Wednesday, 24 April 2013

जन्म दिवस पर :: 40 साल के हुए सचिन.. जानिए 40 रोचक बातें !!!...............................43913

जन्म दिवस पर :: 40 साल के हुए सचिन.. जानिए 40 रोचक बातें !!!

 
 मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर आज पूरे 40 साल के हो गए। आज भी उनमें रनों की उतनी ही भूख है, जितनी 1989 में क्रिकेट में पदार्पण के वक्त थी। सचिन मैदान पर जितना गंभीर रहते हैं, बाहर वे उतने ही मजेदार इंसान हैं। साथी खिलाडि़यों के साथ मस्ती की बात हो या परिवार के साथ एंज्वॉय करने की बात हो, सचिन कभी भी पीछे नहीं हटते।
टेस्ट क्रिकेट में 51 शतक और वनडे क्रिकेट में 49 शतक लगाने वाले सचिन तेंदुलकर के बारे में जानते हैं कुछ रोचक बातें :

1. जब सचिन तेंदुलकर स्कूल में थे, तब उनके पसंदीदा क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने उन्हें तोहफे के रूप में क्रिकेट पैड दिए थे। जब सचिन तेंदुलकर ने भारत की तरफ से टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया तो वे वही पैड पहनकर क्रीज पर उतरे थे।

2. सचिन तेंदुलकर भी अंधविश्वासी हैं। वे जब भी बल्लेबाजी के लिए क्रीज पर उतरते हैं तो पहले बाएं पैर का पैड पहनते हैं।

3. सचिन तेंदुलकर ने शादी के बाद से दिवाली कभी भी घर पर नहीं मनाई। यह बात उनकी पत्‍‌नी अंजलि तेंदुलकर ने एक साक्षात्कार के दौरान बताई थी। हालांकि वे जब भी घर पर रहते हैं तो खूब एंज्वॉय करते हैं।

4. सचिन तेंदुलकर जब पदार्पण टेस्ट मुकाबले में पाकिस्तान के खिलाफ 15 रन बनाकर आउट हो गए, तब ड्रेसिंग रूम में जाकर खूब रोए थे। उन्हें लगा कि वे क्रिकेट खेलना ही नहीं जानते।

5. 1995 में सचिन तेंदुलकर जब रोजा फिल्म देखने जा रहे थे तो भीड़ से बचने के लिए उन्होंने अपना भेष बदल लिया। वे नकली दाढ़ी और चश्मा लगाकर फिल्म देखने गए, लेकिन उनका चश्मा गिर गया और भीड़ ने उन्हें पहचान लिया।

6. एकबार गर्मियों की छुट्टियों में सचिन तेंदुलकर पेड़ पर से गिर गए, जिसके बाद उन्हें काफी चोट आई थी। उन्हें इस गलती की सजा देते हुए उनके भाई अजीत तेंदुलकर ने क्रिकेट सीखने के लिए कोचिंग भेज दिया।

7. अपने बचपन के दिनों में सचिन तेंदुलकर क्रिकेट के साजो-सामान के साथ सोते थे।

8. सचिन तेंदुलकर को परफ्यूम्स और घडि़यां इकट्ठा करने का बहुत शौक है।

9. सचिन तेंदुलकर की पहली कार थी मारुति 800। यह उनकी पसंदीदा कार थी। इसी कार से वे सफर करते थे।

10. एकबार एक क्षेत्रीय समाचार चैनल को साक्षात्कार देते हुए सचिन तेंदुलकर ने अपनी कमजोरी के बारे में बताते हुए कहा था कि बड़ा पाव उनकी सबसे बड़ी कमजोरी है।

11. सचिन तेंदुलकर को किशोर कुमार के गाने सुनना बहुत पसंद है। जब वे अकेले रहते हैं तो किशोर कुमार के गानों का आनंद उठाते हैं।

12. सचिन तेंदुलकर ड्रेसिंग रूम में भी काफी मजे करते हैं। जब सौरव गांगुली टीम के हिस्सा थे तब सचिन उन्हें बाबू मोसाया कहा करते थे। जवाब में गांगुली उन्हें छोटा बाबू कहते थे।

13. सचिन तेंदुलकर अपनी फरारी को बहुत प्यार करते थे और उसे चलाना चाहते थे, लेकिन पत्‍‌नी अंजलि हमेशा उन्हें ऐसा करने से मना करती थीं।

14. सचिन तेंदुलकर को टेनिस क्रिकेट बॉल से क्रिकेट खेलना काफी अच्छा लगता है। वे खाली समय में टेनिस क्रिकेट बॉल का लुत्फ भी उठाते हैं।

15. एकबार सचिन तेंदुलकर ने शरारत करते हुए सौरव गांगुली के कमरे में पानी का पाइप छोड़ दिया और टैप खोल दिया। जब सौरव गांगुली की नींद खुली तो उनके क्रिकेट का सामान तैर रहा था।

16. 1996 में खेले गए विश्व कप क्रिकेट से पहले सचिन तेंदुलकर के बैट को लेकर कोई कॉन्ट्रैक्ट नहीं था।

17. सचिन तेंदुलकर तेज गेंदबाज बनना चाहते थे, लेकिन 1987 में डेनिस लिली ने उन्हें इसके काबिल नहीं माना।

18. एकबार युवराज सिंह सस्ते में आउट होकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद युवराज ने गुस्से में ड्रेसिंग रूम में अपना बल्ला तोड़ दिया। यह देखकर सचिन तेंदुलकर गुस्से से लाल हो गए। उन्होंने युवराज सिंह को खूब डांटा।

19. सचिन तेंदुलकर एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने रणजी ट्रॉफी, दिलीप ट्रॉफी और ईरानी ट्रॅाफी में पदार्पण करते हुए शतक ठोंका था। ऐसा कारनामा आज तक कोई और नहीं कर सका है।

20. सचिन तेंदुलकर के पिता रमेश तेंदुलकर संगीतकार सचिन देव बर्मन के बहुत बड़े फैन थे। उन्हीं के नाम पर सचिन का नाम रखा गया।

21. सचिन तेंदुलकर द्वारा 29 टेस्ट शतक लगानकर डॉन ब्रैडमैन की बराबरी करने पर एफ1 चैम्पियन माइकल शूमाकर ने उन्हें 2002 में तोहफे के रूप में फरारी गिफ्ट की।

22. सचिन तेंदुलकर काफी भारी बल्ले से क्रिकेट खेलते हैं। उनके बल्ले का वजन लगभग 3.2 एलबीएस है।

23. 1988 में ब्रेबोर्न स्टेडियम में सचिन तेंदुलकर ने एक अभ्यास मैच के दौरान पाकिस्तान की तरफ से क्षेत्ररक्षण किया था।

24. सचिन तेंदुलकर ने 19 साल में ही काउंटी क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। इसके साथ ही वे सबसे कम उम्र में काउंटी क्रिकेट खेलने वाले भारतीय खिलाड़ी बने थे।

25. सचिन तेंदुलकर को अपने वनडे शतक के लिए 79 मैचों का इंतजार करना पड़ा। तबतक वे टेस्ट क्रिकेट में 7 शतक लगा चुके थे।

26. सचिन तेंदुलकर थर्ड अंपायर द्वारा आउट दिए जाने वाले पहले क्रिकेटर बने। 1992 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ डर्बन टेस्ट के दूसरे दिन यह वाकया हुआ।

27. सचिन तेंदुलकर स्कूल में पंगे लेने के लिए मशहूर थे। जब उन्हें बच्चे चिढ़ाते थे तब वे पूछते थे कि क्या वे उनकी जमकर पिटाई कर सकते हैं?

28. सचिन तेंदुलकर को भारत सरकार ने राजीव गांधी खेलरत्‍‌न, अर्जुन अवार्ड और पद्म श्री से सम्मानित किया है। सचिन ये तीनों सम्मान पाने वाले एकमात्र क्रिकेटर हैं।

29. सचिन तेंदुलकर जबतक क्रीज पर रहते हैं तो उनकी पत्‍‌नी अंजलि तेंदुलकर न तो कुछ खाती हैं और ना ही कुछ पीती हैं।

30. 1992 में टेस्ट क्रिकेट में 1000 रन पूरा करने वाले सचिन तेंदुलकर सबसे युवा क्रिकेटर थे।

31. सचिन तेंदुलकर टेस्ट क्रिकेट में पहली बार स्टंप आउट 2002 में हुए थे। एश्ले जाइल्स ने उन्हें स्टंप आउट करने वाले पहले गेंदबाज बने।

32. जब सचिन तेंदुलकर 20 साल के हुए, तबतक टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 5 शतक हो गए थे। इतनी कम उम्र में 5 टेस्ट शतक लगाने वाले सचिन तेंदुलकर के नाम आज भी यह रिकॉर्ड है।

33. सचिन तेंदुलकर दुनिया के एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं, जिनके नाम टेस्ट क्रिकेट में 45 विकेट और 15000 से अधिक रन हैं।

34. सचिन तेंदुलकर दुनियाभर में 90 मैदानों में क्रिकेट खेल चुके हैं। यह भी अपने आप में एक रिकॉर्ड है।

35. सौरव गांगुली और सचिन तेंदुलकर के नाम साझेदारी का एक विश्व रिकॉर्ड है। दोनों ने मिलकर 128 मुकाबलों में 6271 रनों क सीझेदारी निभाई है।

36. 1998 में सचिन तेंदुलकर ने वनडे क्रिकेट में 9 शतक लगाए थे, जो आजभी एक विश्व रिकॉर्ड है।

37. सचिन तेंदुलकर दाएं हाथ के मशहूर बल्लेबाज हैं, लेकिन वे खाना बाएं हाथ से खाते हैं। इसके अलावा हस्ताक्षर भी बाएं हाथ से ही करते हैं।

38. पिछले साल सचिन तेंदुलकर को एक खास काम से मुंबई के आरटीओ ऑफिस जाना था। उस दिन उनके लिए पूरा ऑफिस दो घंटे पहले ही खुल गया और उस दौरान आमलोगों के लिए आने पर भी पाबंदी लगा दी गई।

39. सचिन तेंदुलकर के प्रिय खिलाड़ी कोई क्रिकेटर नहीं, बल्कि टेनिस खिलाड़ी जॉन मैक्इनरो हैं।

40. 1987 विश्व कप के दौरान भारत और जिम्बाब्वे मुकाबले के दौरान वानखेड़े स्टेडियम में सचिन तेंदुलकर बॉल ब्वॉय थे।
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