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Wednesday, 15 May 2013

50 Hindi Jokes....................चुटकुले........................ 54413

चुटकुले 

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(एक यात्री ट्रेन से यात्रा कर रहा था, तभी टिकट चेकर आता है...)
टिकट चेकर (यात्री से)- टिकट दिखाओ?
यात्री (टिकट चेकर से)- नहीं है।
टिकट चेकर (यात्री से)- कहां जाना है?
यात्री (टिकट चेकर से)- वही जहां राम पैदा हुए थे।
टिकट चेकर (यात्री से)- अब चलो मेरे साथ।
यात्री (टिकट चेकर)- कहां?
टिकट चेकर (यात्री से)- जहां श्रीकृष्ण पैदा हुए थे।


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अभिनेता (डायरेक्टर से)- डायरेक्टर साहब, इस फिल्म में मेरा किरदार
एक पागल का है। मुझे इसमें जान डालने के लिए क्या करना चाहिए?
डायरेक्टर (अभिनेता से)- कुछ नहीं, तुम बिल्कुल वैसे ही हो, जैसा तुम्हें
रोल मिला है।

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एक साहब कपड़े की दुकान पर कपड़ा लेने आए और वह कपड़े की
क्वालिटी तथा उसकी गारंटी के बारे में पूछताछ कर रहे थे। दुकानदार ने
उनसे पूछा भाई साहब आखिर आपको कितना कपड़ा चाहिए।
साहब बोले- मुझे केवल आधा मीटर कपड़ा टोपी बनाने के लिए चाहिए।
दुकानदार ने उनको आधा मीटर कपड़ा दे दिया तो साहब फिर बोले- इस
कपड़े की गारंटी क्या है?
दुकानदार झल्लाकर बोला- आपका सिर फट सकता है पर इस कपड़े की
बनी टोपी नहीं फट सकती।


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मच्छर का खून करने के इल्जाम में चीटी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस वाले चीटी से पूछते है, तुमने रात को ऐसा क्या किया कि मच्छर
मर गया?
चीटी बड़ी मासूमियत से कहती है, कुछ भी नहीं। मैं तो बस रात को
मोर्ट्रीन जलाकर सोई थी।


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मुकेश की पत्नी उसकी शराब पीने और जुआ खेलने की आदत से काफी
परेशान थी। एक रोज दोनो बाजार से गुजर रहे थे कि तभी एक भिखारी
उनके पास आया और एक रुपया मांगने लगा।
मुकेश- क्या तुम जुआ खेलते हो, शराब पीते हो?
भिखारी- जी नहीं साहब।
मुकेश (अपनी पत्नी की ओर देखते हुए)- देखा जो लोग सिगरेट शराब नहीं
पीते और जुआ नहीं खेलते हैं उनकी यही हालत होती है।


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एक भोले भाले ग्रामीण ने गांव के पंच को दावत देनी चाही। वह पंच के
पास पहुंचा और बोला- आपको खाने में क्या पसंद है?
पंच ने कहा- मछली।
लेकिन मेरी बीवी को तो मछली पकाने की विधि नहीं आती। ग्रामीण ने
कहा।
इस पर पंच ने एक कागज पर मछली पकाने की विधि लिख दी। वह
आदमी मछली खरीद कर घर जा रहा था। रास्ते में एक चील मछली को
झपट ले गयी।
इस पर वह बोला- ले जा, ले जा। विधि तो मेरे पास है, पकायेगी कैसे?

साधू- हे भगवान! तू मुझे दर्द दे, दुख दे, सारे संसार का गम दे।
चेला- बाबा, इतनी सारी डिमांड की क्या जरूरत है। इन शॉर्ट एक अदद
बीवी मांग लीजिए।


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बांकेलाल (प्यारेलाल से)- यार मैं सोचता था कि इस दुनिया में सिर्फ मैं
ही उल्लू हूं।
प्यारेलाल (बांकेलाल से)- क्यों क्या हुआ?
बांकेलाल (प्यारेलाल से)- कल मैंने अपनी पत्नी को कश्मीरी सेब लाने को
कहा था।
प्यारेलाल (बांकेलाल से)- तो क्या हुआ?
बांकेलाल (प्यारेलाल से)- आज कश्मीर से फोन आया कि उसने सेब खरीद
लिए है।


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जज (फरियादी से)- एक जैसी सैकड़ो भैसो में से तुमने अपनी भैस को
किस तरह पहचान लिया?
फरियादी (जज से)- यह कौन सी बड़ी बात है मालिक! आपकी कचहरी में
सैकड़ो काले कोट पहने वकील है, फिर भी मैं अपने वकील को पहचान
लेता हूं।


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ज्योतिषी (एक स्त्री से)- तुम अपने पति का भविष्य जानना चाहती हो?
स्त्री (ज्योतिषी से)- नहीं, इनका भविष्य तो मेरे हाथ में है। फिलहाल तो
आप उनका भूतकाल बताइए।


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एक दुकानदार ने अपने सेल्समैंन को बुलाया और पिछले दिन की बिक्री
देखकर बोला- कल एक ही दिन में सिर दर्द की दो हजार गोलियां कैसे
बिक गई?
सेल्समैंन (दुकानदार से)- जी, कल दुकान के सामने वाले मैंदान में कवि
सम्मेलन का आयोजन था।


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एक पंडित जी, सेठजी और चोर एक वक्त में चल बसे। भगवान ने तीनो
को फिर से धरती पर भेजने से पहले उनकी इच्छा पूछी।
पडित जी बोले - मुझे तो किसी बड़े से मंदिर में भेज दीजिए।
सेठ जी बोले- मुझे ढेर सारी दौलत देकर बड़े शहर में भेज दीजिए।
चोर ने भगवान जी से धीरे से कहा - आप तो इस सेठ काेे जहा भी
भेजे, बस....वहां का पता मुझे बता दीजिएगा।


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थानेदार (थाने में आने वाले व्यक्ति से)- कहिए जनाब आपका क्या खो
गया?
व्यक्ति-पहले याददाश्त खो गई। अब घर नहीं मिल रहा है।


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राम (श्याम से)- जब पिछले साल हम मुंबई गए थे तब कौन से होटल में
ठहरे थे?
श्याम (राम से)- जरा रुको, चम्मच देखकर बताता हूं।


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भिखारी (शर्मा जी से) -दो दिन से भूखा हूं साहब कुछ मदद करो।
शर्मा जी (भिखारी से)- तुम भिखारी तो नहीं लगते। ये लो दस का नोट
और बताओ तुम्हारी ये हालत कैसे हुई?
भिखारी (शर्मा जी से)-जी मैं भी आपकी तरह फिजूलखर्च था।


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नगर परिषद चुनाव में एक उम्मीदवार का चुनाव चिह्न साइकिल था। रात
के समय घरो में वोट मांगते समय एक बुढ़िया को घर के दरवाजे में बैठे
देखकर कहा, ‘माता जी साइकिल का ध्यान रखना।
बुढ़िया ने कहा, ‘बेटा दरवाजे के अंदर खड़ी कर दो, बाहर से कोई उठा न
ले जाये।

किरायेदार (मकान मालिक से)- इस महीने मैं आपको मकान का किराया
नहीं दूंगा।
मकान मालिक - यही बात तुमने पिछले महीने भी कही थी।
किरायेदार - तो क्या हुआ, मैं तो अपना वचन निभा रहा हूं।


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न्यायधीश (चोर से)- ‘ठीक-ठीक बताओ कि तुमने चोरी की या नहीं?‘
चोर (न्यायधीश से)- ‘पर सरकार, मैं कैसे बता सकता हूं?‘
न्यायधीश (चोर से)- ‘क्यों नहीं बता सकते?‘
चोर (न्यायधीश से)- ‘यह तो मेरा वकील ही बताएगा। इसी काम के लिए
ही तो मैंने फीस भरी है।‘


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यात्री (रेल के गार्ड से)- ‘मैं चाय पीना चाहता हूं। कोई ऐसा उपाय बताइए
कि मेरे आने तक गाड़ी न चले।‘
गार्ड (मुस्कराकर)- ‘बड़ा सरल उपाय है। मुझे भी अपने साथ ले चलिए।‘

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जज (अभियुक्त से)- ‘अपने को निर्दोष साबित करने के लिए तुम्हारे पास
अब क्या बचा है?‘
अभियुक्त - ‘सच है हुजूर, मेरे पास जो था, वह वकील साहब को मैंने फीस
में दे दिया।‘

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मालिक (नए चपरासी से)- तुम्हें मैंनेजर ने काम समझा दिया है न?
चपरासी (मालिक से)- जी हां, उन्होने समझा दिया है कि जब आप दफ्तर
में आएं तब मैं उन्हें जगा दिया करूं।


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दो मूर्ख वार्तालाप कर रहे थे।
पहला बोला- ‘यदि वृक्ष पर हाथी चढ़ जाए और वहां से नीचे उतरना चाहे
तो उसे क्या करना चाहिए?‘
दूसरा मूर्ख बोला- ‘हाथी को वृक्ष की टहनी पर बैठकर पतझड़ के आने की
प्रतीक्षा करनी चाहिए।‘


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एक ग्राहक ने होटल के मैंनेजर से शिकायत की- ‘बाथरूम में यह तौलिया
तो बहुत गंदा है आपको इतना गंदा तौलिया यहां नहीं रखना चाहिए था।‘
मैंनेजर हैरान होकर बोला- ‘कमाल है, अब तक बीसियो आदमी इससे हाथ
पोंछ चुके है। किसी ने शिकायत नहीं की। और आप कहते है कि यह
तौलिया गंदा है!‘


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भाभी (देवर से)- तुम कुंवारे हो। तुम भला महिलाओ के बारे में क्या
जानो।
देवर (भाभी से)- मैं महिलाओ के बारे में सब कुछ जानता हूं। इसीलिए तो
अभी तक कुंवारा हूं।


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मच्छर का खून करने के इल्जाम में चीटी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस वाले चीटी से पूछते है, तुमने रात को ऐसा क्या किया कि मच्छर
मर गया?
चीटी बड़ी मासूमियत से कहती है, कुछ भी नहीं। मैं तो बस रात को
मोर्ट्रीन जलाकर सोई थी।

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चोर एक घर का ताला तोड़ रहा था जैसे ही ताला टूटा चोर के पीछे एक
आहट हुई। चोर ने जैसे ही मुड़कर देखा घर का मालिक उसके पीछे खड़ा
था। चोर घबरा गया।
मकान मालिक उसे तसल्ली देता हुआ बोला, ‘मैं तुम्हारा बहुत आभारी हूं
क्योंकि इस ताले की चाबी मुझसे कही खो गई थी।

सेठानी ने नौकरानी से परेशान होकर कहा, ‘अपनी तनख्वाह से ज्यादा के
तो तू बर्तन तोड़ देती है। बता अब मैं क्या करूं?‘
नौकरानी ने कहा- ‘मेरी तनख्वाह बढ़ा दे मालकिन।‘
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मालिक (नए चपरासी से)- तुम्हें मैंनेजर ने काम समझा दिया है न?
चपरासी (मालिक से)- जी हां, उन्होने समझा दिया है कि जब आप दफ्तर
में आएं तो मैं उन्हें जगा दिया करूं।

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भाभी (देवर से)- तुम कुंवारे हो। तुम भला महिलाओ के बारे में क्या
जानो।
देवर (भाभी से)- मैं महिलाओ के बारे में सब कुछ जानता हूं। इसीलिए तो
अभी तक कुंवारा हूं।


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किरायेदार (मकान मालिक से)- इस महीने मैं आपको मकान का किराया
नहीं दूंगा।
मकान मालिक (किरायेदार से)- यही बात तुमने पिछले महीने भी कही
थी।
किरायेदार - तो क्या हुआ, मैं अपना वचन ही तो निभा रहा हूं।


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अफसर ने रामलाल से कहा, ‘मैंने कहा न, कोई जगह खाली नहीं है।
नौकरी के लिए इतनी अर्जियां आती है कि संभाले नहीं संभलती।‘
रामलाल, ‘तो साहब! ऐसा करे कि मुझे इन अर्जियो को सम्भालने की
नौकरी दे दे।


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मालिक (नौकर से)- ‘इन सारे मच्छरो को मार दो।' फिर थोड़ी देर बाद
बोला, ‘तुमने इनको मारा नहीं इनकी भिनभिनाहट सुनकर मेरे कान पक
गए है।'
नौकर (मालिक से)- ‘मच्छरो को तो मैंने कभी का मार दिया। ये तो
उनकी विधवाएं है जो उनकी याद में विलाप कर रही है।'

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एक व्यक्ति अपने घर में चोरी होने की रिपोर्ट लिखवाने थाने पहुंचा, तो
दरोगा बोला- ‘कितने बजे थे?‘
उस व्यक्ति ने जवाब दिया- ‘जी चार लट्‌ठ मुझ पर बजे थे और पांच मेरे
भाई पर।‘
दरोगा ने झल्लाते हुए कहा- ‘मैं यह पूछ रहा हूं कि घड़ी में कितने बजे
थे?‘
वह व्यक्ति फिर बोला- जी घड़ी तो एक लट्ठ पड़ते ही टूट गई थी।


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मोहन (रमेश से)- मेरी बेटी का संगीत अभ्यास मेरे लिए लाभकारी सिद्ध
हुआ।
रमेश (मोहन से)- वह कैसे?
मोहन (रमेश से)- मेरा पड़ोसी इसी कारण मकान आधे दामो पर बेच गया
और मैंने उसे खरीद लिया।

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एक कैदी (दूसरे कैदी से)- तुमसे कोई मिलने नहीं आता है, क्या तुम्हारा
कोई रिश्तेदार नहीं है।
दूसरा कैदी- है तो बहुत, मगर सारे इसी जेल मेे है।

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संपादक (उम्मीदवार से)- तो तुमने प्रूफरीडर के पद के लिए अप्लाई किया
है। जानते हो, यह कितनी बड़ी जिम्मेदारी है?
उम्मीदवार (संपादक से)- जी सर, अच्छी तरह जानता हूं। आप जो भी
गलती करेगे, उसका दोष मेरे माथे मढ़ेगे और मैं चुप रहूंगा।

जज (चोर से) - अच्छा बताओ, तुमने चोरी की या नहीं?
चोर (जज से)- पर साहब, मैं कैसे बताऊं? यह तो मेरे वकील ही बताएंगे।
इसी के लिए तो मैंने उन्हें फीस दी है।

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मशीन पर काम कर रहे एक आदमी की उंगली कट गई तो वह चिल्लाने
लगा। वहां भीड़ इकट्ठी हो गई।
तभी उस फैक्टरी का मालिक वहां आया व पूरा मामला देखकर बोला,
‘कमाल है! एक उंगली कट गई तो इतना हंगामा खड़ा कर दिया, जबकि
पिछले महीने ही एक मजदूर की गर्दन मशीन में आ गई थी तो उसने तो
चूं तक नहीं की थी।‘


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मालिक (नौकर से)- देखो मैं बाजार जा रहा हूं तुम दुकान का ध्यान
रखना। अगर कोई व्यक्ति आकर कोई आर्डर दे तो उसे पूरा करना। कुछ
देर के बाद मालिक आया तो उसने नौकर से पूछा, ‘कोई आया था?‘
नौकर (मालिक से)- जी हां आया था। उसने कहा कि दोनो हाथ ऊपर
उठाकर कोने में खड़े हो जाओ। मैंने आर्डर मान लिया और वह गल्ला
उठाकर चला गया।


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एक भिखारी ने घर में आवाज लगायी- बाबू जी रोटी मिल जाएगी?
अंदर से आवाज आयी- बीबी घर में नहीं है।
भिखारी - बाबू जी मुझे बीबी नहीं, रोटी चाहिए।


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महेश (मुकेश से)- मुकेश तुम अपनी कंपनी के एक सफल एजेट हो।
तुम्हारी सफलता का राज क्या है?
मुकेश (महेश से)- जी, जब भी मैं किसी के दरवाजे पर दस्तक देता हूं तो
अंदर से किसी भी उम्र की महिला निकले मैं उससे यही कहता हूं कि मिस
आपकी मम्मी घर में हैं?

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राकेश (महेश से)- अखबार में पढ़ा है कि तुम्हारी सेठानी मर गई है।
महेश (राकेश से)- हां भई, मर गई। पिछले पांच वर्ष से मैं बुढ़िया की
बिल्लियो पर प्यार लुटा रहा था ताकि वसीयत लिखते समय उसे मेरा
ध्यान भी रहे।
राकेश (महेश से)- तब तो मालामाल हो गए होगे। क्या मिला तुम्हें?
महेश (राकेश से)- उसकी सारी बिल्लियां।


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जेबकतरा (अपने दोस्त से)- यार मुझे सर्दी का मौसम बिल्कुल अच्छा नहीं
लगता।
दोस्त (जेबकतरे से)- क्यों?
जेबकतरा (दोस्त से)- क्योंकि सभी लोग अपनी जेबो में हाथ डालकर
चलते है।


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एक महिला (पड़ोसन से)- अरे बहन जरा जल्दी अपना बेलन तो देना।
‘वो‘ आ गए है।
पड़ोसन (बेलन देते हुए)- अच्छा ले जाओ! लेकिन जल्दी वापस कर देना
क्योंकि चिंटू के पापा के भी आने का वक्त हो गया है।

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ज्योतिषी (महिला से) - तीन माह बाद आपके पति का साया आपके सिर
से उठ जाएगा।
महिला (ज्योतिषी से)- लेकिन उन्हें मरे हुए चार वर्ष बीत गए है।
ज्योतिषी (महिला से)- तब आप बड़े भाई की छाया से वंचित हो जाएंगी।
महिला (ज्योतिषी से)- लेकिन मैं तो इकलौती संतान हूं।
ज्योतिषी (महिला से)- ‘तो फिर आपका छाता जरूर खो जाएगा।‘
ज्योतिषी ने खीझकर कहा।

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मैंनेजर (अपनी खूबसूरत टाइपिस्ट से)- रात सपने में मैंने दुनिया की
सबसे खूबसूरत लड़की से शादी कर ली।
इतना सुनते ही टाइपिस्ट ने झेपते हुए पूछा- तो क्या बॉस, हम दोनो खुश
थे।
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दो महिलाएं आपस में बातचीत कर रही थीं।
पहली बोली- मेरे पति दिन भर में बहुत से भूखे लोगो को खाना खिला
देते है।
हां बहन, आजकल देवता जैसे लोग मिलते ही कहां है। तू बहुत ही
भाग्यवान है, जो तुझे ऐसे पति मिले है। वैसे तेरे पति करते क्या है?
दूसरी महिला ने कहते हुए पूछा।
‘वे एक होटल में वेटर है।‘ पहली महिला ने जवाब दिया।


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संता (बंता से)- बताओ स्वर और व्यंजन में क्या अंतर है?
बंता (संता से)- यही कि स्वर मुंह से बाहर निकलते है और व्यंजन अंदर
जाते है।

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एक बहरा अपने बीमार मित्र को देखने जा रहा था। रास्ते में वह मन ही
मन सोचने लगा कि ज्यादा बातें करूंगा तो कुछ का कुछ सुनाई देगा
इसलिए कम से कम बोलूंगा। सबसे पहले पूछूंगा कि तबीयत कैसी है?
मित्र कहेगा ठीक है। फिर पूछूंगा कि किसकी दवा चल रही है? वह डॉक्टर
का नाम बता देगा। सोचते-सोचते बीमार का घर आ गया। मित्र से मिलते
ही बहरा बोला, ‘कहो कैसी तबीयत है?‘
बीमार- ‘मर रहा हूं।‘
बहरा - अच्छा ही है। भगवान करे ऐसा ही हो। दवा किसकी चल रही है।
बीमार - यमराज की।
बहरा - अच्छा डॉक्टर है, खाने को क्या बताया है?
बीमार - पत्थर।
बहरा - ठीक है, पचने में हल्के होते है।

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महिला कैशियर- मुझे कुछ दिन की छुट्टी चाहिए, क्योंकि मुझे ऐसा लग
रहा है कि मेरी सुंदरता कुछ कम हो रही है।
बैक मैंनेजर - क्या मतलब?
महिला कैशियर - क्योंकि अब पुरूषो ने मुझसे पैसे गिनकर लेने शुरू कर
दिये है।


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सोनू (मोनू से)- आदमी के मुकाबले घोड़े ज्यादा समझदार होते है।
मोनू (सोनू से)- वह कैसे?
सोनू (मोनू से)- क्योंकि जब घोड़ो की दौड़ होती है तो हजारो आदमी वहां
उनकी दौड़ देखने पहुंचते है, लेकिन जब आदमियो की दौड़ होती है तो वहां
एक भी घोड़ा नहीं पहुंचता।



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दूध वाला- बीबी जी, कल से दूध पचास पैसे महंगा हो जायेगा।
महिला - क्यों, दूध के दाम क्यों बढ़ा रहे हो?
दूध वाला - क्योंकि मुझे भी अब पानी का बिल भरना पड़ता है।


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एक भिखारी को बैक में घुसते देख चौकीदार बोला, ‘अरे-अरे बाबा आगे
जाओ यहां कुछ नहीं मिलेगा।‘
भिखारी (चौकीदार से)- अरे भैया, मैं यहां कुछ लेने नहीं अपना पैसा जमा
कराने आया हूं।

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मोहन (बॉस से)- सर! अब तो मेरी सेलरी बढ़ा दीजिए। मेरी शादी हो गई
है।
बॉस (मोहन से)- ऑफिस के बाहर हुई दुर्घटनाओ के लिए हम जिम्मेदार
नहीं है।
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