Monday, 13 May 2013

Hindi hasya poem................पंडित जी, आपने शादी कराई थी अब आप ही तलाक भी दिलवायेगें ................53613

पति पत्नी में प्रायः अनबन रहती थी,
बात बेबात में, तू तू ,मैं मैं रहती थी।
सगे सम्बंधियों ने समझाया बुझाया,
पर दोनों की समझ कुछ नहीं आया।
एक अच्छे मित्र ने सलाह दी,
यदि प्यार से नहीं रह सकते,
प्यार से अलग तो हो सकते।
प्यार की मिसाल पेश करो,
तलाक की अर्ज़ी पेश करो।
तलाक लेने की विधि बताइए,
विधि बहुत, लेने वाले चाहिए।
हिन्दी में, तलाक डाट काम,
अंग्रेज़ी में डिवोर्स डाट काम।
फ़ेसबुक पर आपको,अनेक मिल जायेगें,
तलाक दिलाने में,सहयोगी बन जायेगें।
तुम में किसी को अपना साथी बना ले,
अपने साथी को, तुम्हारा साथी बना दे।
परिवार योजना में असफल सरकार,
अब तलाक योजना चला रही है।
तलाक का आधा खर्च,सम्मान पत्र,
और वेतन वृद्धि तक दिला रही है।
सलाह तो तुम्हारी बहुत नेक है,
फिर भी वकीलों के बहुत रेट हैं।
तुम सीधी बात, नहीं समझ रहे हो,
तलाक न लेने के बहाने ढूंढ रहे हो।
किसने कहा, तुम वकील के पास जाओ,
सीधे, शादी वाले पंडित के पास जाओ।
आज़कल वे टू इन वन चला रहे हैं,
शादी के साथ, तलाक भी करा रहे हैं।
समझदार लोग, दोनों काम एक साथ करा लेते हैं,
अगर एक में फेल हुए, दूसरे में पास हो जाते हैं।
दोनों काम की संयुक्त फ़ीस कम है,
आज़कल इस बात में बहुत दम है।
मित्र की सलाह मानी,
पंडित पर जाने की ठानी
पंडित जी, आपने शादी कराई थी
अब आप ही तलाक भी दिलवायेगें ,
यजमान बैठ जाइए, ठन्डा पानी पीजिए,
ठीक है ,हम ही आपको तलाक दिलवायेगें।
संसार गतिमान है,
समय गतिमान है,
विवाह के बाद तो,
तलाक का प्रावधान है।
यजमान मेरी बात ध्यान से सुने,
जैसा मैं कहता जाऊं, वैसा ही करें।
पति और पत्नी शब्द में, प्रथम अक्षर क्या है,
दोनों ने एक साथ, "प", कहा।
पति और पत्नी शब्द में, द्वितीय अक्षर क्या है,
दोनों ने एक स्वर में , "त", कहा।
शुरु में आप, प्रथम अक्षर पर थे,
आप मे प्यार था, दुलार था
आप  चल कर, द्वितीय अक्षर आ गए
अतः , "त", से तकरार हो गया
तकरार से तलाक तक आ गया।
तलाक समारोह कराना है,
सगे संबंधियों को बुलाना है।
तलाक कार्ड छपवा लीजिए,
जिन्हे बुलाना , बुलवा लीजिए।
बहुत सुन्दर कार्ड छपा,
स्वर्ण अक्षरों मे लिखा
श्रीमान राकेश पुत्र रमेश व सुधा,
श्रीमती संध्या पुत्री रमण व प्रभा
के तलाक समारोह में,
सभी परिजन सादर आमंत्रित हैं।
कृपया इस शुभावसर पर पधार कर,
सभी को कृतार्थ करें,
श्रीमान व श्रीमती को आशीर्वाद प्रदान करें।
तलाक स्थल खूब सज़ाया गया,
काफ़ी लोगों को बुलाया गया।
पत्नी घोड़ी पर चढ़ कर आई,
पति ने की उसकी अगुवाई।
खूब गाजे बाज़े बज़े,
लोग खूब नाचे कूदे।
वधु माला की रस्म करायी,
रस्म धूम धाम से मनायी।
पति पत्नी को आसन पर बिठाया,
उनके सभी बच्चों को बुलाया।
बच्चे मम्मी-पापा का दान करेंगे,
मम्मी पापा का कल्याण करेंगे।
हम, मम्मी पापा को आशीर्वाद देते हैं,
उनके अच्छे भविष्य की कामना करते हैं।
पति पत्नी को , अग्नि समक्ष सात फेरे लेने हैं,
चार फेरे पति को, तीन फेरे पत्नी को लेने हैं।
प्रारंभ में पति आगे, पत्नी पीछे चलेगी,
पश्चात पति पीछे, व पत्नी आगे चलेगी।
फेरे लेते समय, उलटा चलना होगा,
तलाक संस्कार का धर्म निभाना होगा।
अब आपने उलटे फेरे लगा कर संस्कार पूरा किया,
इस तरह कर्तव्य निभा कर, सब को धन्य किया।
दाया अंग आने से पहले,
पत्नी को पति के वाम अंग बैठना होगा
यज्ञ,दान,आजीवन भरम-पोषण, धन की रक्षा,
संपत्ति क्रय-विक्रय में सहमति, समयानुकूल व्यवस्था,
सखी सहेलियों में अपमानित न करने ,
आदि वचनों से मुक्त करना होगा।
पति भी, बिना आज्ञा के पिता के घर न जाना,
कहीं भी बता कर जाना,
आदि बंधनों से पत्नी को मुक्त कर देगा।
पत्नी पति, मुद्रिका निष्कासन मे भाग लेंगे,
अपनी दी अंगूठी, एक दूसरे से उतारेंगे।
पति, मंगल सूत्र उतारो,
पत्नी, सुहाग चिन्ह उतारो।
पत्नी वाम अंग छोड़कर ,दायें अंग आयेगी,
तलाक संस्कार की अंतिम रस्म निभायेगी।
अब आप दोनों, पत्नी पति के बंधन से मुक्त हुए,
इसी क्षण दोनों सांसारिक कर्तव्यों से मुक्त हुए।
कन्या चाहे, राखी बांध सकती है,
भर्ता से, भ्राता बना सकती है।
सभी जन दोनों प्राणियों पर पुष्प वर्षा करें,
उनके सुखद भविष्य की शुभ कामना करें।
आप सभी सम्पति आधी आधी बांट लें,
अति प्रेम पूर्वक एक दूसरे से विदा लें।
दोनों एक साथ बोले, सभी चीज़ तो बांट लेंगे,
परन्तु बच्चे तीन हैं, उन्हें हम कैसे बाट लेंगे।
तब तो आपको, एक साल इंतज़ार करना होगा,
चौथे बच्चे के बाद ,तलाक के लिए आना होगा।
---
डा० कान्ति प्रकाश त्यागी
Dr.K.P.Tyagi
Prof.& HOD. Mech.Engg.Dept.
Krishna institute of Engineering and Technology
13 KM. Stone, Ghaziabad-Meerut Road, 201206, Ghaziabad, UP
-->

No comments:

Post a Comment