Thursday, 25 April 2013

Happy Hanuman Jayanti.........................हनुमान जी के सिद्धपीठों का संक्षिप्त विवरण........................44113

वैसे तो हनुमान जी के सिद्धपीठों की गणना नहीं की जा सकती है, फिर भी यहाँ पर कुछ प्रमुख सिद्धपीठों का संक्षिप्त विवरण दिया गया है| जिस किसी भी स्थान पर भक्तों की मनोकामना पूरी होती है, उस स्थान पर स्थित हनुमान जी को भक्त आस्था आप्लावित होकर अपना सिद्धपीठ मानते हैं| देश के दूरस्थ गाँवों एवं कस्बों में भी ऐसे मंदिर स्थित हैं जो कि भले ही राज्य या जिला-स्तर पर प्रसिद्ध नहीं हैं, पर भक्तजनों के लिए सिद्धपीठ हैं|
> हनुमानगढ़ी, अयोध्या
> बालाजी हनुमान मंदिर, मेहंदीपुर, राजस्थान
> सालासर हनुमान मंदिर, सालासर, राजस्थान
> हनुमानधारा, चित्रकूट
> संकटमोचन मंदिर, बनारस - उत्तर प्रदेश
> प्राचीन हनुमान मंदिर, कनॉट प्लेस, नई दिल्ली
> श्री कष्टभंजन हनुमान मंदिर, सारंगपुर, गुजरात
> श्री हनुमान मंदिर, जामनगर, गुजरात
> महावीर हनुमान मंदिर, पटना – बिहार
> हनुमान मंदिर, इलाहबाद - उत्तर प्रदेश
> कैम्प हनुमान जी मंदिर, अहमदाबाद, गुजरात
> श्री पंचमुख आंजनेयर स्वामी जी, कुम्बकोनम, तमिलनाडू
> प्रसन्न योग आंजनेयर मंदिर, चेन्नई, तमिलनाडू

हनुमानगढ़ी, अयोध्या
हनुमानगढ़ी मंदिर तो श्री राम जी की नगरी अयोध्या में ही है| यह मंदिर, अयोध्या में सरयू नदी के दाहिने तट पर एक ऊंचे टीले पर स्थित है| यहाँ तक पहुँचने के लिए 76 सीढियाँ चढ़नी होती हैं| यहाँ पर स्थापित हनुमान जी की प्रतिमा केवल छः (6) इंच लम्बी है, जो हमेश फूल-मालाओं से सुशोभित रहती है|

बालाजी हनुमान मंदिर, मेहंदीपुर, राजस्थान
राजस्थान के दौसा जिले के पास दो पहाड़ियों के बीच बसा हुआ घाटा मेहंदीपुर नामक स्थान है  | यहाँ पर श्री बालाजी महाराज श्री हनुमान जी की कोई मूर्ति नहीं है | यहाँ पर एक बहुत विशाल चट्टान में हनुमान जी की आकृति स्वयं ही उभर आई थी| इसे ही श्री हनुमान जी का स्वरुप माना जाता है| इनके चरणों में छोटी सी कुण्डी है, जिसका जल कभी समाप्त नहीं होता| यह मंदिर तथा यहाँ के हनुमान जी का विग्रह काफी शक्तिशाली एवं चमत्कारिक माना जाता है तथा इसी वजह से यह स्थान न केवल राजस्थान में बल्कि पूरे देश में विख्यात है|
यहाँ तीन देवों की पूजा होती है:-
श्री बालाजी महाराज
शिव जी
श्री भैरव जी
यहाँ की वास्तविक पूजा, प्रेम, श्रद्धा, सेवा और भक्ति ही है|
mehandipur

सालासर हनुमान मंदिर, सालासर, राजस्थान
राजस्थान के चुरू जिले में सालासर नामक गाँव में स्थित हनुमान प्रतिमा में हनुमान जी की दाढ़ी-मूछें भी हैं| इसके संस्थापक श्री मोहनदास जी बचपन से श्री हनुमान जी के प्रति अगाध श्रद्धा रखते थे| माना जाता है कि हनुमान जी की यह प्रतिमा एक किसान को हल चलते हुए मिली थी, जिसे सालासर में सोने के सिंहासन पर स्थापित किया गया है| यहाँ हर साल भाद्रपद, आश्विन, चैत्र एवं बैसाख की पूर्णिमा के दिन विशाल मेला लगता है|

हनुमानधारा, चित्रकूट
चित्रकूट के समीप सीतापुर से तीन मील तथा कोटितीर्थ से दो मील की दूरी पर हनुमानधारा नामक स्थान है| यहाँ पर पास ही के पहाड़ के सहारे हनुमान जी की प्रतिमा टिकी हुई है| पास ही में स्थित कुंड की बहती जलधारा लगातार इस प्रतिमा को स्पर्श करती है, इसलिए इस जगह का नाम हनुमानधारा पड़ा है| यह अत्यंत मनोहर एवं रमणीय स्थान है|

संकटमोचन मंदिर, बनारस - उत्तर प्रदेश
यह श्री हनुमान जी से जुड़ा एक प्राचीन स्थान है, जहाँ एक भव्य मंदिर है, जिसे संकटमोचन नाम से जाना जाता है| कहा जाता है कि सर्वप्रथम संत श्री तुलसीदास जी ने यहाँ हनुमान जी की स्थापना की थी|

प्राचीन हनुमान मंदिर, कनॉट प्लेस, नई दिल्ली
यहाँ महाभारत कालीन श्री हनुमान जी का एक प्राचीन मंदिर है| यहाँ पर उपस्थित हनुमान जी स्वयम्भू हैं| बालचन्द्र अंकित शिखर वाला यह मंदिर आस्था का महान केंद्र है|

श्री कष्टभंजन हनुमान मंदिर, सारंगपुर, गुजरात
इस मंदिर में हनुमान जी का कष्टभंजन रूप में विग्रह स्थापित है| यह मंदिर स्वामीनारायण सम्प्रदाय का एकमात्र हनुमान मंदिर है|

श्री हनुमान मंदिर, जामनगर, गुजरात
सन् 1540 में जामनगर की स्थापना के साथ ही स्थापित यह हनुमान मंदिर, गुजरात के गौरव का प्रतीक है| यहाँ पर सन् 1964 से "श्री राम धुनी" का जाप लगातार चलता आ रहा है, जिस कारण इस मंदिर का नाम गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया है|

महावीर हनुमान मंदिर, पटना – बिहार
पटना जंक्शन के ठीक सामने महावीर मंदिर के नाम से श्री हनुमान जी का मंदिर है| उत्तर भारत में माँ वैष्णों देवी मंदिर के बाद यहाँ ही सबसे ज्यादा चढ़ावा आता है| इस मंदिर को प्रतिदिन लगभग एक लाख रुपये की आय होती है| इस मंदिर के अन्तर्गत महावीर कैंसर संस्थान, महावीर वात्सल्य हॉस्पिटल, महावीर आरोग्य हॉस्पिटल तथा अन्य बहुत से अनाथालय एवं अस्पताल चल रहे हैं| यहाँ श्री हनुमान जी संकटमोचन रूप में विराजमान हैं|

हनुमान मंदिर, इलाहबाद - उत्तर प्रदेश
इलाहबाद किले से सटा यह मंदिर लेटे हुए हनुमान जी की प्रतिमा वाला एक छोटा किन्तु प्राचीन मंदिर है|यह सम्पूर्ण भारत का केवल एकमात्र मंदिर है जिसमें हनुमान जी लेटी हुई मुद्रा में हैं| यहाँ पर स्थापित हनुमान जी की प्रतिमा 20 फीट लम्बी है|

कैम्प हनुमान जी मंदिर, अहमदाबाद, गुजरात
अहमदाबाद की छावनी परिसर में कैम्प हनुमान मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना मंदिर है| इसे भारत के प्रमुख हनुमान मंदिरों में माना जाता है|

श्री पंचमुख आंजनेयर स्वामी जी, कुम्बकोनम, तमिलनाडू
तमिलनाडू के कुम्बकोनम नामक स्थान पर श्री पंचमुखी आंजनेयर स्वामी जी (श्री हनुमान जी) का बहुत ही मनभावन मठ है| यहाँ पर श्री हनुमान जी की "पंचमुख रूप" में विग्रह स्थापित है, जो अत्यंत भव्य एवं दर्शनीय है|
यहाँ पर प्रचलित कथाओं के अनुसार जब अहिरावण तथा उसके भाई महिरावण ने श्री राम जी को लक्ष्मण सहित अगवा कर लिया था, तब प्रभु श्री राम को ढूँढ़ने के लिए हनुमान जी ने पंचमुख रूप धारण कर इसी स्थान से अपनी खोज प्रारम्भ की थी| और फिर इसी रूप में उन्होंने उन अहिरावण और महिरावण का वध भी किया था| यहाँ पर हनुमान जी के पंचमुख रूप के दर्शन करने से मनुष्य सारे दुस्तर संकटों एवं बंधनों से मुक्त हो जाता है|

प्रसन्न योग आंजनेयर मंदिर, चेन्नई, तमिलनाडू
अहमदाबाद की छावनी परिसर में कैम्प हनुमान मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना मंदिर है| इसे भारत के प्रमुख हनुमान मंदिरों में माना जाता है|
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