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Monday, 4 February 2013

चुटकुला......Hindi jokes.........14713

प्रेमी -

जानेमन..मेरी आँखों में झाँक और जल्दी से बता क्या दिखता है ?


प्रेयसी -

प्यार ......प्यार.........बस प्यार ही प्यार........


प्रेमी -

प्यार को गोली मार, आँख में मच्छर गिर गया है वो निकाल !

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यमराज के एजेन्ट रंगलाल को लेने आये थे लेकिन मिलते -जुलते
नाम की वजह से भूलवश अपने साथ नंगलाल को ले गये । ऊपर जा कर

पता लगा कि ये तो गलत आदमी आ गया ।
यमराज - जाओ भाई जाओ, वापिस जाओ
नंगलाल - ऐसे कैसे जाओ ? और
कहाँ जाओ ? क्यूँ जाओ ? इतनी मुश्किल से तो आया हूँ...........
यमराज - देखो प्यारे, तुम गलती से
आ गये हो, यहाँ तुम्हारी कोई ज़रूरत नहीं है
नंगलाल - ज़रूरत तो वहां भी नहीं सरजी ! अपन तो यहीं रहेंगे

...और अगर भेजना ही है तो फिर मेरे
साथ ढंग से बात करो..और तीन
वरदान दो, क्योंकि मैं जानता हूँ देवताओं से कोई चूक होजाती है तो वे
सामने वाले का मुँह बन्द करने के लिए उसे वरदान देते हैं
यमराज - मांग लाले मांग ! क्या चाहिए.........
नंगलाल - पहला वरदान : मुझे इतना धन मिल जाये कि मेरी सौ पीढियां भी उडाये तो कम न पड़े...
यमराज - डन !
नंगलाल - दूसरा वरदान : मेरे माँ बाप फिर जवान हो जाएँ और उन्हें कभी कोई तकलीफ़ न हो


यमराज - ये भी डन !


नंगलाल - मेरा काम होगया, माँ बाप का भी हो गया । अब तीसरा वरदान ऐसा दो बोस ! कि हिन्दुस्तान से भ्रष्टाचार बिलकुल ख़त्म हो जाये ।


अब के यमराज को बहुत गुस्सा आया । बहुत बोले तो बहुत गुस्सा आया लेकिन वो कुछ बोले नहीं । परन्तु उनके भैंसे से बर्दाश्त नहीं हुआ । उसने एक टक्कर मारी और बोला - हरामखोर आदमी.........जब रिश्वत में तीन वरदान देवता ख़ुद दे रहे हैं तो भारत से भ्रष्टाचार कौन मिटा सकता है ?

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रंगलाल का बेटा नंगलाल अपनी धुन में मस्ती मार रहा था

तभी बाप ने बेटे से पूछा :

नंगलाल ये बताओ कि बड़े हो कर क्या बनोगे ?


"सबसे पहले तो एक बेटे का बाप बनूँगा

और उसकी परवरिश करके तुम्हें दिखाऊंगा

कि बच्चे कैसे पाले जाते हैं" बेटे ने जवाब दिया ...

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रंगलाल बहुत परेशान था । सिर पकड़ कर बैठा था ।

मैंने पूछा - क्या हुआ भाई ? क्यों मुँह लटका रखा है ?

वो बोला - क्या बताऊँ भैया , मेरे बेटे नंगलाल ने दुखी कर रखा है ।

जब देखो तब रुपया मांगता रहता है, इतना खर्चीला हो गया है कि

लगता है मुझे नंग करके छोड़ेगा ।


मैंने कहा - तू दुखी मत हो, उसे रूपये की वैल्यू बता.............


वो बोला - बतायी थी, तब से तो और भी ज़्यादा हैरान कर दिया है

क्योंकि अब वह डॉलर मांगता है......... ही ही ही ही ही

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रंगलाल का बेटा नंगलाल स्कूल से घर आ रहा था । अचानक रास्ते

में ज़ोर से बरसात आ गई जिस कारण वह भीगता-भागता ही

सड़क पर चल रहा था कि अचानक पाँव फिसलने से कीचड़ में गिर

गया तभी आकाश में ज़ोरदार बिजली चमकी।


नंगलाल ने ख़ुद की हालत देखी और फिर आकाश की तरफ मुँह

करके बोला - वाह भगवान् ! पहले कीचड़ में गिरा दिया फिर

फोटो भी खींच ली ..........

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 रंगलाल का बेटा नंगलाल सो नहीं रहा था ।

बाप ने डराते हुए कहा

- सोजा बेटा सोजा ! नहीं तो गब्बर आ जाएगा

बेटा भी कम नहीं था ।

बोला - आप चिन्ता न करें....गब्बर आएगा तब सो जाऊँगा ....

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एक कवि हृदय मच्छर का बेटा जब पहली बार उड़ान पर गया

और रात भर बाहर रहने के बाद सुबह लौटा

तो बाप ने पूछा

- कैसा रहा परफोर्मेंस ?



बेटा बोला - शानदार............

सभी लोग तालियाँ बजा बजा कर मेरा स्वागत कर रहे थे....हा हा हा हा

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रंगलाल का बेटा नंगलाल दौड़ा दौड़ा आया और बाप के सामने

खड़ा हो गया । बाप ने बेटे पर सवालिया निग़ाह डाली तो बेटे ने

बाप को पटाने वाली बाल सुलभ मुस्कान बिखेरी..........


नंगलाल : पप्पा...मेरे पप्पा ...प्यारे पप्पा ...भोले पप्पा..

रंगलाल : क्या है ?

नंगलाल : आपकी नज़र में मेरी कीमत क्या है ?

रंगलाल : कैसी बात कर रहा है बेटा, तू तो अनमोल है..

नंगलाल : ऐसे नहीं, सही सही बताओ ! मेरी कीमत कितनी है ?

रंगलाल : बेटा तू तो करोड़ों रुपयों का है मेरे लिए.......

नंगलाल : तो ठीक है उसमे से पाँच सौ अभी दे दो...मुझे फ़िल्म

दिखानी है अपनी गर्ल फ्रेंड को............हा हा हा हा


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प्रेमिका ने प्रेमी को बड़े प्यार से कहा -तुम
70% सुन्दर हो
75% स्वीट हो
80% नॉटी हो
95% सच्चे हो
100% लवली हो
दुनिया से उन्नीस नहीं, इक्कीस हो,लेकिन ये कोई ख़ुशी की बात नहीं
70+75+80+95+100
याने कुल मिला कर चार सौ बीस हो

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पति-पत्नी ने दैहिक आनन्द अर्थात मौजमेला करने का कोड वर्ड

बना रखा था " चलो चीनी खायें "


एक दिन उनका नौकर रामू उनकी जवान बेटी के साथ मौजमस्ती

करता रंगे हाथ पकड़ा गया

मालिक - ये क्या कर रहा है हरामखोर !

रामू - थोड़ी सी चीनी खा रहा हूँ मालिक !

मालिक - मालिक के बच्चे, थोड़ी सी खानी थी तो नयी बोरी खोलने

की क्या ज़रूरत थी ? खुली हुई में से ही खा लेता ...

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कहना मत किसी से ......एक राज़ की बात बता रहा हूँ ।
ताऊ रामपुरिया ने मूड में आ कर अपनी एक परिचित हसीना
से कहा - प्रिये, मैं तुम्हारी ज़ुल्फ़ों से खेलना चाहता हूँ ।
हसीना को दया आ गई ।



उसने अपनी विग उतार कर ताऊ के
हाथ में पकड़ा दी ।
बोली - ले ताऊ, खेलता बैठ , 

 शाम नै वापिस कर दियो ...........हा हा हा हा हा हा 
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 रंगलाल का बेटा नंगलाल

जब अपनी कक्षा में प्रथम आया

तो प्रिन्सीपल ने

उसे शाबासी देने के लिए अपने पास बुलाया

और कहा- बेटे प्रतिज्ञा करो

कि अगली बार भी कक्षा में तुम्हीं प्रथम आओगे

नंगलाल बोला - गुरूजी आप भी प्रतिज्ञा करो

कि अगली बार भी परीक्षा पत्र

मेरे पिताजी की प्रेस में ही छपवाओगे ।

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