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Tuesday, 25 December 2012

'तुम दोनों और भी कसकर एक-दूसरे से लिपट जाओ....155512

नाम बदनाम!

मनोचिकित्सक मन्नू को जल्दी से कहीं जाना था। मगर रिसेप्शनिस्ट ने
बताया कि अभी तीन लेडी पेशेंट और बैठी हैं। उन्हें जल्दी से निबटाने की
मंशा से मनोवैज्ञानिक दबाव डालते हुए मन्नू ने पहली से कहना शुरू किया
- 'सुनिए! आपकी समस्या क्या है? खाना, खाना, सिर्फ खाना! जबकि
मैंने पहले ही आपसे कहा था कि खुराक कम करें, खाने से जी हटाएँ।
क्या नाम है आपकी लड़की का?

स्त्री बोली - जी इमरतीकुमारी!
मन्नू बोले - 'देखा! बच्ची के नाम में भी तुम्हारे खाने के अलावा कुछ
नहीं झलकता!

फिर मन्नू दूसरी स्त्री से बोले - 'और तुम! पहले दरजे की कंजूस! पहले भी कह चुका हूँ, जब तक कंजूसी की आदत नहीं छोड़ोगी ऐसे ही परेशान रहोगी। क्या नाम है तुम्हारी बेटी का?
वह बोली - अशर्फीदेवी!
मन्नू ने उलाहना दिया - 'देखा।
तो यह नाम भी धन-दौलत का ही परिणाम है।
तुम्हारे लगाव का ही परिणाम है।
तभी स्त्री नंबर तीन ने अपने छह वर्षीय बेटे का हाथ पकड़कर उठाया।
और बोली - चल बेटे रतिरमण!
अब अपनी खैर नहीं। और सेकंडों में वहाँ से बाहर हो गई।

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खड़ा हुआ सो क्या हुआ

एक बस में जब मिस रूबी दाखिल हुईं तो देखा बस खचाखच भरी हुई है। मिस रूबी ने एक नौजवान के पास जाकर शहद घुली नरमी के साथ कहा।
'ऐ नौजवान! क्या तुम मुझे अपनी सीट नहीं दे सकते? देखो न, मैं 'प्रेग्नेंट हूँ।
नौजवान ने शराफत से सीट तो दे दी। मगर खड़े होने के बाद जब इत्मीनान से मिस रूबी का मुआयना करना शुरू किया तो देखा कि कमर पतली है और काया एकदम छरहरी। उसने उतावली में पूछ ही लिया- 'मैडम कितने महीने हो गए?
रूबी ने चतुरता से कहा-'महीने कहाँ जी? अभी, मुश्किल से चालीस मिनट पहले।

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अदृश्य सुंदरता!

दुकानदार ने उत्साह के साथ बताया -यह दूरबीन बड़ी
शक्तिशाली है। इससे आप दस किलोमीटर दूर खड़ी खूबसूरत
लड़की को देख सकते हैं।

नवयुवक ग्राहक का जवाब था -'पर जो खूबसूरत लड़की दस
किलोमीटर दूर खड़ी हो, उसे देखने का क्या फायदा?

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पूत के पाँव!

नंबर एक के फ्लर्ट, परम रोमांटिक और नारियों में बेहद लोकप्रिय
मिस्टर बादल 'आवारा से जब किसी ने पूछा - रोमांटिक प्रतिभा कब
से विकसित हुई?

तो मिस्टर आवारा का जवाब था -'बहुत छुटपन से विकसित हो गई
थी। जब बच्चें पैदा होते हैं तो डॉक्टर उन्हें थपथपाते हैं, पर पता है?
मेरे मामले में क्या हुआ? 'उई 'चिल्लाती हुई नर्स ने मुझे कसकर थप्पड
जमाया था।

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सेक्स-रे!

एक्स-रे करवाने गई महिला ने घुप्प अंधेरे मशीन रूम में एक्स-रे ऑपरेटर से पूछा- मैंने कपड़े उतार दिए हैं। इन्हें कहाँ रखूँ?
ऑपरेटर की भर्राई आवाज आई-
वहाँ कोने में। मेरे कपड़ों के ऊपर।

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काम तमाम!

जब कंजूस नंदू सेठ घर आए तो देखा उनकी पत्नी एक अजनबी की बाँहों में समाई है। तडपकर सेठ बंदूक उठा
लाया और भडककर उन दोनों से बोला- 'तुम दोनों और भी कसकर एक-दूसरे से लिपट जाओ। मैं मात्र 1 गोली में
तुम लोगों का काम तमाम करना चाहता हूँ।
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