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Tuesday, 11 December 2012

क्या पत्नी के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाना भी पति का अधिकार है?......146912

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क्या पत्नी के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाना भी पति का अधिकार है?
 

हाल ही में एक केस की सुनवाई के दौरान राजधानी की कड़कड़डूमा अदालत के न्यायाधीश ने यह वक्तव्य देते हुए रेप के आरोपी पति को बाइज्जत रिहा कर दिया कि ‘मैरिटल रेप’ जैसी कोई अवधारणा नहीं होती। कानूनन विवाह करने के बाद अगर पति अपनी पत्नी के साथ शारीरिक संबंध बनाता है तो वह किसी भी रूप में बलात्कार नहीं कहा जाएगा। फिर चाहे वह संबंध जबरदस्ती ही क्यों ना स्थापित किए गए हों, पति पर रेप का इल्जाम नहीं लगाया जा सकता।

राजधानी दिल्ली का यह मसला आज एक विवाद के रूप में सामने आया है। भले ही वैवाहिक बंधन में बंधने के बाद पति-पत्नी को सामाजिक और धार्मिक स्वीकृति के साथ शारीरिक संबंध स्थापित करने का अधिकार प्राप्त होता है। लेकिन जब बात जबरन अपने अधिकार को हासिल करने की आती है तो यह एक विवादित विषय बन जाता है।

पारंपरिक भारत का एक वर्ग विवाह के बाद पति का पत्नी के साथ शारीरिक संबंध को उसका अधिकार घोषित करते हुए इस बात का समर्थन कर रहा है कि विवाह के बाद पति-पत्नी के बीच नजदीकी का होना अनिवार्य है। वह ना सिर्फ भावनात्मक रूप से एक दूसरे के करीब होते हैं बल्कि उन्हें शारीरिक संबंध बनाने की भी अनुमति होती है। ऐसे लोगों का मत है कि यह अनुमति से कहीं ज्यादा पारंपरिक अधिकार है। अगर पति अपनी पत्नी के साथ जबरन शारीरिक संबंध भी स्थापित करता है तो इसमें रेप की अवधारणा कहां से आ गई। यह तो एक स्वाभाविक संबंध है फिर चाहे जबरदस्ती से हो या फिर आपसी सहमति से। पति का अपनी पत्नी पर पूर्ण अधिकार होता है, उस अधिकार को बलात्कार की संज्ञा देना इस संबंध के साथ अन्याय करना होगा।

वहीं दूसरा वर्ग ऐसा भी है जो इसे पूर्णत: बलात्कार के दायरे में रखकर उतना ही बड़ा अपराध मानता है जितना कोई गैर-पुरुष एक महिला की इज्जत का तमाशा बनाते हुए करता है। मैरिटल रेप को एक गंभीर अपराध मानने वाले लोगों का कहना है कि पत्नी की भी अपनी पति से कुछ अपेक्षाएं होती हैं, वह चाहती है उसका पति उसका सम्मान करें ना कि उस सम्मान को तार-तार कर दे। शारीरिक संबंध अगर बिना सहमति के बनाए जाते हैं तो वह रेप के ही दायरे में आते हैं। ऐसे में इस बात से कोई अंतर नहीं पड़ना चाहिए कि उस महिला का रेप उसके अपने पति ने किया है। यह एक बेहद निंदनीय कृत्य है जिसके लिए आरोपी पति को दंड मिलना ही चाहिए। वहीं इसी वर्ग में कुछ ऐसे लोग भी शामिल हैं जो पति द्वारा जबरन शारीरिक संबंध बनाए जाने जैसे कृत्य को बलात्कार नहीं बल्कि घरेलू हिंसा के दायरे में रखना बेहतर समझते हैं।

ऐसे बुद्धिजीवियों का कहना है कि पति द्वारा पत्नी के साथ स्थापित शारीरिक संबंधों को अगर बलात्कार की संज्ञा दी जाएगी तो यह निश्चित तौर पर विवाह जैसे धार्मिक और सामाजिक संस्था के साथ अन्याय होगा। हालांकि जबरन शारीरिक संबंध स्थापित करना अपराध तो है लेकिन इसे बलात्कार कहना विवाह संस्था के मूलभूत नियमों और सिद्धांतों के साथ छेड़छाड़ होगा। इसीलिए इसे घरेलू हिंसा कहना ही न्यायसंगत होगा और आरोपी पति को घरेलू हिंसा जैसे अपराध के अधीन रखकर ही सजा देनी चाहिए।

निश्चित तौर पर यह कोई पहला ऐसा मसला नहीं होगा जब पत्नी अपने ही पति की हवस का शिकार हुई हो. आज के दौर में यह इसीलिए अधिक विवादित बन गया है क्योंकि अब पहले की अपेक्षा महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति कहीं अधिक जागरुक होने लगी हैं। उनके लिए अपनी इच्छाएं और अपेक्षाएं भी समान रूप से महत्व रखती हैं। इसीलिए उपरोक्त मुद्दे से जुड़े कुछ प्रश्न हमारे सामने उपस्थित हैं जिनका हल ढूंढ़ना समय की मांग बन गया है, जैसे:

1. क्या वाकई पति का अपनी पत्नी के साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध स्थापित करना बलात्कार जैसे घिनौना अपराध कहा जाना चाहिए?
2. वे लोग जो इसे बलात्कार नहीं बल्कि घरेलू हिंसा के दायरे में रखते हैं वह अपने मत में कहां तक सही हैं?
3. महिला की असहमति के बावजूद जब पुरुष उसके साथ संबंध बनाता है तो यह बलात्कार का ही मामला कहा जाएगा तो फिर मैरिटल रेप की अवधारणा को कैसे खारिज किया जा सकता है?
4. विवाह के अंतर्गत पति ना सिर्फ अपनी पत्नी के साथ जिस्मानी संबंध बनाता है बल्कि उसके सम्मान की रक्षा करने के लिए भी बाध्य होता है। ऐसे में जब वही अपनी पत्नी को अपना शिकार बनाने लगे तो क्या इसे सही कहा जाएगा?

जागरण जंक्शन इस बार के फोरम में अपने पाठकों से इस बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दे पर विचार रखे जाने की अपेक्षा करता है। इस बार का मुद्दा है:
क्या पत्नी के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाना भी पति का अधिकार है?

आप उपरोक्त मुद्दे पर अपने विचार स्वतंत्र ब्लॉग या टिप्पणी लिख कर जाहिर कर सकते हैं।

नोट: 1. यदि आप उपरोक्त मुद्दे पर अपना ब्लॉग लिख रहे हैं तो कृपया शीर्षक में अंग्रेजी में “Jagran Junction Forum” अवश्य लिखें। उदाहरण के तौर पर यदि आपका शीर्षक “जबरन शारीरिक संबंध” है तो इसे प्रकाशित करने के पूर्व जबरन शारीरिक संबंध – Jagran Junction Forum लिख कर जारी कर सकते हैं।

2. पाठकों की सुविधा के लिए Junction Forum नामक नयी कैटगरी भी सृजित की गई है। आप प्रकाशित करने के पूर्व इस कैटगरी का भी चयन कर सकते हैं
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