि मेरी श्रीमति जी की पकड़ में न आएं। ग्राहक ने
बालों पर हाथ फेरते हुए जवाब दिया।
घर में कलह होने के बाद पति ने गुस्से में पंखे से रस्सी का फंदा
लटकाया और स्टूल पर चढ़कर गले में डालने को तैयार हो गया, पत्नी
बोली- जो कुछ करना है जल्दी तय कर लो।
पति (पत्नी से)- मुझे तुम शांति से मरने भी न दोगी?
पत्नी (पति से)- मुझे स्टूल की जरूरत है।

 




 
रेखा (मीना से)- ‘मैंने सुना है कि तुम्हारे पति को नींद में चलने की
बीमारी है।‘
मीना (रेखा से)- ‘हां...... है तो, मगर घबराने की बात नहीं है।‘
रेखा (मीना से)- ‘क्यों?‘
मीना (रेखा से)-‘क्योंकि वे इतने आलसी है कि दो-चार कदम चलकर फिर
लेट जाते है।‘

 




मीता (सीमा से)- तुम्हारी हैदराबाद यात्रा कैसी रही?
सीमा (मीता से)- अरे क्या बताऊं। रास्ते में मेरे पति पानी लेने उतरे
और गाड़ी चल दी। वह स्टेशन पर ही रह गये।
मीता (सीमा से) मैं समझ रही हूं तुम्हारी पीड़ा। इतने लंबे सफर में तुम्हें
प्यासा ही रहना पड़ा।


 





एक शराबी की पत्नी मर गई, तो उसके रिश्तेदारों ने पूछा- क्यों भाई, दवा
दारू नहीं की थी क्या?
शराबी (रिश्तेदारो से) - दारू पीकर ही तो दवा दी थी!

 



बीमा कंपनी के एक एजेंट से एक साहब ने आकर पूछा- यदि मैं अपनी
पत्नी का बीमा कराऊं और कल वह मर जाये तो मुझे क्या मिलेगा?
बीमा एजेंट ने बड़े इत्मीनान से उत्तर दिया- जेल या फांसी।

 





पत्नी (पति से)- ‘शादी पर जो तुमने सोने की अंगूठी दी थी, वह आज
कही गिर गई।‘
पति (पत्नी से)- ‘आज ही मेरे कोट की जेब से सौ रूपए चोरी हुए, खैर
कोई बात नहीं।‘
पत्नी (पति से)- क्यों?
पति (पत्नी से)- तुम्हारी अंगूठी मिल गई।
पत्नी (खुश होकर)- सच कहां मिली?
पति (पत्नी से)- उसी जेब में से, जिसमें से सौ रूपए गायब हुए थे।

 




 
पति ने पत्नी से एक कप चाय बनाने के लिए कहा।
पत्नी (पति से) - तुम खुद बना लो।
पति (पत्नी से)- मेरे सिर में दर्द है।
पत्नी (पति से)- मेरे गले में दर्द है।
पति (पत्नी से)- ठीक है तो तुम मेरा सिर दबा दो, मैं तुम्हारा गला दबा
देता हूं।

 





मीता (अपनी सहेली सीमा से) - तुम्हारी हैदराबाद यात्रा कैसी रही?
सीमा (मीता से)- अरे क्या बताऊं। रास्ते में मेरे पति पानी लेने उतरे
और गाड़ी चल दी। वह स्टेशन पर ही रह गये।
मीता (सीमा से)- मैं समझ रही हूं तुम्हारी पीड़ा। इतने लंबे सफर में तुम्हें
प्यासा ही रहना पड़ा।


 





पत्नी (पति से) - अजी, क्या यह सच है कि रुपये-पैसे बोलते है?
पति (पत्नी से)- हां, कहते तो ऐसा ही है।
इस पर पत्नी बोली- तो फिर तुम मुझे कुछ पैसे दे जाना। मैं घर में
अकेली बैठी बोर होती रहती हूं।

 





पत्नी ने उलाहने भरे स्वर में कहा, ‘अगर तुम अक्ल से काम लेते तो हर
महीने इतनी बचत कर लेते कि मेरे लिए कम से कम दो साड़ियां अवश्य
खरीद लेते।‘
‘अगर मैं अक्ल से काम लेता तो मुझे साड़ियो को खरीदने की कभी नौबत
ही नहीं आती।‘ पति ने मुस्कुरा के जवाब दिया।






पत्नी (पति से)- जब भी तुम स्कूटर मोड़ते हो, तो मुझे बहुत डर लगता
है।
पति (पत्नी से)- तो इसका मतलब यह है कि तुम भी मेरी तरह डरपोक
हो। मैं तो मोड़ पर आंखे बंद कर लेता हूं। आगे से तुम भी ऐसा ही किया
करो।







एक साहब ने कैमिस्ट से दवाइयां खरीदते समय उससे कहा, ‘दवाइयों को
अलग-अलग लिफाफे में रखकर उस पर लिख दीजिए कि कौन सी मेरी
बीवी की है और कौन सी मेरे कुत्ते की।
मैं नहीं चाहता कि दवाएं बदल जाएं और मेरे कुत्ते को कुछ हो जाये।‘

 




पति-पत्नी फिल्म देखने गये, तो पति ने एक पान पत्नी के लिए खरीदा।
पत्नी (पति से)- ‘एक अपने लिए भी तो ले लो।‘
पति (पत्नी से)- ‘मैं बिना पान खाये भी खामोश रह सकता हूं।‘

 




नाई ने एक ग्राहक से पूछा, ‘बाल कितने छोटे कर दूं, साहब?‘
‘इतने छोटे कर दो कि मेरी श्रीमती जी की पकड़ में न आएं। ग्राहक ने
बालों पर हाथ फेरते हुए जवाब दिया।‘


 



  

बस में बैठे एक साहब को बार-बार छीक आ रही थी लेकिन हर बार वे
उसे जबरदस्ती रोक लेते थे। उनकी हालत देखकर बगल में बैठे एक
सज्जन ने उनसे कहा, ‘आप एक बार कायदे से छींक क्यों नहीं लेते?‘
‘कैसे छीकूं.... मेरी बीवी ने मुझसे कहा था कि जब आपको छींक आए तो
समझना कि मैं तुम्हें याद कर रही हूं और जल्द ही तुम्हें अपने पास
बुलाने वाली हूं।‘ साहब बोले। ‘तो इसमें दिक्कत क्या है?‘
बगल वाले सज्जन ने फिर पूछा।
‘अब क्या बताऊं, असल में मेरी बीवी को मरे दो साल हो गए है और
फिलहाल मैं मरकर उसके पास नहीं जाना चाहता।‘

 




पत्नी (पति से)- तुमने कभी सोचा है कि मेरी शादी किसी और से हो
जाती तो क्या होता?
पति (पत्नी से)- मैं कभी दूसरों का बुरा नहीं सोचता।
.

.




शीला ( रमा से)- तुम्हारे हसबैंड पाइप से चढ़कर ऊपर अपने घर में क्यों
जा रहे है?
रमा (शीला से)- जब तक इनकी टांग का प्लास्टर खुल न जाए, डॉक्टर ने
इन्हें सीढ़ियां चढ़ने उतरने से मना किया है।


 




जज (महिला से)- तुमने अपने पति के सिर पर कुर्सी दे मारी और वह टूट
गयी?
महिला (जज से)- जी हां, मगर यह मेरा इरादा नहीं था।
जज (महिला से)- यानी तुम्हारी नीयत पति पर हमला करने की नहीं थी।
महिला (जज से)- जी नहीं, मेरी नीयत कुर्सी तोड़ने की नहीं थी।

 



वृद्ध पति की पत्नी अपनी सहेली से बोली- ‘मैंने अपने पति की दांतों से
नाखून काटने की आदत छुड़ा दी है।‘
सहेली ने पूछा - ‘कैसे?‘
‘मैंने उनके दांत छिपाकर रख दिये है।
 





पत्नी (पति से)- जब मैं मर जाऊंगी, तो तुम क्या करोगे?
पति (पत्नी से)- मैं भी मर जाऊंगा।
पत्नी (पति से)- क्यों?
पति (पत्नी से)- क्योंकि कई बार ज्यादा खुशी से भी आदमी मर जाता है।

 



पत्नी (पति से) - क्या बात है, जब भी तुम अपने ससुराल जाते हो, बहुत
सहमे से रहते हो? जब शादी करने गए थे, उस दिन तो बहुत अकड़ रहे
थे।
पति (पत्नी से)- उस दिन मैं अकेला नहीं था, पूरी बारात के साथ था।

 



पति (पत्नी से)- यह शीशा तुम्हारे कारण टूटा है।
पत्नी (पति से)- बिल्कुल नहीं, तुम्हारे कारण टूटा है। मैंने तुम्हें फूलदान
फेककर मारा था, यदि तुम अपनी जगह से नहीं हटते तो शीशा कभी नहीं
टूटता।

 




पत्नी (पति से)- तुम बहुत फिजूलखर्ची करते हो।
पति (पत्नी से)- तुम यह कैसे कह सकती हो?
पत्नी (पति से)- तुम जो आग बुझाने वाला यंत्र खरीदकर लाये हो, वह
अभी तक एक बार भी काम नहीं आया।

 




लंबे आपरेशन के बाद बेहोशी टूटने पर एक मरीज ने आंखे खोलकर
कमजोर लहजे में कहा- मैं कहां हूं, क्या स्वर्ग में पहुंच गया हूं?
पत्नी (पति से)- नहीं प्यारे, अभी फिलहाल तुम नरक में हो।
पति (पत्नी से)- सबूत?
पत्नी (पति से) - क्या मैं सबूत के तौर पर कम हूं?

 



सैनिको की पत्नियां अपने पतियों की बहादुरी का बखान कर रही थी।
एक बोली, ‘मेरे पति ने हाल ही के युद्ध में बहुत बहादुरी का परिचय दिया
था। उन्होने तो एक दुश्मन की टांग ही काट डाली थी।‘
दूसरी महिला ने पूछा, ‘पर टांग क्यों?‘ सिर क्यों नहीं?
इस पर पहली बोली, ‘क्योंकि उसका सिर तो पहले से ही कटा हुआ था।‘

 




मीना (राकेश से)- उसने आत्महत्या कर ली और उसे आत्महत्या करनी
पड़ी। इन दोनो में अंतर बताओ।
राकेश (मीना से)- पहले वाक्य से व्यक्ति के अविवाहित होने और दूसरे
वाक्य से उसके विवाहित होने का पता चलता है।

 



 
पत्नी (पति से)- मेरे पिताजी जब गाते थे तो उड़ते हुए पंछी गिर जाया
करते थे।‘
पति (पत्नी से)- ‘क्या तुम्हारे पिताजी मुंह में कारतूस भर कर गाते थे।‘

 




पति (पत्नी से)- ‘अभी मीना की शादी की क्या जल्दी है? बहुत समय पड़ा
है। जब तक कोई अच्छा लड़का न मिले तब तक हमें बाट देखनी चाहिए।‘
पत्नी (पति से)- ‘बाट भी कब तक देखी जा सकती है? जब मैं शीला की
उम्र की थी तो मेरे घरवालों ने ही अच्छा लड़का मिलने का इंतजार कहां
किया था?‘

 





राकेश (मीना से)- उसने आत्महत्या कर ली और उसे आत्महत्या करनी
पड़ी। इन दोनो में अंतर बताओ।
मीना (राकेश से)- पहले वाक्य से व्यक्ति के अविवाहित होने और दूसरे
वाक्य से उसके विवाहित होने का पता चलता है। 
.
.
.
.
.
.
पत्नी (पति से)- मैंने दुनिया की सबसे खूबसूरत महिला को देखा, उस पर
वो कपड़े खूब फब रहे थे।
पति (पत्नी से) अच्छा, फिर?
पत्नी (पति से)- फिर क्या? मैं आइने के सामने से हट गई।

 




पति (पत्नी से)- आज ऑफिस में सारा दिन तनाव रहा।
पत्नी (पति से)- क्यों?
पति (पत्नी से)- पहले मिला काम का ढेर, फिर बॉस की डांट और फिर
टिफिन में कद्दू की सब्जी।

 




पति (पत्नी से)- मैं बेवकूफ था, जो मैंने तुमसे शादी की।
पत्नी (पति से)- बिल्कुल। दरअसल, मैं प्यार में इस कदर डूबी थी, कि
मैंने नोटिस ही नहीं किया।

 





पति (पत्नी) - सामने खिड़की में जो तोता-मैना बैठे है, दोनों रोज यहां
आते है। संग-संग बैठते है, चहचहाते है और एक हम है, हमेशा लड़ते ही
रहते है।
पत्नी - तुमने एक चीज पर ध्यान नहीं दिया। यहां बैठने वाले जोड़े में से
तोता तो रोज वही होता है पर मैना हमेशा नई होती है।

 





पी (पति से) - अगर कोई बदमाश मुझे भगाकर ले जाएगा तो तुम क्या
करोगे?
पति (पी से) - मैं उससे कहूंगा कि भगाने की क्या जरूरत है ऐसे ही ले
जाओ।

 





पति (पत्नी से)- पिछले एक घंटे से चाय का इंतजार कर रहा हूं। इतनी देर
तक तुम बालकनी में क्या कर रही थी?
पत्नी (पति से)- पड़ोस वाली मिसेज शर्मा से बातें कर रही थी।
पति (पत्नी से)- इतनी देर तक जब बात करनी थी तो उन्हें घर ही क्यों
नहीं बुला लिया?
पत्नी (पति से)- मैंने उनसे कहा था, पर वह बोली मेरे पास समय नहीं है।

 




पत्नी (पति से)- कितनी बार कहा है कि अपने बालों में खिजाब लगाओ,
बुड्‌ढे नजर आते हो।
पति (पत्नी से)- अरे भाग्यवान! अगर मैंने बालों में खिजाब लगा लिया तो
लड़कियों से बेधड़क बात नहीं कर पाऊंगा।

 




पति - ‘ऐसे जीवन से तो अच्छा है कि मैं मर जाऊं प्रभु, तू मुझे उठा
ले।'
पत्नी - ‘भगवान इनसे पहले मुझे उठा ले।'
पति - ‘प्रभु, तू इसकी सुन, मैं अपनी अर्जी वापस लेता हूं।'
  






पति (पत्नी से)- ‘कल तुम मायके गई थी कि रात घर में चोर घुस आए।
उन्होने मुझे खूब मारा-पीटा, यहां तक कि मुझे मुर्गा भी बना दिया।‘
पत्नी - ‘क्या आपने शोर नहीं मचाया?‘
पति - ‘मैं कोई डरपोक था जो शोर मचाता।‘

 





पत्नी (पति से)- आज तो नयी कंघी खरीदनी ही पड़ेगी। पुरानी कंघी का
एक दांत टूट गया है।
पति (गुस्से मे) एक दांत टूट गया तो क्या तुम नयी कंघी खरीदोगी?
पत्नी (पति से)- चीखो मत। खरीदनी तो पड़ेगी ही। वह कंघी का आखिरी
दांत जो था।







घर में कलह होने के बाद पति ने गुस्से में पंखे से रस्सी का फंदा
लटकाया और स्टूल पर चढ़कर गले में डालने को तैयार हो गया।
पत्नी (पति से)- जो कुछ करना है जल्दी तय कर लो।
पति (पत्नी से)- मुझे तुम शांति से मरने भी न दोगी?
पत्नी (पति से)- मुझे स्टूल की जरूरत है।

 





मरते हुए पुरूष ने अपनी पत्नी को अपने पास बुलाया और धीमें से बोला-
रमा, मेरे मरने पर दुकान मोहन के सुपुर्द कर देना।
पत्नी (पति से)- मोहन! उससे अच्छी तो मुकेश दुकान चलायेगा।
पति ने बात मान ली। ‘अच्छा, अच्छा। राम को मेरी कार दे देना।‘
पत्नी ने फिर सलाह दी- पर मेरे ख्याल में कार संजीव के पिता को चाहिए
उन्हें रोजाना सात मील दूर काम पर जाना पड़ता है।
पति - चलो, कार संजीव के पिताजी को ही दे देना, लेकिन मेरा यह
मकान महेश को दे देना।
इस पर पत्नी बोली- महेश को तो यह शहर पसंद ही नहीं है, मेरे विचार
में..........
पति से अब नहीं रहा गया। वह कराहा- रमा! एक बात बताओ, मर कौन
रहा है- मैं या तुम?

 ' ' '  





पति (पत्नी से)- आज किसी ने मेरी जेब काट ली।
पत्नी (पति से)- तो पुलिस में रिपोर्ट की?
पति (पत्नी से)- नहीं, मैंने गलती कर दी।
पत्नी (पति से) - वह क्या?
पति (पत्नी से)- जेब कटने के तुरंत बाद मैंने उसे दर्जी से सिलवा लिया।

 
.
.
.
.
पार्टी चल रही थी, मीना ने अपने पति को उंगली से अपनी ओर आने का
इशारा किया। पति आ गया और पूछने लगा, ‘क्या कोई काम था?‘
मीना (पति से)- काम तो कुछ नहीं था। बस मैं देखना चाहती थी कि
मेरी इस उंगली में कितनी ताकत है।‘
-->

No comments:

Post a Comment