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Monday, 4 March 2013

क्या कर लेंगीं सूर्य की पराबैगनी किरणें मेरे गोरे वदन को.............26113

A new theory about vitamin D

लड़की उबाच .....
प्रिय ! तुम व्यर्थ में चिंतित हो
क्या कर लेंगीं
सूर्य की पराबैगनी किरणें
मेरे गोरे वदन को
क्रीम और लोशन किसलिए है //

बहुत दिनों तक
नारी सावत्री बनी रही
कपड़ों से ढंकी रही
विटामिन डी की कमी से
हड्डियां कमजोर हो गयी //

अब नया ज़माना आया है
रोम-रोम में
वासंती वयार बहने दो
भागमभाग में थोडा सा ही सही
काम का खुमार तो जागने दो //

अब खुले वदन पर
बेख़ौफ़ पड़ती है सूर्य किरणे
मुझे मिलती है विटामिन डी
और कवियों को मिलती है
सौन्दर्य की लड़ी // 



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हँसी नहीं आ रही है
कई सालों से मुझे
भूल गया हूँ
कब हंसा था खिलखिलाकर पिछली बार //

हास्य -क्लब ज्वाईन किया
वहाँ तो लोग
हँसते कम है
दांत निपोरते ज्यादा है //

सम्बन्धियों के यहाँ गया
सोचा हंस लेगे सब मिलकर
मगर ...
हंसी नाम की चिड़ियाँ उड़ चुकी थी //

हंस कर स्वागत करते है
दुकानदार ....जब सामान खरीदता हूँ
एजेंट .....जब पालिसी लेता हूँ
गर्ल फ्रेंड ....जब पार्टी लेती है
पत्नी.... जब गहने खरीदना हो
मित्र .... जब उधार लेना हो //

क्या हंसी .....
अब व्यवसाय बन चुकी है // 


by baban pandey
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