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Monday, 24 December 2012

मेरी हेल्प करो टीना, मैं बॉस के बच्चे की माँ बनने वाली हूँ.............155012

कथनसुख !

अस्सी वर्षीय डगलन से डॉक्टर से कहा - मुझमें 'अक्षमता क्यूँ आ गई है
डॉक्टर ? जबकि मेरा पच्चीस वर्षीय दोस्त कहता है कि वह अभी भी
'वैसा ही समर्थ है।

डॉक्टर ने कहा - कहने में क्या हर्ज है? आप भी सबसे ऐसा ही कहते
रहिए।

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उच्चाकांक्षा !

जहाज पर यात्रा कर रही एक मैडम ने बडे सवेरे जहाज के एक अधिकारी
से शिकायत की - सर! कल रात मेरे केबिन में एक खलासी घुस आया
था।
अधिकारी ने कहा - आप भी हद करती हैं मैडम ! थर्ड क्लास वाले केबिन
में खलासी नहीं तो क्या कैप्टन आएगा?

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पछताए होता क्या !

जच्चाखाने के लाइन से बिछे पलंगो पर 'कुछ बन चुकी और 'कुछ बनने
वाली माताएँ बतिया रही थीं। लीला बोली - - क्या संयोग है! मैंने 'दो
जासूस फिल्म देखी थी और मुझे जुडवाँ बालक प्राप्त हो गए।

नीना बोली - 'ओहो.. तभी मुझे तीन पुत्र हुए क्योंकि मैंने ठीक पहले
'अमर-अकबर एंथोनी देखी थी।

अचानक प्रेग्नेन्ट प्रेमा चीख पड़ी - हाय! गजब हो जाएगा। मैंने कल ही
'अलीबाबा और चालीस चोर देखी है।

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हडबड़ी-गडबड़ी!

टन्नूजी नर्सिंग होम में बेचैनी से टहल रहे थे। तभी एक नर्स एक नवजात
शिशु को कपड़े में लपेटे हुए लेकर आई - 'मुबारक हो सर! लड़की हुई
है।
टन्नूजी ने बेसब्री से शिशु को देखा, टटोला और बोले - कहाँ है लड़की?
यह तो लड़का है।
नर्स झल्लाकर बोली - 'देखिए मिस्टर, पहली बात तो यह सौ फीसदी
लड़की है! और दूसरी बात मेहरबानी करके मेरी उँगली छोड़ दीजिए।

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जान बची!

पन्नूजी का तकियाकलाम था - 'इससे भी बुरा हो सकता था। बात-बात में
यही कहते रहते।
एक बार का किस्सा है। पड़ोसी पीटर जब लंबे दौरे से लौटा तो पत्नी के
साथ अजनबी को सोया देख, आगबबूला हो गया। उसने पिस्तौल
निकालकर दोनों को उडा दिया। पुलिस ने उसे दोहरी हत्या के जुर्म में
गिरफ्तार कर लिया।
इस घटना पर पन्नूजी की प्रतिक्रिया वही थी - 'इससे भी बुरा हो सकता
था।
लोगों ने पूछा - 'इतना बुरा तो हो गया। इससे ज्यादा क्या बुरा हो सकता
था भला?

पन्नूजी ने फरमाया - अगर पीटर एक रोज पहले दौरे से लौट आता, तो
उस अजनबी की जगह मैं मारा जाता, मैं ।

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ऊँचा सुन सायबा सुन!

रीना - मेरी हेल्प करो टीना, मैं बॉस के बच्चे की माँ बनने वाली हूँ।

टीना - बाप रे! यह हुआ कैसे?

रीना - बॉस के, ऊँचा सुनने की वजह से।

टीना - मैं समझी नहीं।

रीना - उस रोज मैं बॉस से रिक्वेस्ट करने गई थी कि मुझे परमानेंट कर
दीजिए। और उस जबरजंग, अक्ल के कोल् ने 'परमानेंट को 'प्रेग्नेन्ट सुन
लिया।

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ना बाबा ना!

घन्नूजी ने सुबह ही अपनी बीवी को मैटरनिटी होम में भर्ती कराया था और दफ्तर आ गए थे। वहाँ से हर घंटे फोन करने के इरादे से उन्होंने जैसे ही पहला फोन मैटरनिटी होम लगाया नंबर गलती से क्रिकेट स्टेडियम में जा लगा और घन्नू जी को सुनाई दिया- 'सेवन आर आउट, एंड मोर आर कमिंग!

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अनावरणम् स्वागतम्!

लड़की ने एक-एक करके सारे कपड़े उतारे और समुद्र के पानी में उतरने लगी।
सिपाही दौडा-दौडा आया और बोला - 'बेबी! किनारे पर नहाना मना है। क्यूँ
जी! तुमने मुझे तब क्यूँ नहीं बताया, जब मैं अपने कपड़े उतार रही थी?
सिपाही ने रस लेकर कहा - 'कपड़े उतारना मना नहीं है, खूब उतारो। बस,
नहाने की मनाही है।

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मेहनत बेकार!

'क्यूँ मिस्टर! अपने बाडे में मेरे जैसी मॉड लड़की को गइया दुहते देखकर तुम्हें
अंचभा नहीं हो रहा है?

किसानपुत्र ने कहा -'अचंभा नहीं, तुम्हें वक्त बरबाद करते देखकर तुम पर तरस
आ रहा है। सिटी गर्ल ने तमतमाकर कहा- क्यूँ? तरस क्यूँ?
किसानपुत्र ने कहा -'जिसे तुम गइया कह रही हो, वह बैल है।

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रोज-रोजा-रोजी!

तीन सेल्समैन बातें कर रहे थे। एक बोला - मैंने अपनी पत्नी का नाम 'मौसमी रखा है।
क्योंकि वह मौसम की तरह नित नए रंग बदलती है।
दूसरा बोला - मैंने अपनी पत्नी का नाम 'घडी रखा है, क्योंकि वह समय की बहुत पाबंद
है।
तीसरा बोला - मैंने अपनी पत्नी का नाम 'डेली रखा है। क्योंकि एक दिन भी अगर मैं
चूक जाउँ तो मुझे पर संदेह कर-करके मेरी जान निकाल देती है।



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बाँटकर खाओ!

पति : फैशन की भी हद होती है। महीने में डेढ दो किलो तो तुम
लिपिस्टिक ही खा जाती हो।
पत्नी : क्यों झूठ बोलते हो?
पौन किलो के करीब तो आपके पेट में भी जाती होगी।

 
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