Thursday, 13 June 2013

सरकार को नहीं पता, भारत के क्यों इतने नाम !!!........................63413

सरकार को नहीं पता, भारत के क्यों इतने नाम !!!

गुड़गांव। भारत सरकार को नहीं मालूम कि भारत का एक से अधिक नाम क्यों हैं, उसके नाम किसने रखे और उसे हिंदुस्तान क्यों कहते हैं? सरकार को यह भी नहीं पता है कि अगर किसी नागरिक को इस बारे में जानकारी चाहिए तो वह कहां से ले? ये तमाम बातें सामने आई हैं सूचना के अधिकार [आरटीआइ] के तहत मिली जानकारी से।
प्रधानमंत्री कार्यालय से जानकारी मांगी गई थी कि अपने देश को तीन नामों भारत, इंडिया और हिंदुस्तान से जाना जाता है।सरकारी दस्तावेजों में इसका असली नाम क्या है? क्या इन तीनों नामों की व्यवस्था भारतीय संविधान में है? अगर हां, तो देश के ये नाम किसने दिए। इसके जवाब में गृह मंत्रालय देश का नाम भारत अर्थात इंडिया होने की जानकारी तो देता है, लेकिन इस संबंध में अन्य जानकारी नहीं होने की बात करता है।
यह जानकारी भी मांगी गई थी कि ऐसे कौन से देश हैं, जिसके एक से अधिक नाम हैं और ऐसे कौन से देश हैं जिनकोआजाद होने के बाद अंग्रेजों द्वारा रखे गए नाम बदल कर नए नाम दिए गए? ऐसे ही करीब एक दर्जन सवालों का जबाव प्रधानमंत्री कार्यालय से मांगा गया लेकिन उसने खुद जवाब देने के बजाय आवेदन गृह मंत्रालय को भेज दिया।

~ नवीन गौतम
सरकार को नहीं पता, भारत के क्यों इतने नाम !!!

गुड़गांव। भारत सरकार को नहीं मालूम कि भारत का एक से अधिक नाम क्यों हैं, उसके नाम किसने रखे और उसे हिंदुस्तान क्यों कहते हैं? सरकार को यह भी नहीं पता है कि अगर किसी नागरिक को इस बारे में जानकारी चाहिए तो वह कहां से ले? ये तमाम बातें सामने आई हैं सूचना के अधिकार [आरटीआइ] के तहत मिली जानकारी से।
प्रधानमंत्री कार्यालय से जानकारी मांगी गई थी कि अपने देश को तीन नामों भारत, इंडिया और हिंदुस्तान से जाना जाता है।सरकारी दस्तावेजों में इसका असली नाम क्या है? क्या इन तीनों नामों की व्यवस्था भारतीय संविधान में है? अगर हां, तो देश के ये नाम किसने दिए। इसके जवाब में गृह मंत्रालय देश का नाम भारत अर्थात इंडिया होने की जानकारी तो देता है, लेकिन इस संबंध में अन्य जानकारी नहीं होने की बात करता है।
यह जानकारी भी मांगी गई थी कि ऐसे कौन से देश हैं, जिसके एक से अधिक नाम हैं और ऐसे कौन से देश हैं जिनकोआजाद होने के बाद अंग्रेजों द्वारा रखे गए नाम बदल कर नए नाम दिए गए? ऐसे ही करीब एक दर्जन सवालों का जबाव प्रधानमंत्री कार्यालय से मांगा गया लेकिन उसने खुद जवाब देने के बजाय आवेदन गृह मंत्रालय को भेज दिया।
~ नवीन गौतम
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