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Friday, 17 May 2013

Hindi Jokes.....................50 New चुटकुला.........................55013


नौकर (मालिक से)- अगर आप मुझ पर विश्वास नहीं करेगेे, तो मैं
नौकरी छोड़ दूंगा।
मालिक (नौकर से)- ऐसा क्यों कह रहे हो? मैंने तो तुम्हें घर की चाबियां
दे रखी है।
नौकर (मालिक से)-हां तभी तो कह रहा हूं, क्योंकि उनमें सेफ की चाबियां
नहीं है।


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एक महिला (भिखारी से)- तुम रोज दोपहर के वक्त ही मेरे घर खाना
मांगने क्यों आते हो?
भिखारी (महिला से) - दरअसल, मुझे डॉक्टर ने दोपहर के भोजन में
तीखी तली, मसालेदार और तेल वाली चीज खाने से मना किया है।


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बॉस (मुकेश से)- अरे मुकेश! फिर तीन दिन की छुट्टी? पिछले दो सालों
में तुमने न जाने कितनी बार छुट्टियां ली है। कभी सगाई, कभी हनीमून,
बच्चे की बीमारी, कभी नामकरण... अब क्या है?
मुकेश (बॉस से)- जी कल मेरी शादी है।


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मोटे राम एक शहर घूमने गए वहां प्लेटफार्म पर रखी वजन करने वाली
मशीन पर लिखा था ‘मैं आपका वजन कर सकती हूं।‘ कृपया रुपया
डालिए।
मोटे राम उस पर चढ़ गए और रुपया डाला।
मशीन से फौरन कार्ड निकला, जिस पर लिखा था- सावधान, कृपया
एक-एक करके खड़े हो एक साथ नहीं।


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शर्माजी (नेता दोस्त से)- यार आजकल मैं बहुत परेशान हूं।
नेताजी (शर्माजी से)- क्यों क्या हुआ?
शर्माजी (नेता दोस्त से)- दरअसल मेरे बच्चे का विकास रुक गया है।
खाने-पीने पर भी यह मोटा नहीं होता। किसी अच्छे डॉक्टर का नाम
बताओ।
नेताजी (शर्माजी से)- डॉक्टरो के पास जाने से कुछ नहीं होगा। इसका
नाम भ्रष्टाचार रखो। फिर देखना इसका विकास किस रफ्तार से होता है।


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शर्माजी (दुकानदार से)- कहां है मेरा गिफ्ट?
दुकानदार (शर्माजी से)- कौन सा गिफ्ट?
शर्माजी (दुकानदार से)- कल जो मैंने मिनरल वाटर की बोतल खरीदी थी
उस पर फ्री गिफ्ट था, वो कहां है?
दुकानदार (शर्माजी से)- उस पर कोई गिफ्ट नहीं है।
शर्माजी (दुकानदार से)- बेवकूफ समझते हो! बोतल पर साफ -साफ लिखा
था: 100 प्रतिशत बैक्टीरिया फ्री।


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मोहन (सोहन से)- तुमने तो कहा था कि तुम बहुत से नेताओ को जानते
हो। कही मेरी भी नौकरी लगवा दो।
सोहन (मोहन से)- लेकिन मैंने यह कब कहा था कि वे भी मुझे जानते है।

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राम (मोहन से)- क्या कर रहे हो?
मोहन (राम से)- अपने दोस्त को पत्र लिख रहा हूं।
राम (मोहन से)- लेकिन तुम्हें तो लिखना नहीं आता।
मोहन (राम से)- तो मेरे दोस्त को कौन सा पढ़ना आता है।


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एक बूढ़ा आदमी घने जंगल से जा रहा था। उसे एक शेर ने देख लिया।
शेर (बूढ़े आदमी से)- ठहरो मनुष्य, मैं तुम्हारा खून पीऊंगा।
बूढ़ा आदमी (शेर से)- अरे महाराज मेरा खून तो ठंडा पड़ गया है। किसी
नौजवान का गरम खून पिओ।
शेर (बूढ़े आदमी से)- चुप रहो, आज मेरा कोल्ड ड्रिंक पीने का मूड है।


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चींटी (हाथी से)- अरे हाथी भैया तुम्हारी उम्र क्या है?
हाथी (चीटी से)- चार साल।
चीटी (हाथी से)- क्या चार साल, तब भी तुम इतने बड़े!
हाथी (चीटी से)- आई एम कॉम्प्लॉन ब्वॉय!
हाथी (चीटी से)- चीटी बहन, तुम्हारी उम्र क्या है?
चीटी (हाथी से)- सात साल।
हाथी (चीटी से)- तब भी तुम इतनी छोटी?
चीटी (हाथी से)- मेरी खूबसूरत त्वचा से मेरी उम्र का पता ही नहीं
चलता।
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मैंनेजर (युवक से)- हमें इस पद के लिए किसी जिम्मेदार आदमी की
तलाश है।
युवक (मैंनेजर से)- तब तो मैं इस पद के लिए पूरी तरह फिट हूं।
मैंनेजर (युवक से)- क्यों?
युवक (मैंनेजर से)- क्योंकि पिछले हर आफिस में मुझे ही हर गलती के
लिए जिम्मेदार ठहराया जाता था।
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सुरेद्र (गोल्डी से): इंसान की नजर ज्यादा तेज है या जानवर की?
गोल्डी (सुरेद्र से): जानवर की नजर।
सुरेन्द्र (गोल्डी से): यह तुम कैसे कह सकती हो?
गोल्डी (सुरेद्र से): क्योंकि जानवर कभी चश्मा नहीं पहनते।


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दारोगा (रमेश से)- जब तुम्हारे यहां चोरी हुई, उस समय कितना बजा
था?
रमेश (दारोगा से)- हम पर चार लट्‌ठ और हमारे भाई पर दो लट्‌ठ बजे
थे।
दारोगा (रमेश से)- अरे मैं घड़ी का पूछ रहा हूं उसमें कितना बजा था?
रमेश (दारोगा से)- साहब घड़ी तो एक ही लट्‌ठ बजने पर टूट गई।


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पुजारी (शर्मा जी से)- तुम तो बड़े भक्त लगते हो। भगवान से क्या
मांगतेे हो?
शर्मा जी (पुजारी से)-मैं त्रिशंकु बनने की कामना करता हूं।
पुजारी (शर्मा जी से)- क्यों?
शर्मा जी (पुजारी से)- मेरी बीवी धरती पर अभी जिंदा है। लेकिन मेरी
सास इस धरती से जा चुकी है। मैं इन दोनो से दूर रहना चाहता हूं।


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एक बेरोजगार युवक का इंटरव्यू लेते हुए कंपनी के मैंनेजर ने पूछा- क्यों
साइकिल चलाना जानते हो?
युवक (मैंनेजर से)- जी हां।
मैंनेजर (युवक से)- क्या कभी हवाई जहाज चलाने का अनुभव है?
युवक (मैंनेजर से)- बिल्कुल है।
मैंनेजर (युवक से)- तुम्हें कंपनी में सैल्समैंन के पद पर नियुक्त किया
जाएगा, इसलिए यह बताओ कि क्या कभी जरूरत पड़ेगी तो झूठ बोल
सकते हो?
युवक (मैंनेजर से)- मैं इतनी देर से झूठ ही तो बोल रहा हूं।
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प्रेमिका (प्रेमी से)- तुम इतने घबराए हुए क्यों हो?
प्रेमी (प्रेमिका से)- मुझे एक व्यक्ति की ओर से धमकी भरा पत्र मिला है
कि मैंने उसकी पत्नी से मिलना बंद नहीं किया तो वह मेरा खून कर देगा।
प्रेमिका (प्रेमी से)- तो फिर तुम उसकी पत्नी से मिलना बंद कर दो।
प्रेमी (प्रेमिका से)- पर धमकी भरा खत गुमनाम व्यक्ति ने लिखा है। मैं ये
कैसे जान सकता हूं कि उसकी पत्नी कौन सी है?


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विनय (राजेश से)- तुम्हारे हाथ इतने काले क्यों हो रहे है?
राजेश (विनय से)- मैं अपनी पत्नी को स्टेशन पर छोड़ने गया था।
विनय (राजेश से)- पर इससे तुम्हारे हाथ काले होने का क्या संबंध है?
राजेश (विनय से)- यार, मैंने गाड़ी के इंजन को शाबाशी दी थी।
(मेजबान से)- मैं कल वापस जा रहा हूं, आपको तो बुरा लग रहा होगा।
मेजबान (मेहमान से)- हां, बुरा तो लग रहा है, मुझे लग रहा था कि आप
आज ही जा रहे है।
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भिखारी (राहगीर से)-भगवान के लिए अंधे भिखारी को कुछ दे दो बाबा।
राहगीर (भिखारी से)-भीख तो दे दूं, पर कैसे मानूं कि तुम अंधे हो?
भिखारी (राहगीर से)- साहब, क्या सामने वाले लाल मकान के पीछे नीले
मकान की छत पर बैठा सफेद कबूतर आपको दिख रहा है।
राहगीर (भिखारी से)- हां, मुझे तो दिख रहा है।
भिखारी (राहगीर से)- लेकिन वह कबूतर मुझे दिखाई नहीं दे रहा है।


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अंधेरी रात में सुनसान सड़क पर श्यामू जा रहा था। एकाएक पीछे से एक
अजनबी आया और बोला- क्या आप मुझे एक रुपए का सिक्का देगे?
श्यामू (अजनबी से)- जरूर, लेकिन आप उसका करेगे क्या?
अजनबी (श्यामू से)- दरअसल, मैं और मेरा दोस्त फैसला करेगे कि आपसे
लूटा हुआ माल कौन लेगा।

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राम (मोहन से)- मैंने बहुत मेहनत और अध्ययन के बाद पता लगा लिया
कि तलाक की वजह आखिर क्या है?
मोहन (राम से)- क्या है, मुझे भी तो बताओ?
राम (मोहन से)- विवाह।
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यात्री (बस कंडक्टर से)- क्या मैं बस में सिगरेट पी सकता हूं?
बस कंडक्टर (यात्री से)- नहीं, श्रीमान।
यात्री (बस कंडक्टर से)- लेकिन बस में तो सिगरेट के टुकड़े पड़े हुए है।
बस कंडक्टर (यात्री से)- यह उन लोगो ने फेके है, जिन्होने आपकी तरह
मुझसे पूछा नहीं था।


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एक सरकारी दफ्तर में दो नए कर्मचारी बात कर रहे थे।
पहला (दूसरे से)-अपना फेमिली अलाउंस बढ़वाने के लिए मैंने बच्चो की
संख्या तीन लिखवा दी है।
दूसरा (पहले से)- अरे, कम से कम पांच तो लिखवाते। मैंने तो सात
लिखवाई है।
पहला (दूसरे से)-भैया तुम्हारी बात और है, तुम तो शादीशुदा हो।


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थानेदार (सिपाहियों से)- तुम चार थे। फिर भी एक चोर को नहीं पकड़
सके?
सिपाही (थानेदार से)- चोर तो भाग ही गया, पर मैं उसकी उंगलियों के
निशान ले आया हूं।
थानेदार (सिपाही से)- कहां हैं?
सिपाही (थानेदार से)- मेरे गाल पर।


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मोहन (रमेश से)- मेरी बेटी का संगीत अभ्यास मेरे लिए लाभकारी सिद्ध
हुआ।
रमेश (मोहन से)- कैसे?
मोहन (रमेश से)- मेरा पड़ोसी इसी कारण मकान आधे दामों पर बेच गया
और मैंने उसे खरीद लिया।


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मैंनेजर (उम्मीदवार से)- अब तक तुमने कितने जगह काम किया है और
कितने-कितने समय तक वहां रहे हो?
उम्मीदवार (मैंनेजर से)- जी, ग्यारह जगह काम किया है और सब जगह
छह-छह महीने तक रहा हूं।
मैंनेजर (उम्मीदवार से)- आखिर इसका क्या कारण है कि किसी भी जगह
तुम छह महीने से ज्यादा नहीं टिके।
उम्मीदवार (मैंनेजर से)- आप नौकरी पर रखकर देख लीजिए, आपको भी
पता चल जाएगा।


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मैंनेजर (अपनी खूबसूरत टाइपिस्ट से)- रात सपने में मैंने दुनिया की
सबसे खूबसूरत लड़की से शादी कर ली।
टाइपिस्ट (शर्माते हुए) - तो क्या बॉस, हम दोनों खुश थे।
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रीता (अनीता से)- जब तुम किसी खूबसूरत लड़की को देखती हो तो
क्या करती हो।
अनीता (रीता से)- देखती रहती हूं और जब थक जाती हूं, तो शीशा पलट
कर रख देती हूं।

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महिला (ऑटो चालक से)- भैया तेज चलाओ, मेरा चित्रकार निकल जाएगा।
ऑटो चालक (महिला से) - बहन जी, अगर मैंने तेज चलाया तो आपके
चित्र पर हार पड़ जाएगा।


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महेश (संजय से) - मुझे खुशी इस बात की है कि मेरा बॉस एक डॉक्टर
है।
संजय (महेश से) - ऐसी क्या खासियत है आपके बॉस मे?
महेश (संजय से) - मैं थोड़ा भी बीमार पड़ता हूं, तो वह मुझे फौरन बेड
रेस्ट की सलाह दे देता है।


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कवि को नए-नए जूते पहने देखकर पड़ोसी ने पूछा-‘क्या बात है भाई,
आज तो आपने नया जूता पहना है। लाटरी निकल आई है क्या?‘
‘ऐसा ही समझ लो भाई, बरसो से कवि सम्मेलनो में जा रहा हूं, लेकिन
आज पहली बार किसी श्रोता ने दोनो पैर के जूतो से मारा है।‘ कवि ने
खुश होकर कहा।


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पहली पड़ोसन (दूसरी पड़ोसन से)- कल तुम्हारे कुत्ते ने मेरी सास के पैर
में काट लिया।
दूसरी पड़ोसन (पहली पड़ोसन से)- माफ करना कुत्ता है। उससे गलती हो
गयी, मैं हर्जाना देने के लिए तैयार हूं। बोल क्या दूं?
पहली (दूसरी पड़ोसन से)- हरजाने की बात कौन कर रहा है। मैं तो यह
पूछने आई थी कि उसे आप बेच सके तो कितने में बेचेगी?


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अदालत में सरकारी वकील ने कहा- मी लॉर्ड, अपराधी पर इल्जाम है कि
उसने अपनी पत्नी को चिड़ियाघर के गहरे तालाब में धक्का दे दिया,
जिसकी वजह से पत्नी को मगरमच्छ खा गया।
जज ने गरज कर कहा- क्या अपराधी यह बात नहीं जानता था कि
चिड़ियाघर में जानवरो को कुछ खिलाना मना है?


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नेताजी (भिखारी बच्चे से)- तुम यहां क्यों हो । इस समय तो तुम्हें स्कूल
में होना चाहिए।
भिखारी बच्चा (नेताजी से)- वहां भी गया था पर वहां किसी ने भीख नहीं
दी।

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एक सहेली (नाराज होकर)- जानती हो, किसी ने सच ही कहा है कि जिसे
शक्ल मिलती है उसे अक्ल नहीं मिलती।
दूसरी सहेली (शरारत से)- वाकई तुम बहुत सुंदर हो।


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लड़की की मां- हमारी बिटिया को नाचना-गाना, घुड़सवारी करना, तैरना
और कार चलाना सब कुछ आता है।
लड़के की मां- पर बहन, हमारे बेटे को सीना-पिरोना, बच्चे पालना, कपड़े
धोना और खाना बनाना बिल्कुल नहीं आता है।


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महफिल में गायिका आंखे बंद कर गाना गा रही थी और वहीं बैठे दो श्रोता
उसके गायन से बोर होकर आपस में बातचीत करने लगे।
पहला श्रोता (दूसरे से)- भैया जी, गायिका गाते समय आंख क्यों बंद कर
रही है?
दूसरा श्रोता (पहले से)- लगता है, बहुत दयालु स्वभाव की है। श्रोताओ का
दुख देख नहीं पा रही।
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प्रेमिका (प्रेमी से)- जो लड़कियां आपस में हमेशा बोलती रहती हैं उन्हें कैसे
चुप कराया जा सकता है?
प्रेमी (प्रेमिका से)- बहुत आसान सा तरीका है।
प्रेमिका (प्रेमी से)- वह क्या?
प्रेमी (प्रेमिका से)- उनसे कहो कि सबसे बड़ी उम्र वाली पहले बोले।


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प्रेमिका (प्रेमी से)- जो लड़कियां आपस में हमेशा बोलती रहती हैं उन्हें कैसे
चुप कराया जा सकता है?
प्रेमी (प्रेमिका से)- बहुत आसान सा तरीका है।
प्रेमिका (प्रेमी से)- वह क्या?
प्रेमी (प्रेमिका से)- उनसे कहो कि सबसे बड़ी उम्र वाली पहले बोले।


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मुवक्किल (वकील से)- वकील साहब, आपकी फीस बहुत ज्यादा है।
वकील (मुवक्किल से)- यह बात तुम किस आधार पर कह रहे हो?
मुवक्किल (वकील से)- जी, पंडित जी ने मेरी शादी मात्र दो सौ रुपए में
करवायी थी और तलाक के लिए आप दो हजार रुपए मांग रहे है?
वकील (मुवक्किल से मुस्कराते हुए )- सस्ते काम का नतीजा तुम्हारे
सामने है।


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पिता (अध्यापक से)- मेरा लड़का इतिहास में कैसा है? दरअसल, मैं जब
स्कूल में था, तो इस विषय में बहुत कमजोर था।
अध्यापक (पिता से)- मैं तो यही कहूंगा कि इतिहास खुद को दोहरा रहा
है।


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अफसर (रामलाल से)- मैंने कहा न, कोई जगह खाली नहीं है। नौकरी के
लिए इतनी अर्जियां आती है कि संभाले नहीं संभलती।
रामलाल - तो साहब! ऐसा करे कि मुझे इन अर्जियो को संभालने की
नौकरी दे दे।


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पहला जेलर (दूसरे जेलर से)- क्या तुम्हारी पत्नी अभी भी कैदियो के लिए
गाना गाती है।
दूसरा जेलर (पहले जेलर से)- नहीं यार कैदियो ने मना कर दिया।
पहला जेलर (दूसरे जेलर से)- क्यों?
दूसरा जेलर (पहले जेलर से)- उन्होने कहा कि यह हमारी सजा में शामिल
नहीं है।


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रेशमा (रीता से)- मैंने ‘टाइटेनिक‘ पांच बार देखी थी। तुमने कितनी बार
देखी।
रीता (रेशमा से)- मुझे तो एक ही बार में समझ में आ गई थी।


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थाने के बाहर सिपाही ऑटोरिक्शा वाले से लड़ रहा था।
इतने में अंदर से इंसपेक्टर आया और चिल्ला कर बोला - यह सब क्या
हो रहा है?
सिपाही ने जवाब दिया - साहब यह गुडागर्दी करता है। मुझसे किराया
मांग रहा है।


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कर्मचारी (अधिकारी से)- सर मेरी शादी हो गई है, अब तो मेरी सैलरी
बढ़ा दीजिए।
अधिकारी (कर्मचारी से)- देखिए कंपनी के बाहर होने वाले हादसे के
जिम्मेदार हम नहीं है।


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एक व्यापारी ने एक लड़के को नौकरी पर रखा। लड़का मेहनती तो बहुत
था लेकिन दिन भर फिल्मी धुन में सीटी बजाता रहता था।
एक दिन मालिक ने कहा- अब कोई नई धुन निकालकर सुनाओ।
लड़का तुनक कर बोला- मालिक 300 रुपए महीने में शास्त्रीय संगीत सुनने
को नहीं मिलेगा।
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एक प्रख्यात राजनीतिज्ञ का निधन विमान दुर्घटना में हुआ। इसके थोड़े
दिनो के पश्चात एक कर्मठ समाजसेवी का निधन राज्य परिवहन निगम की
बस दुर्घटना में हुआ।
जब वे दोनो स्वर्ग में मिले तो राजनीतिज्ञ साहब बोले- अरे आप भी आ
गये। यहां आप जैसे समाजसेवी की सख्त आवश्यकता थी, जो आज पूरी
हुई, लेकिन आपको यहां आने में इतनी देर क्यों हुई?
समाजसेवी मृदुभाव से बोले- हां साहब, आप विमान से आये है और मैं
राज्य परिवहन निगम की बस से आ रहा हूं।


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प्रोफेसर साहब किसी काम के सिलसिले में शहर से बाहर गए तो उन्हें एक
होटल में रुकना पड़ा। काम निपटाकर जब वे वापसी के लिए रेलवे स्टेशन
जा रहे थे कि अचानक याद आया, छतरी तो वे होटल के कमरे में ही छोड़
आए है। होटल पहुंचने पर पता चला कि अब उसमें एक प्रेमी युगल आकर
ठहर चुका है।
भीतर से प्रेमी का स्वर सुनाई दे रहा था- प्रिय, ये जुल्फे किसके लिए है?
‘सिर्फ तुम्हारे लिए। ‘ प्रेमिका की खनकती आवाज आई।
‘ये दो मतवाले नयना किसके लिए है?‘
‘सिर्फ तुम्हारे लिए। ‘
‘ये गालो की गुलाबी रंगत?‘
‘तुम्हारे लिए ही। ‘
प्रोफेसर साहब से अब रहा न गया वे बाहर से ही चिल्लाए ‘बेटी, जब
छतरी की बारी आए तो याद रखना वह मेरी है।‘


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एक लड़की ने मनचले युवक को डांटते हुए कहा- अगर तुम्हें जरा भी शर्म
है तो डूब मरो।
उस युवक ने बेशर्मी से हंसते हुए कहा- मुझे अफसोस है कि मैंआपके हुक्म
पर अमल नहीं कर सकता क्योंकि मुझे तैरना आता है।


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भिखारी (एक साहब से)- साहब आपका पर्स तो नहीं खो गया।
साहब (भिखारी से)- नहीं तो।
भिखारी (साहब से)- तो फिर मुझे एक रुपया दे दीजिए।

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