Wednesday, 19 December 2012

बलात्कार पर इनके बोल बलात्कार से कम नहीं !.......152112

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बलात्कार पर इनके बोल बलात्कार से कम नहीं !

बलात्कार की घटनाएं न सिर्फ पीड़ितों के जीवन पर कहर बनकर टूटती हैं बल्कि परिवार और समाज पर भी धब्बा होती हैं। ऐसी घटनाएं आधी आबादी (महिलाओं) के मन में खौफ पैदा करती हैं। हमारा समाज और नेतृत्व महिलाओं को इस खौफ से निकालने के बजाए उन पर और अधिक पाबंदी लगाने की वकालत करता है। यह तथ्य हाल फिलहाल में दिए गए नेताओं के बयानों से स्पष्ट होता है।

बलात्कार के मामले में हुड्डा सरकार का सोनिया ने किया था बचाव..

यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी इसी साल नौ अक्टूबर को हरियाणा में बलात्कार पीड़ितों से मिलने गईं थी, तब उन्होंने भी हुड्डा सरकार का बचाव करते हुए कहा था कि बलात्कार की घटनाएं तो पूरे देश में हो रही हैं। लेकिन सोनिया गांधी ये नहीं बता पाईं थी कि पूरे देश में बलात्कार क्यों हो रहे हैं? इसका जबाव हरियाणा की ही खाप पंचायत के एक नेता ने दे दिया।

फास्ट फूड के कारण होता है बलात्कार..

हरियाणा का एक नेता जींद जिले की खाप के नेता जीतेंद्र छत्तर ने कहा कि फास्ट फूड खाने से युवक-युवतियों का हार्मोनल संतुलन बिगड़ रहा है जिस कारण रेप जैसी घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने हरियाणा में हो रहे बलात्कारों का दोष चीन के चाऊमीन पर मढ़ दिया। 90 प्रतिशत मामले से सहमति से सेक्स का दुष्परिणाम हरियाणा के ही एक और कांग्रेसी नेता तो इससे भी आगे निकल गए। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य व प्रवक्ता धर्मवीर गोयत ने 11 अक्टूबर को हिसार में सनसनीखेज बयान देते हुए कहा, हरियाणा में सामने आए बलात्कार के ज्यादा मामले दरअसल सहमति से सेक्स के मामले हैं। उन्होंने कहा, मुझे यह बोलने में कोई संकोच नहीं है कि 90 फीसदी मामलों में युवतियां सहमति से जाती हैं। आगे आपराधिक प्रवृत्ति के लोग मिल जाते हैं जो उनके शिकार के लिए तैयार रहते हैं। युवती को पता नहीं होता कि आगे 5-7-10 लोग हैं। फिर वह कहती है कि हमारे साथ सामूहिक बलात्कार हुआ है।

भगवान की इच्छा से होता है बलात्कार..

अमेरिका नेता बलात्कार के कारणों पर भारतीय नेता और खाप नेताओं से अमेरिका सेनेट पद के एक प्रत्याशी ज्यादा पीछे नहीं हैं। अमेरिका के मिजौरी प्रांत से रिपब्लिकन पार्टी के सेनेट प्रत्याशी टॉड एकिन ने कहा उन्होंने कहा कि लेजिटमेट रेप यानी वैध बलात्कार होने पर महिलाओं का शरीर ही गर्भधारण को रोक सकता है। जब एकिन से पूछा गया कि क्या वे गर्भपात का विरोध तब भी करेंगे, जब गर्भ की वजह बलात्कार हो तो उन्होंने कहा, डॉक्टरों के अनुसार मैं ये समझता हूं कि ऐसा होना असामान्य है। अगर सचमुच में बलात्कार हुआ है तो महिला का शरीर उस पूरी प्रक्रिया को रोक सकता है। लेकिन अगर मान लें कि ऐसा नहीं हुआ तो मुझे लगता है कि सजा जरूर मिलनी चाहिए, लेकिन बच्चे को नहीं बल्कि बलात्कारी को। टॉड एकिन ने जहां बलात्कार पीड़ित महिलाओं को गर्भ ढोने की सलाह दी वहीं सीनेट के एक और उम्मीदवार रिचर्ड मर्डोक ने तो बलात्कार को भगवान की इच्छा से जोड़ दिया। उन्होंने कहा, अगर कोई महिला रेप के बाद गर्भवती हो जाती है तो समझ लीजिए, इसमें भगवान की कोई इच्छा है। ऐसा भगवान की इच्छा के बगैर नहीं हो सकता। ऐसा नहीं है कि बलात्कार के मामलों में असंवेदनशील बयान अभी दिए जा रहे हैं। बल्कि बहुत जिम्मेदार लोगों ने भी बलात्कार की घटनाओं पर असंवेदनशील बयान दिए हैं।

बलात्कार छोटी-मोटी घटना..

टीम अन्ना की प्रमुख सदस्य रही किरण बेदी ने तो एक बार मीडिया से बातचीत में बलात्कार को छोटी-मोटी घटना बता दिया था। बेदी ने कहा था मीडिया भ्रष्टाचार के मामले को सही से नहीं उठा रहा है। इसके बदले वह दुष्कर्म की छोटी घटना पर बहस कर रहा है। मीडिया भी पुलिस के निचले स्तर के अधिकारी द्वारा किए गए बलात्कार को बहस का मुद्दा बना रहा है।

बलात्कार से बचना है तो घर से बाहर न निकले महिलाएं..

गुड़गांव के पुलिस कमिश्नर गुड़गांव के पुलिस कमिश्नर तो बलात्कार के मामले बढ़ने पर महिलाओं को घर में बंद रहने की सलाह दे चुके हैं। इसी साल मार्च में बलात्कार की ताबड़तोड़ वारदातों के बाद गुड़गांव पुलिस ने साफ कह दिया था कि अगर बलात्कार से बचना है तो महिलाओं को घर में ही बंद रहना चाहिए। अगर वह घर से बाहर निकलती हैं तो अपनी सुरक्षा का जिम्मा खुद ही संभालें। यही नहीं, लगातार दो दिन गैंगरेप के मामले सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन ने रात आठ बजे के बाद महिलाओं के ड्यूटी करने पर रोक लगाने का हुक्म दिया था।

फैशनेबल कपड़े जिम्मेदार..

आंध्र के डीजीपी व महिला एवं शिशु कल्याण मंत्री आंध्र प्रदेश के डीजीपी वी. दिनेश रेड्डी और कर्नाटक के महिला और शिशु कल्याण मंत्री सीसी पाटिल ने बेहद चौंकाने वाले बयान दिए थे। रेड्डी ने कहा कि महिलाओं के हल्के कपड़े बलात्कार के लिए जिम्मेदार हैं वहीं, पाटिल ने कहा था कि महिला को पता होना चाहिए कि उन्हें कितनी चमड़ी (स्किन) ढंकनी है। रेड्डी ने एक बयान में कहा था, पुरुषों को भड़काने वाले महिलाओं के फैशनेबल और झीने कपड़े बलात्कार के बढ़ते मामलों के लिए जिम्मेदार है। कर्नाटक के महिला और शिशु कल्याण मंत्री सी सी पाटिल ने रेप से बचने के लिए महिलाओं को हिदायत देते हुए कहा था, मैं निजी तौर पर इस हक में नहीं हूं कि महिलाएं भड़काऊ कपड़े पहनें और यह सोचें कि वे चाहे जो पहनें उन्हें सम्मान की नजरों से देखा जाए।

बच्चों को ढील देने का दुष्परिणाम..

ममता पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मानती हैं कि बच्चों को ढील दिए जाने के कारण बलात्कार की घटनाएं बढ़ रही हैं। ममता बनर्जी ने हाल ही में कहा था कि पहले लड़के-लड़की अगर हाथ पकड़कर चलते थे तो उनके पैरंट्स उन्हें डांट देते थे, लेकिन अब तो सब खुल्लम-खुल्ला हो रहा है। इससे भी समाज पर बुरा असर पड़ रहा है। रेप की घटनाएं बढ़ रही हैं। मीडिया पर भी तंज कसते हुए उन्होंने कहा था कि नेगेटिव खबरें दिखाने से समाज पर बुरा असर पड़ता है इसलिए मीडिया को बलात्कार की खबरें दिखाने से बचना चाहिए।

बलात्कार होने पर मिलेगी सरकारी नौकरी..

उत्तर प्रदेश के नेताओं का हाल तो और भी निराला है। यूपी में विधानसभा चुनावों के दौरान समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने तो बकायदा बलात्कार भत्ते की ही घोषणा कर दी थी। इस साल हुए विधानसभा चुनावों के दौरान सिद्धार्थनगर जिले में एक चुनावी रैली में मुलायम सिंह यादव ने कहा था कि अगर उनकी सरकार सत्ता में आई तो बलात्कार के आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाएंगे और रेप पीड़ितों को सरकारी नौकरी दी जाएगी।
मुलायम सिंह यादव की पार्टी अभी सत्ता में हैं, लेकिन राज्य में अपराध या बलात्कार की घटनाओं में कोई कमी नहीं आई है।
बलात्कार पर इनके बोल बलात्कार से कम नहीं !

बलात्कार की घटनाएं न सिर्फ पीड़ितों के जीवन पर कहर बनकर टूटती हैं बल्कि परिवार और समाज पर भी धब्बा होती हैं। ऐसी घटनाएं आधी आबादी (महिलाओं) के मन में खौफ पैदा करती हैं। हमारा समाज और नेतृत्व महिलाओं को इस खौफ से निकालने के बजाए उन पर और अधिक पाबंदी लगाने की वकालत करता है। यह तथ्य हाल फिलहाल में दिए गए नेताओं के बयानों से स्पष्ट होता है।

बलात्कार के मामले में हुड्डा सरकार का सोनिया ने किया था बचाव..

यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी इसी साल नौ अक्टूबर को हरियाणा में बलात्कार पीड़ितों से मिलने गईं थी, तब उन्होंने भी हुड्डा सरकार का बचाव करते हुए कहा था कि बलात्कार की घटनाएं तो पूरे देश में हो रही हैं। लेकिन सोनिया गांधी ये नहीं बता पाईं थी कि पूरे देश में बलात्कार क्यों हो रहे हैं? इसका जबाव हरियाणा की ही खाप पंचायत के एक नेता ने दे दिया।

फास्ट फूड के कारण होता है बलात्कार..

हरियाणा का एक नेता जींद जिले की खाप के नेता जीतेंद्र छत्तर ने कहा कि फास्ट फूड खाने से युवक-युवतियों का हार्मोनल संतुलन बिगड़ रहा है जिस कारण रेप जैसी घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने हरियाणा में हो रहे बलात्कारों का दोष चीन के चाऊमीन पर मढ़ दिया। 90 प्रतिशत मामले से सहमति से सेक्स का दुष्परिणाम हरियाणा के ही एक और कांग्रेसी नेता तो इससे भी आगे निकल गए। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य व प्रवक्ता धर्मवीर गोयत ने 11 अक्टूबर को हिसार में सनसनीखेज बयान देते हुए कहा, हरियाणा में सामने आए बलात्कार के ज्यादा मामले दरअसल सहमति से सेक्स के मामले हैं। उन्होंने कहा, मुझे यह बोलने में कोई संकोच नहीं है कि 90 फीसदी मामलों में युवतियां सहमति से जाती हैं। आगे आपराधिक प्रवृत्ति के लोग मिल जाते हैं जो उनके शिकार के लिए तैयार रहते हैं। युवती को पता नहीं होता कि आगे 5-7-10 लोग हैं। फिर वह कहती है कि हमारे साथ सामूहिक बलात्कार हुआ है।

भगवान की इच्छा से होता है बलात्कार..

अमेरिका नेता बलात्कार के कारणों पर भारतीय नेता और खाप नेताओं से अमेरिका सेनेट पद के एक प्रत्याशी ज्यादा पीछे नहीं हैं। अमेरिका के मिजौरी प्रांत से रिपब्लिकन पार्टी के सेनेट प्रत्याशी टॉड एकिन ने कहा उन्होंने कहा कि लेजिटमेट रेप यानी वैध बलात्कार होने पर महिलाओं का शरीर ही गर्भधारण को रोक सकता है। जब एकिन से पूछा गया कि क्या वे गर्भपात का विरोध तब भी करेंगे, जब गर्भ की वजह बलात्कार हो तो उन्होंने कहा, डॉक्टरों के अनुसार मैं ये समझता हूं कि ऐसा होना असामान्य है। अगर सचमुच में बलात्कार हुआ है तो महिला का शरीर उस पूरी प्रक्रिया को रोक सकता है। लेकिन अगर मान लें कि ऐसा नहीं हुआ तो मुझे लगता है कि सजा जरूर मिलनी चाहिए, लेकिन बच्चे को नहीं बल्कि बलात्कारी को। टॉड एकिन ने जहां बलात्कार पीड़ित महिलाओं को गर्भ ढोने की सलाह दी वहीं सीनेट के एक और उम्मीदवार रिचर्ड मर्डोक ने तो बलात्कार को भगवान की इच्छा से जोड़ दिया। उन्होंने कहा, अगर कोई महिला रेप के बाद गर्भवती हो जाती है तो समझ लीजिए, इसमें भगवान की कोई इच्छा है। ऐसा भगवान की इच्छा के बगैर नहीं हो सकता। ऐसा नहीं है कि बलात्कार के मामलों में असंवेदनशील बयान अभी दिए जा रहे हैं। बल्कि बहुत जिम्मेदार लोगों ने भी बलात्कार की घटनाओं पर असंवेदनशील बयान दिए हैं।

बलात्कार छोटी-मोटी घटना..

टीम अन्ना की प्रमुख सदस्य रही किरण बेदी ने तो एक बार मीडिया से बातचीत में बलात्कार को छोटी-मोटी घटना बता दिया था। बेदी ने कहा था मीडिया भ्रष्टाचार के मामले को सही से नहीं उठा रहा है। इसके बदले वह दुष्कर्म की छोटी घटना पर बहस कर रहा है। मीडिया भी पुलिस के निचले स्तर के अधिकारी द्वारा किए गए बलात्कार को बहस का मुद्दा बना रहा है।

बलात्कार से बचना है तो घर से बाहर न निकले महिलाएं..

गुड़गांव के पुलिस कमिश्नर गुड़गांव के पुलिस कमिश्नर तो बलात्कार के मामले बढ़ने पर महिलाओं को घर में बंद रहने की सलाह दे चुके हैं। इसी साल मार्च में बलात्कार की ताबड़तोड़ वारदातों के बाद गुड़गांव पुलिस ने साफ कह दिया था कि अगर बलात्कार से बचना है तो महिलाओं को घर में ही बंद रहना चाहिए। अगर वह घर से बाहर निकलती हैं तो अपनी सुरक्षा का जिम्मा खुद ही संभालें। यही नहीं, लगातार दो दिन गैंगरेप के मामले सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन ने रात आठ बजे के बाद महिलाओं के ड्यूटी करने पर रोक लगाने का हुक्म दिया था।

फैशनेबल कपड़े जिम्मेदार..

आंध्र के डीजीपी व महिला एवं शिशु कल्याण मंत्री आंध्र प्रदेश के डीजीपी वी. दिनेश रेड्डी और कर्नाटक के महिला और शिशु कल्याण मंत्री सीसी पाटिल ने बेहद चौंकाने वाले बयान दिए थे। रेड्डी ने कहा कि महिलाओं के हल्के कपड़े बलात्कार के लिए जिम्मेदार हैं वहीं, पाटिल ने कहा था कि महिला को पता होना चाहिए कि उन्हें कितनी चमड़ी (स्किन) ढंकनी है। रेड्डी ने एक बयान में कहा था, पुरुषों को भड़काने वाले महिलाओं के फैशनेबल और झीने कपड़े बलात्कार के बढ़ते मामलों के लिए जिम्मेदार है। कर्नाटक के महिला और शिशु कल्याण मंत्री सी सी पाटिल ने रेप से बचने के लिए महिलाओं को हिदायत देते हुए कहा था, मैं निजी तौर पर इस हक में नहीं हूं कि महिलाएं भड़काऊ कपड़े पहनें और यह सोचें कि वे चाहे जो पहनें उन्हें सम्मान की नजरों से देखा जाए।

बच्चों को ढील देने का दुष्परिणाम..

ममता पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मानती हैं कि बच्चों को ढील दिए जाने के कारण बलात्कार की घटनाएं बढ़ रही हैं। ममता बनर्जी ने हाल ही में कहा था कि पहले लड़के-लड़की अगर हाथ पकड़कर चलते थे तो उनके पैरंट्स उन्हें डांट देते थे, लेकिन अब तो सब खुल्लम-खुल्ला हो रहा है। इससे भी समाज पर बुरा असर पड़ रहा है। रेप की घटनाएं बढ़ रही हैं। मीडिया पर भी तंज कसते हुए उन्होंने कहा था कि नेगेटिव खबरें दिखाने से समाज पर बुरा असर पड़ता है इसलिए मीडिया को बलात्कार की खबरें दिखाने से बचना चाहिए।

बलात्कार होने पर मिलेगी सरकारी नौकरी..

उत्तर प्रदेश के नेताओं का हाल तो और भी निराला है। यूपी में विधानसभा चुनावों के दौरान समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने तो बकायदा बलात्कार भत्ते की ही घोषणा कर दी थी। इस साल हुए विधानसभा चुनावों के दौरान सिद्धार्थनगर जिले में एक चुनावी रैली में मुलायम सिंह यादव ने कहा था कि अगर उनकी सरकार सत्ता में आई तो बलात्कार के आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाएंगे और रेप पीड़ितों को सरकारी नौकरी दी जाएगी।
मुलायम सिंह यादव की पार्टी अभी सत्ता में हैं, लेकिन राज्य में अपराध या बलात्कार की घटनाओं में कोई कमी नहीं आई है।
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