Wednesday, 2 January 2013

व्यथा एक मासूम लड़की की.......1213

व्यथा एक मासूम
लड़की की.......

माँ बहुत दर्द
देकर
बहुत दर्द सहकर
तुझसे
कुछ कहकर,
मैँ
जा रही हूँ
आज
मेरी
विदाई में
सब सखिया
आएंगी
सफ़ेद
जोड़े में
लिपटी देख,
सिसक सिसक
मर
जायेंगी
लड़की होने
का वो खुद
पर अफ़सोस
जताएंगी ..
माँ तू उनसे
इतना कह
देना,
दरिंदो की
दुनिया में
संभल कर
रहना
माँ राखी पर
जब भैया की
कलाई सुनी
रह
जायेगी
याद मुझे कर,
जब जब उनकी
आँख भर आएगी
तिलक माथे
पर करने को
रूह मेरी भी
मचल
जायेगी
माँ तू भैया
को रोने मत
देना ..
मैँ हर पल
उनके साथ
हूँ कह देना..
माँ .. पापा
भी छुप छुप
बहुत
रोएंगे मैँ
कुछ
न कर पाया
कह खुद को
कोसेंगे
माँ दर्द
उन्हें ये
होने न देना
वो अभिमान
है मेरा ,सम्मान है
मेरा
तू
उनसे इतना
कह
देना ..
माँ तेरे
लिए अब क्या
कहूँ दर्द
को तेरे
शब्दों में
कैसे बांधू
फिर से
जीना का
मौका कैसे
मांगू.
माँ लोग
तुझे
सताएंगे
मुझ को
आजादी देने
का इल्जाम
लगाएँगे
माँ सब सह
लेना ..
पर ये
न कहना
" अगले जन्म
मुझे
बिटिया न
देना "
.
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..
 
ओ री चिरैया
नन्ही सी चिड़िया
अंगना में फिर
आजा रे!

ओ री चिरैया
नन्ही सी चिड़िया
अंगना में फिर आजा रे

अंधियारा हैं
घना और लहू से सना
किरणों के तिनके
अम्बर से चुन्न के
अंगना में फिर आजा रे

हमने तुझपे
हजारो सितम हैं
किए
हमने तुझपे जहान भर
के ज़ुल्म किए

हमने सोचा नही
तू जो उड़ जायेगी
ये ज़मीन तेरे बिन
सूनी रह जायेगी
किसके दम पे
सजेगा मेरा अंगना

ओ री चिरैया,
मेरी चिरैया
अंगना में फिर आजा रे

तेरे पंखों में सारे
सितारे जडू
तेरी चुनर थनक
सतरंगी बुनूं

तेरे काजल में मैं
काली रैना भरू
तेरी मेहँदी में मैं
कच्ची धूप मलू
तेरे नैनो सजा दू
नया सपना

ओ री चिरैया,
मेरी चिरैया
अंगना में फिर आजा रे

ओ री चिरैया
नन्ही सी चिड़िया
अंगना में फिर आजा रे
ओ री चिरैया....
.
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..
..
 
maa me abhi jeena
chahati hu, tere
sath waqt bitana
chahati hu, mitti ka
khilona nahi h
ladkiya,
yahi baat m sabko
samjhna chahati
hu,
aksar kehte hai
log har kisi par
bhagwan ka hath
hota hai,
fir kyo bhagwan k
hath k niche
ladkiyo ka ye
anjaam hota hai,
jaa rahi hu aaj me
tum sabko chodd
kar,
phir na aaungi
kabhi kisi ki beti
bankar,
maa ka ek sapna
tha,
ek din be…ti ke liye
rajkumar aayega,
dolli me baitha kar
usse le jayega,
khadi hokar sapne
tutate dekhegi
wo,
jab bhai mujhe
kandhe par le
jayega,
maa me tere sath
rahna chahti hu,
maa me abhi aur
jeena chahti hu,
khush hua karte
the papa dekh kar
mujhe aksar,
aab roynge mujhe
yaad kar ke aksar,
unka u pyar se
gale lagana,
mere baad koun
unhe gale
lagayeka aksar,
papa me apko
akhri bar gale
lagana chahti hu,
papa me abhi kuch
din aur jeena
chahti hu,
mera bhai jab bhi
raat ko soyega,
chup chup ke mere
liye royega,
bhai ek bahan jaa
rahi haim,
magar hazaro
bahano ka khayal
rakhna,
ab soo rahi hu me
apna aur sabka
khayal rakhna :’(
.
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..
..
 
अम्मा ने कहा,
अकेली मत जाना
मैं दोस्त के साथ गई
पापा ने कहा
देर तक बाहर मत
रहना
मैं जल्दी निकल पड़ी
कोई नहीं बताता
मेरा कसूर क्या था
अम्मा ने पूछा
तू मर क्यूं नहीं गई ?
मैंने कहा
मैं जीना चाहती हूं
पापा ने कहा
हम तुझे बचा लेंगे
मैं भरोसा कर के
मुस्कुरा दी
डॉक्टर ने कहा
हिम्मत से काम लो
मैंने पूरी ताकत
लगा दी
फिर भी मौत मुझे ले
गई
मेरा कसूर क्या था
अब किसी से
ना कहना
जल्दी आने के लिए
किसी को साथ रखने
के लिए
कपड़े ठीक से पहनने के
लिए
अब किसी से
ना कहना
हिम्मत से लड़ने के
लिए
क्योंकि अब मुझे
पता है
कि ये इल्ज़ाम सही है
मैं इस देश की बेटी हूं
मेरा कसूर यही है
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