Tuesday, 23 August 2016

आगरा का भोजन चालीसा आगरा के लज़ीज़ व्यंजनों की याद

आगरा का भोजन चालीसा
आगरा के लज़ीज़ व्यंजनों की याद
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आगरा का जबाव नहीं !
" आ...गि...रा " ,
नहीं मन करता इससे दूर जाने का !
आगरा के बनिए की जुबान बहुत चटोरी होती है
.
सदर बाजार , सौदागर लाइन की चाट
देवीराम की बेड़ई
बेदरियाराम की गजक
लोहार गली  की इमरती
रावतपाड़ा के मुन्नालाल का  पेठा
भीमसेन बैजनाथ की दालमोठ
दरेसी के मूँग की दाल के मंगोड़े
प्रताप पुरा चौराहा की बेड़ई , जलेबी और मलाई वाला  कुल्हड़ में  दूध
सेंट जोन्स चौराहा की दही गुझिया
राजा मण्डी  भारत सिनेमा के नुक्कड़ पर भजनलाल के छोले भटूरे
राजा मंडी के अंदर वाले चौराहे पर  कुल्हड़ में  लस्सी
S.N. Medical college नूरी गेट बुलाकी/गुड्डी की कुल्हड़ में मलाई वाली चाय
रामबाबू के पराठे
चिम्मनलाल की पूड़ी
भानामल के समोसे  , नारियल बर्फी और लाल वाली मिठाई
दाऊजी के समोसे और  कचौड़ी
लोहामंडी में सत्तो लाला  की कचौड़ी
घटिया आज़म खान की आलू की कचौड़ी
नमक की मंडी बाले मुन्ना की कचोड़ी
काली माँ  सन्नी वlली तेल की कचौड़ी
खुसके के आलू चिप्स
खेराती के पिन्नी के लड्डु
मधु  आइसक्रीम   की कुल्फी
सेठ गली पोस्ट ऑफिस के बाहर  के गोलगप्पे
सेठगली की चाट , भल्ला  (आलू की टिक्की )
सेठगली का मोटी  मलाई वाला   कुल्हड़ में   दूध
सेठगली  हीरा / डबल हाथरस  का राजभोग 
डबल हाथरस का घेवर
बुला रहा है ...
भाई !  आगरा आ जा