Thursday, 7 February 2013

कन्या की माँ को ही मांग लूँगा..........Hindi jokes........................15913

चर्च में नियमित आने वाली इक सुन्दर और बिन्दास कन्या को देख

एक पादरी ने उससे कहा - "कल क्रिसमस की रात मैंने

तुम्हारे लिए बहुत प्रार्थना की ।"


"प्रार्थना की क्या ज़रूरत थी ? एक फोन कर दिया होता ...

मैं जाती" कन्या ने हैरत से कहा

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पत्नी अपने पति की

शराबखोरी से बहुत परेशान थी।

एक दिन अकड़ गई.................

पत्नी - जो तुम आज भी दारु पियोगे ...

तो मुझे मरना पड़ेगा !


पति - ये ले......पी ली....

अब तुम्हें वचन पूरा करना पड़ेगा

__________हा हा हा हा हा हा हा

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समीरलालजी ने रात के दो बजे
बियर बार के मालिक को फोन किया
- क्यों भाई तुम्हारा ये बार कब खुलेगा ?
बार वाला बोला - सुबह नौ बजे
फ़िर थोड़ी देर में फोन किया - क्यों जी, कब खुलेगा ?
जवाब वही - सुबह नौ बजे।
समीर जी सारी रात लगे रहे और थोड़ी थोड़ी देर में
फोन करते रहे ।
परेशान होकर बार वाला बोला - मेरे बाप, क्यों दुखी करते हो ?
भाड़ में गई मेरी बार .....
तुम तो अपना पता बताओ
मैं अभी तुम्हारे घर पर माल भेज देता हूँ .........
समीरजी बोले - तेरे पास बचा क्या है जो तू भेजेगा ?
तेरी पूरी बार में एक बूँद भी होती तो
तुझे फोन नहीं करता समझे !
तू अपनी बार खोल तो मैं दूसरी में जाऊं....
बार वाला हैरान - तुम हो कहाँ ?
समीरजी - तेरी बार में ही बैठा हूँ .........हा हा हा हा हा हा हा 

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दो विवाहित युवतियां आपस में बतिया रही थीं ।
पहली - बहना, ये ज़िन्दगी भी ना.............अजीब पहेली है
इसका हल ही नहीं मिलता ।
दूसरी - अरी प्यारी , तू चिन्ता क्यों करती है ?
हल नहीं मिलता तो क्या हुआ ....
हमारे पास बैल तो हैं ............हा हा हा हा हा हा हा

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मैं एक दिन सुबह सुबह
सर पर तोता बैठा कर जा रहा था कि रास्ते में
बी एस पाबला जी ने पूछ लिया


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ये कौन सा जानवर है भाई ?तोता बोला - आदमी है साला................हा हा हा हा

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रंगलाल और उसका बेटा नंगलाल अपने इलाके के सबसे समझदार

लोग माने जाते हैं । इतने समझदार कि वन वे स्ट्रीट पर करते

वक्त भी दोनों तरफ देखते हैं ।


एक बार मुम्बई में रात के समय taxi वाले ने इनसे ज़्यादा पैसे

मांग लिए तो रंगलाल ने कहा - रूपये चाहे तुम दस-बीस और लेलो,

लेकिन पहले मेरा पर्स निकाल दो.... गाड़ी में कहीं गिर गया है और

मुझे अन्धेरे में दिखाई नहीं नहीं दे रहा है । उसमे मेरे बीस हज़ार

रूपये हैं..........जल्दी ढूंढ़ दो..........


ये सुनते ही taxi वाला taxi लेकर फरार होगया

दोनों फ़ोकट में घर पहुँच गये...........

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रंगलाल और उसका बेटा नंगलाल बड़े मनोयोग से महात्मा जी का

प्रवचन सुन रहे थे जो उनकी ही सोसायटी में हो रहा था और सैकड़ों

नर-नारी सत्संग का लाभ ले रहे थे । तभी महात्माजी बोले- जिन

जिन को स्वर्ग जाना है अपने हाथ खड़े कीजिये..........लगभग सभी

ने हाथ खड़े किये लेकिन रंगलाल-नंगलाल ने नहीं किये ।



महात्माजी ने पूछा - क्यों बच्चा ! आप स्वर्ग नहीं जाना चाहते ?



नंगलाल - स्वर्ग जा कर क्या करेंगे बाबा ! जब ये सब लोग स्वर्ग

चले जायेंगे तो हमारे लिए तो ये सोसायटी ही स्वर्ग हो जायेगी...

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रंगलाल - बेटा ! तू जो फ़िल्म देखने जा रहा है,

क्या वह साफ़-सुथरी है क्लीन है ?

नंगलाल
- हाँ पापा ! बेहतरीन है

इस
में इंटरवेल के पहले ही बाथरूम के बारह सीन है

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रंगलाल का बेटा नंगलाल

जब जवान हुआ और शादी के लिए

कन्या देखने अपने भावी ससुराल जा रहा था तो

बाप ने उसे समझाने की कोशिश की.................


रंगलाल - बेटा , लड़की देखने जा रहा है, ध्यान रखना...

वहाँ लेन-देन की बात भी होगी.....कोई बड़ी चीज ही मांगना,

तो कहीं जा के ठीक ठाक मिलेगीजैसे तुझे मारुती कार चाहिए

तो हेलिकौप्टर मांगना...तब कहीं कार मिलेगी, अगर कार मांगेगा

तो स्कूटर ही मिलेगा ,,,समझा ?


नंगलाल - समझ गया पापा ! ससुराल जा के कन्या की माँ को ही

मांग लूँगा, तब कहीं जा के कन्या मिलेगी..............हा हा हा हा
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